ब्रेकिंग
न्यूजताज़ा

रायपुर के अम्बेडकर अस्पताल में जटिल ऑपरेशन: दिल की धमनियों और फेफड़े से चिपकी कैंसर गांठ निकाली, 60 वर्षीय मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ

रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में कैंसर सर्जरी और हार्ट-चेस्ट-वैस्कुलर सर्जरी विभाग की संयुक्त टीम ने 60 वर्षीय मरीज की छाती से एओर्टा, पल्मोनरी आर्टरी, फेफड़े और दिल की झिल्ली से चिपकी कैंसर गांठ करीब चार घंटे के ऑपरेशन में निकाली। मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है।

अम्बेडकर अस्पताल रायपुर के ऑपरेशन थियेटर में कैंसर गांठ निकालने की सर्जरी करती डॉक्टरों की टीम
अम्बेडकर अस्पताल, रायपुर के ऑपरेशन थियेटर में सर्जरी करती टीम। फोटो: DPR छत्तीसगढ़

मुख्य बातें

  • मरीज को क्या बीमारी थी: इनवेसिव थाइमोमा
  • सीटी स्कैन में क्या मिला
  • दो विभागों ने मिलकर बनाई ऑपरेशन की योजना
  • ऑपरेशन कैसे हुआ

फीचर्ड इमेज: डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के ऑपरेशन थियेटर में सर्जरी करती टीम (फोटो: DPR छत्तीसगढ़)।

रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में डॉक्टरों ने 60 साल के एक मरीज की छाती से वह कैंसरयुक्त गांठ निकाल दी, जो दिल की मुख्य धमनी, पल्मोनरी आर्टरी, बाएं फेफड़े और दिल की झिल्ली से चिपकी हुई थी। कैंसर सर्जरी विभाग और हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी (HCVS) विभाग की संयुक्त टीम ने करीब चार घंटे चले ऑपरेशन में यह गांठ हटाई। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR) की 31 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति (क्रमांक 10502) के मुताबिक मरीज को स्वस्थ हालत में छुट्टी दी जा चुकी है और लंबे फॉलोअप के बाद वह आज सामान्य जीवन जी रहा है।

ऐसे ऑपरेशन आमतौर पर बड़े महानगरों के निजी या केंद्रीय संस्थानों में होते हैं। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इसका सफल होना उन परिवारों के लिए अहम खबर है, जो इलाज के लिए छत्तीसगढ़ से बाहर जाने का खर्च नहीं उठा सकते। नीचे पढ़िए मरीज की बीमारी क्या थी, ऑपरेशन कैसे हुआ, टीम में कौन-कौन था और यह बीमारी किन लक्षणों से पहचानी जाती है।

मरीज को क्या बीमारी थी: इनवेसिव थाइमोमा

कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार, रायपुर निवासी यह 60 वर्षीय मरीज छाती में दर्द और भारीपन की शिकायत लेकर मेकाहारा के कैंसर सर्जरी विभाग की ओपीडी में पहुंचा था। इससे पहले वह एक निजी अस्पताल में बायोप्सी करवा चुका था, जिसमें इनवेसिव थाइमोमा (Invasive Thymoma) की पुष्टि हुई थी। कैंसर सर्जरी विभाग आने से पहले मरीज कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी भी ले चुका था।

थाइमोमा, थाइमस ग्रंथि से जुड़ा एक दुर्लभ ट्यूमर है। थाइमस छाती के बीच, सीने की हड्डी (स्टर्नम) के ठीक पीछे और दिल के सामने वाली जगह में होती है, जिसे डॉक्टर एंटीरियर मीडियास्टिनम कहते हैं। “इनवेसिव” का मतलब है कि ट्यूमर अपनी जगह तक सीमित न रहकर आसपास के अंगों और ऊतकों तक फैल चुका है। यही वजह है कि ऐसे मामलों में सर्जरी बेहद जोखिम भरी हो जाती है।

मरीज की छाती के सीटी स्कैन में दिल के पास एंटीरियर मीडियास्टिनम में दिख रही कैंसर गांठ
मरीज की छाती का सीटी स्कैन, जिसमें दिल की बड़ी रक्त वाहिकाओं के पास गांठ दिख रही है। फोटो: DPR छत्तीसगढ़

