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बुलेट ट्रेन के साउथ और नॉर्थ कॉरिडोर को PM मोदी की मंजूरी: बेंगलुरु-चेन्नई 73 मिनट में, दिल्ली से गुवाहाटी तक हाई-स्पीड रेल; BEML में बन रही स्वदेशी बुलेट ट्रेन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बुलेट ट्रेन के दो नए कॉरिडोर मंजूर किए हैं: बेंगलुरु-हैदराबाद-अमरावती-चेन्नई और दिल्ली से यूपी होते हुए गुवाहाटी। बेंगलुरु की BEML फैक्ट्री में बन रही पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का डिजाइन पूरा हो चुका है।

BEML फैक्ट्री में स्वदेशी बुलेट ट्रेन का निरीक्षण करते और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा करते रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
फोटो: अश्विनी वैष्णव (आधिकारिक X) / फोटो: रेल मंत्रालय (आधिकारिक X)

मुख्य बातें

  • एक नजर में: बुलेट ट्रेन से जुड़ी नई घोषणाएं
  • साउथ कॉरिडोर: टेक्नोलॉजी हब्स को जोड़ेगी बुलेट ट्रेन
  • नॉर्थ कॉरिडोर: दिल्ली से गुवाहाटी, यूपी के बड़े शहर शामिल
  • BEML फैक्ट्री में बन रही भारत की अपनी बुलेट ट्रेन

फीचर्ड इमेज: बाएं, बेंगलुरु में BEML की फैक्ट्री में भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन के निर्माण का जायजा लेते रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव; दाएं, बुलेट ट्रेन साउथ कॉरिडोर की घोषणा करते वैष्णव। फोटो: अश्विनी वैष्णव और रेल मंत्रालय के आधिकारिक X अकाउंट।

देश में बुलेट ट्रेन का नक्शा अब सिर्फ मुंबई-अहमदाबाद तक सीमित नहीं रहेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को दो बड़ी घोषणाएं कीं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर (दिल्ली से उत्तर प्रदेश होते हुए गुवाहाटी) और साउथ कॉरिडोर (बेंगलुरु, हैदराबाद, अमरावती और चेन्नई) को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ रविवार को वैष्णव बेंगलुरु में BEML की फैक्ट्री पहुंचे, जहां भारत की पहली पूरी तरह स्वदेशी बुलेट ट्रेन बन रही है। रेल मंत्रालय ने इसके वीडियो “Making of Bharat’s First Bullet Train” नाम से जारी किए।

साउथ कॉरिडोर की घोषणा करते रेल मंत्री (वीडियो से)। फोटो: रेल मंत्रालय (आधिकारिक X)

एक नजर में: बुलेट ट्रेन से जुड़ी नई घोषणाएं

  • साउथ कॉरिडोर: बेंगलुरु, हैदराबाद, अमरावती और चेन्नई जुड़ेंगे; बेंगलुरु-चेन्नई सिर्फ 73 मिनट, बेंगलुरु-हैदराबाद करीब 2 घंटे 10 मिनट
  • नॉर्थ कॉरिडोर: दिल्ली से आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक
  • स्वदेशी बुलेट ट्रेन: BEML बेंगलुरु में बन रही ट्रेन का डिजाइन पूरा, स्क्वीज टेस्ट भी हो चुका
  • ट्रैक पर टेस्टिंग: रेल मंत्री के मुताबिक अगले साल (2027) अप्रैल-मई के आसपास
  • मुंबई-अहमदाबाद: सूरत-बिलिमोरा सेक्शन 15 अगस्त 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य

