AI की दुनिया की दो सबसे बड़ी कंपनियों के बीच अब मुकाबला सिर्फ चैटबॉट का नहीं, पैसे का भी है। OpenAI Funding को लेकर बड़ी खबर आई है: ChatGPT बनाने वाली OpenAI करीब 30 अरब डॉलर जुटाने की तेज़ कोशिश में है, और यह सब वह अपनी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी Anthropic के शेयर बाज़ार में उतरने से पहले पूरा करना चाहती है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स (Reuters) ने 19 अक्टूबर को मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट दी। सूत्रों के मुताबिक इस OpenAI Funding राउंड में कंपनी की वैल्यू 1.4 ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा आंकी जा सकती है। वहीं Claude बनाने वाली Anthropic का IPO नवंबर के बीच में आने की उम्मीद है।
ध्यान रहे, OpenAI Funding की यह खबर सूत्रों पर आधारित है। रॉयटर्स के मुताबिक OpenAI और SoftBank ने इस पर कुछ भी कहने से इनकार किया, जबकि Anthropic और MGX ने तुरंत जवाब नहीं दिया। यानी कंपनी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
OpenAI Funding: कितना पैसा, कितनी वैल्यू?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक नया OpenAI Funding राउंड करीब 30 अरब डॉलर का है। एक सूत्र के अनुसार जापान का SoftBank Group, अबू धाबी की निवेश कंपनी MGX और OpenAI के दूसरे मौजूदा निवेशक इसमें शामिल होने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
आसान भाषा में समझें तो 1 ट्रिलियन यानी 1 लाख करोड़। इस हिसाब से OpenAI की संभावित वैल्यू 1.4 लाख करोड़ डॉलर से ऊपर है। OpenAI Funding के आंकड़े रुपये में देखें तो (1 डॉलर = करीब ₹95 मानकर, जो 19 अक्टूबर के बंद भाव ₹94.92 के आसपास है):
- 30 अरब डॉलर का राउंड: करीब ₹2.85 लाख करोड़
- 1.4 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू: करीब ₹133 लाख करोड़
- मार्च 2026 की वैल्यू, 852 अरब डॉलर: करीब ₹81 लाख करोड़
रॉयटर्स के अनुसार OpenAI की पिछली वैल्यू मार्च 2026 में 852 अरब डॉलर लगी थी। तब कंपनी ने 122 अरब डॉलर का रिकॉर्ड राउंड जुटाया था, जिसमें Amazon ने 50 अरब डॉलर तक निवेश करने का वादा किया था। अगर नई OpenAI Funding डील 1.4 ट्रिलियन डॉलर पर होती है, तो करीब सात महीने में कंपनी की वैल्यू कम से कम करीब 64% बढ़ जाएगी।
रिपोर्ट यह भी कहती है कि इतने बड़े राउंड के लिए आम तौर पर जितना समय लगता है, यह OpenAI Funding उससे कहीं तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। Financial Times ने भी पहले इस संभावित फंडरेज़िंग के कुछ ब्योरे छापे थे।
इतनी जल्दबाज़ी क्यों? Anthropic से पहले निवेशक पकड़ने की होड़
सूत्रों के मुताबिक OpenAI Funding में इस जल्दबाज़ी की एक बड़ी वजह यह है कि OpenAI और Anthropic दोनों अब लगभग एक जैसे बड़े निवेशकों से पैसा मांग रही हैं। पिछले हफ्ते जब Anthropic अपना “इन्वेस्टर डे” कर रही थी, उसी दौरान OpenAI ने लॉन्ग-ओनली फंड्स (जो लंबे समय के लिए शेयर खरीदकर रखते हैं) और देशों के सरकारी निवेश फंड्स (सॉवरेन वेल्थ फंड) से मुलाकातें कीं।
कुछ निवेशक मानते हैं कि OpenAI Funding की यह कोशिश उन फंड्स का पैसा पहले ही बांध लेने की है, जो वरना अपना ज़्यादा हिस्सा Anthropic के IPO में लगा देते। निवेशकों के सामने मुश्किल यह है कि उन्हें कुछ ही दिनों या हफ्तों के अंदर दो बड़ी और उलझी हुई डील्स को परखना होगा।
रॉयटर्स के मुताबिक कंपनी से जुड़े निवेशकों का कहना है कि OpenAI को अपने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर वादों (जैसे डेटा सेंटर) के लिए भी पैसा चाहिए। साथ ही अगर IPO बाज़ार और बिगड़ा और कंपनी की 2027 में प्रस्तावित लिस्टिंग आगे खिसकी, तो मज़बूत बैलेंस शीट काम आएगी।

