भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के लिए सब कुछ तैयार दिखता है — Starlink के पास लाइसेंस है, IN-SPACe की मंजूरी है, 20 गेटवे साइट्स हैं और Jio-Airtel जैसे बड़े वितरण पार्टनर भी हैं। फिर भी 20 अक्टूबर 2026 तक सरकार ने Starlink, Eutelsat OneWeb या Jio Satcom में से किसी को भी कमर्शियल सेवा शुरू करने की अंतिम मंजूरी नहीं दी है। और मज़े की बात: Jio और Airtel, दोनों Starlink के पार्टनर भी हैं और प्रतिद्वंद्वी भी। पढ़िए भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की पूरी खबर।
यह हमारी 5 हिस्सों वाली Starlink सीरीज़ का अंतिम भाग है। Musk-Ambani विवाद और कीमतों की तुलना के लिए पढ़ें जियो बनाम स्टारलिंक।
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट: अभी क्या स्थिति है?
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट पर संचार मंत्रालय ने 8 अक्टूबर 2026 को साफ कहा कि तीनों लाइसेंसधारकों — Starlink, Eutelsat OneWeb और Jio Satellite Communications — का सुरक्षा मूल्यांकन चल रहा है और तीनों “लगभग एक ही रेगुलेटरी स्टेज” पर हैं। मंत्रालय ने भेदभाव के आरोपों को “baseless and misconceived” बताया। संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी ने कहा कि गृह मंत्रालय (MHA) सुरक्षा पहलुओं की जांच कर रहा है।
Starlink को लॉन्च से पहले क्या-क्या चाहिए?
| कदम | स्थिति (20 अक्टूबर 2026) |
|---|---|
| GMPCS लाइसेंस (DoT) | मिल चुका — जून 2025 |
| IN-SPACe मंजूरी | मिल चुकी — 8 जुलाई 2025 (7 जुलाई 2030 तक वैध) |
| सुरक्षा मंजूरी (MHA/DoT) | बाकी |
| FDI मंजूरी | बाकी |
| स्पेक्ट्रम कीमत पर कैबिनेट मंजूरी | बाकी |
| स्पेक्ट्रम आवंटन | सुरक्षा मंजूरी के बाद |
| कमर्शियल लॉन्च और कीमत | घोषित नहीं |
Starlink का कहना है कि वह भारत में सैटेलाइट इंटरनेट शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी की VP Lauren Dreyer ने 7 अक्टूबर 2026 को IMC 2026 में बताया कि भारत में 20 गेटवे साइट्स बनाई गई हैं और भारत के लिए खास सुरक्षा नियंत्रण तैयार किए गए हैं। 16 अक्टूबर को Starlink ने X पर लिखा कि उसने 5 साल से ज्यादा समय तक भारत के रेगुलेटर्स के साथ काम किया है।
@Starlink की X पोस्ट
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट: Airtel और Jio पार्टनर भी, प्रतिद्वंद्वी भी
Airtel की डील (11 मार्च 2025)
Airtel की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक SpaceX के साथ यह “भारत में साइन होने वाला पहला समझौता” था, जो SpaceX को मंजूरी मिलने पर निर्भर है। इसके तहत Airtel के रिटेल स्टोर्स में Starlink उपकरण बेचने, बिज़नेस ग्राहकों को Starlink सेवा देने और गांवों के स्कूलों व स्वास्थ्य केंद्रों को जोड़ने की संभावना तलाशी जाएगी। यह Airtel के Eutelsat OneWeb के साथ मौजूदा गठजोड़ के अलावा है।
@airtelnews की X पोस्ट
Jio की डील (12 मार्च 2025)
अगले ही दिन Jio ने भी SpaceX से समझौता किया। इसके तहत Jio के रिटेल आउटलेट और ऑनलाइन स्टोर पर Starlink उपकरण मिलेंगे और Jio इंस्टॉलेशन व एक्टिवेशन में मदद करेगा। यह समझौता भी SpaceX को मंजूरी मिलने पर निर्भर है।
दोनों के अपने सैटेलाइट दांव
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की रेस में Airtel समर्थित Eutelsat OneWeb पहले लाइसेंस पाने वाली दो कंपनियों में है (दूसरी Jio Satcom)। Airtel के चेयरमैन Sunil Mittal ने अक्टूबर 2026 में कहा कि OneWeb भी अपनी मंजूरी का इंतज़ार कर रहा है।
