रिपोर्ट कार्ड में नंबर बढ़े, फिर भी डांट पड़ी। सोमवार को बैंक शेयरों के साथ कुछ ऐसा ही हुआ: नतीजों में मुनाफा बढ़ा, लेकिन Nifty की सबसे बड़ी मार इन्हीं पर पड़ी।
और हां, मंगलवार को दशहरे की वजह से बाजार बंद रहेगा।
मुख्य बातें
- Nifty 257 अंक (1.11%) गिरकर 22,888.95 पर बंद
- सेंसेक्स 876 अंक टूटा, दिन में करीब 1,000 अंक तक फिसला था
- Axis Bank 4% और HDFC Bank 2% से ज़्यादा गिरे, सरकारी बैंक चढ़े
- 20 अक्टूबर (मंगलवार) को दशहरे पर NSE-BSE बंद
Nifty और सेंसेक्स में आज हुआ क्या?
Moneycontrol के मुताबिक दोपहर करीब 11:20 बजे तक गिरावट मामूली थी, लेकिन इसके बाद बिकवाली तेज़ हो गई। दिन के निचले स्तर के आसपास सेंसेक्स करीब 1,000 अंक तक टूट गया।
कारोबार के अंत में Nifty 257.20 अंक यानी 1.11% गिरकर 22,888.95 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17% गिरकर करीब 73,850 के स्तर पर बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 1% की गिरावट रही। इंडेक्स और शेयरों के आधिकारिक आंकड़े NSE और BSE की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं।

मुनाफा बढ़ा, फिर बैंक शेयर क्यों गिरे?
HDFC बैंक ने शनिवार को जुलाई–सितंबर तिमाही में 4.7% बढ़कर ₹19,510 करोड़ का मुनाफा बताया था। लेकिन बाजार ने हेडलाइन मुनाफे से ज़्यादा मार्जिन को देखा: बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटकर 3.16% रह गया।
सोमवार को HDFC बैंक का शेयर 2% से ज़्यादा टूटा। Moneycontrol के मुताबिक दोपहर में Nifty की गिरावट में सबसे बड़ा योगदान इसी शेयर का था।
Axis Bank का शेयर 4% से ज़्यादा गिरा और Nifty के सबसे बड़े लूज़र्स में रहा। निजी बैंकों का इंडेक्स करीब 1.8% फिसला।
दूसरी तरफ सरकारी बैंकों का इंडेक्स 2% से ज़्यादा चढ़ा। Union Bank of India का शेयर करीब 5% उछला, जिसका तिमाही मुनाफा 30% बढ़कर ₹5,537 करोड़ रहा।
सरकारी कंपनियों के शेयरों में पहले भी ऐसी तेज़ी दिखी है, जैसे RVNL ने एक साल में 200% का रिटर्न दिया था।
सरकारी बैंक सिर्फ शेयर बाजार में नहीं, नौकरियों में भी चर्चा में हैं। बैंकिंग में करियर देख रहे ग्रेजुएट UCO Bank Apprentice भर्ती 2026 (530 पद, आखिरी तारीख 29 अक्टूबर) की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
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तेल ने भी बढ़ाई टेंशन
ब्रेंट क्रूड करीब 107–108 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। India Today के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव से तेल सप्लाई की चिंता बनी हुई है।
भारत अपनी ज़रूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा तेल महंगाई, रुपये और कंपनियों के मुनाफे, तीनों पर दबाव डालता है।
कल बाजार बंद, फिर नज़र किस पर?
दशहरे की वजह से मंगलवार, 20 अक्टूबर को NSE और BSE पर इक्विटी और डेरिवेटिव में कारोबार नहीं होगा। अगला कारोबारी दिन बुधवार, 21 अक्टूबर है। साल की बाकी छुट्टियां BSE की हॉलिडे सूची और NSE के हॉलिडे पेज पर देखें।
Geojit के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार ने India Today से कहा कि इस हफ्ते बाजार की चाल कंपनियों के नतीजों के हिसाब से शेयर-विशेष रह सकती है।
उनके मुताबिक ऊंचे कच्चे तेल के दाम Nifty के लिए बड़ी रुकावट बन सकते हैं।
Nifty गिरावट: आपके लिए इसका मतलब
- SIP चल रही है: एक दिन की गिरावट से लंबी अवधि की SIP का गणित नहीं बदलता। घबराकर SIP बंद करने से पहले अपना लक्ष्य और समय-सीमा याद रखें। कम जोखिम वाला हिस्सा चाहिए तो फिक्स्ड डिपॉज़िट की दरें और PPF भी देख सकते हैं।
- बैंक शेयर रखे हैं: अगली तिमाहियों में मार्जिन किस तरफ जाता है, इस पर नज़र रखें। HDFC बैंक में 27 अक्टूबर से अनूप बागची नए MD और CEO का पद संभालेंगे।
- ट्रेडिंग करते हैं: मंगलवार की छुट्टी याद रखें, उस दिन NSE-BSE पर कोई ट्रेड नहीं होगा।
- यह खबर निवेश की सलाह नहीं है। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें।
एक लाइन में: Nifty ने साफ कर दिया कि अब बैंक शेयरों की दिशा सिर्फ मुनाफा नहीं, मार्जिन और कच्चे तेल के दाम भी तय करेंगे।
आपसे सवाल: बाजार में ऐसी गिरावट आए तो आप क्या करते हैं, खरीदारी का मौका देखते हैं या इंतज़ार? कमेंट में बताइए।







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