दुनिया की सबसे चर्चित AI कंपनी के अंदर सुपरइंटेलिजेंस के भविष्य पर क्या सोच चल रही है? अमेरिकी टेक वेबसाइट The Information की रिपोर्ट से इसकी एक झलक मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक OpenAI के CEO Sam Altman ने AI सुरक्षा (AI Safety) पर अपने कर्मचारियों से बात करते हुए तीन रास्ते गिनाए: परमाणु निगरानी संस्था IAEA जैसी एक अंतरराष्ट्रीय AI संस्था, सभी बड़ी AI लैब्स को मिलाकर CERN जैसी एक संस्था, और एक ऐसा रास्ता जिसमें एक कंपनी बाकी सबके “GPU पिघला दे”। तीसरे रास्ते को उन्होंने “भयानक” बताया।
यह बात ऐसे समय आई है जब अमेरिका की ट्रंप सरकार सुपरइंटेलिजेंस बनाने वाली कंपनियों पर निगरानी का अपना पहला सिस्टम खड़ा कर रही है। आइए समझते हैं कि रिपोर्ट में क्या है, तीनों रास्ते क्या हैं, और क्या अभी पक्का नहीं है।
Sam Altman AI Safety पर क्या बोले: रिपोर्ट में क्या है?
The Information ने 19 अक्टूबर 2026 (अमेरिकी समय) को “Altman Describes Three Endgames for AI” नाम से रिपोर्ट छापी। इसे रिपोर्टर Stephanie Palazzolo और Amir Efrati ने लिखा है। रिपोर्ट के मुताबिक OpenAI के CEO Sam Altman ने पिछले हफ्ते कर्मचारियों को उन तीन प्रस्तावों के बारे में बताया जिन पर AI इंडस्ट्री में सुरक्षित AI बनाने को लेकर चर्चा होती रही है।
यह जानकारी उन लोगों के हवाले से है जिन्हें Sam Altman की बातों की जानकारी है। रिपोर्टर Stephanie Palazzolo ने X पर बताया कि यह बात OpenAI की पिछले हफ्ते की ऑल-हैंड्स मीटिंग (पूरी कंपनी की बैठक) की है।
@amir and I take you inside last week’s all hands at OpenAI, where CEO Sam Altman outlines 3 industry proposals for pacing the rate of AI development:
— Stephanie Palazzolo (@steph_palazzolo) October 20, 2026
– IAEA for AI
– The Demis plan (CERN for AI)
– The Eliezer plan (“melt everyone else’s GPUs”)
दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी Yonhap और India Today ने भी The Information के हवाले से यही ब्योरा दिया है। अब एक-एक करके तीनों रास्ते समझते हैं।
रास्ता 1: IAEA जैसी अंतरराष्ट्रीय AI निगरानी संस्था
पहला रास्ता एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय संस्था बनाने का है जो International Atomic Energy Agency (IAEA) की तरह AI पर सुरक्षा के नियम लागू करे। IAEA दुनिया भर में परमाणु कार्यक्रमों की निगरानी करने वाली संस्था है। The Information के मुताबिक दो लोगों ने बताया कि Sam Altman इसी रास्ते के पक्ष में दिखे।
यह विचार नया नहीं है। मई 2023 में Sam Altman, Greg Brockman और Ilya Sutskever ने OpenAI के ब्लॉग पर “Governance of superintelligence” लिखा था। उसमें कहा गया था कि सुपरइंटेलिजेंस के लिए “IAEA जैसी कोई चीज़” चाहिए होगी, जो एक तय क्षमता या कंप्यूटिंग सीमा से ऊपर के सिस्टम की जांच करे, ऑडिट मांगे, सुरक्षा मानकों की जांच करे, और कंप्यूटिंग व बिजली के इस्तेमाल पर नज़र रखे।
सबसे बड़ी अड़चन: चीन
ऐसी संस्था के लिए उन सभी देशों का साथ चाहिए जो बड़े AI मॉडल बना रहे हैं, जिसमें चीन भी शामिल है। Yonhap के मुताबिक The Information ने लिखा कि चीन अमेरिका के साथ कितना सहयोग करेगा, यह साफ नहीं है। India Today के मुताबिक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले महीने कहा था कि AI को अच्छे कामों के लिए विकसित करना और इंसानी नियंत्रण में रखना चीन और अमेरिका की ज़िम्मेदारी है। इसके बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग से बातचीत में AI सुरक्षा के लिए एक “नोटिफिकेशन मैकेनिज़्म” का प्रस्ताव रखा, लेकिन चीनी अधिकारियों ने इसे अभी औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।
रास्ता 2: ‘Demis plan’, यानी AI का CERN
दूसरे रास्ते में सभी AI कंपनियां और लैब्स एक ही संस्था में मिल जाएं या एक संस्था के ज़रिए काम करें, और यह संस्था साथ देने वाले देशों को नए मॉडल दे। Sam Altman ने इसे Google DeepMind के प्रमुख डेमिस हसाबिस के नाम पर “Demis plan” कहा।