साउथ कॉरिडोर: टेक्नोलॉजी हब्स को जोड़ेगी बुलेट ट्रेन

रेल मंत्रालय के आधिकारिक X अकाउंट के मुताबिक वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन का साउथ कॉरिडोर देश के बड़े आर्थिक और टेक्नोलॉजी केंद्रों को जोड़ेगा। रविवार को बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर को हरी झंडी दिखाने के बाद उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु, हैदराबाद, अमरावती और चेन्नई को जोड़ने वाले इस कॉरिडोर को स्वीकृति दे दी है। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की विज्ञप्ति के अनुसार रेल मंत्री ने कहा कि हाई-स्पीड रेल से बेंगलुरु से चेन्नई का सफर सिर्फ 73 मिनट में और बेंगलुरु से हैदराबाद करीब 2 घंटे 10 मिनट में पूरा होगा।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, एच.डी. कुमारस्वामी, रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे भी मौजूद थे। प्रह्लाद जोशी ने नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कर्नाटक में क्षेत्रीय विकास और आधुनिक रेल सेवाओं तक पहुंच बढ़ेगी।

नॉर्थ कॉरिडोर: दिल्ली से गुवाहाटी, यूपी के बड़े शहर शामिल

इससे एक दिन पहले, 31 अक्टूबर को वाराणसी में वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर के शुभारंभ के मौके पर वैष्णव ने कहा था, “आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर को स्वीकृति दी है, जिससे दिल्ली से उत्तर प्रदेश होते हुए गुवाहाटी तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी।” रेल मंत्रालय ने यह बयान अपने आधिकारिक X अकाउंट पर साझा किया।

मीडिया रिपोर्ट्स (इंडियन एक्सप्रेस, इंडिया टुडे) के मुताबिक रेल मंत्री ने इस कॉरिडोर पर आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी जैसे शहरों का जिक्र किया और अनुमानित सफर का समय भी बताया:

  • दिल्ली से आगरा: 59 मिनट
  • दिल्ली से कानपुर: 1 घंटा 45 मिनट
  • दिल्ली से लखनऊ: 2 घंटे 12 मिनट
  • लखनऊ से वाराणसी: 1 घंटा 21 मिनट
  • वाराणसी से पटना: करीब 1 घंटा
  • वाराणसी से दिल्ली: करीब 3 घंटे 33 मिनट

वैष्णव के मुताबिक इस कॉरिडोर का डिजाइन अभी तैयार हो रहा है, ट्रेनें हर घंटे चलाने की योजना है और किराया हवाई किराए से कम रखा जाएगा, ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग भी इसमें सफर कर सकें। ध्यान रहे, स्टेशनों की अंतिम सूची, लागत और निर्माण की समय-सीमा का विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज अभी सामने नहीं आया है।

वाराणसी में नॉर्थ कॉरिडोर की जानकारी देते रेल मंत्री (वीडियो से)। फोटो: रेल मंत्रालय (आधिकारिक X)

BEML फैक्ट्री में बन रही भारत की अपनी बुलेट ट्रेन

रविवार, 1 नवंबर को वैष्णव ने बेंगलुरु के तिप्पसंद्रा स्थित BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) के प्लांट का दौरा किया। उन्होंने अपने X अकाउंट पर “The Making of Bharat’s First Bullet Train, BEML Factory, Bengaluru” लिखकर वीडियो साझा किया, जबकि रेल मंत्रालय ने लिखा, “भारत की पहली बुलेट ट्रेन हकीकत बनने जा रही है।”

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में रेल मंत्री ने बताया कि स्वदेशी बुलेट ट्रेन (B-28) का डिजाइन पूरा हो चुका है और इसका स्क्वीज टेस्ट भी हो गया है। उन्होंने समझाया कि बहुत तेज रफ्तार पर ट्रेन के चारों ओर निर्वात जैसी परत बनती है और पूरा वायुमंडलीय दबाव कोच पर आता है, इसलिए यह टेस्ट जरूरी है। अब कोच में अंदर का फर्नीचर लगेगा और ट्रेन को अलग-अलग मौसम की परिस्थितियों में परखा जाएगा। पहले BEML परिसर के खास टेस्ट ट्रैक पर और फिर सूरत डिपो के लंबे ट्रैक पर इसका परीक्षण होगा। वैष्णव के मुताबिक यह ट्रेन अगले साल अप्रैल-मई के आसपास ट्रैक पर उतरेगी।

