दिवाली पर शेयर बाजार में एक घंटे के खास सत्र का इंतज़ार करने वालों के लिए तारीख और समय अब पक्के हो गए हैं। National Stock Exchange (NSE) ने 19 अक्टूबर 2026 के अपने सर्कुलर (NSE/CMTR/76941) में बताया है कि Muhurat Trading 2026 का सत्र रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगा। इक्विटी कैश मार्केट में सामान्य कारोबार दोपहर 2:20 बजे खुलेगा और ज़्यादातर शेयरों में 3:30 बजे बंद होगा। उससे पहले 2:05 से 2:20 बजे तक प्री-ओपन सत्र चलेगा।
रविवार को बाजार खुलना अपने आप में अलग बात है, इसलिए बहुत से नए निवेशक पूछते हैं कि क्या यह सिर्फ़ रस्म है या असली ट्रेडिंग। NSE ने साफ़ लिखा है कि इस सत्र में हुए सभी सौदों पर सामान्य दिन की तरह सेटलमेंट की ज़िम्मेदारी बनेगी। यानी जो शेयर खरीदेंगे उनका पैसा देना होगा और जो बेचेंगे उनकी डिलीवरी देनी होगी। नीचे पूरा टाइमटेबल, सेटलमेंट की तारीख और उसके बाद की छुट्टी का हिसाब आसान भाषा में दिया गया है।
8 नवंबर को इक्विटी कैश मार्केट कब क्या होगा
NSE के कैपिटल मार्केट सर्कुलर में हर चरण का समय मिनट के हिसाब से दिया गया है। आम निवेशक के काम के मुख्य चरण ये हैं:
| चरण | समय (IST) | क्या मतलब है |
|---|---|---|
| ब्लॉक डील विंडो | 1:50 से 2:05 | बड़े संस्थागत सौदों के लिए, आम निवेशक के लिए नहीं |
| प्री-ओपन ऑर्डर एंट्री | 2:05 से 2:15 | ऑर्डर डालना, बदलना, रद्द करना; आखिरी 2 मिनट में सिस्टम कभी भी विंडो बंद कर सकता है |
| प्री-ओपन मैचिंग और बफर | 2:15 से 2:20 | ओपनिंग भाव तय होता है, नया ऑर्डर नहीं |
| सामान्य कारोबार (CTS) | 2:20 से 3:30 | आम खरीद-बिक्री; CAS वाले शेयरों में यह 3:15 पर रुकता है |
| क्लोजिंग ऑक्शन (CAS) ऑर्डर एंट्री | 3:20 से 3:30 | सिर्फ़ CAS वाले शेयरों के लिए |
| पोस्ट क्लोज़ सत्र | 3:50 से 4:00 | क्लोज़िंग भाव पर ऑर्डर |
यहां एक बारीक बात समझना ज़रूरी है। NSE ने कुछ शेयरों के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की व्यवस्था रखी है। इन शेयरों में लगातार चलने वाला कारोबार 3:15 बजे रुक जाता है, फिर 3:20 से 3:30 तक ऑक्शन के लिए ऑर्डर लिए जाते हैं और 3:35 तक मैचिंग होती है। बाकी शेयरों में कारोबार सीधे 3:30 बजे बंद होगा। आपका शेयर किस श्रेणी में है, यह आपके ब्रोकर ऐप में दिख जाता है।
प्री-ओपन के आखिरी दो मिनट में “रैंडम क्लोज़र” का मतलब है कि 2:13 से 2:15 के बीच किसी भी पल ऑर्डर विंडो बंद हो सकती है। इसलिए अगर आप ओपनिंग भाव पर ही ऑर्डर देना चाहते हैं तो आखिरी मिनट का इंतज़ार न करें। इस दौरान मार्केट ऑर्डर बदला या रद्द नहीं किया जा सकता, सिर्फ़ लिमिट ऑर्डर बदले जा सकते हैं।
F&O और कमोडिटी में समय थोड़ा अलग
फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) के लिए अलग सर्कुलर (NSE/FAOP/76940) जारी हुआ है। इसमें भी प्री-ओपन 2:05 से 2:20 तक है, लेकिन लगातार कारोबार 2:20 से 3:40 बजे तक चलेगा, यानी कैश मार्केट से 10 मिनट ज़्यादा। ट्रेड में बदलाव (trade modification) 3:50 बजे तक हो सकेगा। NSE के कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में सामान्य बाजार 2:20 से 3:30 बजे तक खुला रहेगा (सर्कुलर NSE/COM/76978)।
- कैश मार्केट: सामान्य कारोबार 2:20 से 3:30 बजे
- F&O: 2:20 से 3:40 बजे, ट्रेड मॉडिफिकेशन 3:50 तक
- कमोडिटी डेरिवेटिव्स (NSE): 2:20 से 3:30 बजे
- नए IPO या री-लिस्टेड शेयर: स्पेशल प्री-ओपन 2:05 से 2:50 बजे, फिर सामान्य कारोबार 3:05 से 3:30 बजे
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मुहूर्त में खरीदे शेयर डीमैट में कब आएंगे
NSE Clearing के 21 अक्टूबर 2026 के सर्कुलर (NCL/CMPT/77037) के अनुसार 8 नवंबर के सौदों का सेटलमेंट T+1 नियम से सोमवार, 9 नवंबर 2026 को होगा। क्लियरिंग स्तर पर पे-इन का समय शाम 4:30 बजे और पे-आउट का समय रात 9:00 बजे तय किया गया है। आम भाषा में, अगर आपने रविवार को डिलीवरी के लिए शेयर खरीदे, तो वे 9 नवंबर को सेटल होंगे। आपके डीमैट खाते में दिखने का सही समय आपके ब्रोकर की प्रक्रिया पर भी निर्भर करता है।
