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इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली बार जंगल सफारी, अचानकमार में केंवची गेट से 50 किमी बफर सफारी शुरू: जानें रूट, किराया और कैसे पहुंचें

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर वन मंत्री केदार कश्यप ने बीजापुर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली जंगल सफारी और मुंगेली के अचानकमार टाइगर रिजर्व में केंवची गेट से 50 किमी लंबी बफर सफारी शुरू की। उलूर गांव से चलेगी इंद्रावती सफारी, ग्रामीण युवा बनेंगे गाइड-ड्राइवर।

बीजापुर के उलूर गांव में इंद्रावती टाइगर रिजर्व जंगल सफारी का फूलों से सजा प्रवेश द्वार
उलूर (बीजापुर) में इंद्रावती टाइगर रिजर्व जंगल सफारी का प्रवेश द्वार। स्रोत: वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ (@ForestCgGov, आधिकारिक X)

मुख्य बातें

  • इंद्रावती टाइगर रिजर्व: तीन दशक बाद लौटी रौनक

फीचर्ड इमेज: बीजापुर जिले के उलूर गांव में इंद्रावती टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी का सजा हुआ प्रवेश द्वार। स्रोत: वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ (@ForestCgGov, आधिकारिक X)

बस्तर का जो इंद्रावती टाइगर रिजर्व करीब तीन दशक तक नक्सल हिंसा के डर से पर्यटकों के लिए लगभग बंद रहा, वहां अब पहली बार जिप्सी में बैठकर जंगल सफारी की जा सकेगी। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने बीजापुर जिले के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली जंगल सफारी और मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में केंवची गेट से नई बफर सफारी का वर्चुअल शुभारंभ किया। जनसंपर्क विभाग (DPR छत्तीसगढ़) ने 2 नवंबर को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि दोनों जगह पर्यटकों के लिए सफारी की बुकिंग शुरू हो गई है।

मंत्री केदार कश्यप ने नवा रायपुर स्थित अपने एम-10 निवास कार्यालय से बटन दबाकर दोनों सफारी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम से केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक धर्मजीत सिंह भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। राज्योत्सव के दौरान प्रदेश को मिली यह “वन्यजीव पर्यटन की दोहरी सौगात” बस्तर और अचानकमार दोनों इलाकों के ग्रामीणों के लिए रोजगार का नया जरिया बनने वाली है।

एक नजर में: दोनों नई सफारी

  • इंद्रावती टाइगर रिजर्व (बीजापुर): पहली बार जंगल सफारी, प्रवेश द्वार उलूर गांव में, बीजापुर मुख्यालय से करीब 60 किमी
  • वाहन: इंद्रावती में 4 जिप्सी, प्रशिक्षित गाइड, चाय-नाश्ते की सुविधा
  • अचानकमार टाइगर रिजर्व (मुंगेली): केंवची गेट से पहली बार बफर सफारी, रूट करीब 50 किमी लंबा
  • किराया (अचानकमार): जिप्सी 3,500 रुपये और महारानी वाहन 5,000 रुपये प्रति राउंड
  • शुभारंभ: वन मंत्री केदार कश्यप, राज्य स्थापना दिवस (राज्योत्सव 2026) के अवसर पर
  • बुकिंग: वन विभाग के अनुसार दोनों जगह बुकिंग शुरू
शुभारंभ के मौके पर फूलों से सजी सफारी जिप्सी। स्रोत: वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ (@ForestCgGov, आधिकारिक X)

इंद्रावती टाइगर रिजर्व: तीन दशक बाद लौटी रौनक

इंद्रावती टाइगर रिजर्व बस्तर के घने जंगलों में फैला है और इसका नाम इसी इलाके से बहने वाली इंद्रावती नदी पर पड़ा है। 1983 में इसे प्रोजेक्ट टाइगर के तहत टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था, लेकिन लंबे समय तक यह इलाका नक्सलवाद और सुरक्षा चुनौतियों से घिरा रहा। यही वजह है कि देश के दूसरे टाइगर रिजर्व की तरह यहां पर्यटन कभी जोर नहीं पकड़ सका। बीजापुर जिला प्रशासन ने 31 अक्टूबर को अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा था, “तीन दशक बाद इंद्रावती में लौटेगी रौनक!”

