पेंशन रुकने की चिंता से परेशान बुजुर्गों के लिए इस महीने सबसे बड़ी राहत यह है कि उन्हें जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) के लिए बैंक की लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) का राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान-5 1 नवंबर से शुरू हो चुका है और 30 नवंबर 2026 तक देश के 2,000 शहरों और जिलों में चलेगा। विभाग के अनुसार यह अब तक का सबसे बड़ा DLC अभियान है।
अभियान के दूसरे दिन, 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के NDCC कन्वेंशन सेंटर में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ मिलकर एक मेगा कैंप लगाया गया। इसी दिन केरल, झारखंड, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली में बैंक, डाक विभाग और रेलवे के कैंपों में भी बुजुर्ग पेंशनभोगियों के प्रमाण पत्र बनाए गए।
दिल्ली मेगा कैंप: सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा बोलीं- फेस ऑथेंटिकेशन ने बदल दी प्रक्रिया
पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की 2 नवंबर की विज्ञप्ति के अनुसार, कैंप को संबोधित करते हुए DoPPW की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि पेंशनभोगियों का डिजिटल सशक्तिकरण सरकार की “ईज ऑफ लिविंग” प्रतिबद्धता का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि तकनीक, खासकर फेस ऑथेंटिकेशन, ने जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का तरीका बदल दिया है। अब पेंशनभोगी बैंक या किसी दफ्तर में गए बिना अपने स्मार्टफोन से खुद डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं।
सचिव ने बताया कि पिछले साल के अभियान में SBI ने करीब 25 लाख डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने में मदद की थी। इस बार SBI 115 शहरों में विशेष DLC कैंप लगा रहा है और ज्यादा पेंशनभोगियों वाली शाखाओं में खास इंतजाम किए गए हैं। PIB हिंदी के अनुसार इस मौके पर DoPPW और SBI के बीच समझौता भी हुआ। विभाग के संयुक्त सचिव ध्रुवज्योति सेनगुप्ता ने पेंशनभोगियों से अपील की कि वे अभियान की सुविधाओं का लाभ लें और दूसरे साथियों को भी डिजिटल सेवाएं अपनाने के लिए प्रेरित करें।
अभियान-5 की बड़ी बातें
DoPPW ने 30 अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति में अभियान का पूरा खाका बताया था। विभाग ने इसके दिशानिर्देश 13 अगस्त 2026 के कार्यालय ज्ञापन (O.M.) से जारी किए थे।
- अवधि: 1 से 30 नवंबर 2026
- दायरा: देश के 2,000 शहर/जिले
- लक्ष्य: कुल 2.30 करोड़ DLC, जिनमें से 1.50 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन से बनें
- भागीदार: 19 बैंक, 785 जिला डाकघर, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB), 56 पेंशनभोगी कल्याण संघ, MeitY और UIDAI की टीमें, CGDA, रेलवे, दूरसंचार विभाग, EPFO और राज्य सरकारें
- अतिरिक्त सेवाएं: “उत्सव मोड” में स्वास्थ्य जांच और आधार अपडेट की सुविधा
- घर पहुंच सेवा: जरूरत होने पर डोरस्टेप सेवा, और शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए शिकायत अधिकारी
घर-घर पहुंच रही टीम: 92 साल के पेंशनभोगी का प्रमाण पत्र घर पर बना
DoPPW के आधिकारिक X हैंडल के अनुसार, 2 नवंबर को विभाग की उप निदेशक (राजभाषा) मंजू गुप्ता ने तिरुवनंतपुरम में SBI के कैंप का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने 83 वर्षीय रक्षा पेंशनभोगी वी. ससिधरन का DLC बनवाया और उनके परिवार को फेस ऑथेंटिकेशन ऐप इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद IPPB के अधिकारियों के साथ वे 92 वर्षीय पेंशनभोगी वेलायुधन पिल्लई के घर पहुंचीं, जहां पोस्टमैन सजाद ए. ने फेस ऑथेंटिकेशन ऐप से उनका प्रमाण पत्र तैयार किया।
झारखंड के पलामू जिले के डालटनगंज में SBI ने डोरस्टेप DLC सुविधा दी, जबकि नई दिल्ली में उत्तर रेलवे के मुख्यालय बड़ौदा हाउस में भी कैंप लगा। गोवा डाक मंडल ने बताया है कि पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवक घर जाकर यह सेवा दे रहे हैं और प्रमाण पत्र बनने पर पेंशनभोगी को SMS से पुष्टि भेजी जाती है।