Yonhap के मुताबिक यह विचार करीब 10 साल पहले के हसाबिस के उस प्रस्ताव से आया है जिसमें उन्होंने AI के लिए CERN जैसी संस्था की बात की थी। CERN यूरोप की वह प्रयोगशाला है जिसे कई देश मिलकर चलाते हैं और जहां कण भौतिकी (particle physics) पर बड़ा शोध होता है। हालांकि India Today और Yonhap दोनों के मुताबिक हसाबिस हाल में अमेरिका की FINRA जैसी स्व-नियामक (self-regulatory) संस्था का समर्थन करते रहे हैं, इसलिए यह साफ नहीं कि उनका “AI का CERN” वाला विचार Sam Altman के बताए रूप जितना आगे जाता है।
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रास्ता 3: ‘Eliezer plan’, जिसे Sam Altman ने “भयानक” कहा
तीसरा रास्ता सबसे चौंकाने वाला है। इसमें एक AI कंपनी इतनी आर्थिक ताकत हासिल कर ले कि वह बाकी सभी डेवलपर्स, जिनमें खतरनाक हो सकने वाले डेवलपर भी शामिल हैं, से कंप्यूटिंग संसाधन छीन ले। Sam Altman ने इसे AI सुरक्षा सिद्धांतकार Eliezer Yudkowsky के नाम पर “Eliezer plan” कहा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक Sam Altman ने समझाया कि ऐसा मोड़ तब आ सकता है जब कोई डेवलपर “recursive self-improvement” तक पहुंच जाए, यानी ऐसा AI जो खुद को ही बेहतर बनाता चला जाए, और फिर उस ताकत से “बाकी सबके GPU पिघला दे”। एक व्यक्ति के मुताबिक ऑल्टमैन ने कहा, “ज़ाहिर है, मुझे लगता है कि यह भयानक है”, और बताया कि उन्होंने इसे सिर्फ चर्चा को “पूरा” करने के लिए शामिल किया। उन्होंने इसे एक कंपनी के हाथ में एडवांस्ड AI का केंद्रीकरण बताया।
Yudkowsky लंबे समय से कहते रहे हैं कि एडवांस्ड AI इंसानियत के लिए अस्तित्व का खतरा बन सकता है। 2022 के अपने चर्चित लेख “AGI Ruin: A List of Lethalities” में उन्होंने एक “pivotal act” की बात की थी, यानी ऐसा कदम जो दूसरों को खतरनाक AI बनाने से रोके। India Today के मुताबिक Yudkowsky के Anthropic के कुछ अहम लोगों से संबंध बताए जाते हैं, इसलिए इस नाम को प्रतिद्वंद्वी कंपनी पर एक हल्का तंज़ भी माना जा रहा है। यह Sam Altman का बयान नहीं, बल्कि मीडिया की व्याख्या है।
new: @theinformation takes u inside Altman discussion re proposals for how the industry wants to do safety:
— Amir Efrati (@amir) October 19, 2026
an IAEA for AI
a CERN for AI / merger of labs (i.e. @demishassabis circa 2017)
and 'the Eliezer plan' (i.e. @allTheYud)
Sam Altman की यह बात अभी क्यों अहम है?
The Information के मुताबिक यह बातचीत ऐसे समय हुई जब ट्रंप प्रशासन सुपरइंटेलिजेंस बनाने वाली कंपनियों पर निगरानी का अपना पहला सिस्टम बना रहा है। Axios के मुताबिक व्हाइट हाउस ने कहा है कि AI कंपनियों को सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की जानकारी देनी होगी और नुकसान ठीक करना होगा। ट्रंप की “Super Intelligence Force” ने चेताया कि “यह नोटिफिकेशन और सुधार की प्रक्रिया वैकल्पिक नहीं है।”
India Today के मुताबिक OpenAI, Google और Anthropic मिलकर “Standards Authority for Frontier AI” बना रहे हैं, लेकिन नए मॉडलों की जांच कौन करे, इस पर उनमें मतभेद है। Anthropic ने कथित तौर पर प्रस्ताव दिया है कि अमेरिकी वाणिज्य विभाग ऐसे मॉडल को रोक सके जो 1 अरब डॉलर से ज़्यादा का नुकसान कर सकता हो या 50 से ज़्यादा लोगों की जान ले सकता हो या उन्हें गंभीर रूप से घायल कर सकता हो। Meta के मार्क ज़करबर्ग और Nvidia के जेन्सन हुआंग अब तक ऐसे ढांचों का विरोध करते रहे हैं।
OpenAI और Anthropic दोनों बड़ी फंडिंग और IPO की होड़ में हैं। इस पर हमारी खबर पढ़ें: OpenAI Funding: Anthropic IPO से पहले $30 अरब जुटाने की होड़। Anthropic ने हाल में अपने 5% शेयर जनता की भलाई के फंड में देने का ऐलान भी किया था: Anthropic Public Benefit Fund।
AI से जुड़े खतरे अब किताबी नहीं
India Today ने लिखा है कि AI शोधकर्ताओं में चिंता है कि क्या बड़ी कंपनियां अपने मॉडलों को बेकाबू होने या साइबर हमलों में इस्तेमाल होने से रोक पाएंगी। रिपोर्ट के मुताबिक OpenAI, Anthropic, Google और Meta के मॉडल मना होने के बावजूद कंपनियों या अंदरूनी सिस्टम में घुसपैठ कर चुके हैं। भारत में भी CERT-In ने AI एजेंट को लेकर चेतावनी दी थी: CERT-In की चेतावनी: खुले पासवर्ड से सिस्टम तक पहुंचे AI एजेंट।
सच या अंदाज़ा: क्या पक्का है और क्या नहीं?
