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Donald Tusk India visit: 21-23 अक्टूबर, व्यापार से वीज़ा तक क्या बदलेगा

पोलैंड के PM डोनाल्ड टस्क 21-23 अक्टूबर को भारत में होंगे: 22 को PM मोदी से बातचीत और दिल्ली बिज़नेस फोरम, 23 को बेंगलुरु में IT-स्पेस कंपनियों से मुलाकात। व्यापार $6.36 अरब; छात्रों-कामगारों के वीज़ा नियम भी जानें।

Donald Tusk India visit: वारसॉ में गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान डोनाल्ड टस्क और नरेंद्र मोदी
22 अगस्त 2024: वारसॉ में प्रधानमंत्री कार्यालय (KPRM) पर डोनाल्ड टस्क ने PM नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। फोटो: Chancellery of the Prime Minister of Poland (KPRM) / Wikimedia Commons, CC BY 3.0 PL

मुख्य बातें

  • पोलैंड PM डोनाल्ड टस्क 21-23 अक्टूबर को भारत में, 2010 के बाद पहला पोलिश PM दौरा
  • अक्टूबर: PM मोदी से बातचीत, दिल्ली में भारत-पोलैंड बिज़नेस फोरम
  • अक्टूबर: बेंगलुरु में IT और स्पेस सेक्टर पर फोकस
  • में द्विपक्षीय व्यापार 6.36 अरब डॉलर; पोलैंड का लक्ष्य 10 अरब डॉलर
  • स्टूडेंट/वर्क वीज़ा पर अभी कोई नई घोषणा नहीं

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026: पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क कल यानी 21 अक्टूबर से तीन दिन के भारत दौरे पर आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्योते पर हो रहे इस Donald Tusk India visit में 22 अक्टूबर को दिल्ली में दोनों नेताओं की बातचीत होगी और 23 अक्टूबर को टस्क बेंगलुरु जाएंगे। यह 2010 के बाद किसी पोलिश प्रधानमंत्री का पहला भारत दौरा है। इस खबर में जानिए पूरा कार्यक्रम, किन समझौतों पर नज़र है, और भारतीय छात्रों, IT प्रोफेशनल्स व कामगारों के लिए इसका क्या मतलब है।

वारसॉ स्थित भारतीय दूतावास ने भी X पर दौरे की आधिकारिक जानकारी साझा की:

Donald Tusk India visit: तीन दिन का कार्यक्रम

तारीखकहांक्या होगा
बुधवार, 21 अक्टूबरनई दिल्लीशाम को आगमन (ThePrint के मुताबिक)
गुरुवार, 22 अक्टूबरनई दिल्लीPM मोदी से द्विपक्षीय बातचीत; भारत-पोलैंड बिज़नेस फोरम
शुक्रवार, 23 अक्टूबरबेंगलुरुIT और स्पेस सेक्टर के कारोबारियों से मुलाकात; दूसरा भारत-पोलैंड बिज़नेस फोरम

MEA के मुताबिक Donald Tusk India visit में टस्क के साथ पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज़ दोमांस्की (Andrzej Domański) और एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल आएगा। ThePrint के मुताबिक इस प्रतिनिधिमंडल में करीब 100 कंपनियां हैं। बेंगलुरु में टस्क के कर्नाटक के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलने का भी कार्यक्रम है।

Donald Tusk India visit: टस्क का भारत से पुराना रिश्ता

द ट्रिब्यून के मुताबिक प्रधानमंत्री के तौर पर यह टस्क का दूसरा भारत दौरा है। पहली बार वे 2010 में आए थे, अपने पिछले कार्यकाल में। 2017 में वे यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष के तौर पर भारत-EU शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आए थे। अगस्त 2024 में PM मोदी पोलैंड गए थे, जो 45 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला पोलैंड दौरा था। उसी दौरे में दोनों देशों के रिश्ते “रणनीतिक साझेदारी” (Strategic Partnership) तक पहुंचे और 2024-2028 का एक्शन प्लान अपनाया गया।

22 अगस्त 2024: वारसॉ में पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने PM नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। फोटो: PMO / PIB, भारत सरकार (GODL-India), via Wikimedia Commons

Donald Tusk India visit में किन मुद्दों पर होगी बात

MEA के बयान के मुताबिक दोनों नेता रिश्तों के पूरे दायरे की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा करेंगे। सहयोग के मुख्य क्षेत्र हैं: व्यापार और निवेश, रक्षा, नई तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क। ThePrint ने बताया कि इनके अलावा ये विषय भी एजेंडे में हैं:

  • रक्षा: रक्षा पर संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) की बैठक की संभावना।
  • स्पेस: Axiom-4 मिशन में दोनों देशों के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ जाने के बाद अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच करीबी सहयोग।
  • खनन और बैटरी रीसाइक्लिंग: इस्तेमाल हो चुकी EV बैटरियों से कीमती धातुएं निकालना, सेमीकंडक्टर से जुड़ा खनन।
  • हरित ऊर्जा: ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया।
  • वैश्विक मुद्दे: यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया का संघर्ष और आतंकवाद।

ThePrint के मुताबिक Donald Tusk India visit में अभी किसी खास समझौते पर हस्ताक्षर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 22 अक्टूबर की बातचीत के बाद संयुक्त बयान में ही साफ होगा कि क्या तय हुआ।