सीटी स्कैन में क्या मिला

मरीज की हालत का पूरा आकलन करने के लिए छाती का कॉन्ट्रास्ट सीटी स्कैन कराया गया। इसमें एंटीरियर मीडियास्टिनम में लगभग 5 × 4.3 × 2.5 सेंटीमीटर की गांठ मिली। यह गांठ महाधमनी (एओर्टा) और पल्मोनरी आर्टरी जैसी दिल से जुड़ी बड़ी रक्त वाहिकाओं के बिल्कुल पास थी और उनसे चिपकी हुई थी। ऐसी जगह पर जरा सी चूक से भारी रक्तस्राव का खतरा रहता है।

दो विभागों ने मिलकर बनाई ऑपरेशन की योजना

गांठ की स्थिति और दिल की बड़ी रक्त वाहिकाओं से उसके गहरे जुड़ाव को देखते हुए डॉ. आशुतोष गुप्ता ने हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. के. के. साहू से परामर्श किया। दोनों विभागों ने मरीज की जांच के बाद संयुक्त रूप से ऑपरेशन करने का फैसला लिया, ताकि जरूरत पड़ने पर दिल और फेफड़े से जुड़े हिस्सों को तुरंत संभाला जा सके।

ऑपरेशन कैसे हुआ

  • तकनीक: छाती के बीच चीरा लगाकर मीडियन स्टर्नोटॉमी से गांठ तक पहुंचा गया। इसमें सीने की हड्डी को बीच से खोला जाता है ताकि दिल और बड़ी रक्त वाहिकाएं साफ दिख सकें।
  • ऑपरेशन के दौरान स्थिति: लगभग 5 × 4 सेंटीमीटर की गांठ एसेन्डिंग एओर्टा, पल्मोनरी आर्टरी, बाएं फेफड़े और दिल की बाहरी झिल्ली (पेरीकार्डियम) से चिपकी मिली।
  • क्या निकाला गया: गांठ को पेरीकार्डियम के एक हिस्से और बाएं फेफड़े के कुछ हिस्से के साथ पूरी तरह हटाया गया।
  • समय और खून: ऑपरेशन करीब चार घंटे चला और मरीज को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया।
  • नतीजा: विज्ञप्ति के अनुसार ऑपरेशन में कोई बड़ी दिक्कत नहीं आई। हालत सुधरने पर मरीज को छुट्टी दी गई और नियमित फॉलोअप में वह पूरी तरह ठीक पाया गया।
मेकाहारा के ऑपरेशन थियेटर में मीडियन स्टर्नोटॉमी से थाइमोमा गांठ निकालते कैंसर सर्जरी और HCVS विभाग के डॉक्टर
करीब चार घंटे चले ऑपरेशन के दौरान कैंसर सर्जरी और HCVS विभाग की संयुक्त टीम। फोटो: DPR छत्तीसगढ़

टीम में कौन-कौन डॉक्टर शामिल रहे

इस सर्जरी का नेतृत्व कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता और HCVS विभागाध्यक्ष डॉ. के. के. साहू ने किया। उनके साथ डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सोनम, डॉ. समृद्ध, डॉ. लावण्या, डॉ. आशीष मालव, डॉ. गौरव और डॉ. अक्षय ने अहम भूमिका निभाई। निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विशेषज्ञ डॉ. संकल्प भी टीम में थे। डॉ. गुप्ता ने बताया कि केस की जटिलता और मरीज की उम्र को देखते हुए उसे लंबे समय तक नियमित फॉलोअप में रखा गया।

मेकाहारा का कैंसर सर्जरी विभाग: पहले भी कर चुका है ऐसे ऑपरेशन

डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (रायपुर) से संबद्ध राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जिसे आम बोलचाल में “मेकाहारा” कहा जाता है। प्रदेश के लगभग हर जिले से गंभीर मरीज यहां रेफर होकर आते हैं।