स्मार्टफोन से फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा जीवन प्रमाण पत्र कैसे बनाएं
फोन में क्या होना चाहिए
Jeevan Pramaan की आधिकारिक वेबसाइट (jeevanpramaan.gov.in) के अनुसार Android फोन में ये चीजें जरूरी हैं:
- Android 9.0 या उससे ऊपर का वर्जन (फोन रूट न किया गया हो)
- कम से कम 4 GB RAM और 500 MB खाली जगह
- 5 मेगापिक्सल या उससे बेहतर कैमरा
- Google Play Store से AadhaarFaceRD और Jeevan Pramaan Face App
फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा iOS पर भी दी जा रही है।
स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
- फोन में AadhaarFaceRD और Jeevan Pramaan Face App इंस्टॉल करें।
- ऐप खोलकर ऑपरेटर का आधार नंबर डालें और चेहरा स्कैन करके ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन पूरा करें। पेंशनभोगी खुद भी ऑपरेटर बन सकते हैं।
- पेंशनभोगी का आधार नंबर, मोबाइल नंबर, PPO नंबर, पेंशन का प्रकार, पेंशन स्वीकृत करने वाला विभाग और पेंशन देने वाली एजेंसी (बैंक/डाकघर) की जानकारी भरें।
- अच्छी रोशनी में कैमरे के सामने चेहरा रखें और निर्देश के अनुसार पलक झपकाएं, ताकि लाइव फेस स्कैन पूरा हो।
- सफल होने पर प्रमाण ID बनती है और मोबाइल पर SMS आता है। इस ID से jeevanpramaan.gov.in से प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।
स्मार्टफोन न हो तो क्या करें
नजदीकी पेंशन देने वाले बैंक की शाखा, डाकघर या अभियान के कैंप में जाकर फिंगरप्रिंट या फेस से DLC बनवाया जा सकता है। चल-फिर न सकने वाले बुजुर्ग डाकघर/IPPB या अपने बैंक से डोरस्टेप सेवा मांग सकते हैं। सेवा से जुड़ा शुल्क या समय जानने के लिए अपनी शाखा/डाकघर से पुष्टि कर लें।
किन पेंशनभोगियों के लिए जरूरी है
पेंशन बिना रुकावट जारी रखने के लिए पेंशनभोगियों को हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है। केंद्र सरकार के पेंशनभोगी आमतौर पर इसे नवंबर में जमा करते हैं, जबकि 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर पेंशनभोगियों को 1 अक्टूबर से जमा करने की सुविधा है। इस अभियान में रक्षा, रेलवे, दूरसंचार, EPFO और राज्य सरकारों के पेंशनभोगियों को भी शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों के पेंशनभोगी अपने बैंक, डाकघर या नजदीकी कैंप से जानकारी ले सकते हैं।
पेंशन और बचत से जुड़ी दूसरी डिजिटल सुविधाओं के बारे में भी पढ़ें: EPFO की WhatsApp सेवा से PF बैलेंस कैसे देखें और अक्टूबर 2026 में UPI का नया रिकॉर्ड। फाइनेंस की और खबरें यहां पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान-5 कब तक चलेगा?
यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक देश के 2,000 शहरों और जिलों में चल रहा है।
क्या घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र बन सकता है?
हां। Jeevan Pramaan Face App और AadhaarFaceRD ऐप से स्मार्टफोन पर फेस ऑथेंटिकेशन करके घर बैठे DLC बनाया जा सकता है। चाहें तो डाकघर/बैंक की डोरस्टेप सेवा भी ली जा सकती है।
प्रमाण पत्र बनने का पता कैसे चलेगा?
सफल ऑथेंटिकेशन के बाद प्रमाण ID बनती है और पंजीकृत मोबाइल पर SMS आता है। प्रमाण पत्र jeevanpramaan.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है।
इस साल कितने DLC का लक्ष्य है?
DoPPW ने 2.30 करोड़ DLC का लक्ष्य रखा है, जिनमें 1.50 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन से बनाने का लक्ष्य है।
स्रोत
- PIB विज्ञप्ति 2331689 (अंग्रेजी) और 2331720 (हिंदी), 2 नवंबर 2026: DoPPW-SBI मेगा कैंप, नई दिल्ली
- PIB विज्ञप्ति 2330361, 30 अक्टूबर 2026: राष्ट्रव्यापी DLC अभियान-5 की घोषणा
- PIB विज्ञप्ति 2329626: गोवा डाक मंडल की DLC सुविधा
- पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग का आधिकारिक X हैंडल (@DOPPW_India), 2 नवंबर 2026 के पोस्ट
- Jeevan Pramaan आधिकारिक पोर्टल: jeevanpramaan.gov.in

टिप्पणियाँ