व्यापार: $6 अरब से $10 अरब का लक्ष्य

वारसॉ में भारतीय दूतावास की कमर्शियल ब्रीफ (मई 2026) के मुताबिक 2025 में भारत-पोलैंड व्यापार 6.36 अरब डॉलर रहा, जो 2024 से 9.6% ज़्यादा है। इसमें भारत का निर्यात 4.83 अरब डॉलर और आयात 1.53 अरब डॉलर था, यानी व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में है। ThePrint के मुताबिक पोलैंड इसे 10 अरब डॉलर तक ले जाना चाहता है।

पोलैंड में भारतीय निवेश 3 अरब डॉलर से ज़्यादा आंका जाता है। TCS, Infosys, HCL, Wipro जैसी IT कंपनियां वहां बड़ी नियोक्ता हैं; दूतावास के मुताबिक भारतीय IT कंपनियां करीब 10,000 पोलिश पेशेवरों को रोज़गार देती हैं। Glenmark, UFLEX, Essel Propack और Berger Paints भी वहां हैं। वहीं भारत में CanPack (पैकेजिंग), TZMO (हाइजीन प्रोडक्ट) और ऑटो-रेल पार्ट्स की कई पोलिश कंपनियां काम कर रही हैं। ThePrint के मुताबिक एशिया में पोलिश निवेश के लिए भारत दूसरा सबसे बड़ा ठिकाना है।

Donald Tusk India visit का बड़ा संदर्भ भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है। ThePrint के मुताबिक इसकी बातचीत 27 जनवरी 2026 को पूरी हो चुकी है और 16 दिसंबर 2026 को इस पर औपचारिक हस्ताक्षर होने हैं। पोलैंड EU का सदस्य है, इसलिए यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए पोलैंड का बाज़ार और आसान कर सकता है। हाल ही में लागू हुए एक और व्यापार समझौते की खबर: India New Zealand FTA लागू: 100% भारतीय सामान ड्यूटी-फ्री।

भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए क्या मतलब

सबसे पहले साफ कर दें: Donald Tusk India visit पर MEA के बयान में स्टूडेंट वीज़ा या वर्क वीज़ा की किसी नई योजना का ज़िक्र नहीं है। अगर दौरे में ऐसा कोई समझौता होता है तो हम इस खबर को अपडेट करेंगे। फिलहाल पोलैंड जाने के नियम ये हैं:

  • पढ़ाई के लिए: लंबी अवधि के लिए नेशनल D-टाइप वीज़ा चाहिए। पोलैंड सरकार के मुताबिक आवेदन e-Konsulat सिस्टम से होता है और दस्तावेज़ VFS सेंटर पर जमा होते हैं।
  • पढ़ाई के साथ काम: study.gov.pl और EU इमिग्रेशन पोर्टल के मुताबिक फुल-टाइम पढ़ाई करने वाले छात्र, जिनके पास पोलिश स्टडी वीज़ा या अस्थायी निवास परमिट है, बिना वर्क परमिट के काम कर सकते हैं।
  • नौकरी के लिए: पहले पोलिश नियोक्ता से वर्क परमिट और फिर D-टाइप वर्क वीज़ा लेना होता है।
  • सावधानी: “पोलैंड में गारंटी नौकरी” का दावा करने वाले एजेंटों से बचें। विदेश में नौकरी के लिए भारत सरकार के eMigrate पोर्टल पर रजिस्टर्ड एजेंट ही चुनें।

Donald Tusk India visit के बेंगलुरु बिज़नेस फोरम में IT और स्पेस कंपनियों पर फोकस है, इसलिए अगर नए निवेश की घोषणा होती है तो उसका फायदा भारतीय IT प्रोफेशनल्स को भी मिल सकता है। IT सेक्टर की भर्तियों पर नज़र रखें, जैसे Infosys ऑफ-कैंपस ड्राइव 2026।

भारत-पोलैंड: इतिहास का एक भावुक रिश्ता

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नवानगर (जामनगर) के जाम साहब दिग्विजयसिंहजी ने सैकड़ों पोलिश शरणार्थी बच्चों को बालाचड़ी में पनाह दी थी। कोल्हापुर के वलिवडे में भी हज़ारों पोलिश शरणार्थी रहे। पोलैंड में आज भी जाम साहब को “अच्छे महाराजा” के तौर पर याद किया जाता है और वारसॉ में उनके नाम पर चौक है। 2024 के दौरे में PM मोदी ने वारसॉ में इस स्मारक पर श्रद्धांजलि दी थी।

Donald Tusk India visit: आगे क्या देखें

  • 22 अक्टूबर: मोदी-टस्क बातचीत के बाद संयुक्त बयान और समझौतों की सूची (MEA वेबसाइट)।
  • 22-23 अक्टूबर: दिल्ली और बेंगलुरु बिज़नेस फोरम में निवेश की घोषणाएं।
  • रक्षा और स्पेस पर कोई नया समझौता।
  • भारत-EU FTA पर पोलैंड का रुख, जिस पर 16 दिसंबर को हस्ताक्षर होने हैं।

और पढ़ें: भारत-न्यूज़ीलैंड FTA आज से लागू | शेयर बाज़ार आज

आपकी राय: क्या आप या आपका कोई जानने वाला पढ़ाई या नौकरी के लिए पोलैंड गया है? अनुभव कमेंट में साझा करें।

स्रोत

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी Timetrolls.in के संस्थापक और संपादक हैं। वे टेक, AI, सरकारी योजनाओं और देश-दुनिया की खबरें आसान हिंदी में, आधिकारिक स्रोतों से जाँचकर लिखते हैं। नौकरी की ताज़ा खबरों के लिए उनकी वेबसाइट bharathirwanijobs.com भी देखें।

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