कमाई की जंग: OpenAI के 50 अरब बनाम Anthropic के 65 अरब डॉलर
OpenAI Funding के लिए कंपनी अपनी तेज़ बढ़ती कमाई को सबसे बड़ा आधार बना रही है। एक सूत्र के अनुसार OpenAI निवेशकों को बता रही है कि उसके नए मॉडल GPT-6 Astra के लॉन्च के बाद ग्रोथ तेज़ हुई है। कंपनी का दावा है कि उसकी सालाना रफ्तार वाली कमाई (annualized revenue) 50 अरब डॉलर (करीब ₹4.75 लाख करोड़) तक पहुंच गई है और साल के अंत तक 70 अरब डॉलर (करीब ₹6.65 लाख करोड़) होने की उम्मीद है।
“Annualized revenue” का मतलब आम तौर पर यह होता है कि अभी जिस रफ्तार से कमाई हो रही है, वही पूरे साल चले तो सालाना कमाई कितनी होगी। यह असली सालाना कमाई नहीं, एक अनुमान है।
दूसरी तरफ रॉयटर्स ने पहले बताया था कि Anthropic की annualized revenue जुलाई तक करीब 65 अरब डॉलर पहुंच गई थी। Anthropic ने निवेशकों को बताया कि उसकी तिमाही कमाई दूसरी तिमाही के 11.6 अरब डॉलर से बढ़कर तीसरी तिमाही में 16.8 अरब डॉलर हो गई। लेकिन महीने-दर-महीने ग्रोथ धीमी होने से कुछ निवेशक उसकी वैल्यूएशन को लेकर चिंतित हैं।
सूत्र के मुताबिक OpenAI ने अपने सस्ते मॉडलों के दाम भी घटाए हैं, जिससे इस्तेमाल बढ़ा है। कंपनी ने निवेशकों से कहा है कि वह AI मॉडलों की कीमत और कम कर सकती है।
हिसाब-किताब पर झगड़ा: नेट बनाम ग्रॉस कमाई
इस OpenAI Funding रेस में एक दिलचस्प पेंच कमाई गिनने के तरीके का है। रॉयटर्स के मुताबिक OpenAI अपनी कमाई “नेट” आधार पर दिखाती है, यानी पार्टनर्स का हिस्सा पहले ही घटा देती है। OpenAI का आरोप है कि Anthropic थर्ड-पार्टी क्लाउड कंपनियों के ज़रिए बिके कॉन्ट्रैक्ट्स की पूरी “ग्रॉस” रकम गिनकर अपनी कमाई बढ़ा-चढ़ाकर दिखाती है।
Anthropic ने पहले रॉयटर्स से कहा था कि वह स्थापित अकाउंटिंग तरीकों का ही पालन करती है। इसीलिए दोनों कंपनियों के रेवेन्यू आंकड़ों की सीधी तुलना करते समय सावधानी ज़रूरी है।
एक सूत्र के मुताबिक OpenAI चाहती है कि यह OpenAI Funding राउंड Anthropic के IPO दस्तावेज़ सामने आने से पहले पूरा हो जाए। उन दस्तावेज़ों से निवेशकों को Anthropic के कारोबार की पूरी तस्वीर मिलेगी, और फिर वे OpenAI की CFO सारा फ्रायर (Sarah Friar) से भी कमाई और आगे की योजना पर ज़्यादा सवाल पूछ सकते हैं।
लॉ फर्म Willkie Farr & Gallagher में कैपिटल मार्केट्स के को-चेयर एडवर्ड बेस्ट, जो इस डील पर काम नहीं कर रहे और जिन्होंने काल्पनिक आधार पर टिप्पणी की, ने रॉयटर्स से कहा, “OpenAI शायद अपना वैल्यूएशन खुद तय करना चाहे और उसे किसी तुलना की चिंता न करनी पड़े।” उन्होंने जोड़ा, “पब्लिक होने के मामले में यह असल में दो घोड़ों की दौड़ है।” (अंग्रेज़ी बयान का हिंदी अनुवाद)
Anthropic IPO: नवंबर में क्या होने वाला है?
सूत्रों के मुताबिक Anthropic का शेयर बाज़ार में डेब्यू नवंबर के बीच में होने की उम्मीद है। रॉयटर्स ने पिछले हफ्ते बताया था कि तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से कम रहने के बाद Anthropic के कुछ मौजूदा और संभावित निवेशक चाहते हैं कि IPO की वैल्यू कंपनी की चाही गई 2 ट्रिलियन डॉलर की जगह करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर के आसपास रखी जाए।
Anthropic के IPO का असर दूसरी कंपनियों पर भी दिख रहा है। बैंकरों और निवेशकों के मुताबिक कई कंपनियों ने अपना IPO Anthropic के बाद तक टाल दिया है, ताकि निवेशकों के पैसे के लिए सीधा मुकाबला न हो। कुछ बड़ी प्राइवेट कंपनियां भी अपने फंडिंग राउंड का समय ऐसे तय कर रही हैं कि वह Anthropic की लिस्टिंग से न टकराए।
Anthropic हाल में अपने शेयरों के एक हिस्से को जनहित के काम में लगाने की योजना को लेकर भी चर्चा में रही थी। पूरी खबर यहां पढ़ें: Anthropic Public Benefit Fund: 5% शेयर जनता की भलाई के नाम।
क्या AI का बुलबुला फूल रहा है?