BEML फैक्ट्री, बेंगलुरु में बन रहे बुलेट ट्रेन कोच के अंदर रेल मंत्री (वीडियो से)। फोटो: अश्विनी वैष्णव (आधिकारिक X)

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल का क्या हाल है

रेल मंत्री ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का पहला हिस्सा, सूरत से बिलिमोरा, 15 अगस्त 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है और इसका निर्माण अगले दो महीने में पूरा हो जाएगा। अहमदाबाद और मुंबई दोनों ओर काम तेजी से चल रहा है और देश की पहली समुद्र के नीचे की सुरंग का निर्माण भी जारी है। यानी पहले कॉरिडोर के साथ-साथ अब दो नए कॉरिडोर और स्वदेशी ट्रेन, तीनों मोर्चों पर एक साथ काम आगे बढ़ रहा है।

स्वदेशी बुलेट ट्रेन का निर्माण कार्य। फोटो: अश्विनी वैष्णव (आधिकारिक X)

आम यात्रियों के लिए इसका मतलब

अगर ये कॉरिडोर तय योजना के मुताबिक बनते हैं तो दिल्ली-लखनऊ या बेंगलुरु-चेन्नई जैसे रूट पर रेल सफर कई घंटे से घटकर एक-दो घंटे का रह जाएगा, जो कई मामलों में हवाई यात्रा (एयरपोर्ट आने-जाने का समय जोड़कर) से भी तेज हो सकता है। हालांकि यह भी सच है कि हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं में जमीन अधिग्रहण और निर्माण में लंबा समय लगता है, इसलिए नए कॉरिडोर पर ट्रेन चलने की तारीख के लिए सरकार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और बजट मंजूरी का इंतजार करना होगा। वंदे भारत स्लीपर के नए रूट और समय-सारिणी की जानकारी आप हमारी इस रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।

FAQ

बुलेट ट्रेन के साउथ कॉरिडोर में कौन-से शहर जुड़ेंगे?

रेल मंत्री के मुताबिक बेंगलुरु, हैदराबाद, अमरावती और चेन्नई। बेंगलुरु-चेन्नई का सफर 73 मिनट और बेंगलुरु-हैदराबाद करीब 2 घंटे 10 मिनट का होगा।

नॉर्थ कॉरिडोर कहां से कहां तक होगा?

दिल्ली से उत्तर प्रदेश (आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी) और पटना-सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक।

भारत की स्वदेशी बुलेट ट्रेन कहां बन रही है?

बेंगलुरु में सरकारी कंपनी BEML के प्लांट में। रेल मंत्री के मुताबिक इसका डिजाइन पूरा हो गया है और 2027 में ट्रैक टेस्टिंग शुरू होगी।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कब चलेगी?

पहले सेक्शन (सूरत-बिलिमोरा) को 15 अगस्त 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है।

यह भी पढ़ें: वंदे भारत स्लीपर: बेंगलुरु-मुंबई और वाराणसी-दिल्ली का टाइम टेबल | Digi Yatra अब इंटरनेशनल फ्लाइट में भी

स्रोत

  • पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रेल मंत्रालय, रिलीज आईडी 2331297 (1 नवंबर 2026): pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2331297
  • रेल मंत्रालय का आधिकारिक X अकाउंट: x.com/RailMinIndia/status/2116812194495283514, 2116529820070981663, 2116863458843234373
  • अश्विनी वैष्णव का आधिकारिक X अकाउंट: x.com/AshwiniVaishnaw/status/2116878283874918631, 2116818009981669563
  • The Times of India (बेंगलुरु, 1 नवंबर 2026), The Economic Times, The Indian Express, India Today

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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