फीचर्ड इमेज: राज्योत्सव 2026 के मुख्य मंच पर पहली सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते कलाकार। फोटो: जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ (DPR CG)।
नवा रायपुर अटल नगर के राज्योत्सव मैदान में रविवार, 1 नवंबर की रात छत्तीसगढ़ी लोकधुनों से लेकर बॉलीवुड के गीतों तक हर रंग देखने को मिला। राज्योत्सव 2026 की पहली सांस्कृतिक संध्या में लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गायक अनुराग शर्मा, लोक गायिका आरू साहू, रिदम क्वीन बैंड, महाराष्ट्र के लावणी कलाकार और बॉलीवुड की पार्श्व गायिका पलक मुच्छल ने ऐसा समां बांधा कि देर रात तक दर्शक मैदान में डटे रहे। जनसंपर्क विभाग (DPR) की विज्ञप्ति क्रमांक 10547 के अनुसार कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और देश की अलग-अलग परंपराओं का सुंदर संगम दिखा।
उद्घाटन समारोह के बाद शुरू हुई इस शाम ने राज्योत्सव के पहले दिन को यादगार बना दिया। आज, सोमवार 2 नवंबर को उत्सव का दूसरा दिन है, जिसमें राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि होंगे। नीचे पढ़ें पहली शाम में किसने क्या प्रस्तुत किया और आज शाम कौन-कौन से कार्यक्रम हैं।

एक नजर में: पहली सांस्कृतिक संध्या
- तारीख और जगह: 1 नवंबर 2026, राज्योत्सव मैदान (मुख्य मंच), नवा रायपुर अटल नगर
- शुरुआत: अनुराग शर्मा का गीत “गीत कोनो गाहु तोर नाम के”
- बैंड: रिदम क्वीन बैंड की संगीतमय प्रस्तुति
- दूसरे राज्य की झलक: महाराष्ट्र का पारंपरिक लावणी नृत्य
- लोकगीत: छत्तीसगढ़ की लोक गायिका आरू साहू
- बॉलीवुड: पार्श्व गायिका पलक मुच्छल
- आयोजक: छत्तीसगढ़ शासन का संस्कृति विभाग; राज्योत्सव 1 से 3 नवंबर तक
अनुराग शर्मा ने घोली छत्तीसगढ़ी गीतों की मिठास
DPR के मुताबिक सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक अनुराग शर्मा ने प्रसिद्ध गीत “गीत कोनो गाहु तोर नाम के” से की। छत्तीसगढ़ी बोल और लोक संगीत की धुन सुनते ही दर्शकों ने तालियों से उनका स्वागत किया। अनुराग शर्मा छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत और मंच प्रस्तुतियों के जाने-पहचाने नाम हैं, और राज्योत्सव जैसे बड़े मंच पर उनकी प्रस्तुति से शाम को स्थानीय रंग मिला।
इसके बाद रिदम क्वीन बैंड ने मंच संभाला। बैंड के कलाकारों ने आकर्षक धुनों और बेहतरीन तालमेल से दर्शकों में उत्साह भर दिया। लोकगीतों के बाद बैंड की तेज लय ने युवाओं को खास तौर पर आकर्षित किया।

लावणी नृत्य: महाराष्ट्र की लोक संस्कृति राज्योत्सव के मंच पर
कार्यक्रम का एक बड़ा आकर्षण महाराष्ट्र का प्रसिद्ध पारंपरिक लावणी नृत्य रहा। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, लयबद्ध नृत्य और भावपूर्ण मुद्राओं से महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक दिखाई। लावणी ढोलकी की थाप पर होने वाला तेज और ऊर्जा से भरा नृत्य है, जिसमें गीत, अभिनय और नृत्य तीनों का मेल होता है। DPR ने लिखा कि इस प्रस्तुति ने राज्योत्सव के मंच से देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता का संदेश दिया।
आरू साहू के लोकगीतों पर झूमे दर्शक
छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय लोक गायिका आरू साहू ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत एक भक्तिमय गीत से की। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक छत्तीसगढ़ी लोकगीत गाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी मधुर आवाज ने पूरे वातावरण को लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया और दर्शक तालियों से उनका उत्साह बढ़ाते रहे। कम उम्र में ही आरू साहू छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की पहचान बन चुकी हैं, इसलिए उनकी प्रस्तुति को लेकर स्थानीय दर्शकों में खास उत्साह दिखा।

पलक मुच्छल की आवाज ने लगाए चार चांद
शाम का समापन बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुच्छल की प्रस्तुति से हुआ। DPR के अनुसार उनके लोकप्रिय गीतों की धुनों पर युवा दर्शक जमकर झूमे। पलक मुच्छल की सुरीली आवाज और मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि युवाओं में उनकी प्रस्तुति को लेकर विशेष उत्साह था।

शिल्पग्राम में भी दिखी पंडवानी और ढोलामारू की छटा
मुख्य मंच के अलावा पहले दिन शिल्पग्राम और दूसरे मंचों पर भी लोक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा कि राज्योत्सव के पहले दिन छत्तीसगढ़ के लोककलाकारों और राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने अद्भुत सांस्कृतिक छटा बिखेरी। उन्होंने पंडवानी की ओजस्वी गाथा, ढोलामारू की लोकपरंपरा, लोकगीतों और लोकनृत्यों का जिक्र करते हुए लिखा कि “हमारे लोककलाकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली विरासत के सच्चे संवाहक हैं।”

