Jio IPO allotment अब इस हफ्ते की सबसे बड़ी बाज़ार खबर है। Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजे बंद हुआ और NSE के संयुक्त (NSE+BSE) आंकड़ों के मुताबिक यह कुल 22.19 गुना भरा। कंपनी के Red Herring Prospectus (RHP) में दी गई समय-सारणी के अनुसार शेयरों का अलॉटमेंट सोमवार, 26 अक्टूबर को तय होगा और 28 अक्टूबर को शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होंगे।
लेकिन 22 गुना वाला आंकड़ा छोटे निवेशक की पूरी कहानी नहीं बताता। रिटेल कोटा सिर्फ 2.72 गुना भरा है, जबकि बड़े संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 70 गुना से ज़्यादा। इसका मतलब यह है कि आम निवेशक के लिए तस्वीर उतनी कड़ी नहीं है जितनी हेडलाइन से लगती है, फिर भी हर आवेदक को शेयर मिलना तय नहीं है। नीचे हमने आधिकारिक आंकड़ों से समझाया है कि अलॉटमेंट कैसे होगा, आपके चांस किस बात पर टिके हैं और स्टेटस कहां देखें।
आगे की तारीखें एक नज़र में
ये तारीखें Jio Platforms के RHP में “on or about” यानी अनुमानित तारीख के तौर पर दी गई हैं। किसी वजह से इनमें एक-दो दिन का बदलाव हो सकता है, इसलिए अंतिम जानकारी के लिए रजिस्ट्रार और एक्सचेंज की सूचना ही मानें।
| चरण | तारीख (RHP के अनुसार) |
|---|---|
| IPO खुला | बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 |
| IPO बंद (UPI मंज़ूरी शाम 7 बजे तक) | शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 |
| अलॉटमेंट तय होगा | सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 |
| जिन्हें शेयर नहीं मिले, उनका पैसा अनब्लॉक | मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 |
| डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट | मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 |
| NSE-BSE पर ट्रेडिंग शुरू | बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 |
किस कैटेगरी में कितनी मांग आई
NSE की वेबसाइट पर 23 अक्टूबर 2026 शाम 7:00 बजे तक के संयुक्त बिड आंकड़े नीचे हैं। इनमें एंकर निवेशकों का हिस्सा शामिल नहीं है, क्योंकि उन्हें 19 अक्टूबर को ही 7,24,74,066 शेयर दे दिए गए थे। ₹1,119 के हिसाब से एंकर बुक करीब ₹8,109.85 करोड़ की बनती है।
| कैटेगरी | ऑफर किए गए शेयर | बोली लगे शेयर | कितने गुना |
|---|---|---|---|
| QIB (एंकर छोड़कर) | 4,90,07,827 | 3,45,75,57,456 | 70.55 |
| NII (कुल) | 3,64,44,569 | 51,03,55,128 | 14.00 |
| NII – ₹10 लाख से ऊपर | 2,42,96,380 | 38,61,67,752 | 15.89 |
| NII – ₹2 से 10 लाख | 1,21,48,189 | 12,41,87,376 | 10.22 |
| रिटेल (₹2 लाख तक) | 8,50,37,327 | 23,11,62,888 | 2.72 |
| कर्मचारी | 46,94,835 | 1,37,43,348 | 2.93 |
| RIL शेयरधारक | 2,23,41,376 | 16,97,96,748 | 7.60 |
| कुल | 19,75,25,934 | 4,38,26,15,568 | 22.19 |