यह पहली बार नहीं है जब इस विभाग ने छाती के बीच के जटिल कैंसर का ऑपरेशन किया हो। DPR की 30 दिसंबर 2025 की विज्ञप्ति के अनुसार इसी टीम ने 29 वर्षीय युवक के मीडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर का ऑपरेशन किया था। उस मरीज को एम्स रायपुर में जनवरी से जून 2025 तक छह चक्र कीमोथेरेपी दी गई थी, जिससे 13×18×16 सेमी की गांठ घटकर 4×3×4 सेमी रह गई थी। इसके बाद एम्स से रेफर होकर आए मरीज की 3-4 घंटे की सर्जरी में गांठ को बाएं फेफड़े के हिस्से समेत निकाला गया था।

अम्बेडकर अस्पताल रायपुर के कैंसर सर्जरी विभाग की टीम ऑपरेशन थियेटर में, दिसंबर 2025 की फाइल फोटो
दिसंबर 2025 में मीडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर के सफल ऑपरेशन के बाद कैंसर सर्जरी विभाग की टीम (फाइल फोटो)। फोटो: DPR छत्तीसगढ़

राज्य में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के पास है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में सुपर-स्पेशियलिटी इलाज को बढ़ावा देने की बात कहती रही है। मेकाहारा जैसे अस्पतालों में ऐसे ऑपरेशनों की संख्या बढ़ना उसी दिशा का संकेत है, हालांकि मरीजों की भारी भीड़ और स्टाफ की कमी जैसी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं।

अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में हुए थाइमोमा ऑपरेशन के मुख्य तथ्य: मरीज, गांठ का आकार, तकनीक और डॉक्टर
ऑपरेशन के मुख्य तथ्य। ग्राफिक: टाइम ट्रोल्स, आंकड़े: DPR छत्तीसगढ़ (विज्ञप्ति क्रमांक 10502)

किन लक्षणों पर सतर्क हों

छाती के बीच के हिस्से (मीडियास्टिनम) के ट्यूमर अक्सर शुरुआत में कोई लक्षण नहीं देते और कई बार किसी दूसरी जांच में पकड़े जाते हैं। गांठ बड़ी होने पर ये संकेत दिख सकते हैं:

  • छाती में लगातार दर्द, दबाव या भारीपन
  • लंबे समय तक खांसी या सांस लेने में तकलीफ
  • चेहरे या गर्दन में सूजन, आवाज बैठना
  • थाइमोमा के कुछ मरीजों में मांसपेशियों की असामान्य कमजोरी (जैसे पलकें झुकना), जो मायस्थीनिया ग्रेविस नाम की बीमारी से जुड़ी हो सकती है

ऐसे लक्षण लंबे समय तक रहें तो नजदीकी सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में जांच कराएं। यह जानकारी सिर्फ जागरूकता के लिए है; इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह ही मानें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में यह ऑपरेशन किसने किया?

कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता और हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. के. के. साहू के नेतृत्व वाली संयुक्त टीम ने।

मरीज की गांठ कितनी बड़ी थी?

सीटी स्कैन में करीब 5 × 4.3 × 2.5 सेमी; ऑपरेशन के दौरान यह लगभग 5 × 4 सेमी की मिली।

ऑपरेशन में कितना समय लगा?

करीब चार घंटे, जिसमें मरीज को दो यूनिट खून चढ़ाया गया।

मेकाहारा किसे कहते हैं?

पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर को आम बोलचाल में मेकाहारा कहा जाता है।

यह भी पढ़ें: सत्य साईं संजीवनी अस्पताल: 45,000 हार्ट सर्जरी और नर्सिंग कॉलेज का भूमिपूजन और छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का शुभारंभ।

स्रोत: छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR) की विज्ञप्ति क्रमांक 10502, 31 अक्टूबर 2026 (dprcg.gov.in); DPR छत्तीसगढ़ की 30 दिसंबर 2025 की विज्ञप्ति (मीडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर ऑपरेशन)। लक्षणों से जुड़ी जानकारी सामान्य चिकित्सा जानकारी पर आधारित है।

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

अगली खबर › चक्रवात मुरासु बना प्रचंड चक्रवाती तूफान: आज आधी रात ओंगोल के पास आंध्र तट से टकराएगा, 1.5 मीटर तक लहरों की चेतावनी; छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में 3-4 नवंबर को भारी बारिश

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

और विषय पढ़ें

टिप्पणियाँ

अपनी राय दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

WhatsApp पर शेयर करें