पटना, 20 अक्टूबर 2026: दशहरे के साथ ही बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और देश-विदेश में बसे पूर्वांचल के लोगों ने लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी शुरू कर दी है। Chhath Puja 2026 इस बार दिवाली (8 नवंबर) के ठीक बाद 13 से 16 नवंबर तक मनाई जाएगी। द्रिक पंचांग के मुताबिक नहाय-खाय शुक्रवार 13 नवंबर को, खरना शनिवार 14 नवंबर को, डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य रविवार 15 नवंबर को और उगते सूर्य को उषा अर्घ्य सोमवार 16 नवंबर की सुबह दिया जाएगा। नीचे चारों दिन का कैलेंडर, 7 शहरों में अर्घ्य का समय और छठ स्पेशल ट्रेनों की ताज़ा जानकारी है।
भारत सरकार के पर्यटन पोर्टल Incredible India पर भी छठ पूजा 2026 की तारीखें शुक्रवार 13 नवंबर से सोमवार 16 नवंबर दी गई हैं। पोर्टल के मुताबिक छठ अकेला ऐसा पर्व है जिसमें डूबते और उगते, दोनों सूर्य की पूजा होती है।
Chhath Puja 2026 कैलेंडर: चारों दिन
छठ को सूर्य षष्ठी व्रत भी कहते हैं, क्योंकि मुख्य पूजा कार्तिक शुक्ल षष्ठी को होती है। इसमें सूर्य देव और छठी मैया की उपासना होती है। व्रती, जिनमें ज़्यादातर महिलाएं होती हैं लेकिन पुरुष भी व्रत रखते हैं, परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की लंबी उम्र के लिए यह कठिन व्रत करते हैं। Chhath Puja 2026 के चारों दिन का क्रम इस तरह है:
| दिन | तारीख | अनुष्ठान | क्या होता है |
|---|---|---|---|
| पहला | शुक्रवार, 13 नवंबर (चतुर्थी) | नहाय-खाय | स्नान के बाद व्रती एक बार सात्विक भोजन करते हैं, आमतौर पर लौकी (कद्दू) की सब्ज़ी, चने की दाल और चावल |
| दूसरा | शनिवार, 14 नवंबर (पंचमी) | खरना (लोहंडा) | दिन भर उपवास; शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद; इसके बाद करीब 36 घंटे का निर्जला व्रत |
| तीसरा | रविवार, 15 नवंबर (षष्ठी) | संध्या अर्घ्य | घाट पर पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य; रात में कई जगह कोसी भरी जाती है |
| चौथा | सोमवार, 16 नवंबर (सप्तमी) | उषा अर्घ्य, पारण | उगते सूर्य को अर्घ्य के बाद प्रसाद लेकर व्रत खोला जाता है |
Chhath Puja 2026 अर्घ्य का समय: 7 शहर
Chhath Puja 2026 में अर्घ्य का समय सूर्यास्त और सूर्योदय से तय होता है, इसलिए यह हर शहर में अलग है। द्रिक पंचांग के शहरवार छठ कैलेंडर के मुताबिक:
| शहर | संध्या अर्घ्य (15 नवंबर, सूर्यास्त) | उषा अर्घ्य (16 नवंबर, सूर्योदय) |
|---|---|---|
| पटना | शाम 5:01 | सुबह 6:07 |
| रांची | शाम 5:04 | सुबह 6:03 |
| वाराणसी | शाम 5:10 | सुबह 6:16 |
| लखनऊ | शाम 5:16 | सुबह 6:26 |
| नई दिल्ली | शाम 5:28 | सुबह 6:44 |
| कोलकाता | शाम 4:53 | सुबह 5:50 |
| मुंबई | शाम 6:00 | सुबह 6:46 |
घाट पर सूरज क्षितिज से थोड़ा ऊपर या नीचे दिखने में कुछ मिनट का फर्क आ सकता है, इसलिए सूर्यास्त से 15-20 मिनट पहले और सूर्योदय से करीब आधा घंटा पहले घाट पर पहुंच जाएं। अलग-अलग पंचांगों में 1-2 मिनट का अंतर सामान्य है; मसलन एस्ट्रोसेज नई दिल्ली में 15 नवंबर का सूर्यास्त शाम 5:27 बजे और 16 नवंबर का सूर्योदय सुबह 6:44 बजे बताता है।
छठ स्पेशल ट्रेनें: बिहार के लिए सबसे ज़्यादा
Chhath Puja 2026 और दिवाली पर घर लौटने वालों की भीड़ हर साल रेलवे की सबसे बड़ी चुनौती होती है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रेल मंत्रालय ने बताया कि 13 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के लिए 8,454 स्पेशल ट्रेन फेरे नोटिफाई हो चुके हैं। 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 3.4 लाख नियमित ट्रेन फेरे चलाने की योजना है, जो पिछले साल के 3.3 लाख से ज़्यादा है।