अगर इन बोलियों को ऊपरी दाम ₹1,119 से गुणा करें, तो कुल मांग लगभग ₹4.9 लाख करोड़ बैठती है, जिसमें रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी करीब ₹25,867 करोड़ है। NSE के डिमांड ग्राफ से एक और बात साफ होती है: लगभग सारी बोलियां या तो ऊपरी दाम ₹1,119 पर थीं या “कट-ऑफ” पर। रिटेल की 23.12 करोड़ शेयरों की बोलियों में से 20.83 करोड़ यानी करीब 90% कट-ऑफ पर लगी थीं। अंतिम इश्यू प्राइस कंपनी घोषित करेगी, लेकिन बोली का यह पैटर्न ऊपरी दाम की तरफ ही इशारा करता है।
रिटेल निवेशक को शेयर मिलेगा या नहीं: Jio IPO allotment का गणित
बहुत से लोग मानते हैं कि ज़्यादा लॉट के लिए आवेदन करने से शेयर मिलने का चांस बढ़ जाता है। रिटेल कैटेगरी में ऐसा नहीं होता। SEBI के ICDR नियमों और RHP के साथ जारी General Information Document में लिखी प्रक्रिया के मुताबिक, जब रिटेल कोटा ओवरसब्सक्राइब होता है, तो पहले यह देखा जाता है कि ज़्यादा से ज़्यादा कितने लोगों को कम से कम एक लॉट दिया जा सकता है। इसे “Maximum RII Allottees” कहते हैं।
Jio IPO में एक लॉट 12 शेयरों का है, यानी ऊपरी दाम पर ₹13,428। रिटेल के लिए 8,50,37,327 शेयर रखे गए हैं। इन्हें 12 से भाग दें तो करीब 70.86 लाख लोगों को एक-एक लॉट मिल सकता है। अगर वैध रिटेल आवेदक इससे ज़्यादा हैं, तो किसे लॉट मिलेगा यह लॉटरी (draw of lots) से तय होगा। यानी ₹13,428 लगाने वाले और ₹1.88 लाख तक लगाने वाले, दोनों के पास आम तौर पर एक ही टिकट होता है।
आपका असली चांस इस बात पर टिका है कि कुल कितने लोगों ने वैध रिटेल आवेदन किया। यह संख्या रजिस्ट्रार के “Basis of Allotment” दस्तावेज़ में आएगी। तब तक मोटा अंदाज़ा ऐसे लगा सकते हैं:
- अगर करीब 1 करोड़ वैध रिटेल आवेदन हैं, तो लगभग 71% आवेदकों को एक लॉट मिल सकता है।
- अगर आवेदन 1.5 करोड़ के आसपास हैं, तो यह अनुपात करीब 47% रह जाएगा।
- रिटेल बोलियां कुल 1.93 करोड़ लॉट की हैं। अगर हर व्यक्ति ने सिर्फ एक लॉट मांगा होता, तो चांस करीब 37% होता। असल में बहुत से लोगों ने कई लॉट मांगे हैं, इसलिए आवेदकों की संख्या इससे कम होगी और चांस इससे बेहतर।
ध्यान रहे, ये सिर्फ उदाहरण हैं, कोई भविष्यवाणी नहीं। एक ही PAN से कई आवेदन, गलत बोली या UPI मंज़ूरी न देने जैसे मामलों में आवेदन रद्द भी हो जाते हैं, जिससे वैध आवेदकों की गिनती बदलती है। पहले दिन की मांग का हाल हमने Jio IPO के पहले दिन की रिपोर्ट में बताया था, और खुलने से पहले छोटे निवेशकों के सवालों पर यह विस्तृत लेख भी पढ़ सकते हैं।
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RIL शेयरधारक और कर्मचारी कोटे में क्या होगा
इस IPO में Reliance Industries के पात्र शेयरधारकों के लिए अलग कोटा था, जो 7.60 गुना भरा। कर्मचारियों का कोटा 2.93 गुना भरा और उन्हें प्रति शेयर ₹54 की छूट मिली थी। RHP के मुताबिक इन दोनों कोटों में शेयर अनुपात (proportionate) के आधार पर बांटे जाएंगे। जिन्होंने शेयरधारक कोटे के साथ रिटेल में भी आवेदन किया था, उनके दोनों आवेदन अलग-अलग गिने जाते हैं, इसलिए दोनों जगह का स्टेटस अलग से देखना चाहिए।
Jio IPO allotment स्टेटस कहां और कैसे देखें
Jio Platforms IPO की रजिस्ट्रार KFin Technologies है। Jio IPO allotment तय होने के बाद आम तौर पर उसी दिन शाम या अगले दिन तक स्टेटस दिखने लगता है। तीन भरोसेमंद जगहें हैं:
