अगर आप इस हफ्ते IPO में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो upcoming IPO की सूची इस बार काफी भरी हुई है। NSE की “Upcoming Issues” सूची (25 अक्टूबर 2026 को देखी गई) के मुताबिक 26 से 30 अक्टूबर के बीच चार मेनबोर्ड IPO खुलने वाले हैं: EAAA India Alternatives, BLS Polymers, SFC Environmental Technologies और M. K. Sons Fine Jewels। चारों का कुल आकार ऊपरी प्राइस बैंड पर करीब ₹2,398 करोड़ बनता है।
Jio Platforms के बड़े IPO के बाद बाज़ार में यह छोटे और मझोले इश्यू का हफ्ता है। दिलचस्प बात यह है कि चारों कंपनियों का न्यूनतम लॉट लगभग ₹15,000 के आसपास रखा गया है, लेकिन कारोबार, इश्यू का ढांचा और पैसा कहां जाएगा, यह चारों में बिल्कुल अलग है। नीचे हमने एक्सचेंज और कंपनियों के Red Herring Prospectus (RHP) से हर ज़रूरी आंकड़ा एक जगह रखा है।
26 से 30 अक्टूबर: कौन सा IPO कब खुलेगा
नीचे की टेबल NSE इश्यू पेज और RHP की “on or about” यानी अनुमानित तारीखों पर आधारित है। लिस्टिंग की तारीख में किसी कारण से बदलाव हो सकता है, इसलिए आवेदन से पहले एक बार एक्सचेंज की सूचना ज़रूर देखें।
| कंपनी | बोली की तारीख | प्राइस बैंड | लॉट (शेयर) | लिस्टिंग (RHP अनुमान) |
|---|---|---|---|---|
| EAAA India Alternatives | 26-28 अक्टूबर | ₹1,585-1,665 | 9 | 2 नवंबर |
| BLS Polymers | 27-29 अक्टूबर | ₹142-150 | 100 | 3 नवंबर |
| SFC Environmental Technologies | 27-29 अक्टूबर | ₹313-330 | 45 | 3 नवंबर |
| M. K. Sons Fine Jewels | 28-30 अक्टूबर | ₹153-162 | 91 | 4 नवंबर |
बोली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लगेगी। हर IPO के आखिरी दिन UPI मंडेट मंज़ूर करने की समय-सीमा शाम 5 बजे है। जिस आवेदन का मंडेट समय पर मंज़ूर नहीं हुआ, वह वैध नहीं माना जाता, इसलिए आखिरी घंटे का इंतज़ार करना जोखिम भरा है।
चारों कंपनियां क्या करती हैं और इश्यू का पैसा किसे मिलेगा
EAAA India Alternatives: RHP के अनुसार यह अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है, जिसका कारोबार मुख्य रूप से रियल एसेट्स और प्राइवेट क्रेडिट फंड चलाने का है। 30 जून 2026 तक इसका AUM करीब ₹95,345 करोड़ बताया गया है। यह ₹1,200 करोड़ का पूरा का पूरा Offer for Sale (OFS) है, यानी इस इश्यू का पैसा मौजूदा शेयरधारकों को जाएगा, कंपनी के खाते में नया पैसा नहीं आएगा। एंकर निवेशकों के लिए 21,62,161 शेयर रखे गए थे, जो ऊपरी बैंड पर करीब ₹360 करोड़ बनते हैं।
BLS Polymers: कंपनी अलग-अलग ग्रेड के पॉलिमर कंपाउंड बनाती है, जिनका इस्तेमाल टेलीकॉम, बिजली, रेलवे, पानी और तेल-गैस जैसे क्षेत्रों के तार और केबल की परत बनाने में होता है। इसका इश्यू 1.70 करोड़ शेयरों का पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जो ऊपरी बैंड पर ₹255 करोड़ बनता है। यानी पूरा पैसा कंपनी के पास जाएगा। चारों में यह सबसे छोटा इश्यू है।
