नवरात्र के सांस्कृतिक कार्यक्रम में एक मशहूर गायक मंच पर हो, और बीच कार्यक्रम में राज्य सरकार का एक कैबिनेट मंत्री माइक संभालकर उस पर नशे में होने का आरोप लगा दे, ऐसा दृश्य कम ही देखने को मिलता है। उत्तराखंड के नई टिहरी में रविवार शाम यही हुआ, और अब यह मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंच गया है। गुरुवार को धामी ने कहा कि वे गायक दलेर मेहंदी और उनके भाई मीका सिंह से खुद बात करेंगे, और सभी पक्षों से अपील की कि अब यह मामला यहीं खत्म किया जाए।
कुंजापुरी मेले के मंच पर क्या हुआ
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक विवाद 18 अक्टूबर, रविवार की शाम सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में शुरू हुआ। नवरात्र के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर आकर गायक की प्रस्तुति पर सवाल उठाते दिखे। मंत्री ने आरोप लगाया कि मेहंदी नशे में हैं और पूछा कि वे लाइव गा रहे हैं या पहले से रिकॉर्ड ट्रैक पर लिप-सिंक कर रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस ने मंत्री की बातों को अंग्रेज़ी में दर्ज किया है। उसका हिंदी अनुवाद कुछ इस तरह है:
नवरात्र में दुर्गा माता का कार्यक्रम है, और आप शराब पीकर कार्यक्रम में गा रहे हैं, यह उचित नहीं है। … हमने आपको इसलिए बुलाया था कि हमारे लोगों का मनोरंजन हो। आप हमें मूर्ख बना रहे हैं। यह गलत है। आपको बड़े नाम की वजह से बुलाया गया था। आप बोल भी नहीं पा रहे, गाएंगे कैसे?
सुबोध उनियाल, इंडियन एक्सप्रेस के अंग्रेज़ी उद्धरण का हिंदी अनुवाद
सोमवार को उनियाल ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि गायक नशे की हालत में पहुंचे थे और उम्मीद के मुताबिक प्रस्तुति नहीं दे सके। मंत्री के अनुसार मेहंदी और उनकी टीम को इस कार्यक्रम के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे, और आयोजकों ने यात्रा व ठहरने का खर्च भी उठाया था।
वीडियो स्रोत: Aaj Tak (YouTube) | मूल वीडियो देखें
मीका सिंह का पलटवार
दलेर मेहंदी की ओर से मोर्चा उनके छोटे भाई और गायक मीका सिंह ने संभाला। मंगलवार को मीका ने कहा कि उनके भाई की हाल ही में बड़ी सर्जरी हुई है और प्रस्तुति के दौरान वे अस्वस्थ रहे होंगे। उन्होंने शराब पीने के आरोप को चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई साबित कर दे कि उनके भाई ने शराब पी थी, तो वे गाना छोड़ देंगे।
बुधवार को X पर एक पोस्ट में मीका ने लिखा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते और यह आरोप “completely wrong” यानी पूरी तरह गलत है। उन्होंने सवाल किया कि एक स्थापित कलाकार को सबके सामने इस तरह फटकारना कहां तक ठीक है, और कहा कि मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। मीका ने मुख्यमंत्री धामी से मंत्री के आचरण की जांच कर उचित कार्रवाई की अपील भी की।
कलाकारों ने हमेशा उत्तराखंड से प्यार किया है, लेकिन अगर नेताओं द्वारा कलाकारों का अपमान होगा, तो हम वहां प्रस्तुति देने क्यों आएंगे?
मीका सिंह, X पोस्ट (इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित अंग्रेज़ी उद्धरण का हिंदी अनुवाद)
गायिका हर्षदीप कौर, रैपर बादशाह और अभिनेता-कॉमेडियन कपिल शर्मा समेत कई कलाकारों ने भी दलेर मेहंदी का समर्थन किया और मंच पर उनके साथ हुए बर्ताव की आलोचना की।
धामी की कोशिश: मंत्री का बचाव भी, सुलह की पहल भी
गुरुवार, 22 अक्टूबर को मुख्यमंत्री धामी ने इस विवाद पर पहली बार विस्तार से बात की। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऐसी धरती है जिसने हमेशा कलाकारों, साहित्यकारों और विद्वानों का सम्मान किया है, और शायद उस समय जनता का कुछ दबाव रहा हो, लेकिन अब यह मामला खत्म होना चाहिए। धामी ने उनियाल का बचाव करते हुए कहा कि मंत्री स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका इरादा गायक का अपमान करने का नहीं था और उन्हें गायक की सेहत के बारे में जानकारी नहीं थी।
मीका की कार्रवाई वाली मांग पर पूछे जाने पर धामी ने कहा, (अनुवाद) “मैं मीका भाई से बात करूंगा। दलेर मेहंदी जी से भी बात करूंगा। मैं दोनों का दोस्त हूं।”
असल सवाल: आरोप का तरीका
इस विवाद में दो अलग सवाल उलझ गए हैं। पहला, क्या प्रस्तुति वाकई उम्मीद के मुताबिक नहीं थी, और क्या 35 लाख रुपये के भुगतान के बदले आयोजकों को वह मिला जिसके लिए उन्होंने कलाकार को बुलाया था? यह एक अनुबंध और प्रदर्शन की गुणवत्ता का सवाल है, जिसे आयोजक और कलाकार की टीम आपस में या औपचारिक तरीके से सुलझा सकते थे।
दूसरा सवाल ज़्यादा संवेदनशील है: क्या एक मंत्री का भरे मंच पर, दर्शकों के सामने किसी कलाकार पर नशे का आरोप लगाना उचित था, खासकर तब जब इस आरोप का कोई सबूत सार्वजनिक नहीं है और कलाकार का परिवार उसे सर्जरी के बाद की अस्वस्थता बता रहा है? कलाकार समुदाय की नाराज़गी इसी दूसरे सवाल पर है। मुख्यमंत्री का ‘इरादा नहीं था’ वाला बयान मंत्री को राहत देता है, लेकिन मीका सिंह की माफी की मांग का सीधा जवाब नहीं देता।
उत्तराखंड पर्यटन और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बड़े कलाकारों को बुलाता रहा है। मीका का यह कहना कि ऐसे बर्ताव के बाद कलाकार वहां क्यों आएंगे, राज्य की छवि के लिए एक चेतावनी की तरह है। अब नज़र इस पर है कि धामी की बातचीत के बाद क्या उनियाल खुद कोई खेद जताते हैं। मंत्री की ओर से मीका की माफी की मांग पर सीधा जवाब उपलब्ध रिपोर्टिंग में नहीं है, यानी उनके जवाब का इंतज़ार है।
इस रिपोर्ट के तथ्य और बयान इन मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं: इंडियन एक्सप्रेस, Aaj Tak (YouTube)।








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