Claude बनाने वाली कंपनी Anthropic अब शेयर बाजार में उतरने जा रही है। कंपनी ने अमेरिकी बाजार नियामक SEC के पास अपना Form S-1 सार्वजनिक रूप से दाखिल कर दिया है। यह किसी भी कंपनी के IPO का मुख्य दस्तावेज होता है। फाइलिंग के मुताबिक Anthropic के Class A शेयर Nasdaq Global Select Market पर “ANT” टिकर के साथ लिस्ट होंगे। शेयरों की संख्या और कीमत का दायरा (price range) अभी खाली छोड़ा गया है, यानी IPO का आकार और वैल्यूएशन अभी तय नहीं हुए हैं।
यह फाइलिंग 26 अक्टूबर (अमेरिकी समय) को सामने आई। कंपनी ने जून में ही SEC के पास गोपनीय रूप से कागजात जमा कर दिए थे, ताकि नियामक पहले से जांच कर सके। अब पहली बार दुनिया को किसी बड़ी frontier AI लैब की ऑडिट की हुई कमाई, खर्च और जोखिम का पूरा हिसाब देखने को मिल रहा है। इसी वजह से यह फाइलिंग सिर्फ एक IPO की खबर नहीं, बल्कि पूरे AI उद्योग की सेहत की एक जांच-रिपोर्ट जैसी बन गई है।
कमाई की रफ्तार: छह महीने में 16.3 अरब डॉलर
S-1 के आंकड़े बताते हैं कि Anthropic की कमाई बेहद तेजी से बढ़ी है। 2023 में कंपनी का रेवेन्यू सिर्फ 4.1 करोड़ डॉलर (41 मिलियन) था, 2024 में 38.6 करोड़ डॉलर और पूरे 2025 में 4.59 अरब डॉलर। लेकिन 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) में ही यह 16.29 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1.16 अरब डॉलर था। CNBC के मुताबिक यह करीब 1,304% की बढ़त है।
| अवधि | रेवेन्यू (डॉलर) | ऑपरेटिंग नतीजा |
|---|---|---|
| 2024 (पूरा साल) | 38.6 करोड़ | 2.98 अरब घाटा |
| 2025 (पूरा साल) | 4.59 अरब | 8.06 अरब घाटा |
| जनवरी-जून 2025 | 1.16 अरब | 2.14 अरब घाटा |
| जनवरी-जून 2026 | 16.29 अरब | 69.3 करोड़ घाटा |
इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा हाथ कारोबारी ग्राहकों का है। कंपनी की करीब 80% कमाई (13.1 अरब डॉलर) “consumption-based” है, यानी कंपनियां जितना इस्तेमाल करती हैं उतना भुगतान करती हैं। बाकी करीब 20% (3.2 अरब डॉलर) Pro और Max जैसे सब्सक्रिप्शन प्लान से आया। फाइलिंग के मुताबिक 30 सितंबर तक 11,900 से ज्यादा ग्राहक ऐसे थे जिन्होंने पिछले 12 महीनों में 1 लाख डॉलर से ज्यादा का भुगतान किया, और करीब 250 ग्राहक 1 करोड़ डॉलर से ऊपर वाले थे। कंपनी की net revenue retention करीब 900% बताई गई है। इसका मतलब है कि पुराने ग्राहक एक साल में औसतन करीब नौ गुना ज्यादा खर्च करने लगे हैं।
80.7 अरब डॉलर का घाटा, पर कहानी इतनी सीधी नहीं
पहली नजर में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा घाटे का है। जनवरी-जून 2026 में Anthropic का net loss 80.7 अरब डॉलर रहा। Fortune ने इसे किसी भी कंपनी के सबसे बड़े छमाही घाटों में से एक बताया है। लेकिन इसमें करीब 72.4 अरब डॉलर एक अकाउंटिंग चार्ज है, जिसमें नकद पैसा खर्च नहीं हुआ। यह चार्ज कंपनी के जारी किए convertible notes की कीमत बढ़ने की वजह से लगा। कंपनी की वैल्यूएशन जितनी बढ़ी, कागज पर इन नोट्स की देनदारी उतनी ही बड़ी दिखी। असली कारोबार यानी operating loss सिर्फ 69.3 करोड़ डॉलर रहा, जो पिछले साल इसी अवधि के 2.14 अरब डॉलर से काफी कम है। Fortune के अनुसार adjusted आधार पर कंपनी इस छमाही में मुनाफे में रही।
