कभी जहां पहुंचने के लिए जंगल की पगडंडियां और बरसाती नाले ही रास्ता थे, उस अबूझमाड़ में अब पक्की सड़कों का काम ज़मीन पर दिखने लगा है। नारायणपुर जिले के प्रभारी सचिव और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बन रही तीन सड़कों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। इन तीनों सड़कों की कुल लंबाई 10.95 किलोमीटर है।
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR) की 2 नवंबर 2026 की रिलीज़ के मुताबिक सचिव ने अधिकारियों से साफ कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता या लापरवाही स्वीकार नहीं होगी और सभी काम तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। दौरे में उन्होंने गांव वालों से सीधे बात की और पीएम जनमन के तहत बने एक पक्के आवास को भी देखा।
एक नज़र में: अबूझमाड़ की 3 निर्माणाधीन सड़कें
| सड़क | लंबाई | योजना |
| आकाबेड़ा से कलमानार | 7.3 किमी | प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना |
| कस्तूरमेटा से हिकपाड़ | 2.5 किमी | प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना |
| कुकड़ाझोर से ताड़ोनार | 1.15 किमी | प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना |
| कुल | 10.95 किमी | — |
DPR रिलीज़ में इन सड़कों की लागत और पूरा होने की तारीख नहीं बताई गई है। इसलिए इस खबर में केवल वही आंकड़े दिए गए हैं जो आधिकारिक रिलीज़ में हैं।
सचिव भीम सिंह के निर्देश: तकनीकी मानक, सामग्री की जांच और निगरानी
निरीक्षण के दौरान श्री सिंह ने हर सड़क की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को तीन मुख्य बातें कहीं:
- सड़क निर्माण में तय तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन हो।
- निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए।
- कामों की लगातार निगरानी हो और सभी सड़कें समय-सीमा में पूरी हों।
सचिव ने कहा कि अबूझमाड़ के दुर्गम और दूरस्थ गांवों तक बेहतर सड़क पहुंचाना शासन की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके मुताबिक सड़कें सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं हैं, बल्कि गांवों के सामाजिक और आर्थिक विकास की नींव हैं। सड़क बनने से ग्रामीणों को स्कूल-अस्पताल तक पहुंचने, खेती की उपज बाज़ार तक ले जाने और सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
कस्तूरमेटा में ग्रामीण से सीधी बातचीत
कस्तूरमेटा से हिकपाड़ तक बन रही सड़क देखने के दौरान सचिव ने स्थानीय निवासी मंतूराम गोटा से बात की। उन्होंने गांव की आबादी, परिवारों की संख्या और बसाहट (गांव के घर कितनी दूर-दूर बसे हैं) के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दूरस्थ जनजातीय इलाकों में विकास की योजना बनाते समय वहां की भौगोलिक स्थिति, लोगों की ज़रूरतों और बसाहट को खास महत्व दिया जाए, क्योंकि विकास का असली फायदा तभी मिलेगा जब काम स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से हों।
ताड़ोनार में पीएम जनमन आवास का अवलोकन
दौरे में सचिव ताड़ोनार गांव भी पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही नीलकंठ यादव के नए बने घर को देखा और उनसे आवास तथा बुनियादी सुविधाओं के बारे में बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के तहत पात्र परिवारों को पक्का घर देने की प्रक्रिया तेज़ करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि दूरस्थ और जनजातीय इलाकों में रहने वाले परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचे।
रोजगार और आजीविका पर भी ज़ोर
श्री सिंह ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को निर्देश दिए कि पीएम जनमन और वीबी-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीणों की ज़रूरत के हिसाब से विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही गांवों में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ स्थानीय रोज़गार और आजीविका के मौके भी बढ़ाए जाएं। सभी विभागों को आपसी तालमेल से स्वीकृत कामों में तेज़ी लाने को कहा गया।
निरीक्षण में कौन-कौन मौजूद रहे
इस दौरान नारायणपुर कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, PMGSY के मुख्य अभियंता के.के. कटारे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चित्रकांत चाली ठाकुर और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
अबूझमाड़ के लिए सड़क क्यों मायने रखती है
अबूझमाड़ नारायणपुर जिले का घने जंगलों और पहाड़ियों वाला इलाका है, जहां लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों और कठिन भूगोल की वजह से सड़क, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना मुश्किल रहा। अब यहां सड़क संपर्क बढ़ने से एंबुलेंस, राशन, स्कूल बस और बाज़ार तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है (यह क्षेत्र की ज़रूरतों के आधार पर अनुमान है)। बस्तर में बदलाव से जुड़ी दूसरी खबरें: इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली जंगल सफारी · खैरागढ़ में ₹18.75 करोड़ का संयुक्त जिला कार्यालय · रायगढ़ के किरोड़ीमल कॉलेज को ₹10.78 करोड़।
FAQ
अबूझमाड़ में किन सड़कों का निरीक्षण हुआ?
आकाबेड़ा-कलमानार (7.3 किमी), कस्तूरमेटा-हिकपाड़ (2.5 किमी) और कुकड़ाझोर-ताड़ोनार (1.15 किमी) — कुल 10.95 किमी की तीन निर्माणाधीन सड़कें, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही हैं।
निरीक्षण किसने किया?
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और नारायणपुर जिले के प्रभारी सचिव भीम सिंह ने। उनके साथ कलेक्टर नम्रता जैन और PMGSY के मुख्य अभियंता के.के. कटारे भी थे।
सचिव ने क्या निर्देश दिए?
तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन, निर्माण सामग्री की नियमित जांच, लगातार निगरानी और समय-सीमा में काम पूरा करना। गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होगा।
पीएम जनमन क्या है?
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान, जिसके तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के गांवों में पक्का घर, सड़क, पानी, बिजली जैसी सुविधाएं पहुंचाई जाती हैं।
इन सड़कों की लागत और डेडलाइन क्या है?
DPR की आधिकारिक रिलीज़ में लागत और पूरा होने की तारीख नहीं दी गई है। आधिकारिक जानकारी आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।
स्रोत
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR) की प्रेस रिलीज़, 2 नवंबर 2026 (क्रमांक-10563)। सभी तस्वीरें DPR छत्तीसगढ़ की इसी आधिकारिक रिलीज़ से ली गई हैं।

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