फीचर्ड इमेज: नवा रायपुर में राज्योत्सव-2026 के दूसरे दिन मुख्य मंच से संबोधित करते राज्यपाल रमेन डेका। फोटो: DPR छत्तीसगढ़ (dprcg.gov.in)
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 के दूसरे दिन, सोमवार 2 नवंबर की शाम नवा रायपुर के राज्योत्सव मैदान में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को सुशासन में आदर्श, अर्थव्यवस्था में सशक्त और विकास में अग्रणी राज्य बनाना हम सबका संकल्प है। इसी शाम मुख्य मंच पर नाटक ‘मैं अयोध्या हूं’ का मंचन हुआ, ‘राम आएंगे’ फेम पार्श्व गायिका स्वास्ति मेहुल ने भजनों से माहौल भक्तिमय कर दिया और छत्तीसगढ़ी गायिका कंचन जोशी के गीतों पर दर्शक झूम उठे।
जनसंपर्क विभाग (DPR) छत्तीसगढ़ की दो विज्ञप्तियों (क्रमांक 10590 और 10595) के मुताबिक समारोह में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सांसद सुनील सोनी और विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू व अनुज शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। दिन में इसी मैदान पर राज्यपाल ने वायुसेना की सारंग टीम का एयर शो भी देखा था, जिसकी रिपोर्ट सारंग एयर शो: राज्यपाल रमेन डेका में पढ़ें।
राज्यपाल रमेन डेका का संबोधन: 26 साल की यात्रा के बाद नई जिम्मेदारियों का दौर
राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपने गठन के 26 वर्ष पूरे कर लिए हैं और अब वह नई जिम्मेदारियों, संभावनाओं और संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य निर्माण का सपना देखने वाले पुरखों को नमन किया और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को विशेष रूप से याद किया, जिनके कार्यकाल में वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ का गठन हुआ था।
उनके मुताबिक बीते ढाई दशकों में प्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और अधोसंरचना में विकास का मजबूत आधार तैयार किया है। राज्यपाल ने भरोसा जताया कि युवाओं, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों और जनजातीय समाज के सामूहिक प्रयास से छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय
राज्यपाल डेका ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास की पहली शर्त शांति और सुरक्षा है। बस्तर के जिन इलाकों में कभी हिंसा का माहौल था, वहां अब सड़क, बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं, और आजीविका मिशन से स्थानीय लोगों को रोजगार व स्वरोजगार मिल रहा है। उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान को नमन किया और हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटे लोगों का अभिनंदन किया। साथ ही कहा कि इस बदलाव को स्थायी बनाने के लिए सुरक्षा के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसर लगातार बढ़ाने होंगे।
जल संरक्षण को जन-अभियान बनाने की अपील
राज्यपाल ने प्रदेश की वन संपदा, नदियों और खनिज संसाधनों को छत्तीसगढ़ की बड़ी ताकत बताया, लेकिन चेताया कि आने वाले समय में जल प्रबंधन बड़ी चुनौती बन सकता है। उन्होंने नदियों, तालाबों और आर्द्रभूमियों के संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।
शिक्षा, सेमीकंडक्टर और AI डेटा सेंटर पार्क
नई पीढ़ी की तैयारी पर राज्यपाल ने अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ इलाकों में शैक्षिक नगर विकसित करने की योजना को राज्य के भविष्य के लिए अहम पहल बताया। अर्थव्यवस्था पर उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर इकाई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क जैसी परियोजनाएं आधुनिक औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम हैं, जबकि मुद्रा योजना, स्टार्टअप और कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को उद्यमिता की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के कामकाज का भी उल्लेख किया।
संबोधन के अंत में राज्यपाल ने लोगों से कहा कि जीवन में सिर्फ ‘ट्रांजेक्शन’ नहीं, बल्कि ‘ट्रांसफॉर्मेशन’ लाने वाले काम को महत्व दें, क्योंकि छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास मिलकर ही बड़ा सामाजिक बदलाव लाते हैं।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल: जनजातीय संस्कृति प्रदेश की पहचान का आधार
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ अनेक भाषाओं, बोलियों, लोकगीतों और लोकनृत्यों का संगम है और यह विविधता प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने राज्योत्सव को ऐसा मंच बताया जहां बस्तर से लेकर सरगुजा और मैदानी अंचलों तक की कला, संस्कृति और विकास की उपलब्धियां एक साथ दिखती हैं। मंत्री ने कहा कि जनजातीय परंपराओं का उत्सव मनाना काफी नहीं, उनका संरक्षण और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भी जरूरी है। उन्होंने लोक संस्कृति को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर बनाने पर जोर दिया, और लोक कलाकारों के दल को राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति का मौका मिलने को प्रदेश के लिए गौरव की बात बताया।