यह OpenAI Funding रेस ऐसे समय हो रही है जब बाज़ार में घबराहट है। रॉयटर्स के मुताबिक बढ़ती ब्याज दरें, टेक शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव और AI कंपनियों की ऊंची वैल्यूएशन पर बढ़ते सवाल निवेशकों को परेशान कर रहे हैं। सितंबर से तेल की कीमतों में उथल-पुथल, बॉन्ड यील्ड में बढ़त और AI सुरक्षा की चिंताओं ने भी टेक शेयरों की मांग पर असर डाला है।
कुछ आंकड़े तस्वीर साफ करते हैं:
- AI चिप्स की मांग का पैमाना माने जाने वाले फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स की कंपनियों की वैल्यू दो हफ्ते से भी कम समय में 1.6 ट्रिलियन डॉलर घट गई।
- क्लाउड कंपनी CoreWeave के शेयर और बॉन्ड पिछले हफ्ते तब गिरे, जब निवेशकों ने उसके करीब 50 अरब डॉलर के कर्ज़ पर सवाल उठाए।
- Blackstone समर्थित AirTrunk REIT, Nvidia समर्थित Firmus और SoftBank समर्थित SB Energy ने अपनी लिस्टिंग या तो वापस ले ली या रोक दी।
- न्यूक्लियर सर्विस कंपनी Holtec ने डेटा सेंटर की मांग पर अनिश्चितता को “परफेक्ट स्टॉर्म” बताते हुए पिछले महीने अपनी अमेरिकी लिस्टिंग वापस ले ली।
यानी एक तरफ दो AI कंपनियां ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू मांग रही हैं, दूसरी तरफ बाज़ार AI पर हो रहे भारी खर्च और कर्ज़ को लेकर सतर्क हो रहा है। इसे सीधे “बुलबुला” कहना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन निवेशक अब हर दावे को पहले से ज़्यादा बारीकी से परख रहे हैं। भारतीय बाज़ार का हाल जानने के लिए पढ़ें: शेयर बाज़ार आज: निफ्टी और बैंक शेयरों में गिरावट।
आपके लिए इसका मतलब
- ChatGPT और Claude यूज़र्स के लिए: OpenAI Funding और Anthropic IPO वाली इस होड़ का फायदा आम यूज़र को मिल सकता है। OpenAI पहले ही सस्ते मॉडलों के दाम घटा चुकी है और आगे और कमी की बात कह रही है। भारत पर भी फोकस बढ़ा है, जैसे ChatGPT में हाल में आई नई हिंदी आवाजें। पढ़ें: ChatGPT की 2 नई हिंदी आवाजें नीर और लहर।
- OpenAI में निवेश करना चाहते हैं? OpenAI अभी शेयर बाज़ार में लिस्टेड नहीं है। यह OpenAI Funding राउंड SoftBank, MGX जैसे बड़े निवेशकों और फंड्स के लिए है, आम भारतीय निवेशक इसमें सीधे हिस्सा नहीं ले सकते। OpenAI की लिस्टिंग 2027 में प्रस्तावित है।
- Anthropic IPO का क्या? लिस्टिंग की तारीख और एक्सचेंज की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। अगर यह विदेशी बाज़ार में लिस्ट होती है, तो भारतीय निवेशक आम तौर पर RBI की उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत इंटरनेशनल इन्वेस्टिंग प्लेटफॉर्म से लिस्टिंग के बाद शेयर खरीद पाते हैं। इसमें फॉरेक्स चार्ज, टैक्स और डॉलर-रुपये के उतार-चढ़ाव का जोखिम भी होता है।
- ज़रूरी सावधानी: सोशल मीडिया पर “OpenAI के प्री-IPO शेयर” या “Anthropic IPO में पक्का अलॉटमेंट” जैसे ऑफर से बचें। ऐसे ज़्यादातर दावे धोखाधड़ी हो सकते हैं। यह खबर जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं।
OpenAI Funding: आगे किन बातों पर नज़र रखें?
- OpenAI Funding की आधिकारिक घोषणा: क्या OpenAI 30 अरब डॉलर और 1.4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़ों की पुष्टि करती है।
- Anthropic के IPO दस्तावेज़: इनसे पहली बार कंपनी की कमाई और खर्च की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
- IPO की वैल्यू: 2 ट्रिलियन डॉलर या 1.5 ट्रिलियन डॉलर, यह पूरे AI सेक्टर का मूड तय करेगा।
- टेक शेयरों का रुख: चिप और AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में गिरावट जारी रही, तो दोनों कंपनियों की वैल्यू पर दबाव आ सकता है।
एक लाइन में: OpenAI Funding की यह तेज़ दौड़ बताती है कि AI की जंग अब सिर्फ बेहतर मॉडल की नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े निवेशकों का पैसा पहले पकड़ने की भी है।
आपसे सवाल: आपकी राय में OpenAI Funding में लगी 1.4 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू सही है या यह AI बुलबुले का संकेत है? और आप ChatGPT या Claude में से किसे ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं? कमेंट में बताइए।








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