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के लिए Jio ने फरवरी 2022 में लक्ज़मबर्ग की कंपनी SES के साथ Jio Space Technology Ltd नाम से जॉइंट वेंचर बनाया था (51:49 हिस्सेदारी)। 19 जून 2026 को Reliance की AGM में बताया गया कि Jio भारत के लिए अपना “सॉवरेन” लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट नेटवर्क बनाने पर विचार कर रहा है।
@RIL_Updates की X पोस्ट
Jio Platforms के 15 अक्टूबर 2026 के RHP के मुताबिक यह करीब 1,600 सैटेलाइट वाला नेटवर्क होगा, जो SES के साथ बने JV से अलग है। RHP में Jio ने यह भी कहा कि सैटकॉम के भारत में बड़े पैमाने पर फैलने की संभावना कम है, लेकिन प्रशासनिक स्पेक्ट्रम आवंटन से नई कंपनियों के लिए एंट्री सस्ती हो सकती है।
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स्पेक्ट्रम का “5% बनाम 4%” खेल
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की सबसे बड़ी बहस स्पेक्ट्रम के दाम पर रही है। मई 2025 में TRAI ने AGR का 4% और हर शहरी ग्राहक पर ₹500 सालाना शुल्क की सिफारिश की थी। ग्रामीण ग्राहकों को इससे छूट दी गई थी।
Moneycontrol (8 सितंबर 2026) के मुताबिक दूरसंचार विभाग (DoT) की डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन (DCC) ने:
- ₹500 प्रति शहरी ग्राहक शुल्क को खारिज कर दिया।
- 5% AGR स्पेक्ट्रम शुल्क मंजूर किया; ग्रामीण, दूरदराज़, पहाड़ी, द्वीप और सीमावर्ती इलाकों के लिए 4%।
- स्पेक्ट्रम का प्रशासनिक आवंटन 5 साल के लिए, जिसे 2 साल बढ़ाया जा सकता है।
- अब इस पर कैबिनेट की मंजूरी बाकी है।
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के विस्तार के लिए इसी दौरान Starlink ने IN-SPACe में करीब 30,000 Gen2 सैटेलाइट (Direct-to-Device समेत) के लिए दोबारा आवेदन किया। Amazon का सैटेलाइट प्रोजेक्ट (Amazon Leo) अभी लाइसेंस का इंतज़ार कर रहा है।
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट पर अक्टूबर 2026 का विवाद कैसे भड़का?
7 अक्टूबर की रात Musk ने X पर आरोप लगाया कि Starlink को “कुछ oligarchs” ने रोक रखा है। उसी दिन उन्होंने लिखा कि भारत में Starlink उन लोगों को तेज और सस्ता इंटरनेट दे सकता है जो मौजूदा कीमतें नहीं चुका सकते या जिनके पास कनेक्शन नहीं है।
@elonmusk की X पोस्ट
सुरक्षा का मुद्दा भी उठा। पूर्वोत्तर में Starlink डिवाइस के कथित इस्तेमाल के दावों पर Musk ने कहा कि “भारत के ऊपर Starlink बीम बंद हैं”। India Today ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि म्यांमार सीमा के पास कुछ डिवाइस काम कर रहे थे — यह दावा विवादित है।
9 अक्टूबर को Musk का “Dear Prime Minister Ambani” वाला पोस्ट आया। DW के मुताबिक 11 अक्टूबर को BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि भारत “दबाव में अपनी सुरक्षा नीति नहीं बदलता”। IMC में Akash Ambani ने इस विवाद पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया।
16 अक्टूबर को Reliance ने बयान जारी कर कहा कि Jio की अपनी सैटेलाइट सेवाएं भी मंजूरी का इंतज़ार कर रही हैं और कंपनी Starlink समेत हर प्रतिस्पर्धा का स्वागत करती है। Reuters के मुताबिक Musk ने इस पर “Much appreciated” लिखा।
Jio Platforms IPO से कनेक्शन
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट पर यह पूरा विवाद Jio Platforms के IPO से ठीक पहले हुआ। IPO 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा, प्राइस बैंड ₹1,065–₹1,119 है और अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को होगा (The Hindu)। Reuters के मुताबिक कंपनी करीब $108 अरब की वैल्यूएशन चाहती है।
Starlink की कीमत भारत में कितनी होगी?
