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BLS Polymers IPO दूसरे दिन 24 गुना भरा, EAAA आखिरी दिन 1.64 गुना पर, MK Sons की धीमी शुरुआत

NSE के 28 अक्टूबर 2026 दोपहर 1:54 बजे तक के आंकड़ों में BLS Polymers IPO दूसरे दिन 24.32 गुना भर गया। EAAA India Alternatives आखिरी दिन 1.64 गुना पर है, SFC Environmental 0.19 गुना और आज खुला M. K. Sons Fine Jewels 0.33 गुना पर। हर श्रेणी का हाल और RHP के मुताबिक अलॉटमेंट-लिस्टिंग की तारीखें यहां पढ़ें।

BLS Polymers IPO दूसरे दिन का सब्सक्रिप्शन, 28 अक्टूबर 2026: चार IPO के NSE आंकड़ों पर TimeTrolls.in का ग्राफिक
ग्राफिक: TimeTrolls.in

मुख्य बातें

  • 28 अक्टूबर दोपहर तक चारों इश्यू की तस्वीर
  • BLS Polymers: एक दिन में चार गुना छलांग
  • EAAA India Alternatives: आखिरी दिन संस्थाओं ने संभाला
  • EAAA में आगे की तारीखें, RHP के मुताबिक

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को प्राइमरी मार्केट में एक साथ चार मेनबोर्ड IPO खुले हैं और चारों की कहानी अलग है। National Stock Exchange (NSE) के बिड डिटेल्स पेज पर दोपहर 1:54 बजे तक के आंकड़ों में BLS Polymers IPO दूसरे ही दिन करीब 24.32 गुना भर चुका है। EAAA India Alternatives का इश्यू आज बंद हो रहा है और 1.64 गुना पर पहुंचा है। SFC Environmental Technologies अभी 0.19 गुना पर है, जबकि आज खुले M. K. Sons Fine Jewels को पहले दिन 0.33 गुना बोलियां मिली हैं।

ये सभी संख्याएं सिर्फ़ NSE पर आई बोलियों की हैं, BSE की बोलियां इनमें नहीं जुड़ी हैं। बोली का समय रोज़ सुबह 10 से शाम 5 बजे तक है, इसलिए दिन खत्म होने तक आंकड़े और बदलेंगे। हमने कल इन्हीं इश्यू के पहले दिन के सब्सक्रिप्शन का हाल बताया था। आज की तस्वीर उससे काफी अलग है, खासकर BLS Polymers और EAAA में।

28 अक्टूबर दोपहर तक चारों इश्यू की तस्वीर

IPOबोली की अवधिआज कौन सा दिनNSE पर कुल गुना
BLS Polymers27-29 अक्टूबरदूसरा24.32
EAAA India Alternatives26-28 अक्टूबरतीसरा और आखिरी1.64
SFC Environmental Technologies27-29 अक्टूबरदूसरा0.19
M. K. Sons Fine Jewels28-30 अक्टूबरपहला0.33

गुना का हिसाब सीधा है: NSE पर उस श्रेणी के लिए जितने शेयर रखे गए हैं, उनके मुकाबले कितने शेयरों की बोली आई। एंकर निवेशकों का हिस्सा इसमें शामिल नहीं होता, क्योंकि वह इश्यू खुलने से पहले ही बांट दिया जाता है।

BLS Polymers: एक दिन में चार गुना छलांग

कल दोपहर तक BLS Polymers का इश्यू करीब 6.87 गुना भरा था। आज उसी समय तक यह 24.32 गुना है। ऑफर पर रखे 1.19 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 28.94 करोड़ शेयरों की बोली आ चुकी है। ऊपरी प्राइस बैंड ₹150 पर यह मांग करीब ₹4,341 करोड़ बैठती है। यह रकम हमारा अपना हिसाब है, NSE सिर्फ़ शेयरों की संख्या बताता है।

