दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा ने खतरे की घंटी बजा दी है। 20 अक्टूबर को जिस दिल्ली का AQI 179 (मध्यम) था, वह 21 अक्टूबर दोपहर 2 बजे 244 यानी ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गया। इसके बाद केंद्र के वायु गुणवत्ता आयोग CAQM ने पूरे NCR में दिल्ली GRAP-1 यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का पहला चरण तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया।
NDTV और Indian Express के मुताबिक इस सीज़न में यह पहली बार है जब GRAP का पहला चरण लगाया गया है। जानिए इसका मतलब क्या है, कौन-से नियम लागू हुए और आपको क्या ध्यान रखना है।
दिल्ली GRAP-1 क्यों लागू हुआ?
आकाशवाणी (News On AIR) के अनुसार CAQM की GRAP सब-कमेटी ने 21 अक्टूबर को हवा की स्थिति की समीक्षा की और Stage-I के सभी कदम पूरे NCR में तुरंत लागू करने का फैसला किया। The Hindu में छपे CAQM के बयान के मुताबिक भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में भी AQI के ‘खराब’ श्रेणी में बने रहने की बात कही गई है।
CAQM ने सभी एजेंसियों को सख्त निगरानी रखने और नियमों को और कड़ाई से लागू करने को कहा है, ताकि AQI और न बिगड़े। आयोग ने नागरिकों से भी Stage-I के “सिटिज़न चार्टर” का पालन करने की अपील की है।
GRAP के 4 चरण: किस AQI पर कौन-सा स्टेज?
CAQM के संशोधित GRAP शेड्यूल (29 सितंबर 2026) के मुताबिक प्रदूषण के स्तर के हिसाब से GRAP के चार चरण हैं:
| चरण | दिल्ली का AQI | श्रेणी |
|---|---|---|
| Stage I | 201 से 300 | खराब (Poor) |
| Stage II | 301 से 400 | बहुत खराब (Very Poor) |
| Stage III | 401 से 450 | गंभीर (Severe) |
| Stage IV | 450 से ज़्यादा | गंभीर+ (Severe+) |
नियम यह भी है कि अगला चरण लगने पर पिछले चरणों की पाबंदियां भी जारी रहती हैं। यानी अगर हालात Stage II तक पहुंचे तो Stage I के नियम उसके साथ लागू रहेंगे।
GRAP-1 में लागू हुए 10 बड़े नियम
Economic Times और NDTV की रिपोर्ट व CAQM शेड्यूल के आधार पर Stage-I में ये मुख्य कदम उठाए जाते हैं:
- निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल रोकने के नियम सख्ती से लागू होंगे।
- 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े जो प्रोजेक्ट सरकारी पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं हैं, वे निर्माण/तोड़फोड़ का काम नहीं कर पाएंगे।
- निर्माण सामग्री और मलबा ढककर रखना और ढके वाहनों में ही ले जाना होगा।
- सड़कों पर मशीन से सफाई (mechanised sweeping), पानी का छिड़काव और धूल दबाने के उपाय बढ़ाए जाएंगे।
- खुले में बायोमास और कूड़ा जलाने पर रोक रहेगी।
- होटल, ढाबों और खाने की दुकानों के तंदूर में कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक, साफ ईंधन ही इस्तेमाल होगा।
- डीज़ल जनरेटर (DG सेट) का इस्तेमाल नियमों के तहत सीमित रहेगा, ज़रूरी सेवाओं को छूट दी गई है।
- PUC (प्रदूषण जांच) नियमों की सख्त जांच होगी और ज़्यादा धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी।
- NDTV के मुताबिक 10 साल से पुराने डीज़ल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों से जुड़े नियम सख्ती से लागू होंगे।
- लैंडफिल साइट पर आग और अवैध डंपिंग रोकने के लिए निगरानी बढ़ेगी।
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आम लोगों के लिए CAQM का सिटिज़न चार्टर
CAQM के GRAP शेड्यूल में Stage-I के दौरान नागरिकों से ये कदम उठाने को कहा गया है:
- SAMEER ऐप से AQI और CAQM वेबसाइट से लागू GRAP स्टेज चेक करते रहें।
- गाड़ी का इंजन सही ट्यून रखें, टायर में सही हवा रखें और PUC सर्टिफिकेट अपडेट रखें।
- रेड लाइट पर इंजन बंद करें, गाड़ी को बेवजह चालू न छोड़ें।
- सफर के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट या कार-पूलिंग को प्राथमिकता दें, और EV को बढ़ावा दें।
- कूड़ा खुले में न फेंकें और न जलाएं, सिर्फ तय जगह पर ही डालें।
- ज़रूरी काम छोड़कर DG सेट का इस्तेमाल न करें।
- त्योहार इको-फ्रेंडली तरीके से मनाएं और पटाखों से बचें।
- प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधि की शिकायत 311 ऐप, ग्रीन दिल्ली ऐप या SAMEER ऐप पर करें।
आपके लिए इसका मतलब
अगर आप दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाज़ियाबाद या फरीदाबाद में रहते हैं, तो सबसे पहले अपनी गाड़ी का PUC सर्टिफिकेट जांच लें, क्योंकि चेकिंग बढ़ सकती है। पुराने डीज़ल या पेट्रोल वाहन रखने वालों को नियमों पर खास ध्यान देना चाहिए।
घर में मरम्मत या निर्माण करा रहे हैं तो मलबा ढककर रखें और धूल रोकने के इंतज़ाम करें। रेस्टोरेंट और ढाबा चलाने वालों को तंदूर में कोयला-लकड़ी की जगह बिजली, गैस या साफ ईंधन पर जाना होगा। सोसायटी और दुकानों में DG सेट चलाने से पहले नियम जांच लें।
दिवाली 8 नवंबर को है, यानी त्योहार अभी करीब 18 दिन दूर है। अगर हवा और बिगड़ी तो GRAP-2 जैसी कड़ी पाबंदियां भी लग सकती हैं, जिसका फैसला CAQM, IMD और IITM के पूर्वानुमान के आधार पर करेगा। त्योहार की तारीखों और मुहूर्त के लिए पढ़ें: Diwali 2026 कब है और छठ पूजा 2026 की तारीख।
आगे क्या?
CAQM की सब-कमेटी हवा की गुणवत्ता पर लगातार नज़र रखेगी और समय-समय पर समीक्षा करेगी। अगले कदम दिल्ली के AQI और मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर निर्भर करेंगे। ताज़ा स्टेज की जानकारी के लिए CAQM की आधिकारिक वेबसाइट caqm.nic.in देखते रहें।
एक लाइन में: दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू होते ही धूल, धुआं और कूड़ा जलाने पर सख्ती शुरू हो गई है; PUC अपडेट रखें और नियमों का पालन करें।
आपकी राय: आपके शहर में इस हफ्ते हवा कैसी महसूस हो रही है, और प्रदूषण कम करने के लिए आप कौन-सा एक कदम उठाएंगे? कमेंट में ज़रूर बताएं।

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