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TRAI ने टेलीकॉम में AI के इस्तेमाल पर जारी किया ड्राफ्ट: कंपनियों को बनानी होगी बोर्ड से मंजूर AI नीति, गड़बड़ी की देनी होगी रिपोर्ट; 27 नवंबर तक सुझाव

TRAI ने टेलीकॉम नेटवर्क और सेवाओं में AI के जिम्मेदार इस्तेमाल पर ड्राफ्ट दिशानिर्देश जारी कर 27 नवंबर 2026 तक सुझाव मांगे हैं। कंपनियों को बोर्ड से मंजूर AI नीति, AI इन्वेंटरी और गंभीर AI हादसों की TRAI को रिपोर्ट देनी होगी।

TRAI के AI ड्राफ्ट दिशानिर्देश जारी होने की जानकारी वाला आधिकारिक ग्राफिक
फोटो: TRAI (आधिकारिक X)

मुख्य बातें

  • ड्राफ्ट क्यों आया
  • किन पर लागू होंगे नियम
  • ड्राफ्ट के मुख्य प्रावधान
  • आम ग्राहक को क्या फायदा

फीचर्ड इमेज: TRAI का आधिकारिक ग्राफिक। स्रोत: TRAI (आधिकारिक X)।

आपके मोबाइल नेटवर्क में कॉल ड्रॉप पकड़ने से लेकर स्पैम कॉल पहचानने और कस्टमर केयर चैटबॉट तक, टेलीकॉम कंपनियां अब हर जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रही हैं। पर अगर AI गलत फैसला ले ले, नेटवर्क ठप कर दे या किसी ग्राहक के साथ भेदभाव कर दे, तो जिम्मेदार कौन होगा? इसी सवाल पर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने पहली बार नियम का खाका रखा है।

TRAI ने “टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क और सेवाओं में AI के जिम्मेदार इस्तेमाल पर दिशानिर्देश” का ड्राफ्ट जारी किया है। प्रेस विज्ञप्ति (नंबर 145/2026) 30 अक्टूबर की तारीख की है और TRAI ने 31 अक्टूबर की शाम X पर इसकी जानकारी दी। लोगों और कंपनियों से 27 नवंबर 2026 तक लिखित सुझाव मांगे गए हैं।

TRAI प्रेस विज्ञप्ति 145/2026 (30 अक्टूबर 2026)। स्रोत: TRAI (आधिकारिक)

ड्राफ्ट क्यों आया

फरवरी 2026 में केंद्र सरकार ने “इंडिया AI गवर्नेंस गाइडलाइंस” जारी की थीं, जो सात सूत्रों पर टिकी हैं: भरोसा ही नींव है, लोग पहले, रोक से ज्यादा नवाचार, निष्पक्षता और समानता, जवाबदेही, समझ में आने वाला डिजाइन, और सुरक्षा व टिकाऊपन। TRAI का कहना है कि टेलीकॉम देश के डिजिटल ढांचे का अहम हिस्सा है, जिस पर सरकारी सेवाएं, व्यापार और आपातकालीन व्यवस्था टिकी है। AI से कामकाज तेज होगा, लेकिन ट्रेनिंग के दौरान आए पूर्वाग्रह (बायस), मॉडल ड्रिफ्ट और साइबर हमले जैसे जोखिम नेटवर्क की मजबूती को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए सरकार की गाइडलाइंस को टेलीकॉम सेक्टर में एक जैसे तरीके से लागू करने के लिए यह ड्राफ्ट लाया गया है।

किन पर लागू होंगे नियम

ड्राफ्ट उन सभी संस्थाओं पर लागू होगा जिनके पास टेलीग्राफ एक्ट, 1885 के तहत लाइसेंस या दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत टेलीकॉम सेवा देने या नेटवर्क चलाने का ऑथराइजेशन है, और जो नेटवर्क या सेवा में AI इस्तेमाल कर रही हैं या करने वाली हैं। यानी जियो, एयरटेल, Vi, BSNL जैसी कंपनियां सीधे इसके दायरे में होंगी।

ड्राफ्ट दिशानिर्देश का कवर पेज। स्रोत: TRAI (आधिकारिक)

