खेतों में ट्रैक्टर की मांग इस बार त्योहारों के कैलेंडर में उलझ गई। फ़रीदाबाद की कंपनी एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड, जो Farmtrac, Powertrac और Kubota ब्रांड के ट्रैक्टर बेचती है, ने 1 नवंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को अपनी ट्रैक्टर सेल्स अक्टूबर 2026 रिपोर्ट भेजी, जिसके मुताबिक इस महीने कुल 16,921 ट्रैक्टर बिके। पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा 18,798 था, यानी करीब 10% की गिरावट। लेकिन इसी रिपोर्ट में दो चमकदार बातें भी हैं: विदेशों में ट्रैक्टर एक्सपोर्ट 35.7% बढ़ा और कंस्ट्रक्शन मशीनों की बिक्री 41.6% उछली।
अगले ही दिन, 2 नवंबर को कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे भी जारी किए, जिनमें आमदनी तो 16% से ज़्यादा बढ़ी, पर मुनाफ़ा करीब 21% घट गया। यानी गाड़ियां बिक रही हैं, पर स्टील जैसे कच्चे माल की महंगाई कमाई खा रही है। किसान, डीलर और शेयर बाज़ार पर नज़र रखने वाले, तीनों के लिए इन आंकड़ों में कुछ न कुछ है। आइए इन्हें एक-एक करके खोलते हैं।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा ट्रैक्टर सेल्स अक्टूबर 2026: पूरे आंकड़े
नीचे की टेबल कंपनी की 1 नवंबर 2026 की आधिकारिक फ़ाइलिंग पर आधारित है। FY27 का मतलब अप्रैल 2026 से मार्च 2027 वाला वित्त वर्ष है।
| श्रेणी | अक्टूबर 2026 | अक्टूबर 2025 | बदलाव | अप्रैल-अक्टूबर 2026 (7 महीने) | सालाना बदलाव |
|---|---|---|---|---|---|
| घरेलू ट्रैक्टर बिक्री | 16,412 | 18,423 | -10.9% | 84,497 | +6.2% |
| ट्रैक्टर एक्सपोर्ट | 509 | 375 | +35.7% | 3,303 | -9.7% |
| कुल ट्रैक्टर | 16,921 | 18,798 | -10.0% | 87,800 | +5.5% |
| कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (मशीनें) | 640 | 452 | +41.6% | 3,748 | +41.3% |
आंकड़े 1 नवंबर 2026 तक: एस्कॉर्ट्स कुबोटा की मासिक सेल्स फ़ाइलिंग (NSE, PDF)। प्रतिशत कंपनी के दिए हुए हैं।
सीधी भाषा में कहें तो अक्टूबर में कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले 1,877 ट्रैक्टर कम बेचे, और इनमें से 2,011 ट्रैक्टर की कमी अकेले देश के बाज़ार में आई। एक्सपोर्ट में 134 ट्रैक्टर ज़्यादा गए, पर एक्सपोर्ट का हिस्सा कुल बिक्री का सिर्फ़ 3% है, इसलिए वह घरेलू गिरावट की भरपाई नहीं कर सका।
गिरावट क्यों आई? कंपनी ने गिनाए तीन कारण
फ़ाइलिंग में कंपनी ने साफ़ लिखा है कि अक्टूबर 2026 में पूरी इंडस्ट्री की रफ़्तार थोड़ी धीमी रही। इसके पीछे तीन वजहें बताई गईं:
- ऊंचा बेस: अक्टूबर 2025 में बिक्री पहले से बहुत ज़्यादा थी, इसलिए इस बार तुलना में आंकड़ा कमज़ोर दिखता है।
- त्योहारों का खिसकना: पिछले साल दिवाली अक्टूबर में थी, इस बार नवंबर में है। ट्रैक्टर की बड़ी ख़रीद अक्सर धनतेरस-दिवाली के शुभ मुहूर्त पर होती है।
- मानसून से जुड़ी दिक्कतें: कई इलाकों में बारिश की गड़बड़ी से खेती का काम और ख़रीद का फ़ैसला टला।