DPR की विज्ञप्ति के मुताबिक सफारी का प्रवेश द्वार बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर उलूर गांव में बनाया गया है। पर्यटक बीजापुर से भोपालपटनम होते हुए उलूर पहुंच सकेंगे। यहां सफारी के लिए चार जिप्सी वाहन रखे गए हैं, और पर्यटकों को प्रशिक्षित गाइड के साथ चाय-नाश्ते की सुविधा भी मिलेगी।

ग्रामीण ही चलाएंगे सफारी

इस सफारी की सबसे खास बात यह है कि इसके संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय ग्रामीणों को दी गई है। इसके लिए गांव के युवाओं को जगदलपुर के पास कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में खास प्रशिक्षण दिया गया, जहां ईको-टूरिज्म का मॉडल पहले से सफल है। ये युवा अब गाइड और वाहन चालक के रूप में काम करेंगे। विज्ञप्ति के अनुसार होम-स्टे, पारंपरिक बस्तरिया व्यंजन और हस्तशिल्प के जरिए ग्रामीण परिवारों और स्थानीय कारीगरों के लिए भी कमाई के नए रास्ते खुलेंगे।

वन विभाग के मुताबिक इंद्रावती टाइगर रिजर्व बाघ, छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु वन भैंसा (जंगली भैंसा) और गिद्ध समेत कई वन्यजीवों का प्राकृतिक घर है। जंगली भैंसे के गिने-चुने बचे ठिकानों में इसकी गिनती होती है, इसलिए वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह सफारी खास आकर्षण बन सकती है।

शुभारंभ से पहले इंद्रावती टाइगर रिजर्व में सफारी जिप्सी की झलक (31 अक्टूबर)। स्रोत: जिला प्रशासन बीजापुर (@DistrictBijapur, आधिकारिक X)

अचानकमार: केंवची गेट से 50 किमी की बफर सफारी

दूसरी सफारी मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में शुरू हुई है। यहां अब तक केवल शिवतराई गेट से सफारी चलती थी। अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से अमरकंटक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर स्थित केंवची गेट से भी पर्यटक बफर जोन की सफारी कर सकेंगे। इससे अमरकंटक, अचानकमार और रतनपुर को जोड़ने वाले पर्यटन सर्किट को भी फायदा होगा, क्योंकि अमरकंटक जाने वाले पर्यटक रास्ते में ही सफारी का आनंद ले सकेंगे।

रूट, वाहन और किराया

DPR के अनुसार केंवची गेट से शुरू होने वाला सफारी मार्ग लगभग 50 किलोमीटर लंबा है। इस रास्ते में भैरोसांगफाटर, सेमर वॉच टॉवर, कचांदी, जलांगो तिराहा, दरियाबूट पेट्रोलिंग कैंप और आमाडोब बैरियर जैसे पड़ाव आते हैं। सफारी के लिए एक जिप्सी और तीन महारानी वाहन उपलब्ध रहेंगे। जिप्सी का किराया 3,500 रुपये और महारानी वाहन का किराया 5,000 रुपये प्रति राउंड तय किया गया है।

कुल 914.017 वर्ग किलोमीटर में फैले अचानकमार टाइगर रिजर्व में 626.195 वर्ग किलोमीटर कोर और 287.822 वर्ग किलोमीटर बफर क्षेत्र है। यहां बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, चीतल और सांभर जैसे वन्यजीव पाए जाते हैं। सिहावल सागर, माझी डोंगरी वॉच टॉवर और जल्दा ग्रासलैंड इसके प्रमुख आकर्षण हैं। ठहरने के लिए केंवची गेट के पास पर्यटन विभाग का सोनभद्र रिसोर्ट और निजी रिसोर्ट मौजूद हैं।

