फीचर्ड इमेज: पिछले खरीफ सीजन (नवंबर 2025) में महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के एक उपार्जन केंद्र में धान के ढेर के बीच किसान छबीलाल बारी। फाइल फोटो: DPR छत्तीसगढ़ (@DPRChhattisgarh, आधिकारिक X)
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी की असली रिहर्सल सोमवार, 2 नवंबर 2026 से सहकारी समितियों में शुरू हो गई है, और इसी दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने X पर दोहराया कि इस बार किसानों के लिए 360 नए धान उपार्जन केंद्र खोले जा रहे हैं। खाद्य विभाग की आधिकारिक सूची के मुताबिक ये नए केंद्र प्रदेश के सभी 33 जिलों में बांटे गए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 37 केंद्र कबीरधाम जिले को मिले हैं। नए केंद्र जुड़ने के बाद राज्य में उपार्जन केंद्रों की संख्या 2,740 से बढ़कर 3,100 हो गई है। सरकार का दावा है कि इससे दो लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को अपने गांव के पास धान बेचने की सुविधा मिलेगी।

धान खरीदी 2026-27: एक नजर में
- खरीदी की अवधि: 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक
- दाम: कृषक उन्नति योजना के तहत ₹3,100 प्रति क्विंटल
- सीमा: प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल
- उपार्जन केंद्र: 2,740 पुराने + 360 नए = 3,100
- ट्रायल रन: 2 से 5 नवंबर 2026, समितियों में
- ऑनलाइन टोकन: ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप से 10 नवंबर 2026 से, 24 घंटे
- लाभार्थी: 27.50 लाख से अधिक किसान (कैबिनेट निर्णय के अनुसार)
आज से ट्रायल रन: क्या-क्या परखा जाएगा
जनसंपर्क विभाग (DPR) की 30 अक्टूबर की विज्ञप्ति के अनुसार 2 से 5 नवंबर तक चलने वाले ट्रायल रन में टोकन जारी करने की प्रक्रिया और समितियों की तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी, ताकि असली खरीदी शुरू होने से पहले गड़बड़ियां पकड़कर ठीक की जा सकें। पिछले वर्षों में खरीदी के पहले हफ्ते में सर्वर धीमा होने, टोकन कटने में देरी और बारदाने की कमी जैसी शिकायतें आती रही हैं। इसी वजह से इस बार असली खरीदी से करीब दो हफ्ते पहले पूरी व्यवस्था का परीक्षण किया जा रहा है।
ट्रायल रन के बाद 10 नवंबर से किसान ‘तुंहर टोकन’ एप के जरिए घर बैठे टोकन ले सकेंगे। यह सुविधा 24 घंटे खुली रहेगी, इसलिए किसानों को टोकन के लिए तय समय पर समिति पहुंचने की मजबूरी नहीं रहेगी। टोकन की तारीख पहले से पता होने से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और मजदूरों का इंतजाम भी पहले से कर सकेंगे।

जिलेवार सूची: किस जिले में कितने नए केंद्र
खाद्य विभाग की 18 सितंबर 2026 की स्वीकृति सूची DPR की वेबसाइट पर PDF के रूप में जारी की गई है। इसमें नई और पुरानी सेवा सहकारी समितियों के तहत खुलने वाले हर केंद्र का नाम दर्ज है। TimeTrolls ने इसी आधिकारिक सूची से जिलेवार गिनती तैयार की है:
| क्रम | जिला | नए उपार्जन केंद्र |
|---|---|---|
| 1 | कबीरधाम | 37 |
| 2 | बेमेतरा | 30 |
| 3 | राजनांदगांव | 24 |
| 4 | रायपुर | 21 |
| 5 | दुर्ग | 21 |
| 6 | खैरागढ़-छुईखदान-गंडई | 21 |
| 7 | महासमुंद | 20 |
| 8 | बालोद | 18 |
| 9 | मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी | 18 |
| 10 | बलौदाबाजार-भाटापारा | 15 |
| 11 | कांकेर | 14 |
| 12 | बिलासपुर | 14 |
| 13 | बस्तर | 9 |
| 14 | सारंगढ़-बिलाईगढ़ | 9 |
| 15 | धमतरी | 8 |
| 16 | मुंगेली | 8 |
| 17 | कोरबा | 8 |
| 18 | गरियाबंद | 7 |
| 19 | रायगढ़ | 7 |
| 20 | सरगुजा | 7 |
| 21 | कोंडागांव | 6 |
| 22 | सूरजपुर | 6 |
| 23 | जांजगीर-चांपा | 5 |
| 24 | बलरामपुर-रामानुजगंज | 5 |
| 25 | गौरेला-पेंड्रा-मरवाही | 4 |
| 26 | सक्ती | 3 |
| 27 | मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर | 3 |
| 28 | जशपुर | 3 |
| 29 | कोरिया | 3 |
| 30 | नारायणपुर | 2 |
| 31 | सुकमा | 2 |
| 32 | दंतेवाड़ा | 1 |
| 33 | बीजापुर | 1 |
| कुल | 360 |
सूची के अंत में दी गई टिप्पणी के अनुसार राजनांदगांव जिले की कसारी और कनेरी नवीन समितियां पहले से उपार्जन केंद्र हैं। इन्हें फिर से स्वीकृति दी गई है, लेकिन ये 360 की इस सूची में शामिल नहीं हैं। मैदानी जिलों कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, रायपुर, दुर्ग और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को सबसे ज्यादा केंद्र मिले हैं, जहां धान का रकबा और किसानों की संख्या भी अधिक है। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा और बीजापुर में एक-एक, जबकि सुकमा और नारायणपुर में दो-दो नए केंद्र खुलेंगे। अपने गांव का केंद्र जानने के लिए किसान अपनी सेवा सहकारी समिति या जिला खाद्य कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने क्या कहा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 2 नवंबर को X पर लिखा कि “अन्नदाता की खुशहाली हमारी प्राथमिकता है और किसानों की समृद्धि ही ‘समृद्ध छत्तीसगढ़’ की आधारशिला है।” DPR की विज्ञप्ति में उनका कहना है कि नए केंद्र खोलने का मकसद सिर्फ संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि धान बेचने की पूरी प्रक्रिया को आसान बनाना है, ताकि किसानों का समय, श्रम और पैसा बचे।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी उसी दिन X पर 360 नए उपार्जन केंद्रों को किसानों के हित में बड़ा कदम बताया। खरीदी की जिम्मेदारी खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल के विभाग के पास है। उनकी अध्यक्षता वाली कैबिनेट उप-समिति ने सितंबर में बारदाने (जूट के बोरों) और खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की थी।
किसानों के लिए क्या बदला
दोबारा पंजीयन की जरूरत नहीं
सरकार के अनुसार पिछले साल पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीयन नहीं कराना होगा। किसान की पहचान बायोमेट्रिक से होगी और धान का रकबा डिजिटल क्रॉप सर्वे से तय होगा। कृषि मंत्री के मुताबिक इसका मकसद यह है कि धान असली किसानों से ही खरीदा जाए और बिचौलियों पर रोक लगे।
घर के पास केंद्र, कम खर्च
नए केंद्र खुलने से धान को दूर के केंद्र तक ले जाने का ट्रैक्टर-भाड़ा घटेगा और पुराने बड़े केंद्रों की भीड़ बंटेगी। विज्ञप्ति में खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों को इसका फायदा बताया गया है, जिनके लिए एक-दो दिन की प्रतीक्षा भी महंगी पड़ती है।