SFC Environmental Technologies: RHP में कंपनी ने खुद को पर्यावरण तकनीक कंपनी बताया है, जो वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट, पानी की रीसाइक्लिंग और ठोस कचरे के ट्रीटमेंट से जुड़े इंजीनियरिंग समाधान देती है। इश्यू में ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू और 1,56,82,750 शेयरों का OFS है। ऊपरी बैंड पर कुल आकार करीब ₹667.5 करोड़ होता है, जिसमें बड़ा हिस्सा OFS का है।
M. K. Sons Fine Jewels: यह अपने शोरूम के ज़रिए सोने, हीरे और CZ ज्वेलरी बेचने वाली रिटेल ज्वेलरी कंपनी है। इश्यू में 1.36 करोड़ नए शेयर और 34 लाख शेयरों का OFS है। ऊपरी बैंड ₹162 पर कुल आकार करीब ₹275.4 करोड़ बनता है, जिसमें लगभग 80% हिस्सा फ्रेश इश्यू का है।
फ्रेश इश्यू और OFS का यह फर्क अहम है। फ्रेश इश्यू में पैसा कंपनी के विस्तार, कर्ज़ चुकाने या दूसरे कामों में लगता है, जबकि OFS में प्रमोटर या पुराने निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं। OFS अपने आप में बुरा नहीं है, पर निवेशक को यह ज़रूर पता होना चाहिए कि उसका पैसा किसके हाथ में जा रहा है। यह जानकारी हर RHP के “Objects of the Offer” वाले हिस्से में मिलती है।
पिछले हफ्ते के बड़े इश्यू में अलॉटमेंट कैसे होगा, यह हमने Jio IPO अलॉटमेंट के गणित वाली रिपोर्ट में समझाया था। वही नियम इन चारों पर भी लागू होंगे।
एक लॉट में कितना पैसा लगेगा
SEBI के नियमों के तहत मेनबोर्ड IPO में न्यूनतम आवेदन की रकम एक तय दायरे में रखी जाती है, इसलिए चारों का न्यूनतम लॉट लगभग बराबर दिखता है। ऊपरी प्राइस बैंड पर हमारा हिसाब इस तरह है:
| कंपनी | 1 लॉट (ऊपरी बैंड) | रिटेल में अधिकतम लॉट | अधिकतम रकम |
|---|---|---|---|
| EAAA India Alternatives | ₹14,985 | 13 | ₹1,94,805 |
| BLS Polymers | ₹15,000 | 13 | ₹1,95,000 |
| SFC Environmental | ₹14,850 | 13 | ₹1,93,050 |
| M. K. Sons Fine Jewels | ₹14,742 | 13 | ₹1,91,646 |
रिटेल निवेशक ₹2 लाख तक की बोली लगा सकता है, इसलिए चारों में अधिकतम 13 लॉट बनते हैं। लेकिन ज़्यादा भरने वाले IPO में रिटेल अलॉटमेंट आम तौर पर लॉटरी से होता है, जिसमें ज़्यादातर आवेदकों को अधिकतम एक लॉट ही मिलता है। ऐसे में 13 लॉट की बोली लगाने से शेयर मिलने का मौका नहीं बढ़ता, बस ज़्यादा रकम कुछ दिनों के लिए ब्लॉक रहती है। चारों IPO में कम से कम 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रखा गया है।
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सभी में आवेदन किया तो कितनी रकम कब तक रुकेगी
इस हफ्ते की असली चुनौती तारीखों का आपस में चढ़ जाना है। अगर कोई निवेशक चारों IPO में एक-एक लॉट के लिए आवेदन करता है, तो उसके बैंक खाते में करीब ₹59,577 ब्लॉक होंगे। यह पैसा खाते से कटता नहीं, लेकिन जब तक अलॉटमेंट न हो जाए, आप इसे खर्च या किसी दूसरे निवेश में नहीं लगा सकते।
- EAAA में 26 अक्टूबर को आवेदन किया तो RHP के मुताबिक अलॉटमेंट 29 अक्टूबर और अनब्लॉकिंग 30 अक्टूबर को होगी, यानी करीब चार दिन
- BLS Polymers और SFC में 27 अक्टूबर को आवेदन किया तो अलॉटमेंट 30 अक्टूबर और अनब्लॉकिंग 2 नवंबर (सोमवार) को होगी, बीच में शनिवार-रविवार आ जाने से पैसा करीब छह दिन रुकेगा
