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SBI ने BSE फाइलिंग में बताया: डार्क वेब पर 3,897 ग्राहकों का निजी डेटा मिला, जांच जारी

SBI ने 21 अक्टूबर 2026 को BSE को बताया कि डार्क वेब पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड्स की जांच में 3,897 ग्राहकों की निजी जानकारी मिली। बैंक के मुताबिक बैलेंस सुरक्षित है, जांच जारी है।

SBI डेटा लीक: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का लोगो
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का लोगो। लोगो: State Bank of India (Wikimedia Commons, सार्वजनिक डोमेन)। ग्राफिक: Timetrolls

मुख्य बातें

  • SBI ने 21 अक्टूबर 2026 को BSE फाइलिंग में डेटा लीक की जानकारी दी
  • डार्क वेब पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड्स में से 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड्स में निजी जानकारी मिली
  • नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, ईमेल, पता, CIF जैसी जानकारी शामिल
  • बैंक के मुताबिक ग्राहकों का बैलेंस सुरक्षित, CERT-In से मान्यता प्राप्त एजेंसी जांच कर रही
  • फर्जी कॉल/मैसेज से सावधान रहें; ठगी होने पर 1930 पर कॉल करें

प्राथमिक स्रोत: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की BSE/NSE को भेजी गई फाइलिंग (SEBI LODR रेगुलेशन 30), 21 अक्टूबर 2026। इस खबर के आंकड़े और ब्योरे इसी दस्तावेज़ से मिलाए गए हैं।

स्टेट बैंक के ग्राहकों के लिए यह खबर ध्यान से पढ़ने वाली है। SBI डेटा लीक मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 21 अक्टूबर 2026 को शेयर बाज़ार को बताया कि डार्क वेब पर मिले रिकॉर्ड्स की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहकों की निजी जानकारी पाई गई है। बैंक का कहना है कि ग्राहकों का बैलेंस पूरी तरह सुरक्षित है।

घबराने की ज़रूरत नहीं, लेकिन सावधान रहने की ज़रूरत ज़रूर है। आइए समझते हैं क्या हुआ, कौन सी जानकारी बाहर गई और आपको क्या करना चाहिए।

SBI डेटा लीक: बैंक ने अपनी फाइलिंग में क्या बताया?

SEBI के नियमों (रेगुलेशन 30) के तहत BSE को भेजी गई SBI की आधिकारिक फाइलिंग के मुताबिक:

  • 16 अक्टूबर 2026 को बैंक को उसके थ्रेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रोवाइडर, डिफेंस साइबर एजेंसी और CERT-In से अलर्ट मिला कि बैंक के ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर होने का संदेह है।
  • डार्क वेब पर मौजूद करीब 3,75,000 रिकॉर्ड्स की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड्स में व्यक्तिगत पहचान वाली जानकारी (PII) मिली।
  • बैंक ने तुरंत साइबर इंसिडेंट रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल लागू किए और CERT-In से मान्यता प्राप्त एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को पूरी जांच के लिए लगाया।
  • SBI के मुताबिक इसका बैंक के मुख्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन या बिज़नेस कंटिन्युटी पर कोई बड़ा (material) असर नहीं है।

कौन सी जानकारी बाहर गई?

फाइलिंग के मुताबिक जिन रिकॉर्ड्स में जानकारी मिली, उनमें ये चीज़ें शामिल बताई गई हैं:

जानकारी का प्रकारविवरण
पहचाननाम, लिंग, जन्मतिथि
संपर्करजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ईमेल पता, घर का पता
बैंक से जुड़ी पहचानब्रांच और CIF (कस्टमर इन्फॉर्मेशन फाइल) आइडेंटिफायर, लीड ID
अन्यलोन/लीड रिकॉर्ड से जुड़ा मेटाडेटा और संबंधित फाइलें
स्रोत: SBI की BSE फाइलिंग, 21 अक्टूबर 2026

CNBC-TV18 ने साफ लिखा है कि उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं होता कि इस घटना में पासवर्ड, ATM PIN, OTP या लेन-देन से जुड़ी जानकारी लीक हुई है।

क्या आपका पैसा सुरक्षित है?

