घूमने के शौकीनों और इतिहास-भूगोल पढ़ने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। UNESCO टेंटेटिव लिस्ट यानी विश्व धरोहर की संभावित सूची में भारत के तीन नए स्थल जुड़ गए हैं: अंडमान के दो प्राकृतिक स्थल और छत्तीसगढ़ का प्राचीन नगर सिरपुर। इसके साथ ही इस सूची में भारत के कुल स्थलों की संख्या 81 हो गई है।
लेकिन ध्यान रहे, यह अभी “वर्ल्ड हेरिटेज” का दर्जा नहीं है। यह उस रास्ते का पहला ज़रूरी कदम है। आइए समझते हैं कौन से स्थल जुड़े, उनमें खास क्या है और आगे क्या होगा।
UNESCO टेंटेटिव लिस्ट में कौन से 3 स्थल जुड़े?
UNESCO के विश्व धरोहर केंद्र की वेबसाइट पर तीनों प्रविष्टियां दर्ज हैं। इनके मुताबिक भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने ये प्रस्ताव 28 सितंबर 2026 को भेजे थे। आकाशवाणी समाचार ने 20 अक्टूबर 2026 की रात इस खबर की जानकारी दी।
| स्थल | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | श्रेणी |
|---|---|---|
| अंडमान सबडक्शन ज्वालामुखी (बैरन आइलैंड और नारकोंडम) | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | प्राकृतिक; मानदंड (vii), (viii), (ix), (x) |
| बाराटांग कार्स्ट मड वॉल्केनो कॉम्प्लेक्स | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | प्राकृतिक; मानदंड (viii), (ix), (x) |
| सिरपुर कल्चरल एंड आर्कियोलॉजिकल लैंडस्केप | छत्तीसगढ़ (महासमुंद ज़िला) | सांस्कृतिक; मानदंड (ii), (iv) |
1. बैरन आइलैंड और नारकोंडम: भारत के ज्वालामुखी
बैरन आइलैंड भारत का इकलौता सक्रिय ज्वालामुखी माना जाता है, जबकि नारकोंडम लंबे समय से शांत (dormant) ज्वालामुखी है। UNESCO दस्तावेज़ के मुताबिक ये दोनों उस इलाके में हैं जहां भारतीय प्लेट, बर्मा प्लेट के नीचे खिसकती (subduct होती) है। इसी भूगर्भीय प्रक्रिया से ये ज्वालामुखी बने हैं, इसलिए इन्हें “सबडक्शन ज्वालामुखी” कहा गया है।
भूगोल के छात्रों के लिए यह जगह किसी खुली प्रयोगशाला जैसी है, जहां प्लेट टेक्टोनिक्स को असल में देखा जा सकता है। साथ ही आसपास का समुद्री जीवन और जैव विविधता भी इस प्रस्ताव का अहम हिस्सा है।
2. बाराटांग: जहां ज़मीन से निकलता है ठंडा कीचड़
बाराटांग द्वीप श्री विजयपुरम (पहले पोर्ट ब्लेयर) से करीब 100 किलोमीटर उत्तर में है और इसका क्षेत्रफल लगभग 299.57 वर्ग किलोमीटर है। यहां के मड वॉल्केनो (कीचड़ ज्वालामुखी) को स्थानीय लोग “जलकी” कहते हैं। ये चार समूहों में हैं।
ये आम ज्वालामुखी जैसे गर्म लावा नहीं उगलते। UNESCO दस्तावेज़ के मुताबिक इनसे ठंडा कीचड़, पानी और मीथेन व हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसें निकलती हैं। दस्तावेज़ यह भी बताता है कि 2025 में करीब 20 साल बाद यहां फिर से सक्रियता देखी गई। प्रस्तावित मड वॉल्केनो क्षेत्र करीब 1.23 हेक्टेयर का है।
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3. सिरपुर: महानदी किनारे बसा प्राचीन नगर
India Today के मुताबिक सिरपुर महानदी के पूर्वी किनारे पर, छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले में है और रायपुर से करीब 78 किलोमीटर दूर है। यह शरभपुरीय वंश के समय कोसल राज्य की राजधानी था और पांडुवंशी शासकों के दौर में इसका विस्तार हुआ।
यहां 5वीं से 12वीं सदी ईस्वी तक की संरचनाएं मिलती हैं। इनमें ईंटों से बना प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर, राम मंदिर, गंधेश्वर मंदिर और कई बौद्ध विहार शामिल हैं। यहां स्ट्रोमैटोलाइट्स (बेहद पुराने सूक्ष्मजीवों से बनी चट्टानी परतें) भी पाए गए हैं, जो इसे इतिहास के साथ-साथ विज्ञान के लिए भी खास बनाते हैं।
टेंटेटिव लिस्ट और वर्ल्ड हेरिटेज में क्या फर्क है?