कंपनी ने एक चेतावनी भी दी है: दुनिया के तनावपूर्ण हालात से कच्चा माल महंगा हुआ है, इसलिए कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं, और इससे निकट भविष्य में मांग थोड़ी दब सकती है। यानी आने वाले महीनों में ट्रैक्टर ख़रीदने वालों को पहले से ज़्यादा दाम चुकाने पड़ सकते हैं।
महिंद्रा भी फिसली, यानी असर पूरे बाज़ार पर
यह सिर्फ़ एस्कॉर्ट्स कुबोटा की कहानी नहीं है। देश की सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी महिंद्रा के फ़ार्म इक्विपमेंट बिज़नेस ने भी 1 नवंबर को बताया कि उसकी घरेलू बिक्री 13% घटकर 62,626 ट्रैक्टर रह गई और कुल बिक्री (एक्सपोर्ट मिलाकर) 64,846 रही। महिंद्रा के प्रेसिडेंट (फ़ार्म इक्विपमेंट) वीजय नकरा ने भी गिरावट की मुख्य वजह दिवाली का नवंबर में चले जाना बताई। दोनों कंपनियों का एक्सपोर्ट (महिंद्रा +40%, एस्कॉर्ट्स +35.7%) बढ़ा है, जो दिखाता है कि विदेशी बाज़ार फ़िलहाल सहारा दे रहे हैं। कार और ट्रक कंपनियों की अक्टूबर बिक्री आप हमारी हुंडई, टाटा और महिंद्रा सेल्स रिपोर्ट और अशोक लेलैंड सेल्स रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।
ट्रैक्टर, कार और बाइक की हर बड़ी ख़बर को वीडियो में आसान भाषा में समझने के लिए हमारा YouTube चैनल Tech With Bharat Hirwani देखें। ऐसे अपडेट सबसे पहले पाने के लिए TimeTrolls का WhatsApp चैनल भी जॉइन करें।
Q2 FY27 नतीजे: कमाई बढ़ी, मुनाफ़ा घटा
2 नवंबर 2026 को बोर्ड बैठक के बाद कंपनी ने सितंबर तिमाही के स्टैंडअलोन नतीजे जारी किए। इनकी मुख्य बातें ये रहीं:
| पैमाना (स्टैंडअलोन) | Q2 FY27 (जुलाई-सितंबर 2026) | Q2 FY26 (जुलाई-सितंबर 2025) | बदलाव |
|---|---|---|---|
| कुल आमदनी (रेवेन्यू) | ₹3,231.4 करोड़ | ₹2,777.4 करोड़ | +16.3% |
| EBITDA (ऑपरेटिंग कमाई) | ₹292.4 करोड़ | ₹363.2 करोड़ | -19.5% |
| शुद्ध मुनाफ़ा (PAT) | ₹255.0 करोड़ | ₹321.2 करोड़ | -20.6% |
| प्रति शेयर कमाई (EPS) | ₹23.18 | ₹29.19 | -20.6% |
| ट्रैक्टर बिक्री (तिमाही) | 34,017 | 33,877 | +0.4% |
| कंस्ट्रक्शन मशीनें (तिमाही) | 1,764 | 1,146 | +53.9% |
सबसे बड़ा झटका ट्रैक्टर कारोबार के मार्जिन पर लगा। कंपनी के मुताबिक एग्री मशीनरी सेगमेंट का EBIT मार्जिन पिछले साल के 12.8% से गिरकर 7.8% रह गया, जबकि इस सेगमेंट की आमदनी 10.6% बढ़कर ₹2,690.1 करोड़ रही। मतलब ट्रैक्टर उतने ही बिके, पर हर ट्रैक्टर पर बचत कम हुई। प्रबंधन ने बयान में कहा कि मुनाफ़े पर कच्चे माल की ऊंची कीमतों और प्रोडक्ट मिक्स का असर पड़ा। कंपनी को उम्मीद है कि अगर कमोडिटी के दाम स्थिर रहे तो चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) से मार्जिन धीरे-धीरे सुधरेंगे और FY28 में सामान्य स्तर के करीब लौटेंगे।
@EscortsKubota की X पोस्ट
