कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में सोमवार, 2 नवंबर की शाम जिला स्तरीय राज्योत्सव 2026 लोकगीत, लोकनृत्य और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच मनाया गया। पीजी कॉलेज मैदान में हुए इस आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय ने दीप जलाकर किया। मंच से उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी फैसले से बना छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। यह जानकारी जनसंपर्क विभाग (DPR छत्तीसगढ़) ने 3 नवंबर को जारी की।
कवर्धा राज्योत्सव 2026: एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 2 नवंबर 2026 (सोमवार), शाम |
| स्थान | पीजी कॉलेज मैदान, कवर्धा (जिला कबीरधाम) |
| मुख्य अतिथि | सांसद संतोष पाण्डेय |
| शुभारंभ | दीप प्रज्ज्वलन, फिर विकास सह-प्रदर्शनी का अवलोकन |
| खास आकर्षण | करमा-ददरिया लोकगीत, भक्ति संगीत, गजल, आर्केस्ट्रा, सैनिक शो |
| मौका | छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 26 वर्ष |
सांसद पाण्डेय बोले: अटल जी के फैसले से मिली छत्तीसगढ़ को पहचान
मुख्य अतिथि की आसंदी से राज्योत्सव की बधाई देते हुए सांसद पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने की मांग लंबे समय से हो रही थी। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने जनभावनाओं को समझकर राज्य निर्माण का ऐतिहासिक निर्णय लिया। उनके मुताबिक बीते 26 सालों में प्रदेश ने विकास और समृद्धि में उल्लेखनीय प्रगति की है, और अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ को अपनी पहचान और विकास को नई दिशा मिली है।
उन्होंने कहा कि कवर्धा जिला भी विकास के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
कवर्धा की रेल मांग: कटघोरा-डोंगरगढ़ परियोजना को मिली गति
सांसद ने याद दिलाया कि कवर्धा में रेल सुविधा की मांग लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयासों के बाद कटघोरा से डोंगरगढ़ तक की रेल परियोजना को गति मिली है। यह लाइन कबीरधाम जैसे जिले को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिहाज़ से अहम मानी जाती है, क्योंकि आज भी जिले के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए दूसरे शहरों तक जाना पड़ता है।
नक्सलवाद पर निर्णायक कार्रवाई का ज़िक्र
सांसद पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई से प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल मज़बूत हुआ है।
विकास सह-प्रदर्शनी में दिखी योजनाओं की झलक
समारोह की औपचारिक शुरुआत से पहले मुख्य अतिथि, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित विकास सह-प्रदर्शनी देखी। जिला स्तरीय राज्योत्सव में ऐसी प्रदर्शनी का मकसद लोगों को यह बताना होता है कि उनके जिले में योजनाओं का क्या असर हुआ और वे किन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
करमा-ददरिया से गजल तक: सांस्कृतिक संध्या ने बांधा समां
शाम ढलते ही मंच पर छत्तीसगढ़ी लोककला और परंपराओं पर आधारित कार्यक्रम शुरू हुए। DPR के मुताबिक इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा:
- छत्तीसगढ़ी लोककला मंच और पारंपरिक लोकनृत्य
- करमा और ददरिया लोकगीत
- सिंगार, गजल और क्लासिकल म्यूजिकल प्रस्तुति
- आर्केस्ट्रा, जन जागरण और भक्ति संगीत
- नृत्य अभिनय और सैनिक शो
कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से छत्तीसगढ़ के लोकजीवन और सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया। आयोजन में नई पीढ़ी को अपनी लोकपरंपराओं, संगीत और कला से जोड़ने का संदेश भी दिया गया।
जिलों में राज्योत्सव का सिलसिला
नवा रायपुर में हुए राज्य स्तरीय समारोह के साथ-साथ प्रदेश के सभी जिलों में भी राज्योत्सव मनाया गया। ऊर्जा नगरी में हुए कोरबा राज्योत्सव 2026 की रिपोर्ट, नवा रायपुर की आखिरी सांस्कृतिक संध्या और राज्योत्सव समापन व राज्य अलंकरण की खबर भी पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
कवर्धा में जिला स्तरीय राज्योत्सव 2026 कब और कहां हुआ?
यह 2 नवंबर 2026 (सोमवार) की शाम जिला मुख्यालय कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में हुआ। DPR छत्तीसगढ़ ने इसकी विज्ञप्ति 3 नवंबर को जारी की।
कवर्धा राज्योत्सव के मुख्य अतिथि कौन थे?
राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय मुख्य अतिथि थे। उन्होंने दीप जलाकर राज्योत्सव का शुभारंभ किया।
सांसद ने कवर्धा की रेल सुविधा पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि लगातार प्रयासों से कटघोरा से डोंगरगढ़ तक की रेल परियोजना को गति मिली है, जिससे कवर्धा की पुरानी मांग पूरी होने की दिशा में काम बढ़ा है।
कवर्धा राज्योत्सव में कौन-से सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए?
छत्तीसगढ़ी लोककला मंच, करमा-ददरिया लोकगीत, गजल, क्लासिकल म्यूजिकल, आर्केस्ट्रा, भक्ति संगीत, नृत्य अभिनय और सैनिक शो की प्रस्तुतियां हुईं।
स्रोत
- DPR छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति के रंगों से सजा कवर्धा का राज्योत्सव (3 नवंबर 2026)
- सभी तस्वीरें: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ (DPR CG) की इसी विज्ञप्ति से

टिप्पणियाँ