फीचर्ड इमेज: नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करते नए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित। फोटो: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (@rajnathsingh, आधिकारिक X)
भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कमान संभालते ही वायुसेना की आगे की दिशा के लिए ‘वायु’ (VAYU) नाम का चार स्तंभों वाला मार्गदर्शक दृष्टिकोण सामने रखा है, और सोमवार 2 नवंबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनसे मुलाकात कर नए कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। रक्षा मंत्री ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा कि एयर चीफ मार्शल दीक्षित “उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए पहचाने जाने वाले एक प्रतिष्ठित वायु योद्धा” हैं।
रक्षा मंत्रालय की ओर से पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की विज्ञप्तियों के मुताबिक एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने 31 अक्टूबर 2026 को वायुसेना प्रमुख का पदभार ग्रहण किया। वे एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह की जगह आए हैं, जो 42 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। 1 नवंबर को उन्होंने राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर अपने कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत की।

राष्ट्रीय समर स्मारक पर श्रद्धांजलि, फिर गार्ड ऑफ ऑनर
PIB की 1 नवंबर की विज्ञप्ति के अनुसार नए वायुसेना प्रमुख ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) पर देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद नई दिल्ली के वायुसेना स्टेशन पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। भारतीय वायुसेना ने भी अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा कि एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने इसी के साथ 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में अपनी यात्रा शुरू की।

‘वायु’ विजन क्या है: चार स्तंभ, चार प्राथमिकताएं
अपने पहले संबोधन में वायुसेना प्रमुख ने साफ किया कि उनके कार्यकाल में वायुसेना किन बातों पर सबसे ज्यादा ध्यान देगी। ‘वायु’ शब्द के हर अक्षर में एक स्तंभ छिपा है:
- V (वी) – सतर्कता, विजय एवं तत्परता: वायुसेना की सभी इकाइयों में परिचालन तैयारी का उच्चतम स्तर बनाए रखना और युद्ध क्षमता को तय मानकों के अनुरूप बहाल करना।
- A (ए) – आत्मनिर्भरता: विमान, सेंसर, हथियार और तकनीक में स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देना, ताकि परिचालन में आत्मनिर्भरता आए और युद्ध क्षमता लगातार बनी रहे।
- Y (वाई) – युक्ति: युद्ध सिद्धांतों, तकनीक और परिचालन प्रक्रियाओं में दूरदर्शिता और नवाचार। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कमान एवं नियंत्रण प्रणाली, ड्रोन-रोधी क्षमताएं, परिचालन लचीलापन और उभरते युद्ध क्षेत्र शामिल हैं।
- U (यू) – प्रयासों में एकजुटता: राष्ट्रीय दृष्टिकोण ‘जय’ यानी संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार के अनुरूप थलसेना, नौसेना और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल व संयुक्त कार्यक्षमता को और मजबूत करना।
PIB के मुताबिक इस विजन का मकसद ऐसी वायुसेना तैयार करना है जो हर परिस्थिति में परिचालन के लिए तैयार, तकनीकी रूप से उन्नत, आत्मनिर्भर और बेहतर समन्वय वाली हो, और जो अपनी वायु शक्ति से राष्ट्रीय हितों की रक्षा करे तथा संभावित संघर्षों को रोके।
AI और ड्रोन-रोधी क्षमता पर जोर क्यों अहम
हाल के वर्षों के संघर्षों ने दिखाया है कि सस्ते ड्रोन और तेज डिजिटल फैसले आधुनिक युद्ध का रूप बदल रहे हैं। ‘युक्ति’ स्तंभ में AI आधारित कमान एवं नियंत्रण और ड्रोन-रोधी क्षमताओं का साफ जिक्र बताता है कि वायुसेना नेतृत्व इन्हीं खतरों को सबसे बड़ी प्राथमिकता मान रहा है। वहीं ‘आत्मनिर्भरता’ स्तंभ स्वदेशी विमानों, हथियारों और सेंसरों पर भरोसा बढ़ाने की उसी नीति को आगे बढ़ाता है, जिसके तहत देश में रक्षा उत्पादन तेज किया जा रहा है। नौसेना के लिए हाल में हुए स्वदेशी युद्धपोत सौदे की जानकारी हमारी रिपोर्ट नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट: 53,866 करोड़ का अनुबंध में पढ़ें।
पहला दौरा: उसी फॉरवर्ड एयर बेस पर, जिसकी कभी कमान संभाली थी
भारतीय वायुसेना के आधिकारिक X हैंडल के अनुसार वायुसेना प्रमुख के रूप में अपने पहले दौरे में एयर चीफ मार्शल दीक्षित एक अग्रिम (फॉरवर्ड) एयर बेस पहुंचे, जिसकी कमान वे पहले संभाल चुके हैं। उन्होंने बेस की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की और सौंपे गए मिशनों को अंजाम देने की उसकी क्षमता व तत्परता का जायजा लिया। सुरक्षा कारणों से वायुसेना ने बेस का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