- M. K. Sons में 28 अक्टूबर को आवेदन किया तो अलॉटमेंट और अनब्लॉकिंग दोनों 2 नवंबर को होने का अनुमान है
जिन लोगों के खाते में महीने के आखिर में EMI, SIP या किराए का भुगतान जाता है, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि ब्लॉक हुई रकम उस समय उपलब्ध नहीं होगी। अगर आपका पैसा FD या सेविंग्स में पड़ा है, तो मौजूदा FD ब्याज दरों से तुलना करके भी देख सकते हैं कि कुछ दिन के ब्लॉक से आपको कितना ब्याज छोड़ना पड़ रहा है।
आवेदन से पहले खुद जांचने लायक बातें
- RHP में “Risk Factors” वाला हिस्सा पढ़ें, जहां कंपनी खुद अपने कारोबार के जोखिम बताती है
- देखें कि इश्यू का कितना हिस्सा OFS है और कौन से शेयरधारक हिस्सेदारी बेच रहे हैं
- प्राइस बैंड के आधार पर P/E और दूसरे अनुपात “Basis for Offer Price” हिस्से में मिलते हैं, इन्हें उसी सेक्टर की लिस्टेड कंपनियों से मिलाएं
- ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, इस पर फैसला टिकाना ठीक नहीं
- बोली लगाने के बाद UPI ऐप में मंडेट मंज़ूर करना न भूलें
अलॉटमेंट के बाद स्टेटस देखने के लिए रजिस्ट्रार की वेबसाइट या एक्सचेंज के पेज का इस्तेमाल किया जा सकता है। EAAA और SFC के रजिस्ट्रार MUFG Intime India हैं, BLS Polymers का काम KFin Technologies और M. K. Sons का Bigshare Services देख रहे हैं। BSE और NSE दोनों अपनी वेबसाइट पर भी आवेदन का स्टेटस देखने की सुविधा देते हैं। अलॉटमेंट के दिन पूरी प्रक्रिया कैसी दिखती है, इसका एक उदाहरण आप Jio IPO सब्सक्रिप्शन रिपोर्ट में भी देख सकते हैं।
हमारी नज़र में यह हफ्ता क्यों अलग है
बीते कुछ हफ्तों में बड़े नामों की वजह से IPO बाज़ार में काफी उत्साह रहा है। इस बार के चारों इश्यू अलग-अलग सेक्टर से हैं: वित्तीय सेवाएं, औद्योगिक कच्चा माल, पर्यावरण इंजीनियरिंग और ज्वेलरी रिटेल। यानी इनकी तुलना एक ही पैमाने पर नहीं की जा सकती। ज्वेलरी कारोबार पर सोने की कीमतों का असर रहता है, इंजीनियरिंग कंपनियों की कमाई ऑर्डर और प्रोजेक्ट पूरे होने पर टिकी होती है, जबकि एसेट मैनेजमेंट कारोबार में फीस का बड़ा हिस्सा AUM पर निर्भर करता है।
छोटे निवेशक के लिए सबसे काम की सलाह यही है कि हेडलाइन या सोशल मीडिया के “लिस्टिंग गेन” अंदाज़ों के बजाय RHP और एक्सचेंज के आधिकारिक आंकड़े देखें। सब्सक्रिप्शन के आंकड़े बोली के दौरान NSE और BSE के इश्यू पेज पर हर दिन अपडेट होते हैं। हम भी इन इश्यू के सब्सक्रिप्शन और अलॉटमेंट पर नज़र रखेंगे।
ज़रूरी सूचना: यह निवेश सलाह नहीं है। यह लेख सिर्फ आधिकारिक दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी को आसान भाषा में समझाने के लिए है। किसी भी IPO में पैसा लगाने से पहले खुद RHP पढ़ें या SEBI-पंजीकृत सलाहकार से बात करें।
जानकारी का आधार: NSE Upcoming Issues और इश्यू पेज (25 अक्टूबर 2026 तक), चारों कंपनियों के RHP (EAAA, BLS Polymers, SFC, M. K. Sons) और BSE पब्लिक इश्यू सूची। लॉट की रकम TimeTrolls.in की गणना है।

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