इसी सर्कुलर से एक और दिलचस्प बात पता चलती है। 9 नवंबर को तीन सेटलमेंट एक साथ होंगे: शुक्रवार 6 नवंबर की ऑक्शन ट्रेडिंग का, 6 नवंबर के सामान्य सौदों का और 8 नवंबर के मुहूर्त सौदों का। इसलिए उस दिन क्लियरिंग का काम सामान्य से भारी रहेगा। अगर किसी विक्रेता ने मुहूर्त में बेचे शेयर समय पर नहीं दिए, तो उसकी कमी (shortage) 11 नवंबर की ऑक्शन में पूरी की जाएगी।
दिवाली हफ्ते में बाजार कब खुला, कब बंद
NSE की 2026 की ट्रेडिंग छुट्टियों की सूची में 8 नवंबर (रविवार) को “Diwali Laxmi Pujan” लिखा है और उसके आगे निशान लगाकर मुहूर्त ट्रेडिंग का ज़िक्र है। इसके दो दिन बाद, मंगलवार 10 नवंबर को “Diwali-Balipratipada” की छुट्टी है। यानी दिवाली वाले हफ्ते का कैलेंडर कुछ ऐसा बनता है:
| तारीख | दिन | बाजार की स्थिति |
|---|---|---|
| 6 नवंबर | शुक्रवार | सामान्य कारोबार |
| 8 नवंबर | रविवार | मुहूर्त ट्रेडिंग, 2:20 से 3:30 बजे |
| 9 नवंबर | सोमवार | सामान्य कारोबार, मुहूर्त सौदों का सेटलमेंट |
| 10 नवंबर | मंगलवार | बाजार बंद (बलिप्रतिपदा) |
| 11 नवंबर | बुधवार | सामान्य कारोबार फिर शुरू |
जो लोग ट्रेडिंग के बाद पैसा निकालने या शेयर बेचकर रकम खाते में लाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें 10 नवंबर की छुट्टी का ध्यान रखना चाहिए। उस दिन बाजार और सेटलमेंट दोनों रुके रहेंगे, इसलिए किसी भुगतान की योजना एक दिन आगे खिसक सकती है।
मुहूर्त ट्रेडिंग में उतरने से पहले कुछ व्यावहारिक बातें
मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा दिवाली पर नए हिसाब-किताब (संवत) की शुरुआत से जुड़ी है। बहुत से परिवार इस दिन शगुन के तौर पर एक-दो शेयर खरीदते हैं। परंपरा अपनी जगह है, लेकिन बाजार के नियम इस दिन भी वही हैं जो किसी आम दिन होते हैं। कुछ बातें ध्यान में रखें:
- सत्र छोटा है, इसलिए कुछ शेयरों में खरीदार-विक्रेता कम हो सकते हैं और भाव तेज़ी से ऊपर-नीचे हो सकता है। मार्केट ऑर्डर के बजाय लिमिट ऑर्डर से आप तय कर पाते हैं कि किस भाव से ज़्यादा नहीं देंगे।
- रविवार होने के कारण खाते में पैसा जोड़ने का काम एक दिन पहले कर लेना ठीक रहता है, ताकि सत्र के बीच फंड की कमी न आए।
- ब्रोकरेज, STT और दूसरे चार्ज सामान्य सौदों की तरह लगते हैं। अपने ब्रोकर से उनका खास दिवाली शेड्यूल और इंट्राडे पोज़िशन बंद करने का समय पहले देख लें।
- शगुन के नाम पर उधार लेकर या बिना समझे किसी “टिप” पर पैसा लगाना जोखिम भरा है। जिस कंपनी को आप जानते नहीं, उसमें सिर्फ़ मुहूर्त के कारण निवेश करना समझदारी नहीं।
एक बात और: मुहूर्त सत्र के उतार-चढ़ाव को अक्सर अगले साल के बाजार का संकेत मान लिया जाता है। एक घंटे के कम कारोबार वाले सत्र से पूरे साल का अनुमान लगाना ठीक नहीं है। लंबी अवधि का निवेश अपनी ज़रूरत, समय-सीमा और जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर तय होना चाहिए, किसी एक दिन के मूड पर नहीं।
दिवाली की तारीख और लक्ष्मी पूजा के मुहूर्त के लिए हमारी दिवाली 2026 पूजा मुहूर्त वाली पोस्ट पढ़ सकते हैं। पिछली छुट्टी पर बाजार के कैलेंडर की जानकारी दशहरा शेयर बाजार छुट्टी वाली पोस्ट में है, और इस हफ्ते खुल रहे इश्यू की सूची Upcoming IPO पोस्ट में मिलेगी।
ज़रूरी सूचना: यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है; कोई भी फैसला लेने से पहले खुद रिसर्च करें या SEBI-रजिस्टर्ड सलाहकार से बात करें। समय में किसी बदलाव की स्थिति में NSE का ताज़ा सर्कुलर ही मान्य होगा।
जानकारी का आधार (26 अक्टूबर 2026 तक): NSE सर्कुलर NSE/CMTR/76941, NSE/FAOP/76940, NSE/COM/76978 (19 अक्टूबर 2026), NSE Clearing सर्कुलर NCL/CMPT/77037 (21 अक्टूबर 2026) और NSE ट्रेडिंग हॉलिडे सूची 2026।





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