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IPO Subscription Status: BLS Polymers पहले दिन 6.87 गुना भरा, EAAA और SFC में धीमी शुरुआत

NSE के 27 अक्टूबर 2026 दोपहर 1:54 बजे तक के आंकड़ों में BLS Polymers का IPO पहले दिन 6.87 गुना भर गया, जबकि EAAA India Alternatives 0.25 गुना और SFC Environmental 0.07 गुना पर है। हर श्रेणी का हाल, रुपये में मांग और अलॉटमेंट से इसका रिश्ता यहां पढ़ें।

IPO Subscription Status 27 अक्टूबर 2026: BLS Polymers, EAAA और SFC के NSE आंकड़ों पर TimeTrolls.in का ग्राफिक
ग्राफिक: TimeTrolls.in

मुख्य बातें

  • तीनों IPO का हाल एक नज़र में
  • BLS Polymers: पहले ही दिन हर श्रेणी में मांग
  • EAAA India Alternatives: दूसरे दिन भी धीमी रफ्तार
  • SFC Environmental: पहले दिन रिटेल आगे, संस्थाएं अभी दूर

इस हफ्ते खुले तीन मेनबोर्ड IPO में निवेशकों की दिलचस्पी एक जैसी नहीं है। National Stock Exchange (NSE) के IPO बिड पेज पर 27 अक्टूबर 2026 दोपहर 1:54 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक IPO subscription status में BLS Polymers सबसे आगे है, जिसका इश्यू पहले ही दिन NSE पर करीब 6.87 गुना भर चुका है। दूसरी तरफ EAAA India Alternatives अपने दूसरे दिन भी करीब 0.25 गुना पर है और SFC Environmental Technologies पहले दिन 0.07 गुना पर दिख रहा है।

इन आंकड़ों को पढ़ने से पहले एक बात साफ़ कर लें। यहां दी गई संख्या सिर्फ़ NSE के प्लेटफॉर्म पर लगी बोलियों की है। BSE पर लगी बोलियां इसमें शामिल नहीं हैं, इसलिए दोनों एक्सचेंज को मिलाकर बनने वाला आंकड़ा थोड़ा अलग हो सकता है। फिर भी NSE पर ज़्यादातर बोलियां आती हैं, इसलिए रुझान समझने के लिए यह भरोसेमंद आधिकारिक पैमाना है। आंकड़े दिन भर बदलते रहते हैं और आखिरी दिन शाम 5 बजे के बाद ही अंतिम तस्वीर सामने आती है।

तीनों IPO का हाल एक नज़र में

नीचे की टेबल में “ऑफर” का मतलब है NSE पर उस इश्यू के लिए रखे गए शेयर (एंकर हिस्से को छोड़कर) और “बोली” का मतलब है अब तक मांगे गए कुल शेयर। गुना की गणना NSE के आंकड़ों से की गई है।

IPO (बोली की तारीख)ऑफर शेयरबोली वाले शेयरकुल गुना
BLS Polymers (27-29 अक्टूबर)1,19,00,0008,17,48,9006.87
EAAA India Alternatives (26-28 अक्टूबर)52,99,68413,35,1410.25
SFC Environmental Technologies (27-29 अक्टूबर)1,41,59,7449,79,4700.07

रुपये में देखें तो फर्क और साफ़ होता है। ऊपरी प्राइस बैंड पर BLS Polymers में NSE पर करीब ₹1,226 करोड़ की बोलियां आ चुकी हैं, जबकि ऑफर किया गया हिस्सा करीब ₹178.5 करोड़ का है। EAAA में ऑफर हिस्सा करीब ₹882 करोड़ का है और बोलियां करीब ₹222 करोड़ की हैं। SFC में ₹467 करोड़ के हिस्से के मुकाबले लगभग ₹32 करोड़ की मांग दिखी है। ये रकम TimeTrolls.in ने ऊपरी प्राइस बैंड से निकाली हैं, कंपनी या एक्सचेंज ने रुपये के आंकड़े अलग से नहीं दिए हैं।