  • गैर-संस्थागत निवेशक (NII): कुल 47.60 गुना। ₹10 लाख से ऊपर की बोली वाला हिस्सा 40.09 गुना और ₹2 से 10 लाख वाला हिस्सा 62.61 गुना।
  • खुदरा निवेशक (RII): 59.50 लाख शेयरों के मुकाबले 12.69 करोड़ शेयरों की बोली, यानी 21.32 गुना।
  • संस्थागत खरीदार (QIB): 12.11 गुना। इसमें म्यूचुअल फंड की बोली अभी शून्य दिख रही है और लगभग पूरी मांग “अन्य” श्रेणी से है।

सबसे बड़ा बदलाव NII हिस्से में दिखा है, जो कल करीब 6.57 गुना था। खुदरा हिस्से में भी तेज़ी आई है। रिटेल की कुल बोलियों में से करीब 11.40 करोड़ शेयर “कट-ऑफ” पर हैं, यानी ज़्यादातर छोटे निवेशक ऊपरी कीमत पर ही बोली लगा रहे हैं। इश्यू कल, 29 अक्टूबर को बंद होगा।

EAAA India Alternatives: आखिरी दिन संस्थाओं ने संभाला

EAAA का इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है, यानी करीब ₹12,000 मिलियन (₹1,200 करोड़) के शेयर मौजूदा शेयरधारक बेच रहे हैं और यह पैसा कंपनी के पास नहीं जाएगा। प्राइस बैंड ₹1,585 से ₹1,665 है और एक लॉट 9 शेयरों का है, यानी ऊपरी बैंड पर एक लॉट करीब ₹14,985 का पड़ता है।

कल दोपहर यह इश्यू सिर्फ़ 0.25 गुना था। आज आखिरी दिन दोपहर तक यह 1.64 गुना हो गया है, लेकिन इस बढ़त का बड़ा हिस्सा संस्थाओं से आया है। QIB हिस्सा 4.01 गुना भरा है और उसमें करीब 39.94 लाख शेयरों की बोली म्यूचुअल फंड की है, जबकि कल तक म्यूचुअल फंड की बोली शून्य थी। NII हिस्सा 1.85 गुना पर है। खुदरा हिस्सा अभी भी सिर्फ़ 0.21 गुना पर है, यानी छोटे निवेशकों के लिए रखे 26.50 लाख शेयरों में से करीब 5.48 लाख शेयरों की ही बोली आई है।

रिटेल में कम बोली का एक सीधा मतलब यह भी है कि अगर दिन के आखिर तक यह हिस्सा पूरा नहीं भरता, तो इस श्रेणी में आवेदन करने वालों को आमतौर पर पूरा अलॉटमेंट मिल जाता है। अंतिम आंकड़ा शाम 5 बजे बोली बंद होने के बाद आएगा।

शेयर बाज़ार और पैसों से जुड़ी ऐसी खबरें वीडियो में समझना चाहें तो हमारा YouTube चैनल Tech With Bharat Hirwani देखें, और ताज़ा अपडेट सीधे फोन पर पाने के लिए हमारा WhatsApp चैनल फॉलो कर सकते हैं।

EAAA में आगे की तारीखें, RHP के मुताबिक

कंपनी की रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में दिया गया संभावित टाइमटेबल नीचे है। ये तारीखें “on or about” यानी अनुमानित हैं और ज़रूरत पड़ने पर बदल सकती हैं।

चरणसंभावित तारीख
बोली बंद (UPI मैंडेट शाम 5 बजे तक)बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
अलॉटमेंट का आधार तय होनागुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
रिफंड या ASBA राशि अनब्लॉकशुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
डीमैट खाते में शेयर क्रेडिटशुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
एक्सचेंज पर ट्रेडिंग शुरूसोमवार, 2 नवंबर 2026

इस इश्यू की रजिस्ट्रार MUFG Intime India है, इसलिए अलॉटमेंट तय होने के बाद स्टेटस रजिस्ट्रार की वेबसाइट और NSE/BSE के IPO पेज पर देखा जा सकेगा। स्टेटस चेक करने का तरीका हमने IPO अलॉटमेंट स्टेटस वाले लेख में कदम-दर-कदम बताया है।