यह सबसे ज़रूरी बात है, क्योंकि सोशल मीडिया पर अक्सर इसे गलत तरीके से “विश्व धरोहर घोषित” लिख दिया जाता है।
- टेंटेटिव लिस्ट: हर देश उन स्थलों की सूची UNESCO को देता है, जिन्हें वह आगे विश्व धरोहर के लिए नामांकित (nominate) करना चाहता है। इस सूची में होना नामांकन की पहली शर्त है।
- नामांकन: इसके बाद देश को विस्तृत डोज़ियर तैयार करना होता है, जिसमें संरक्षण की योजना और स्थल का “असाधारण वैश्विक महत्व” साबित करना होता है।
- वर्ल्ड हेरिटेज दर्जा: विशेषज्ञ संस्थाओं के मूल्यांकन के बाद आखिरी फैसला UNESCO की विश्व धरोहर समिति लेती है। इसमें कई साल लग सकते हैं।
Times of India और India Today दोनों ने साफ लिखा है कि ये स्थल अभी संभावित सूची में हैं, विश्व धरोहर नहीं बने हैं।
सरकार ने क्या कहा?
आकाशवाणी के मुताबिक केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह शामिल होना अंडमान द्वीपों की अनोखी भूगर्भीय विरासत को दिखाता है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया। India Today के अनुसार हाल के हफ्तों में उदयगिरि गुफाएं और सत्याग्रह से जुड़े स्थल भी इस सूची में जोड़े गए थे।
आपके लिए इसका मतलब
- घूमने वालों के लिए: अंडमान जाने वाले पर्यटक बाराटांग के मड वॉल्केनो देखने अक्सर जाते हैं। जाने से पहले स्थानीय प्रशासन के ताज़ा नियम, परमिट और मौसम ज़रूर जांचें।
- त्योहारी छुट्टियों का प्लान: दिवाली 2026 और छठ पूजा 2026 की छुट्टियों में घूमने की सोच रहे हैं, तो रायपुर के पास सिरपुर एक दिन की यात्रा के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
- छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा वालों के लिए: UNESCO, ज्वालामुखी, प्लेट टेक्टोनिक्स और प्राचीन राजवंशों से जुड़े सवाल अक्सर पूछे जाते हैं। “भारत की टेंटेटिव लिस्ट में 81 स्थल” जैसा तथ्य नोट कर लें।
- स्थानीय लोगों के लिए: आगे चलकर विश्व धरोहर का दर्जा मिलता है तो पर्यटन बढ़ सकता है, पर इसके साथ संरक्षण के सख्त नियम भी आते हैं।
आगे क्या?
अब भारत सरकार तय करेगी कि इनमें से किस स्थल का पूरा नामांकन डोज़ियर कब भेजा जाए। हर साल एक देश से सीमित नामांकन ही आगे बढ़ते हैं, इसलिए यह प्रक्रिया लंबी होती है। तब तक इन स्थलों का संरक्षण और दस्तावेज़ीकरण सबसे अहम रहेगा।
एक लाइन में: UNESCO टेंटेटिव लिस्ट में अंडमान के दो ज्वालामुखी स्थल और छत्तीसगढ़ का सिरपुर जुड़ना विश्व धरोहर की ओर पहला कदम है, मंज़िल अभी बाकी है।
आपकी राय: इन तीनों में से आप सबसे पहले कहां जाना चाहेंगे: बैरन आइलैंड, बाराटांग या सिरपुर? कमेंट में ज़रूर बताएं।

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