यह फर्क समझना निवेशकों के लिए जरूरी है। सुर्खियों में “80 अरब डॉलर घाटा” बड़ा लगता है, लेकिन कारोबार के स्तर पर कमाई और खर्च के बीच का अंतर तेजी से घट रहा है। CNBC के हिसाब से कंपनी का implied gross margin करीब 85% तक पहुंच गया है। फिर भी कंपनी ने खुद लिखा है कि जब भी बड़ी मात्रा में नई compute क्षमता आएगी, मार्जिन ऊपर-नीचे हो सकता है।
सबसे बड़ा खर्च: कंप्यूटिंग पावर
AI मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए बहुत ज्यादा चिप्स और डेटा सेंटर चाहिए। Anthropic की फाइलिंग में इसके लिए बड़े-बड़े वादे दर्ज हैं। CNBC के अनुसार कंपनी ने Amazon के साथ अप्रैल 2036 तक कम से कम 110 अरब डॉलर, Google TPU पर 2033 तक 114.5 अरब डॉलर और Microsoft के साथ नवंबर 2026 से मई 2033 के बीच कम से कम 44.9 अरब डॉलर खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है। SpaceX के साथ Nvidia GPU वाली क्षमता के लिए पूरी क्षमता मिलने पर लगभग 3.1 अरब डॉलर प्रति माह का भुगतान तय है। जून के अंत तक non-cancelable purchase commitments 265.6 अरब डॉलर पर पहुंच गए थे।
- चिप्स का मिश्रण: कंपनी Nvidia, AMD, Amazon और Google चारों के चिप्स इस्तेमाल करती है और इन्हें एक “fungible pool” की तरह चलाती है।
- बादल पर निर्भरता: पहली छमाही की 48% कमाई AWS, Google Cloud और Microsoft Azure जैसे प्लेटफॉर्म से होकर आई।
- विदेशी कमाई: अमेरिका के बाहर से 4.5 अरब डॉलर आए, जो कुल का करीब 27.8% है।
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कंट्रोल किसके हाथ में रहेगा
Anthropic खुद को Public Benefit Corporation (PBC) कहती है और उसका governance ढांचा आम टेक कंपनियों से अलग है। कंपनी ने फाइलिंग में माना है कि उसके ढांचे की “कोई सीधी पब्लिक कंपनी मिसाल नहीं है”। CNBC के मुताबिक Dario Amodei, Daniela Amodei समेत सात सह-संस्थापक “Founder LLC” के सदस्य होंगे, जिसके पास बकाया शेयरों की 50.1% वोटिंग पावर रहेगी। यानी शेयर खरीदने वाले आम निवेशक कंपनी के मालिक तो बनेंगे, लेकिन बड़े फैसलों पर नियंत्रण संस्थापकों के पास ही रहेगा। इस मुद्दे पर हमने पहले Anthropic के public benefit fund और 5% शेयरों वाली खबर में भी चर्चा की थी।
एक और दिलचस्प बात lock-up से जुड़ी है। आम तौर पर IPO के बाद कर्मचारी और शुरुआती निवेशक करीब 180 दिन तक शेयर नहीं बेच सकते। Anthropic ने चरणबद्ध व्यवस्था रखी है: कुछ शेयर पहले दिन से बिक सकेंगे और फिर IPO के 27, 48, 62 और 76 दिन बाद अलग-अलग हिस्सों की बिक्री खुलेगी। Goldman Sachs और Morgan Stanley इस IPO के मुख्य underwriters हैं।
90 पन्नों के जोखिम: निवेशक किन बातों पर नजर रखें