अभी कोई आधिकारिक कीमत घोषित नहीं है। दिसंबर 2025 में Starlink की भारत वेबसाइट पर ₹8,600 प्रति माह और ₹34,000 किट जैसे आंकड़े दिखे थे, लेकिन कंपनी की VP Lauren Dreyer ने इन्हें कॉन्फ़िगरेशन की गड़बड़ी और डमी डेटा बताया था। भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की कीमत को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी “फाइनल कीमत” पर भरोसा न करें।
Starlink दुनिया में कहां-कहां है और इसके फायदे क्या हैं, यह पढ़ें स्टारलिंक के फायदे, देश और एयरलाइंस में। कंपनी की कहानी के लिए स्पेसएक्स कंपनी और आगे की योजना के लिए स्टारलिंक का भविष्य पढ़ें।
आगे क्या होगा?
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की शुरुआत अब तीन बातों पर टिकी है: सुरक्षा मंजूरी, स्पेक्ट्रम कीमत पर कैबिनेट की मुहर और फिर स्पेक्ट्रम आवंटन। सरकार ने कहा है कि तीनों कंपनियां बराबर स्टेज पर हैं, इसलिए संभव है कि मंजूरी मिलने पर कई कंपनियां लगभग साथ-साथ बाज़ार में उतरें। लॉन्च की तारीख अभी तय नहीं है।
टेलीकॉम कंपनियों से जुड़ी हमारी पुरानी रिपोर्ट भी पढ़ें: BSNL की अनुपस्थिति में Jio और Airtel ने बढ़ाए प्लान्स के दाम। Musk से जुड़ी खबर: हर अमेरिकी बच्चे को SpaceX शेयर का वादा।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट कब शुरू होगा?
अभी कोई तारीख तय नहीं है। Starlink, OneWeb और Jio Satcom तीनों सुरक्षा मंजूरी और स्पेक्ट्रम आवंटन का इंतज़ार कर रहे हैं।
क्या Starlink को भारत में लाइसेंस मिल गया है?
हां, Starlink को जून 2025 में DoT से GMPCS लाइसेंस और 8 जुलाई 2025 को IN-SPACe की मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन सुरक्षा मंजूरी, FDI मंजूरी और स्पेक्ट्रम आवंटन बाकी है, इसलिए भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा अभी शुरू नहीं हुई।
Jio और Airtel का Starlink से क्या समझौता है?
Airtel (11 मार्च 2025) और Jio (12 मार्च 2025) ने SpaceX से समझौते किए हैं, जिनके तहत वे अपने स्टोर्स के जरिए Starlink उपकरण बेच सकेंगे। ये समझौते SpaceX को भारत में मंजूरी मिलने पर लागू होंगे और इससे भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की पहुंच बढ़ सकती है।
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट स्पेक्ट्रम का शुल्क कितना होगा?
DoT की DCC ने 5% AGR (ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों के लिए 4%) शुल्क को मंजूरी दी है। इस पर कैबिनेट की अंतिम मंजूरी बाकी है।
भारत में Starlink की कीमत क्या है?
Starlink ने भारत की कीमत आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की है। वेबसाइट पर दिखे ₹8,600 प्रति माह के आंकड़े को कंपनी ने टेस्ट डेटा बताया था।

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