फीचर्ड इमेज: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस (1 नवंबर 2026) पर मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा करते वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी। फोटो: ओ.पी. चौधरी का आधिकारिक X हैंडल।
दीपावली से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के सरकारी खजाने में 3,602 करोड़ रुपये अतिरिक्त पहुंचे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 31 अक्टूबर 2026 को सभी 28 राज्यों के लिए कुल 1,09,019 करोड़ रुपये के कर हस्तांतरण (टैक्स डिवोल्यूशन) की एक अग्रिम किस्त जारी की। यह रकम हर महीने मिलने वाली नियमित किस्त के अलावा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार यह इस वित्त वर्ष की दूसरी अतिरिक्त किस्त है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 1 नवंबर को इसके लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार जताया।
वित्त मंत्रालय ने क्या कहा?
पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के जरिए जारी वित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति के मुताबिक केंद्र सरकार ने आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए राज्यों को कर हस्तांतरण की एक अग्रिम किस्त जारी की है। मकसद यह है कि राज्य पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) तेज कर सकें और विकास व कल्याण से जुड़े खर्चों के लिए उनके पास पर्याप्त पैसा रहे।
निर्मला सीतारमण ने X पर लिखा कि यह किस्त “मजबूत आर्थिक गतिविधि और बेहतर कर संग्रह” के कारण संभव हुई है। इससे राज्यों को इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तेज करने, कल्याण योजनाओं के लिए धन जुटाने और पूरे देश में आर्थिक विकास को रफ्तार देने में मदद मिलेगी।
कर हस्तांतरण क्या होता है?
केंद्र सरकार आयकर, कॉरपोरेट टैक्स, केंद्रीय GST जैसे जो कर वसूलती है, उनके बंटवारे योग्य हिस्से (डिविजिबल पूल) में से एक तय हिस्सा वित्त आयोग की सिफारिश के आधार पर राज्यों को दिया जाता है। यह रकम राज्यों को आमतौर पर मासिक किस्तों में मिलती है। कोई शर्त न होने के कारण राज्य इसे अपनी प्राथमिकता के हिसाब से खर्च कर सकते हैं। इसलिए यह राज्यों की आमदनी का बड़ा स्रोत है। जब केंद्र नियमित किस्त के ऊपर अग्रिम किस्त जारी करता है, तो राज्यों के हाथ में समय से पहले नकदी आ जाती है।
किस राज्य को कितना मिला (करोड़ रुपये में)
वित्त मंत्रालय की सूची के अनुसार सबसे ज्यादा रकम उत्तर प्रदेश को मिली है। पूरी तालिका:
| राज्य | राशि | राज्य | राशि |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 19,208 | तमिलनाडु | 4,466 |
| बिहार | 10,845 | गुजरात | 4,094 |
| मध्य प्रदेश | 8,010 | झारखंड | 3,660 |
| पश्चिम बंगाल | 7,866 | छत्तीसगढ़ | 3,602 |
| महाराष्ट्र | 7,022 | असम | 3,552 |
| राजस्थान | 6,460 | केरलम | 2,597 |
| ओडिशा | 4,819 | तेलंगाना | 2,370 |
| आंध्र प्रदेश | 4,597 | पंजाब | 2,176 |
| कर्नाटक | 4,504 | हरियाणा | 1,484 |
| अरुणाचल प्रदेश | 1,476 | उत्तराखंड | 1,244 |
| हिमाचल प्रदेश | 996 | त्रिपुरा | 699 |
| मेघालय | 688 | मणिपुर | 682 |
| मिजोरम | 615 | नगालैंड | 524 |
| गोवा | 398 | सिक्किम | 365 |
| कुल | 1,09,019 | ||
इस हिसाब से छत्तीसगढ़ को कुल रकम का करीब 3.3 प्रतिशत मिला है। पड़ोसी राज्यों में मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़, ओडिशा को 4,819 करोड़, झारखंड को 3,660 करोड़ और तेलंगाना को 2,370 करोड़ रुपये मिले हैं।
छत्तीसगढ़ में किसने क्या कहा?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने X पर लिखा कि दीपावली से पहले कर हस्तांतरण की अग्रिम किस्त के रूप में छत्तीसगढ़ को 3,602 करोड़ रुपये मिले हैं। उनके अनुसार इससे प्रदेश में अधोसंरचना विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और “विकसित छत्तीसगढ़” के संकल्प को मजबूती मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया।
राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भी कहा कि दीपावली से पहले छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों को टैक्स डिवोल्यूशन की अग्रिम किस्त मिली है। इससे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से केंद्र का धन्यवाद किया।
त्योहार से पहले कर्मचारियों को DA का फायदा भी
यह राशि ऐसे समय आई है, जब राज्य सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी फैसला लिया है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के 30 अक्टूबर के आधिकारिक पोस्ट के मुताबिक राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। अब दर 58% से बढ़कर 60% हो गई है, जो 1 नवंबर 2026 से लागू है। पोस्ट के साथ जारी ग्राफिक के अनुसार इससे करीब 3.85 लाख कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनर लाभान्वित होंगे। केंद्र से मिली अतिरिक्त किस्त से त्योहारी महीने में ऐसे खर्चों और विकास परियोजनाओं के भुगतान के लिए राज्य के पास नकदी की स्थिति बेहतर रहेगी।
आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है?
- सड़क, पुल, स्कूल-अस्पताल भवन जैसे निर्माण कार्यों का भुगतान समय पर होने की संभावना बढ़ती है, जिससे काम की रफ्तार बनी रहती है।
- कल्याण योजनाओं की किस्तें और ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए राज्य को उधार पर कम निर्भर रहना पड़ता है।
- त्योहारी सीजन में सरकारी खर्च बढ़ने से स्थानीय बाजार और रोजगार को भी सहारा मिलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
छत्तीसगढ़ को कितनी रकम मिली?
31 अक्टूबर 2026 को जारी अग्रिम किस्त में छत्तीसगढ़ को 3,602 करोड़ रुपये मिले हैं।
क्या यह नियमित मासिक किस्त है?
नहीं। वित्त मंत्रालय के अनुसार यह नियमित मासिक हस्तांतरण के अलावा दी गई अतिरिक्त (अग्रिम) किस्त है और इस वित्त वर्ष की दूसरी ऐसी किस्त है।
सबसे ज्यादा पैसा किस राज्य को मिला?
उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा 19,208 करोड़ रुपये मिले, उसके बाद बिहार (10,845 करोड़) और मध्य प्रदेश (8,010 करोड़) हैं।
सबसे कम किसे मिला?
सिक्किम को सबसे कम 365 करोड़ रुपये मिले, उसके बाद गोवा (398 करोड़) है।
यह भी पढ़ें: GST कलेक्शन अक्टूबर 2026, छत्तीसगढ़ की 2027 अवकाश सूची और विश्व बैंक की भारत गरीबी रिपोर्ट।
स्रोत: वित्त मंत्रालय, भारत सरकार की प्रेस विज्ञप्ति (PIB, PRID 2330997, 31 अक्टूबर 2026) और @FinMinIndia का X पोस्ट (राज्यवार तालिका); केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (@nsitharaman), मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (@vishnudsai) और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी (@OPChoudhary_Ind) के आधिकारिक X पोस्ट (31 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026); DA बढ़ोतरी पर ओ.पी. चौधरी का X पोस्ट (30 अक्टूबर 2026)।

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