- KFin Technologies: ipostatus.kfintech.com पर IPO के नाम में Jio Platforms चुनें, फिर PAN, आवेदन संख्या या डीमैट खाता नंबर डालें।
- BSE: BSE के आवेदन स्टेटस पेज पर Equity चुनकर इश्यू का नाम और PAN डालें।
- NSE: NSE के बिड वेरिफिकेशन पेज पर भी PAN और आवेदन नंबर से जानकारी मिलती है।
अगर स्टेटस “Not Allotted” दिखे, तो घबराने की ज़रूरत नहीं। ASBA या UPI से ब्लॉक हुई रकम RHP के मुताबिक 27 अक्टूबर तक अनब्लॉक होनी है। अगर तय समय के बाद भी पैसा ब्लॉक दिखे, तो पहले अपने बैंक या ब्रोकर से बात करें, फिर रजिस्ट्रार की ईमेल jioplatforms.ipo@kfintech.com पर शिकायत भेजें। जिन्हें शेयर मिले हैं, उनके डीमैट खाते में 27 अक्टूबर तक शेयर दिख जाने चाहिए।
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लिस्टिंग से पहले कुछ बातें जो अक्सर छूट जाती हैं
पहली बात, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। यह अनौपचारिक बाज़ार की चर्चा है, जो लिस्टिंग के दिन पूरी तरह गलत भी साबित हो सकती है। SEBI या एक्सचेंज इसे मान्यता नहीं देते, इसलिए इसके आधार पर फैसला लेना जोखिम भरा है।
दूसरी बात, इतना बड़ा सब्सक्रिप्शन कंपनी के कारोबार की गारंटी नहीं है। RHP के मुताबिक नए शेयरों से जुटाए पैसे में से ₹27,500 करोड़ तक सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm के कर्ज़ चुकाने में लगेंगे। यह बैलेंस शीट के लिए अच्छी बात हो सकती है, पर लिस्टिंग के बाद शेयर का भाव मांग, बाज़ार के माहौल और कंपनी के नतीजों पर निर्भर करेगा। लंबे समय में यह देखना ज़्यादा अहम होगा कि टेलीकॉम में हर ग्राहक से कमाई (ARPU) और नए डिजिटल कारोबार किस रफ्तार से बढ़ते हैं।
तीसरी बात, जिनका पैसा अनब्लॉक होगा, उन्हें जल्दबाज़ी में दूसरा IPO चुनने की बजाय अपनी ज़रूरत और जोखिम क्षमता देखनी चाहिए। अगले हफ्ते कई और इश्यू खुल रहे हैं, पर हर IPO की स्थिति अलग होती है। जो लोग इस पैसे को कम जोखिम वाले विकल्प में रखना चाहते हैं, वे अक्टूबर 2026 की FD ब्याज दरों वाली हमारी तुलना देख सकते हैं।
अंत में एक व्यावहारिक सलाह: 26 अक्टूबर को बार-बार रिफ्रेश करने से स्टेटस जल्दी नहीं आता। रजिस्ट्रार जब Basis of Allotment अपलोड करता है, तभी जानकारी दिखती है। तब तक अपना PAN और आवेदन नंबर तैयार रखें, और किसी अनजान लिंक या “अलॉटमेंट पक्का कराने” वाले मैसेज पर भरोसा न करें। अलॉटमेंट पूरी तरह तय नियमों और लॉटरी से होता है, इसे कोई “सेट” नहीं कर सकता।
ज़रूरी सूचना: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है। इसमें किसी शेयर को खरीदने, बेचने या रखने की सिफारिश नहीं की गई है। सभी आंकड़े 24 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित हैं। निवेश से पहले RHP पढ़ें और ज़रूरत हो तो SEBI-पंजीकृत सलाहकार से बात करें।
जानकारी का आधार: NSE इश्यू जानकारी और बिड आंकड़े (23 अक्टूबर 2026, शाम 7:00 बजे तक), Jio Platforms RHP और SEBI के ICDR नियम।

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