- पक्का: The Information ने 19 अक्टूबर को यह रिपोर्ट छापी, और इसके दोनों रिपोर्टरों ने X पर तीनों प्रस्ताव गिनाए। Yonhap और India Today ने भी इसी रिपोर्ट के हवाले से खबर दी।
- सूत्रों पर आधारित: Sam Altman का IAEA वाले रास्ते के पक्ष में होना दो लोगों के हवाले से है, और “भयानक” वाला बयान एक व्यक्ति के हवाले से। ऑल्टमैन या OpenAI ने इस मीटिंग पर कोई सार्वजनिक बयान दिया हो, ऐसा हमें खबर लिखे जाने तक नहीं मिला।
- व्याख्या: “Eliezer plan” नाम को Anthropic पर तंज़ मानना मीडिया की व्याख्या है, Sam Altman ने ऐसा नहीं कहा।
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आपके लिए इसका मतलब
- आम यूज़र के लिए: ChatGPT या किसी AI ऐप के इस्तेमाल पर अभी कोई सीधा असर नहीं है। लेकिन आप जिन AI टूल्स पर निर्भर हो रहे हैं, उनके नियम आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय हो सकते हैं।
- भारत के लिए: अगर IAEA जैसी कोई AI संस्था बनती है, तो उसमें कौन से देश होंगे और नियम कौन तय करेगा, यह भारत जैसे बड़े AI यूज़र देश के लिए अहम सवाल होगा। “Demis plan” में मॉडल सिर्फ साथ देने वाले देशों को मिलने की बात है, यानी कौन किस गुट में है, यह भी मायने रखेगा।
- टेक प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए: AI सुरक्षा, ऑडिट और नीति (AI governance) आने वाले सालों में तेज़ी से बढ़ता क्षेत्र बन सकता है, क्योंकि सरकारें और कंपनियां दोनों जांच के ढांचे बना रही हैं।
एक लाइन में: Sam Altman AI सुरक्षा के लिए IAEA जैसी वैश्विक निगरानी के पक्ष में दिखे, पर यह सब अभी सूत्रों पर आधारित है और ऐसी संस्था के लिए अमेरिका-चीन जैसे देशों का साथ आना बड़ी शर्त है।
आपसे सवाल: क्या दुनिया को AI के लिए परमाणु निगरानी जैसी एक संस्था की ज़रूरत है, और क्या भारत को उसमें बड़ी भूमिका निभानी चाहिए? कमेंट में अपनी राय बताइए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Sam Altman ने AI सुरक्षा के कौन से 3 रास्ते बताए?
IAEA जैसी अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था, सभी AI लैब्स को मिलाकर CERN जैसी संस्था (“Demis plan”), और एक कंपनी का बाकी सबके कंप्यूटिंग संसाधन छीन लेना (“Eliezer plan”)।
Sam Altman किस रास्ते के पक्ष में हैं?
The Information के मुताबिक दो लोगों ने बताया कि वे IAEA जैसी संस्था वाले रास्ते के पक्ष में दिखे। तीसरे रास्ते को उन्होंने “भयानक” कहा।
“GPU पिघलाना” का मतलब क्या है?
GPU वे चिप हैं जिन पर AI मॉडल ट्रेन होते और चलते हैं। “GPU पिघला देना” एक प्रतीकात्मक बात है, जिसका मतलब है कि एक ताकतवर कंपनी बाकी सबको AI बनाने लायक कंप्यूटिंग से वंचित कर दे।
क्या OpenAI ने इस रिपोर्ट पर कुछ कहा है?
खबर लिखे जाने तक हमें OpenAI या ऑल्टमैन का इस रिपोर्ट पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं मिला।
Super Intelligence Force क्या है?
Axios के मुताबिक यह ट्रंप प्रशासन की वह इकाई है जिसने कहा है कि AI कंपनियों के लिए सुरक्षा घटनाओं की जानकारी देना और नुकसान ठीक करना वैकल्पिक नहीं है।

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