S-1 में 90 से ज्यादा पन्ने सिर्फ risk factors के हैं। इनमें सबसे ऊपर अमेरिकी सरकार के साथ टकराव है। Pentagon ने Anthropic को “supply chain risk” घोषित किया था। कैलिफोर्निया की एक संघीय अदालत ने इस फैसले को गैरकानूनी बताया, लेकिन D.C. सर्किट की अपीलीय अदालत ने रक्षा विभाग के पक्ष में फैसला दिया। कंपनी ने चेतावनी दी है कि इससे “material revenue losses” हो सकते हैं। इसके अलावा ताइवान और TSMC पर चिप निर्माण की निर्भरता, अमेरिकी राज्यों में डेटा सेंटर पर रोक (moratorium), जलवायु परिवर्तन से बढ़ती बिजली-पानी की लागत, और मॉडल के हथियार बनाने में दुरुपयोग से जुड़ी कानूनी जिम्मेदारी जैसे जोखिम भी गिनाए गए हैं।
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार risk factors में सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं का भी जिक्र है, जैसे अगले frontier मॉडल की pre-training को model weights की चोरी से बचाने के लिए एक महीने से ज्यादा टालना। फाइलिंग यह भी बताती है कि एक बाहरी पार्टनर के साथ साइबर टेस्ट के दौरान गलती से टेस्टिंग माहौल इंटरनेट से जुड़ा रह गया। इस दौरान चार AI मॉडल अपने टेस्ट वातावरण से बाहर निकलकर 10 से 34 घंटे तक असली बाहरी सिस्टम तक पहुंचे। कंपनी का कहना है कि उसने सभी प्रभावित पक्षों को सूचना दी और कुछ जोखिम वाले टेस्ट रोक दिए। Anthropic हमेशा से AI safety को अपनी पहचान बताती रही है, इसलिए अब ये बातें एक कानूनी दस्तावेज में दर्ज हैं जिसकी हर लाइन की जवाबदेही होती है। हाल ही में कंपनी पर Claude और जॉर्जिया वोटर डेटा जैसे विवादों को लेकर भी सवाल उठे थे।
OpenAI से पहले बाजार में, आगे क्या
Fortune के अनुसार Anthropic का IPO उसकी प्रतिद्वंद्वी OpenAI से पहले आ रहा है, और कंपनी Thanksgiving वाले हफ्ते (नवंबर के आखिर) में लिस्टिंग का लक्ष्य रख सकती है। हालांकि अंतिम तारीख, शेयर की कीमत और जुटाई जाने वाली रकम अभी तय नहीं है। बाजार का माहौल भी पूरी तरह अनुकूल नहीं है। CNBC के मुताबिक अक्टूबर में AI डेटा सेंटर से जुड़ी कई कंपनियों के शेयर तेजी से गिरे हैं और कुछ ने अपने IPO टाल दिए हैं। OpenAI की फंडिंग और Anthropic के IPO की शुरुआती चर्चा पर हमारी पिछली रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं।
भारतीय पाठकों के लिए यह खबर दो तरह से अहम है। पहली बात, भारत से सीधे Nasdaq IPO में आवेदन करना आसान नहीं है। लिस्टिंग के बाद ही LRS (Liberalised Remittance Scheme) के तहत अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म से शेयर खरीदे जा सकेंगे, और उसमें मुद्रा और टैक्स के नियम भी लागू होंगे। दूसरी बात, यह फाइलिंग दिखाती है कि AI अब सिर्फ चैटबॉट की कहानी नहीं है। इसमें लाखों करोड़ रुपये का कंप्यूटिंग खर्च, सरकारों से टकराव और सुरक्षा के गंभीर सवाल भी शामिल हैं। आने वाले हफ्तों में price range की घोषणा, roadshow और SEC की मंजूरी तय करेंगे कि यह IPO इतिहास की सबसे बड़ी टेक लिस्टिंग में शामिल होगा या बाजार की घबराहट इसे धीमा कर देगी।
नोट: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें।
स्रोत क्रेडिट: CNBC, Fortune, Reuters और The Verge; आंकड़े Anthropic के SEC S-1 दस्तावेज पर आधारित।

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