संस्कृति सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने स्वागत भाषण में बताया कि इस साल राज्योत्सव की थीम “सशक्त नारी, युवा उड़ान” है और विभागीय प्रदर्शनियों के जरिए राज्य की विकास यात्रा व योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा रही है।
‘मैं अयोध्या हूं’: एक घंटे के नाटक में अयोध्या की विरासत
मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत विशेष नाट्य प्रस्तुति ‘मैं अयोध्या हूं’ से हुई। DPR के अनुसार करीब एक घंटे के इस मंचन में अयोध्या की ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत, राम मंदिर निर्माण के इतिहास और आस्था को अभिनय के जरिए पेश किया गया।
स्वास्ति मेहुल के भजन और कंचन जोशी के छत्तीसगढ़ी गीत
सांस्कृतिक संध्या की सबसे बड़ी आकर्षण रहीं पार्श्व गायिका स्वास्ति मेहुल। उनके गीत ‘राम आएंगे’ पर दर्शक झूमते दिखे, वहीं ‘कान्हा आन बसो वृंदावन’ ने पूरे मैदान को कृष्ण भक्ति में डुबो दिया। इसके बाद छत्तीसगढ़ी पार्श्व गायिका कंचन जोशी ने ‘मोला ले दे ना राजा सोन के नथनी’, ‘मोर मन झूमे’ और ‘कर ले तै मया के चिन्हारी’ जैसे गीत गाए, जिन पर श्रोता अपनी जगह पर ही थिरकने लगे।
शिल्पग्राम में 11 प्रस्तुतियां: पंडवानी, सुआ, ओडिसी और कथक
मुख्य मंच के साथ शिल्पग्राम में भी 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं, जिनमें छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत, पंडवानी, सुआ नृत्य, ओडिसी, कथक, सूफी संगीत, गजल और लोकमंच शामिल रहे। प्रमुख कलाकार इस प्रकार रहे:
- प्रसन्ना अवस्थी: लोकसंगीत एवं नृत्य
- सुष्मिता दास: ओडिसी नृत्य
- समप्रिया पूजा निषाद (दुर्ग): पंडवानी गायन
- अंकित निर्मलकर (बिलासपुर): सूफी, गजल और सुगम गायन
- मिलवंतीन बाई (गरियाबंद): पारंपरिक सुआ नृत्य
- मेघा बोस ताम्रकार (रायपुर): लोकसंगीत
- आंचल पाण्डेय और विनीता त्रिपाठी: कथक नृत्य
- रुखमनी दीवान और तेजराम साहू (धमतरी): लोकमंच
- आदित्य मिश्रा बैंड: संगीतमय प्रस्तुति
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल रमेन डेका ने दूसरे दिन प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सम्मानित कर बधाई दी। राज्योत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या में पलक मुच्छल और आरू साहू ने समां बांधा था, जिसकी रिपोर्ट राज्योत्सव 2026 की पहली सांस्कृतिक संध्या में है।
आज समापन: क्या है कार्यक्रम
तीन दिन का राज्योत्सव आज, मंगलवार 3 नवंबर को समाप्त होगा। DPR के पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे और शाम को राज्य अलंकरण सम्मान दिए जाने हैं। सम्मान पाने वालों की पूरी सूची छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण 2026 में और तीनों दिनों का कार्यक्रम राज्योत्सव 2026 शेड्यूल में देखें। समापन की खबरें आते ही हम अपडेट करेंगे; छत्तीसगढ़ की बाकी खबरें न्यूज़ सेक्शन में पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
राज्योत्सव-2026 के दूसरे दिन मुख्य अतिथि कौन थे?
2 नवंबर 2026 को दूसरे दिन के समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका थे।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में किन मुद्दों पर जोर दिया?
बस्तर में शांति और विकास, जल संरक्षण, अबूझमाड़-जगरगुंडा में शैक्षिक नगर, नवा रायपुर की सेमीकंडक्टर इकाई और AI डेटा सेंटर पार्क, और किसान-श्रमिक-जनजातीय समाज की भागीदारी पर।
दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या में किसने प्रस्तुति दी?
मुख्य मंच पर नाटक ‘मैं अयोध्या हूं’, पार्श्व गायिका स्वास्ति मेहुल और छत्तीसगढ़ी गायिका कंचन जोशी ने प्रस्तुति दी; शिल्पग्राम में 11 प्रस्तुतियां हुईं।
राज्योत्सव-2026 की थीम क्या है?
इस साल राज्योत्सव की थीम “सशक्त नारी, युवा उड़ान” है।
स्रोत
- जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़, विज्ञप्ति क्रमांक 10590 (2 नवंबर 2026): राज्यपाल रमेन डेका का संबोधन, dprcg.gov.in/post/1793637654
- जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़, विज्ञप्ति क्रमांक 10595 (2 नवंबर 2026): दूसरे दिन की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, dprcg.gov.in/post/1793641342
- जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़, राज्योत्सव समापन कार्यक्रम की पूर्व सूचना
नोट: इस खबर की सभी तस्वीरें जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ (DPR) की आधिकारिक विज्ञप्तियों से ली गई हैं और हर तस्वीर पर स्रोत दिया गया है।

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