BLS Polymers: पहले ही दिन हर श्रेणी में मांग

₹142-150 के प्राइस बैंड वाले इस IPO में संस्थागत खरीदार (QIB) वाला हिस्सा 11.62 गुना भर चुका है। गैर-संस्थागत निवेशक (NII) का हिस्सा 6.57 गुना और खुदरा निवेशक (RII) का हिस्सा 4.28 गुना भरा है। NII के भीतर ₹2 से ₹10 लाख वाली छोटी HNI श्रेणी 10.19 गुना पर है, जबकि ₹10 लाख से ऊपर वाली श्रेणी 4.77 गुना पर।

खुदरा हिस्से में एक और बात ध्यान खींचती है। RII की कुल 2.55 करोड़ शेयरों की बोलियों में से लगभग 2.34 करोड़ शेयर “कट-ऑफ” पर हैं, यानी करीब 92 प्रतिशत छोटे निवेशकों ने ऊपरी भाव पर ही आवेदन किया है। आम तौर पर ऐसा तब होता है जब लोग भाव से ज़्यादा अलॉटमेंट मिलने की संभावना को अहमियत देते हैं।

कंपनी तार और केबल की परत में इस्तेमाल होने वाले पॉलिमर कंपाउंड बनाती है और पूरा इश्यू 1.70 करोड़ नए शेयरों का है, यानी पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा। RHP के मुताबिक अलॉटमेंट 30 अक्टूबर और लिस्टिंग 3 नवंबर को अनुमानित है।

EAAA India Alternatives: दूसरे दिन भी धीमी रफ्तार

₹1,585-1,665 के बैंड वाला यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी रकम कंपनी के बजाय बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी। NSE के मुताबिक QIB हिस्सा 0.45 गुना, NII 0.37 गुना और रिटेल सिर्फ़ 0.09 गुना भरा है। ₹10 लाख से ऊपर वाले बड़े HNI 0.51 गुना पर हैं, लेकिन ₹2-10 लाख वाली श्रेणी 0.07 गुना पर ही है।

QIB हिस्से में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की 3.63 लाख शेयरों की बोलियां दिख रही हैं, जबकि म्यूचुअल फंड श्रेणी में शून्य है। इश्यू बुधवार, 28 अक्टूबर को बंद होगा। बड़े इश्यू में संस्थागत बोलियां अक्सर आखिरी दिन आती हैं, इसलिए दूसरे दिन का आंकड़ा अंतिम नतीजे का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता।

SFC Environmental: पहले दिन रिटेल आगे, संस्थाएं अभी दूर

₹313-330 के बैंड वाले इस इश्यू में ₹150 करोड़ के नए शेयर और बाकी OFS है। पहले दिन रिटेल हिस्सा 0.12 गुना भरा है, NII 0.04 गुना और QIB में अब तक केवल 3,060 शेयरों की बोली आई है। यह इश्यू भी 29 अक्टूबर तक खुला है।

  • रिटेल के लिए रखे 70.80 लाख शेयरों के मुकाबले 8.41 लाख शेयरों की बोलियां आईं
  • इनमें से 7.92 लाख शेयर कट-ऑफ भाव पर हैं
  • ₹2-10 लाख वाली HNI श्रेणी 0.10 गुना और ₹10 लाख से ऊपर वाली 0.02 गुना पर है

IPO, शेयर बाज़ार और बैंकिंग से जुड़े नियम आसान हिंदी में समझने के लिए हमारा YouTube चैनल Tech With Bharat Hirwani देखें। ऐसे अपडेट तुरंत पाने के लिए हमारा WhatsApp चैनल भी फॉलो कर सकते हैं।

सब्सक्रिप्शन के गुना से अलॉटमेंट का क्या रिश्ता है

बहुत से निवेशक मान लेते हैं कि ज़्यादा भरा इश्यू मतलब पक्का मुनाफ़ा। असल में सब्सक्रिप्शन सिर्फ़ यह बताता है कि मांग कितनी है। रिटेल श्रेणी में अगर आवेदन, रखे गए लॉट से ज़्यादा हो जाएं, तो SEBI के नियमों के तहत ज़्यादातर मामलों में हर सफल आवेदक को कम से कम एक लॉट लॉटरी से मिलता है। BLS Polymers में रिटेल के लिए 59.50 लाख शेयर यानी 59,500 लॉट रखे गए हैं। अगर आवेदन इससे काफी ज़्यादा हुए, तो हर आवेदक को अलॉटमेंट मिलना मुश्किल होगा, चाहे उसने कितने भी लॉट के लिए बोली लगाई हो।