Economic Times के मुताबिक SBI ने X पर ग्राहकों से कहा कि इस घटना का बैंक के IT सिस्टम पर कोई बड़ा असर नहीं हुआ है और ग्राहकों का बैलेंस पूरी तरह सुरक्षित है। बैंक ने कहा कि ग्राहकों की संपत्ति, डेटा और भरोसे की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

CNBC-TV18 के अनुसार बैंक का कहना है कि यह घटना बहुत कम ग्राहकों से जुड़ी है, लेकिन जांच अभी जारी है और डेटा का स्रोत व पूरा दायरा अभी तय होना बाकी है। The Hindu ने भी इस मामले की रिपोर्ट की है।

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असली खतरा: फर्जी कॉल और मैसेज

CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक नाम, मोबाइल नंबर, पता या लोन से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल करके ठग खुद को बैंक अधिकारी बताकर कॉल या मैसेज कर सकते हैं, ताकि उनकी बात असली लगे। यानी सबसे बड़ा खतरा “टार्गेटेड फिशिंग” का है।

रिपोर्ट के मुताबिक ग्राहकों को ऐसे अनचाहे कॉल, मैसेज और ईमेल से सावधान रहना चाहिए जो बैंकिंग क्रेडेंशियल मांगें या KYC वेरिफिकेशन पूरा करने को कहें।

आपके लिए इसका मतलब

  • OTP, PIN, पासवर्ड किसी को न दें: CNBC-TV18 की सलाह के मुताबिक बैंक के नाम पर आए किसी भी कॉल, मैसेज या ईमेल पर ये जानकारी साझा न करें, चाहे सामने वाला आपकी पूरी डिटेल क्यों न जानता हो।
  • KYC के नाम पर लिंक से बचें: बिना मांगे आए KYC वेरिफिकेशन के मैसेज या लिंक पर क्लिक न करें।
  • स्टेटमेंट जांचते रहें: अपने अकाउंट के लेन-देन नियमित रूप से देखें और कोई अनजान ट्रांज़ैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक को बताएं।
  • ठगी हो जाए तो: गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल के निर्देशों के मुताबिक वित्तीय साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
  • कार्ड यूज़र: SBI कार्ड से जुड़े नियम समझने के लिए हमारी रिपोर्ट SBI कैशबैक कार्ड पढ़ें, और AI से जुड़े नए साइबर खतरों पर CERT-In की AI एजेंट एडवाइज़री भी देखें।

आगे क्या?

SBI की फाइलिंग के मुताबिक विस्तृत जांच चल रही है और ज़रूरत के हिसाब से सुधार व रोकथाम के कदम उठाए जा रहे हैं। जांच से पता चलेगा कि डेटा असली और पूरा है या नहीं, यह कहां से बाहर गया और ग्राहकों के लिए कितना जोखिम है। अपनी बचत को सुरक्षित तरीके से रखने के विकल्पों के लिए हमारी FD ब्याज दरें अक्टूबर 2026 रिपोर्ट भी देख सकते हैं।

नोट: यह लेख SBI की 21 अक्टूबर 2026 की आधिकारिक BSE फाइलिंग और प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। जांच जारी है, इसलिए आगे जानकारी बदल सकती है। किसी भी शिकायत के लिए केवल बैंक के आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें।

एक लाइन में: SBI डेटा लीक में पैसा नहीं, जानकारी बाहर गई है; अब ठग इसी जानकारी से भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए OTP और PIN किसी को न बताएं।

आपकी राय: क्या आपको हाल में बैंक के नाम पर कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज आया है? कमेंट में ज़रूर बताएं।

स्रोत

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी Timetrolls.in के संस्थापक और संपादक हैं। वे टेक, AI, सरकारी योजनाओं और देश-दुनिया की खबरें आसान हिंदी में, आधिकारिक स्रोतों से जाँचकर लिखते हैं। नौकरी की ताज़ा खबरों के लिए उनकी वेबसाइट bharathirwanijobs.com भी देखें।

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