फीचर्ड इमेज: नवा रायपुर के राज्योत्सव मैदान में राज्योत्सव 2026 के शुभारंभ समारोह के मंच पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य अतिथि। फोटो: जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ (DPR CG)।
छत्तीसगढ़ की 26 साल की विकास यात्रा का उत्सव, यानी राज्योत्सव 2026, रविवार 1 नवंबर की शाम नवा रायपुर अटल नगर के राज्योत्सव मैदान में औपचारिक रूप से शुरू हो गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया और दीप जलाकर तीन दिन (1 से 3 नवंबर) चलने वाले इस महोत्सव का शुभारंभ किया। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की। जनसंपर्क विभाग (DPR) ने इस पर विज्ञप्ति क्रमांक 10546 जारी की है।
उद्घाटन मंच से दो बड़े संदेश निकले: मांडविया ने कहा कि “विकसित छत्तीसगढ़ से ही विकसित भारत का संकल्प साकार होगा”, और मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में पहुंच रहा है।
एक नजर में: राज्योत्सव 2026 का उद्घाटन
- तारीख और जगह: 1 नवंबर 2026, राज्योत्सव मैदान, नवा रायपुर अटल नगर
- आयोजन की अवधि: तीन दिन, 1 से 3 नवंबर 2026
- मुख्य अतिथि: केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया
- अध्यक्षता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- मंच पर मौजूद: केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्य के मंत्री, सांसद और विधायक
- थीम: “सशक्त नारी, युवा उड़ान”
मांडविया बोले: अटल जी का सपना आज साकार हो रहा
डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य रखा है, उसमें छत्तीसगढ़ जैसे संसाधन-समृद्ध राज्यों की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य बनाकर यहां के विकास की नींव रखी थी, और आज मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य उसी संकल्प को आगे बढ़ा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने बस्तर का खास जिक्र किया। उनके मुताबिक एक समय बस्तर की चर्चा मुख्य रूप से नक्सलवाद की वजह से होती थी, लेकिन अब वहां खेल, पर्यटन, संस्कृति और विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं और बस्तर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बना रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक निवेश के लिए छत्तीसगढ़ एक अहम गंतव्य बनकर उभर रहा है, लेकिन विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री साय के भाषण की 8 बड़ी बातें
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए सरकार के कामकाज का ब्योरा रखा। DPR की विज्ञप्ति के अनुसार उनके भाषण के प्रमुख बिंदु ये रहे:
- अटल जी का वादा: अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य निर्माण का वादा किया था और 1 नवंबर 2000 को उसे पूरा किया।
- खाद्य सुरक्षा: पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को मजबूत करने से गरीब परिवारों को सस्ता अनाज मिला।
- नक्सलवाद: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद का उन्मूलन हुआ; मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान को नमन किया।
- प्रधानमंत्री आवास: प्रदेश में रोज लगभग 1,600 पक्के मकान बन रहे हैं।
- धान खरीदी: किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान 3,100 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदा जा रहा है और लंबित बोनस भी दिया गया।
- महतारी वंदन योजना: 68 लाख से ज्यादा महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद।
- चरण पादुका और भूमिहीन मजदूर: चरण पादुका योजना फिर शुरू हुई; भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये।
- रामलला दर्शन और मेडिकल कॉलेज: 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके; राज्य गठन के समय 1 मेडिकल कॉलेज था, अब सरकारी और निजी मिलाकर 21 हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के समय सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं में बड़ी चुनौतियां थीं, जिनमें बीते वर्षों में व्यापक विस्तार हुआ है। बस्तर के दूरस्थ गांवों तक सड़क, बिजली, स्कूल, अस्पताल और संचार पहुंचाना और वहां के युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना सरकार का संकल्प है।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल: तीजन बाई की स्मृति में राज्य अलंकरण
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पंडवानी, पंथी और ददरिया जैसी लोककलाएं छत्तीसगढ़ की पहचान हैं। उन्होंने बताया कि पंडवानी की महान साधिका स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में राज्य अलंकरण शुरू किया गया है। अग्रवाल ने चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर, राजिम, रामगढ़ की प्राचीन गुफाओं और मैनपाट को ऐसे पर्यटन स्थल बताया जो देश-दुनिया के सैलानियों को खींच सकते हैं, और कहा कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, शिल्पकारों और छोटे कारोबारियों की आय बढ़ेगी। इस साल के 36 राज्य अलंकरण सम्मानों की पूरी सूची हमने यहां दी है।
मेले में क्या देखें: शिल्पग्राम, प्रदर्शनियां और गढ़ कलेवा
उद्घाटन से पहले ही राज्योत्सव मैदान में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। जनसंपर्क विभाग के मुताबिक शिल्पग्राम मंच पर रविवार को लोकगीत, पंडवानी, ढोलमारू, शास्त्रीय नृत्य और आधुनिक संगीत की प्रस्तुतियां हुईं, जिनमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए कलाकार शामिल रहे। विभागीय प्रदर्शनियों में जनसंपर्क विभाग की “नव निर्माण के 26 वर्ष” फोटो प्रदर्शनी, श्रम विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग और पर्यटन-संस्कृति विभाग के स्टॉल आकर्षण बने हुए हैं। गढ़ कलेवा में छत्तीसगढ़ी व्यंजन मिल रहे हैं और झारा आर्ट जैसी पारंपरिक शिल्पकला भी प्रदर्शित है।
2 और 3 नवंबर को क्या होगा
DPR की विज्ञप्ति क्रमांक 10545 के अनुसार राज्योत्सव के दूसरे दिन, 2 नवंबर को राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि होंगे और कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। शिल्पग्राम मंच पर दोपहर 3 बजे से लोक प्रस्तुतियां होंगी। मुख्य मंच पर शाम 6 से 7 बजे “मैं अयोध्या हूं” नाट्य प्रस्तुति, 7 से 8 बजे सुनील सोनी और रात 8 बजे से स्वस्ति मेहुल की प्रस्तुति होगी। तीनों दिनों के अतिथियों और कार्यक्रमों की पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में है।
FAQ
राज्योत्सव 2026 का उद्घाटन किसने किया?
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 1 नवंबर 2026 को दीप जलाकर उद्घाटन किया; अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की।
राज्योत्सव 2026 कहां और कब तक है?
नवा रायपुर अटल नगर के राज्योत्सव मैदान में, 1 से 3 नवंबर 2026 तक।
2 नवंबर के मुख्य अतिथि कौन हैं?
राज्यपाल रमेन डेका; अध्यक्षता संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे।
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के बारे में क्या कहा?
उन्होंने बताया कि योजना से 68 लाख से ज्यादा महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद मिल रही है।
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स्रोत: जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़, विज्ञप्ति क्र. 10546 (1 नवंबर 2026); जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़, विज्ञप्ति क्र. 10545; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, आधिकारिक X; मुख्यमंत्री कार्यालय छत्तीसगढ़, आधिकारिक X; जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़, आधिकारिक X (शिल्पग्राम)। Last updated: 1 Nov 2026

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