आज 2 नवंबर: राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि, “मैं अयोध्या हूं” का मंचन
DPR की विज्ञप्ति क्रमांक 10545 के अनुसार राज्योत्सव के दूसरे दिन विशेष सांस्कृतिक समारोह में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि होंगे और अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। विधायक राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, अनुज शर्मा और इंद्र कुमार साहू विशिष्ट अतिथि होंगे।
| समय (2 नवंबर) | मंच | कार्यक्रम |
|---|---|---|
| दोपहर 3 बजे से | शिल्पग्राम | 11 लोक और शास्त्रीय प्रस्तुतियां |
| शाम 6 से 7 बजे | मुख्य मंच | नाट्य प्रस्तुति “मैं अयोध्या हूं” |
| शाम 7 से 8 बजे | मुख्य मंच | छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी |
| रात 8 बजे से | मुख्य मंच | पार्श्व गायिका स्वस्ति मेहुल |
शिल्पग्राम के 11 कलाकार
- श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी: लोकसंगीत एवं नृत्य
- सुश्री सुष्मिता दास: ओडिसी नृत्य
- सुश्री समप्रिया पूजा निषाद (दुर्ग): पंडवानी गायन
- श्री अंकित निर्मलकर (बिलासपुर): सूफी, गजल एवं सुगम गायन
- सुश्री मिलवंतीन बाई (गरियाबंद): सुआ नृत्य
- सुश्री मेघा बोस ताम्रकार (रायपुर): पारंपरिक लोकसंगीत
- सुश्री आंचल पाण्डेय: कथक नृत्य
- सुश्री रुखमनी दीवान (धमतरी): लोकमंच
- श्री आदित्य मिश्रा: बैंड प्रस्तुति
- श्रीमती विनीता त्रिपाठी: कथक नृत्य
- श्री तेजराम साहू: लोकमंच
पंडवानी छत्तीसगढ़ की विश्वप्रसिद्ध लोकगाथा गायन परंपरा है, जिसमें महाभारत की कथाएं गायन और अभिनय की खास शैली में सुनाई जाती हैं। सुआ नृत्य छत्तीसगढ़ के सामूहिक जीवन और पारंपरिक उत्सवों का अहम हिस्सा है। ओडिसी और कथक जैसे शास्त्रीय नृत्य, सूफी-गजल और बैंड प्रस्तुतियां शाम में विविधता जोड़ेंगी।

राज्योत्सव देखने जा रहे हैं? ये बातें काम की हैं
- शिल्पग्राम के कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से हैं, इसलिए लोक कलाओं को देखना हो तो दोपहर में पहुंचें; मुख्य मंच के कार्यक्रम शाम 6 बजे से हैं।
- रविवार रात मैदान में भारी भीड़ रही, इसलिए शाम के कार्यक्रमों के लिए थोड़ा पहले पहुंचना बेहतर रहेगा।
- मैदान में विभागीय प्रदर्शनियां, शिल्पग्राम के स्टॉल और गढ़ कलेवा जैसे छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल भी हैं।
- तीनों दिनों के अतिथियों और कार्यक्रमों की जानकारी के लिए हमारी राज्योत्सव 2026 शेड्यूल रिपोर्ट देखें।
FAQ
राज्योत्सव 2026 की पहली सांस्कृतिक संध्या में किन कलाकारों ने प्रस्तुति दी?
अनुराग शर्मा, रिदम क्वीन बैंड, महाराष्ट्र के लावणी कलाकार, लोक गायिका आरू साहू और बॉलीवुड गायिका पलक मुच्छल ने।
2 नवंबर को राज्योत्सव के मुख्य अतिथि कौन हैं?
राज्यपाल रमेन डेका। अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे।
2 नवंबर को मुख्य मंच पर क्या होगा?
शाम 6 से 7 बजे “मैं अयोध्या हूं” नाट्य मंचन, 7 से 8 बजे सुनील सोनी और रात 8 बजे से स्वस्ति मेहुल की प्रस्तुति।
राज्योत्सव 2026 कब तक चलेगा?
नवा रायपुर अटल नगर के राज्योत्सव मैदान में 1 से 3 नवंबर 2026 तक।
यह भी पढ़ें: राज्योत्सव 2026 का उद्घाटन: मांडविया और CM साय के भाषण | राज्य अलंकरण 2026 की पूरी सूची | सारंग टीम का हवाई करतब
स्रोत
- जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़, विज्ञप्ति क्रमांक 10547 (1 नवंबर 2026): dprcg.gov.in/post/1793554754
- जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़, विज्ञप्ति क्रमांक 10545 (1 नवंबर 2026): dprcg.gov.in/post/1793551003
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आधिकारिक X पोस्ट (1 नवंबर 2026) और DPR छत्तीसगढ़ का X पोस्ट (1 नवंबर 2026)








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