फीचर्ड इमेज: श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नवा रायपुर में नर्सिंग कॉलेज भवन के भूमिपूजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और अन्य अतिथि। फोटो: मुख्यमंत्री कार्यालय छत्तीसगढ़ (@ChhattisgarhCMO, आधिकारिक X)।
नवा रायपुर अटल नगर के श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में रविवार, 1 नवंबर 2026 की शाम दो बड़े मौके एक साथ मने: 45 हजार से ज्यादा बच्चों की निःशुल्क हृदय सर्जरी और इंटरवेंशन पूरे होने का समारोह, और जनजातीय विद्यार्थियों के लिए नर्सिंग कॉलेज भवन व डॉरमेटरी (परिचारक छात्रावास) का भूमिपूजन। भूमिपूजन केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की उपस्थिति में हुआ और कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल रहे।
मुख्यमंत्री साय ने X पर लिखा, “अस्पताल द्वारा 45 हजार से अधिक हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की हृदय सर्जरी मानवता की सेवा का अनुपम उदाहरण है। हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियाँ लौटाने वाली पूरी टीम को हृदय से साधुवाद।”

एक नजर में
- कहां: श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल (सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर), नवा रायपुर अटल नगर।
- कब: 1 नवंबर 2026 (छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस), शाम।
- मुख्य अतिथि: केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय।
- उपलब्धि: अस्पताल के मुताबिक 27 अक्टूबर 2026 तक बच्चों की 45,000 हृदय सर्जरी और इंटरवेंशन प्रक्रियाएं पूरी तरह मुफ्त।
- नया निर्माण: नर्सिंग कॉलेज भवन और डॉरमेटरी, जो जनजातीय विद्यार्थियों के लिए होगा।
45 हजार मुफ्त सर्जरी: कैसे बना यह आंकड़ा
श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल को देश के पहले समर्पित बाल हृदय देखभाल केंद्र के रूप में शुरू किया गया था। रायपुर केंद्र में पहली सर्जरी 28 दिसंबर 2012 को हुई थी और अस्पताल अब सेवा के 14 साल पूरे कर चुका है। यहां जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का ऑपरेशन, जांच, दवाएं और भर्ती, सब कुछ मुफ्त होता है। अस्पताल में कोई बिलिंग काउंटर नहीं है, जिसका जिक्र मुख्यमंत्री साय 2024 में नर्सिंग कॉलेज के उद्घाटन के दौरान भी कर चुके हैं।
नवा रायपुर के अलावा संस्था के पलवल (हरियाणा), खारघर (नवी मुंबई, महाराष्ट्र) और कोंडापाका (तेलंगाना) में भी बाल हृदय केंद्र हैं। 45 हजार का आंकड़ा इन्हीं केंद्रों में हुई सर्जरी और इंटरवेंशन (कैथ लैब से होने वाली प्रक्रियाएं) का है। श्री सत्य साईं स्वास्थ्य एवं शिक्षा ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सी. श्रीनिवास ने इसे अस्पताल की पूरी टीम की मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया है और कहा कि जरूरतमंद परिवारों के आखिरी बच्चे तक पहुंचने तक यह मिशन जारी रहेगा।

नर्सिंग कॉलेज और डॉरमेटरी: जनजातीय युवतियों को फायदा
आज जिस भवन का भूमिपूजन हुआ, वह अस्पताल परिसर में चल रहे नर्सिंग शिक्षा के काम का विस्तार है। मुख्यमंत्री साय ने 24 अक्टूबर 2024 को इसी परिसर में श्री सत्य साईं नर्सिंग कॉलेज का उद्घाटन किया था, तब विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद थे। उस समय जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति में बताया गया था कि ट्रस्ट नर्सिंग छात्राओं को निःशुल्क शिक्षण, आवास और भोजन देगा।
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) ने सेक्टर-2 में “श्री सत्य साईं संजीवनी इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड एलाइड हेल्थ केयर साइंस” के नर्सिंग कॉलेज भवन के निर्माण के लिए अक्टूबर 2026 में टेंडर जारी किया है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 24.31 करोड़ रुपये बताई गई है। ट्रस्ट की योजना नवा रायपुर में एक अत्याधुनिक हेल्थकेयर स्किल संस्थान बनाने की भी है, जिसका मकसद खास तौर पर ग्रामीण और आदिवासी समुदायों की युवतियों को प्रशिक्षण देकर स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार से जोड़ना है।
छत्तीसगढ़ में नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी लंबे समय से चर्चा में रही है। बच्चों की हृदय सर्जरी जैसे विशेष इलाज में ऑपरेशन के बाद की देखभाल (ICU नर्सिंग) बहुत अहम होती है, इसलिए अस्पताल परिसर में ही नर्सिंग कॉलेज होने से प्रशिक्षित स्टाफ तैयार करने में मदद मिलेगी।

मांडविया का छत्तीसगढ़ दौरा: राज्योत्सव से हॉकी लीग तक
डॉ. मनसुख मांडविया 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि रहे, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की। इस साल राज्योत्सव की थीम “सशक्त नारी, युवा उड़ान” है। जनसंपर्क विभाग के जारी कार्यक्रम में संजीवनी अस्पताल में भूमिपूजन के साथ रायपुर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पुरस्कार वितरण और समापन समारोह में शामिल होना भी तय था। लीग का फाइनल संस्कारधानी स्ट्राइकर्स और मैनपाट टाइटंस के बीच खेला गया; मुख्यमंत्री कार्यालय ने समापन समारोह का सीधा प्रसारण किया। मांडविया पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं।


किन बच्चों को मिलता है इलाज, कैसे पहुंचें
अस्पताल मुख्य रूप से जन्मजात हृदय रोग (जैसे दिल में छेद, वाल्व की खराबी) से पीड़ित बच्चों का इलाज करता है। इलाज पूरी तरह मुफ्त है और देश के किसी भी राज्य के बच्चे यहां आ सकते हैं। परिवारों को डॉक्टर की पर्ची और पुरानी जांच रिपोर्ट के साथ अस्पताल की OPD में संपर्क करना होता है। अपॉइंटमेंट और नियमों की ताजा जानकारी के लिए अस्पताल की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन ही देखें, किसी बिचौलिये को पैसे न दें।

FAQ
संजीवनी अस्पताल में कितने बच्चों की मुफ्त हृदय सर्जरी हुई है?
अस्पताल के मुताबिक 27 अक्टूबर 2026 तक बच्चों की 45,000 हृदय सर्जरी और इंटरवेंशन प्रक्रियाएं पूरी तरह निःशुल्क हुई हैं।
1 नवंबर को किस चीज का भूमिपूजन हुआ?
जनजातीय विद्यार्थियों के लिए नर्सिंग कॉलेज भवन और डॉरमेटरी (परिचारक छात्रावास) का।
कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय।
क्या यहां इलाज के लिए पैसे लगते हैं?
नहीं, बच्चों का हृदय उपचार पूरी तरह मुफ्त है। अस्पताल में बिलिंग काउंटर नहीं है।
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स्रोत: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, आधिकारिक X (1 नवंबर 2026); मुख्यमंत्री कार्यालय छत्तीसगढ़, आधिकारिक X; जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़: मांडविया का प्रवास कार्यक्रम; जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ (24 अक्टूबर 2024); जनभारत संवाद (अस्पताल का बयान); ETV Bharat (राज्योत्सव उद्घाटन); NRANVP टेंडर सूचना (अक्टूबर 2026)। सभी फोटो: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व मुख्यमंत्री कार्यालय छत्तीसगढ़ (आधिकारिक X)। Last updated: 1 Nov 2026








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