| राज्य | नोटिफाई हुए स्पेशल ट्रेन फेरे (13 अक्टूबर तक) |
|---|---|
| बिहार | 2,057 |
| उत्तर प्रदेश | 1,056 |
| दिल्ली | 975 |
| महाराष्ट्र | 836 |
| पश्चिम बंगाल | 464 |
रेलवे ने 412 अतिरिक्त कोच भी स्थायी रूप से जोड़े हैं, जिनमें 75 जनरल कोच हैं। मंत्रालय ने कहा है कि मांग के हिसाब से और ट्रेनें नोटिफाई की जा सकती हैं। मुंबई से जाने वालों के लिए, इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सेंट्रल रेलवे ने त्योहारों के लिए 418 स्पेशल सेवाएं घोषित की हैं, जिनमें मुंबई-गोरखपुर और LTT-गोरखपुर जैसी रोज़ाना ट्रेनें शामिल हैं।
टिकट बुक करने से पहले 5 बातें
- ट्रेन नंबर, चलने की तारीख और स्टॉपेज NTES या IRCTC पर ज़रूर मिलाएं; सोशल मीडिया पर घूम रही सूचियां पुरानी हो सकती हैं।
- छठ से 2-3 दिन पहले (11-14 नवंबर) बिहार जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज़्यादा भीड़ रहती है; हो सके तो पहले की तारीख चुनें।
- स्पेशल ट्रेनों का किराया अक्सर नियमित ट्रेनों से ज़्यादा होता है।
- तत्काल और वेटिंग टिकट के लिए सिर्फ IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप इस्तेमाल करें; “कन्फर्म टिकट” का दावा करने वाले दलालों से बचें।
- प्लेटफॉर्म पर भीड़ के दौरान बच्चों और बुज़ुर्गों का खास ध्यान रखें और रेलवे की उद्घोषणाओं पर नज़र रखें।
Chhath Puja 2026 की तैयारी: पूजा सामग्री
छठ के सूप और दउरा में आमतौर पर ये चीज़ें रखी जाती हैं: ठेकुआ, चावल के लड्डू (कसार), गन्ना, नारियल, केला, नींबू (बड़ा नींबू/डाभ), सिंघाड़ा, सुथनी, मूली, अदरक और हल्दी के पौधे, दीया, सिंदूर और नए कपड़े। सामग्री और विधि परिवार और इलाके की परंपरा के हिसाब से बदल सकती है।
व्रतियों के लिए सेहत की सलाह
Chhath Puja 2026 में खरना के बाद का निर्जला व्रत करीब 36 घंटे का होता है। डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी वाले लोग और गर्भवती महिलाएं व्रत से पहले डॉक्टर से सलाह लें। नवंबर में सुबह के अर्घ्य के समय पानी ठंडा होता है, इसलिए घाट से निकलते ही सूखे और गर्म कपड़े पहनें। गहरे पानी में न जाएं और प्रशासन के बनाए सुरक्षित घाटों का ही इस्तेमाल करें।
Chhath Puja 2026: ज़रूरी सवाल-जवाब
Chhath Puja 2026 कब है? मुख्य दिन (संध्या अर्घ्य) रविवार, 15 नवंबर को है। पूरा पर्व 13 से 16 नवंबर तक चलेगा।
खरना कब है? शनिवार, 14 नवंबर को। पटना में उस दिन सूर्यास्त शाम 5:01 बजे होगा, जिसके बाद खरना का प्रसाद ग्रहण किया जाता है।
दिवाली से छठ कितने दिन बाद है? दिवाली 8 नवंबर को है, यानी छठ का संध्या अर्घ्य दिवाली के ठीक सात दिन बाद होगा।
त्योहारों की पूरी लाइन-अप: Diwali 2026: 8 नवंबर, शहरवार लक्ष्मी पूजा मुहूर्त | आज के पर्व का मुहूर्त: दशहरा 2026: रावण दहन का शुभ मुहूर्त | त्योहारों पर बाज़ार की छुट्टी: दशहरे पर शेयर बाज़ार की छुट्टी
बिहार के युवाओं के लिए: छठ के आसपास कई परीक्षाएं भी हैं, अपडेट के लिए देखें Bihar STET एडमिट कार्ड 2026।
आपसे सवाल: आप इस बार छठ पर घर जा रहे हैं या जहां हैं वहीं घाट पर अर्घ्य देंगे? अपने शहर के घाट का नाम कमेंट में लिखें।
स्रोत
- द्रिक पंचांग: 2026 छठ कैलेंडर (पटना; दूसरे शहरों के लिए geoname बदला गया)
- Incredible India (पर्यटन मंत्रालय): छठ पूजा, 13-16 नवंबर 2026
- एस्ट्रोसेज: छठ पूजा 2026 मुहूर्त, नई दिल्ली
- Indian Express: 8,454 स्पेशल ट्रेन फेरे, राज्यवार आंकड़े (14 अक्टूबर 2026)
- Indian Express: सेंट्रल रेलवे की मुंबई से 418 स्पेशल सेवाएं
- NTES (भारतीय रेल): ट्रेन का रनिंग स्टेटस और शेड्यूल
- IRCTC: टिकट बुकिंग

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