एक दिलचस्प बात कंपनी की निवेशक प्रेजेंटेशन में दिखती है। जुलाई-सितंबर तिमाही में देश की घरेलू ट्रैक्टर इंडस्ट्री 3.1% सिकुड़ी, लेकिन एस्कॉर्ट्स कुबोटा की घरेलू बिक्री 0.9% बढ़ी। इसी प्रेजेंटेशन के चार्ट के मुताबिक घरेलू बाज़ार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 11.8% से बढ़कर 12.2% हुई। यानी बाज़ार ठंडा रहा, पर कंपनी ने अपनी पकड़ थोड़ी मज़बूत की।
कंस्ट्रक्शन मशीनें बनीं नया इंजन
जहां ट्रैक्टर ठहरे हुए हैं, वहीं क्रेन, बैकहो लोडर, रोड रोलर और मिनी एक्सकेवेटर जैसी कंस्ट्रक्शन मशीनों की बिक्री तेज़ी से बढ़ रही है। अक्टूबर में 640 मशीनें बिकीं (+41.6%) और सितंबर तिमाही में 1,764 (+53.9%)। इस सेगमेंट की तिमाही आमदनी 58.6% बढ़कर ₹536.2 करोड़ पहुंची और मार्जिन 3.8% से सुधरकर 7.9% हो गया। कंपनी इसका श्रेय सड़कों, पुलों और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर लगातार चल रहे काम को देती है, हालांकि उसका कहना है कि आगे बढ़त की रफ़्तार कुछ धीमी हो सकती है।
किसानों और ख़रीदारों के लिए क्या संकेत?
अगर आप इस रबी सीज़न में नया ट्रैक्टर लेने की सोच रहे हैं, तो तीन बातें ध्यान रखें। पहली, नवंबर में दिवाली होने से इस महीने डीलरशिप पर भीड़ और ऑफ़र दोनों बढ़ सकते हैं, इसलिए बुकिंग से पहले दो-तीन डीलरों से ऑन-रोड कीमत लिखित में लें। दूसरी, कंपनी ने ख़ुद कच्चे माल की महंगाई और कीमत बढ़ाने की बात मानी है, इसलिए दाम आगे और बढ़ने की गुंजाइश है। तीसरी, कंपनियों के ये आंकड़े फ़ैक्ट्री से डीलर तक भेजे गए ट्रैक्टर (होलसेल) के हैं, असली ग्राहक ख़रीद का पूरा हाल नवंबर की बिक्री आने पर साफ़ होगा।
छत्तीसगढ़ जैसे धान उगाने वाले राज्यों में ख़रीफ़ की कटाई और धान ख़रीदी के बाद किसानों के हाथ में पैसा आता है, और यही वह समय होता है जब ट्रैक्टर की पूछताछ बढ़ती है। Kubota ब्रांड धान की खेती की मशीनों, जैसे पैडी ट्रांसप्लांटर और हार्वेस्टर, के लिए भी जाना जाता है, इसलिए ऐसे इलाकों में कंपनी की मौजूदगी पर नज़र रहेगी।
सात महीनों की तस्वीर अब भी हरी
एक महीने की गिरावट से घबराने की ज़रूरत नहीं, ऐसा पूरे साल के आंकड़े बताते हैं। अप्रैल से अक्टूबर 2026 के सात महीनों में कंपनी ने 87,800 ट्रैक्टर बेचे, जो पिछले साल की इसी अवधि से 5.5% ज़्यादा है। अप्रैल-सितंबर छमाही में ट्रैक्टर बिक्री 10% बढ़कर 70,879 रही। असली परीक्षा नवंबर में होगी, जब दिवाली की ख़रीद आंकड़ों में दिखेगी। पिछले महीने टू-व्हीलर बाज़ार का हाल जानने के लिए हमारी TVS, हीरो और रॉयल एनफ़ील्ड सेल्स रिपोर्ट भी पढ़ें। कंपनी के ट्रैक्टर और मशीनों की पूरी रेंज उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
यह रिपोर्ट एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड की 1 नवंबर 2026 की सेल्स फ़ाइलिंग, 2 नवंबर 2026 के Q2 नतीजे और प्रेस रिलीज़, निवेशक प्रेजेंटेशन और महिंद्रा की 1 नवंबर 2026 की आधिकारिक रिलीज़ पर आधारित है। अंतर (यूनिट में) की गणना TimeTrolls.in ने की है।

टिप्पणियाँ