ड्राफ्ट के मुख्य प्रावधान

  • बोर्ड से मंजूर AI नीति: हर कंपनी को टेलीकॉम में AI इस्तेमाल की आंतरिक नीति बनानी होगी, जिसे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स मंजूर करेगा। नीति और उसमें हर बदलाव लागू होने के सात कामकाजी दिनों में TRAI के पास दाखिल करना होगा।
  • जोखिम के हिसाब से वर्गीकरण: हर AI सिस्टम को हाई, मीडियम या लो रिस्क में बांटना होगा, यह देखकर कि नेटवर्क, कमाई और ग्राहकों पर उसका कितना असर है।
  • AI इन्वेंटरी: सभी चालू, बंद और हटाए गए AI सिस्टम की पूरी सूची रखनी होगी। जो सिस्टम सूची में नहीं, वह इस्तेमाल नहीं हो सकेगा।
  • AI हादसों का रिकॉर्ड: AI की गड़बड़ी को क्रिटिकल, हाई, मॉडरेट और लो गंभीरता में बांटकर केंद्रीय डेटाबेस में दर्ज करना होगा। क्रिटिकल और हाई गंभीरता वाले मामलों की जानकारी TRAI को देनी होगी।
  • इंसानी निगरानी: हर AI सिस्टम पर जोखिम के हिसाब से इंसानी निगरानी जरूरी होगी।
  • तैनाती से पहले जांच: नए या बदले गए AI सिस्टम की सटीकता, मजबूती, समझाने लायक होना (एक्सप्लेनेबिलिटी), निष्पक्षता और ड्रिफ्ट की जांच होगी। निष्पक्षता के लिए TEC मानक 57050:2023 और AI हादसों के रिकॉर्ड के लिए TEC मानक 57090:2025 का जिक्र है।
  • बाहर से खरीदे AI पर भी जिम्मेदारी: थर्ड पार्टी से AI लेने से पहले सप्लायर की साख और ट्रेनिंग डेटा की जांच होगी। AI चाहे खुद बनाया हो या खरीदा हो, नतीजों की जवाबदेही कंपनी की ही होगी।
  • AI गवर्नेंस एंड सेफ्टी कमेटी: हर कंपनी में एक कमेटी (AGSC) बनेगी, जिसकी कमान एक वरिष्ठ अधिकारी, AI गवर्नेंस एंड सेफ्टी ऑफिसर (AGSO) के हाथ में होगी।
ड्राफ्ट में बोर्ड से मंजूर आंतरिक AI नीति और AI सिस्टम के जोखिम वर्गीकरण के प्रावधान। स्रोत: TRAI (आधिकारिक)

आम ग्राहक को क्या फायदा

ड्राफ्ट में साफ लिखा है कि AI से ग्राहकों को हुए नुकसान की शिकायतों के लिए तय समय में निपटारे की व्यवस्था बनानी होगी और ऐसी शिकायतों का अलग डेटाबेस रखना होगा। मतलब, अगर किसी AI सिस्टम ने गलती से आपका नंबर स्पैमर मानकर ब्लॉक कर दिया या चैटबॉट ने गलत जानकारी देकर नुकसान कराया, तो इसकी जवाबदेही तय होगी। AI सिस्टम में इस्तेमाल डेटा को भी डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी कानूनों के मुताबिक ही इकट्ठा और नष्ट करना होगा।

सुझाव कैसे भेजें

ड्राफ्ट TRAI की वेबसाइट trai.gov.in पर है। सुझाव 27 नवंबर 2026 तक, बेहतर हो तो ईमेल से, TRAI के सलाहकार (नेटवर्क, स्पेक्ट्रम एवं लाइसेंसिंग) अखिलेश कुमार त्रिवेदी को advmn@trai.gov.in पर भेजे जा सकते हैं। प्रेस विज्ञप्ति पर TRAI के सचिव हरिंदर कुमार के हस्ताक्षर हैं। मिले सुझाव TRAI की वेबसाइट पर सार्वजनिक किए जाएंगे।

FAQ

TRAI का यह ड्राफ्ट किस बारे में है?

टेलीकॉम नेटवर्क और सेवाओं में AI के जिम्मेदार इस्तेमाल के नियमों के बारे में, जैसे जोखिम वर्गीकरण, AI हादसों की रिपोर्टिंग और इंसानी निगरानी।

सुझाव देने की आखिरी तारीख क्या है?

27 नवंबर 2026।

क्या ये नियम अभी लागू हो गए हैं?

नहीं, यह अभी ड्राफ्ट है। सुझावों के बाद TRAI अंतिम दिशानिर्देश जारी करेगा।

किन कंपनियों पर लागू होगा?

उन सभी लाइसेंसधारी/ऑथराइज्ड टेलीकॉम कंपनियों पर जो नेटवर्क या सेवाओं में AI का इस्तेमाल करती हैं।

स्रोत: TRAI प्रेस विज्ञप्ति 145/2026 (30 अक्टूबर 2026); TRAI ड्राफ्ट दिशानिर्देश (PDF); TRAI X (31 अक्टूबर); NDTV Profit; The Tribune

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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