सफारी स्थल पर वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम। स्रोत: वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ (@ForestCgGov, आधिकारिक X)

वर्चुअल शुभारंभ में कौन-कौन जुड़ा

वन मंत्री केदार कश्यप ने उद्घाटन के बाद X पर लिखा कि इस पहल से प्रदेश में वन पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और विकास के नए अवसर बनेंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने केंवची बफर सफारी प्रवेश द्वार के उद्घाटन समारोह में वर्चुअल रूप से शामिल होने की जानकारी देते हुए कहा कि अचानकमार का समृद्ध वन्यजीव संसार, प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता छत्तीसगढ़ की अनमोल धरोहर हैं। केंवची गेट पर हुए कार्यक्रम में विधायक धर्मजीत सिंह, अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

वन मंत्री केदार कश्यप नवा रायपुर स्थित एम-10 निवास कार्यालय से वर्चुअल शुभारंभ करते हुए। फोटो: DPR छत्तीसगढ़ (dprcg.gov.in)

पर्यटकों के लिए जरूरी बातें

  • कैसे पहुंचें (इंद्रावती): बीजापुर से भोपालपटनम मार्ग होकर उलूर गांव, दूरी करीब 60 किमी
  • कैसे पहुंचें (अचानकमार): गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से अमरकंटक मार्ग (NH-45) पर केंवची गेट
  • बुकिंग: बुकिंग शुरू हो चुकी है; सफारी के समय और ऑनलाइन बुकिंग की जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ वन विभाग और संबंधित टाइगर रिजर्व प्रबंधन से संपर्क करें
  • जिम्मेदार पर्यटन: जंगल में शोर, प्लास्टिक और वन्यजीवों को खाना खिलाने से बचें, गाइड के निर्देश मानें

राज्योत्सव 2026 के बाकी आयोजनों की खबरें भी TimeTrolls पर पढ़ें, जैसे नवा रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका की मौजूदगी में हुआ सारंग एयर शो और राजनांदगांव का 100% सोलर गांव खैरा। छत्तीसगढ़ की सभी ताजा खबरें न्यूज़ सेक्शन में मिलेंगी।

केंवची गेट (अचानकमार) पर बफर सफारी प्रवेश द्वार का उद्घाटन कार्यक्रम, वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए। स्रोत: उपमुख्यमंत्री अरुण साव (@ArunSao3, आधिकारिक X)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

इंद्रावती टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी कहां से शुरू होती है?

सफारी का प्रवेश द्वार बीजापुर जिले के उलूर गांव में है, जो जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर है। वहां बीजापुर से भोपालपटनम होते हुए पहुंचा जा सकता है।

अचानकमार की केंवची गेट सफारी का किराया कितना है?

जिप्सी का किराया 3,500 रुपये और महारानी वाहन का किराया 5,000 रुपये प्रति राउंड तय किया गया है।

दोनों सफारी का शुभारंभ किसने किया?

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने राज्य स्थापना दिवस पर वर्चुअल रूप से दोनों सफारी शुरू कीं। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक धर्मजीत सिंह भी जुड़े।

क्या सफारी की बुकिंग शुरू हो गई है?

हां, DPR छत्तीसगढ़ की विज्ञप्ति के अनुसार दोनों स्थानों पर पर्यटकों के लिए बुकिंग शुरू हो चुकी है।

स्रोत

  • जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़, विज्ञप्ति क्र. 10564, 2 नवंबर 2026 (dprcg.gov.in/post/1793623172)
  • वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग छत्तीसगढ़ (@ForestCgGov), आधिकारिक X पोस्ट, 2 नवंबर 2026
  • वन मंत्री केदार कश्यप (@KedarKashyapBJP) और उपमुख्यमंत्री अरुण साव (@ArunSao3), आधिकारिक X पोस्ट, 1 नवंबर 2026
  • जिला प्रशासन बीजापुर (@DistrictBijapur), आधिकारिक X पोस्ट, 31 अक्टूबर 2026

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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