इस दौरान उन्होंने महिला अग्निवीरवायु समेत अग्निवीरवायु जवानों से बातचीत की और वायुसेना की युद्ध क्षमता व परिचालन प्रभावशीलता को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका पर जोर दिया। वायुसेना ने कहा कि यह दौरा अग्रिम मोर्चे पर तैनात वायु योद्धाओं से उनके लगातार जुड़ाव को दिखाता है।

कौन हैं एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित: चार दशक का अनुभव
PIB की 31 अक्टूबर की विज्ञप्ति में उनके करियर का पूरा ब्योरा दिया गया है:
- कमीशन: राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र; 6 दिसंबर 1986 को वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन
- उड़ान अनुभव: 3,500 घंटे से ज्यादा; मिराज-2000, मिग के कई वेरिएंट, जगुआर और कई परिवहन विमान उड़ाए
- विशेषज्ञता: फाइटर पायलट, योग्य उड़ान प्रशिक्षक (QFI) और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट
- आधुनिकीकरण में भूमिका: जगुआर और मिग-27 अपग्रेड परियोजनाओं को अंतिम रूप देने और स्वदेशी LCA तेजस Mk-I की IOC व FOC (प्रारंभिक व अंतिम परिचालन मंजूरी) प्रक्रिया पूरी कराने में अहम योगदान
- कमान: मिराज-2000 स्क्वाड्रन, पश्चिमी सेक्टर में एक फॉरवर्ड बेस सपोर्ट यूनिट और वायुसेना स्टेशन बीदर (प्रमुख फाइटर प्रशिक्षण बेस)
- प्रमुख पद: दक्षिणी वायु कमान में एयर डिफेंस कमांडर, दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर, वायुसेना उप प्रमुख (DCAS), केंद्रीय वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख (CISC)
- पिछला पद: वायुसेना प्रमुख बनने से ठीक पहले वायुसेना के उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ)
- शिक्षा व सम्मान: डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज (बांग्लादेश) और नेशनल डिफेंस कॉलेज (नई दिल्ली) से स्नातक; परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, वायु सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित
वायुसेना में 1 नवंबर को और कौन से बड़े बदलाव हुए
नए प्रमुख के साथ ही वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व में दो और अहम नियुक्तियां हुईं, जिनकी जानकारी वायुसेना ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर दी:
- एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया, AVSM, VM ने 1 नवंबर 2026 को वायुसेना के नए उप प्रमुख (VCAS) का पद संभाला। उन्होंने राष्ट्रीय समर स्मारक पर श्रद्धांजलि दी और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
- एयर मार्शल महताब सिंह देसवाल, AVSM, VM ने पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला। NDA के पूर्व छात्र देसवाल जून 1989 में फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए थे, उनके पास 3,200 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव है, और वे एक फ्रंटलाइन Su-30 स्क्वाड्रन व दो प्रमुख एयर बेस की कमान संभाल चुके हैं। इससे पहले वे दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर थे।


छत्तीसगढ़ से जुड़ाव: राज्योत्सव में दिखा वायुसेना का दम
छत्तीसगढ़ के पाठकों के लिए यह खबर इसलिए भी खास है कि राज्योत्सव 2026 के दौरान वायुसेना की सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने नवा रायपुर में शानदार प्रदर्शन किया था। उस एयर शो की पूरी रिपोर्ट राज्यपाल रमेन डेका और सारंग एयर शो में पढ़ें। देश और प्रदेश की और खबरें हमारे न्यूज़ सेक्शन में मिलेंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख कौन हैं?
एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित, PVSM, AVSM, VM, VSM भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख हैं। उन्होंने 31 अक्टूबर 2026 को पदभार ग्रहण किया।
उन्होंने किसकी जगह ली है?
उन्होंने एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह की जगह ली है, जो 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।
‘वायु’ विजन के चार स्तंभ क्या हैं?
V: सतर्कता, विजय एवं तत्परता; A: आत्मनिर्भरता; Y: युक्ति (नवाचार, AI आधारित कमान-नियंत्रण, ड्रोन-रोधी क्षमता); U: प्रयासों में एकजुटता (थलसेना, नौसेना और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल)।
वायुसेना के नए उप प्रमुख कौन हैं?
एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया ने 1 नवंबर 2026 को वायुसेना उप प्रमुख (VCAS) का पद संभाला है।
स्रोत
- पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रक्षा मंत्रालय, रिलीज़ ID 2330846 (31 अक्टूबर 2026) और रिलीज़ ID 2331270 (1 नवंबर 2026)
- भारतीय वायुसेना (@IAF_MCC) के आधिकारिक X पोस्ट, 1 नवंबर 2026
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (@rajnathsingh) का आधिकारिक X पोस्ट, 2 नवंबर 2026
नोट: इस खबर की सभी तस्वीरें PIB, भारतीय वायुसेना और रक्षा मंत्री के आधिकारिक स्रोतों से ली गई हैं और हर तस्वीर पर स्रोत दिया गया है।








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