किसान अभी क्या करें
- अपने मोबाइल में ‘तुंहर टोकन’ एप अपडेट रखें और 10 नवंबर से टोकन के लिए आवेदन करें।
- समिति में जाकर पता करें कि आपका गांव पुराने केंद्र से जुड़ा है या किसी नए केंद्र से।
- धान को अच्छी तरह सुखाकर लाएं, ताकि नमी जांच में दिक्कत न हो। चक्रवात मुरासु के असर से 3-4 नवंबर को बस्तर संभाग में भारी बारिश का अनुमान है, इसलिए कटी फसल को ढककर रखें (मौसम अलर्ट यहां पढ़ें)।
- आधार से जुड़ा बैंक खाता सक्रिय रखें, क्योंकि भुगतान सीधे खाते में आता है।
पृष्ठभूमि: इस सीजन की तैयारियां
मंत्रिपरिषद ने 28 अक्टूबर की बैठक में 15 नवंबर से ₹3,100 प्रति क्विंटल पर खरीदी शुरू करने का फैसला किया था। 31 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने पीएम-किसान की 24वीं किस्त में छत्तीसगढ़ के 24.59 लाख किसानों को 498.48 करोड़ रुपये भेजे थे (पूरी खबर)। दूसरी ओर खरीदी से पहले पटवारियों की हड़ताल ने रकबा सत्यापन को लेकर चिंता बढ़ाई थी (पढ़ें)। ऐसे में ट्रायल रन से पता चलेगा कि जमीनी तैयारी कितनी पूरी है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 2026-27 कब से कब तक होगी?
15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक, ₹3,100 प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल की सीमा के साथ।
360 नए उपार्जन केंद्र किन जिलों में हैं?
सभी 33 जिलों में। सबसे ज्यादा कबीरधाम (37), बेमेतरा (30) और राजनांदगांव (24) में हैं। पूरी जिलेवार गिनती ऊपर की तालिका में देखें।
‘तुंहर टोकन’ एप से टोकन कब से मिलेगा?
10 नवंबर 2026 से। एप पर टोकन 24 घंटे लिया जा सकेगा।
ट्रायल रन क्या है?
2 से 5 नवंबर तक समितियों में टोकन और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच, ताकि 15 नवंबर से पहले कमियां दूर की जा सकें। इस दौरान असली खरीदी नहीं होगी।
स्रोत
- जनसंपर्क संचालनालय छत्तीसगढ़ (dprcg.gov.in), विज्ञप्ति 30 अक्टूबर 2026, “प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्रों को स्वीकृति”, संलग्न PDF “उपार्जन केंद्र 360” (स्वीकृति सूची दिनांक 18.09.2026)
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (@vishnudsai), आधिकारिक X पोस्ट, 2 नवंबर 2026 और 28 अक्टूबर 2026 (कैबिनेट निर्णय)
- कृषि मंत्री रामविचार नेताम (@ramvicharnetam), आधिकारिक X पोस्ट, 28 अक्टूबर और 2 नवंबर 2026
- Jansampark CG (@DPRChhattisgarh), आधिकारिक X पोस्ट, 28 अक्टूबर 2026 (27.50 लाख किसान)
- खाद्य मंत्री दयालदास बघेल (@DayalDasBaghel), आधिकारिक X पोस्ट, 29 अक्टूबर 2026








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