यही वजह है कि कई अनुभवी निवेशक ज़्यादा भरे इश्यू में एक ही लॉट से आवेदन करना पसंद करते हैं, ताकि बाकी पैसा बेवजह ब्लॉक न रहे। अलॉटमेंट का गणित हमने Jio IPO अलॉटमेंट स्टेटस वाली रिपोर्ट में विस्तार से समझाया था, वही तरीका यहां भी लागू होता है।

कल से एक और IPO, कैलेंडर पर नज़र रखें

बुधवार, 28 अक्टूबर को M. K. Sons Fine Jewels का IPO भी खुलेगा, जिसका प्राइस बैंड ₹153-162 है और यह 30 अक्टूबर तक खुला रहेगा। यानी 28 अक्टूबर को एक साथ चार इश्यू में बोली लगाई जा सकेगी। चारों की तारीखें, लॉट और ब्लॉक होने वाली रकम हमने इस हफ्ते के upcoming IPO वाले लेख में दी हैं। अगले महीने की शुरुआत में बाज़ार की छुट्टियों और दिवाली सत्र का समय जानने के लिए Muhurat Trading 2026 का टाइमटेबल भी देख सकते हैं।

  • हर IPO के आखिरी दिन UPI मंडेट शाम 5 बजे तक मंज़ूर करना ज़रूरी है, वरना आवेदन वैध नहीं गिना जाएगा
  • EAAA की बोली 28 अक्टूबर को, BLS Polymers और SFC की 29 अक्टूबर को बंद होगी
  • लाइव आंकड़े NSE के “Current Issues” पेज पर हर कुछ मिनट में अपडेट होते हैं

आंकड़ों को कैसे पढ़ें

पहले दिन का भारी सब्सक्रिप्शन अक्सर सुर्खियां बनाता है, लेकिन इससे कंपनी के कारोबार की गुणवत्ता, कर्ज़ या भविष्य की कमाई के बारे में कुछ तय नहीं होता। उसी तरह धीमी शुरुआत का मतलब यह नहीं कि इश्यू कमज़ोर है। संस्थागत निवेशक कई बार आखिरी दिन बोली लगाते हैं। आवेदन का फैसला RHP में दिए गए जोखिम, कमाई के आंकड़ों, इश्यू के बाद की वैल्यूएशन और अपनी ज़रूरत के हिसाब से होना चाहिए, न कि सिर्फ़ गुना देखकर।

हम इन तीनों इश्यू के अंतिम सब्सक्रिप्शन और अलॉटमेंट की आधिकारिक जानकारी आने पर अपडेट देंगे।

ज़रूरी सूचना: यह निवेश सलाह नहीं है। यह लेख सिर्फ़ NSE के आधिकारिक आंकड़ों और कंपनियों के RHP में दी गई जानकारी को आसान भाषा में समझाने के लिए है। किसी भी IPO में पैसा लगाने से पहले खुद रिसर्च करें या SEBI में रजिस्टर्ड सलाहकार से बात करें।

जानकारी का आधार: NSE IPO Current Issues और बिड डिटेल्स (27 अक्टूबर 2026, दोपहर 1:54 बजे IST तक, सिर्फ़ NSE की बोलियां) और कंपनियों के RHP (BLS Polymers, EAAA, SFC)। रुपये में मांग TimeTrolls.in की गणना है।

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी Timetrolls.in के संस्थापक और संपादक हैं। वे टेक, AI, सरकारी योजनाओं और देश-दुनिया की खबरें आसान हिंदी में, आधिकारिक स्रोतों से जाँचकर लिखते हैं। नौकरी की ताज़ा खबरों के लिए उनकी वेबसाइट bharathirwanijobs.com भी देखें।

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