SFC Environmental: रिटेल चल रहा, संस्थाएं अब भी किनारे

SFC Environmental Technologies (प्राइस बैंड ₹313-330) दूसरे दिन भी धीमा है। कुल 1.42 करोड़ शेयरों के ऑफर के मुकाबले करीब 26.82 लाख शेयरों की बोली आई है, यानी 0.19 गुना। खुदरा हिस्सा 0.28 गुना और NII हिस्सा 0.23 गुना पर है। QIB हिस्से में करीब 40.46 लाख शेयरों के मुकाबले अब तक सिर्फ़ 3,060 शेयरों की बोली दिख रही है, जो लगभग शून्य के बराबर है।

आम तौर पर संस्थागत निवेशक आखिरी दिन बड़ी बोलियां लगाते हैं, जैसा आज EAAA में दिखा। इसलिए SFC की असली तस्वीर कल, 29 अक्टूबर को बंद होने के समय ही साफ़ होगी।

M. K. Sons Fine Jewels: पहला दिन

मुंबई में रजिस्टर्ड यह ज्वेलरी कंपनी आज बाज़ार में उतरी है। NSE के मुताबिक इश्यू में 1.36 करोड़ नए शेयर और 34 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल है, जिसमें 51 लाख शेयरों का एंकर हिस्सा भी शामिल है। प्राइस बैंड ₹153 से ₹162 है और एक लॉट 91 शेयरों का है, यानी ऊपरी बैंड पर एक लॉट ₹14,742 का पड़ता है।

पहले दिन दोपहर तक कुल 0.33 गुना बोली आई है। ₹10 लाख से ऊपर वाला NII हिस्सा 1.12 गुना भर चुका है, QIB 0.33 गुना और खुदरा हिस्सा 0.16 गुना पर है। RHP के मुताबिक अलॉटमेंट 2 नवंबर के आसपास और लिस्टिंग 4 नवंबर 2026 के आसपास संभावित है। इश्यू 30 अक्टूबर को बंद होगा। इस महीने के बाकी इश्यू की सूची हमारे अक्टूबर 2026 के IPO कैलेंडर में है।

आंकड़ों से क्या समझें, क्या नहीं

ज़्यादा सब्सक्रिप्शन का मतलब सिर्फ़ इतना है कि मांग ज़्यादा है। इससे कंपनी के कारोबार, कीमत के सही होने या लिस्टिंग पर फायदे की कोई गारंटी नहीं मिलती। उल्टा, किसी इश्यू के रिटेल हिस्से में 20 गुना से ज़्यादा बोली हो, तो छोटे निवेशकों के लिए अलॉटमेंट लॉटरी जैसा हो जाता है और ज़्यादातर आवेदकों को एक भी लॉट नहीं मिलता। उस दौरान आपका पैसा खाते में ब्लॉक रहता है, जो अलॉटमेंट न मिलने पर तय तारीख पर अनब्लॉक होता है।

किसी भी IPO पर फैसला लेने से पहले RHP में कंपनी का कारोबार, जोखिम वाले हिस्से (Risk Factors), पैसा कहां लगेगा और पिछले तीन साल के नतीजे खुद पढ़ना बेहतर है। ये दस्तावेज़ NSE और BSE की वेबसाइट पर मुफ्त उपलब्ध हैं।

ज़रूरी बात: यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है। हम किसी IPO में आवेदन करने या न करने की सलाह नहीं देते। सारे आंकड़े 28 अक्टूबर 2026 दोपहर 1:54 बजे (IST) तक के हैं।

आंकड़े: NSE IPO बिड डिटेल्स (28 अक्टूबर 2026, दोपहर 1:54 बजे तक, सिर्फ़ NSE) और कंपनियों की RHP (EAAA, M. K. Sons)। रुपये में मांग का हिसाब TimeTrolls.in का।

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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