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यूथ ओलंपिक में भारत का पहला वुशु पदक: मणिपुर की राजकुमारी लांचेनबी चानू ने डकार 2026 में चांगक्वान कंबाइंड में जीता कांस्य

राजकुमारी लांचेनबी चानू ने 18.039 अंकों के साथ डकार 2026 यूथ ओलंपिक में चांगक्वान कंबाइंड वुशु का कांस्य जीता। यह यूथ ओलंपिक में भारत का पहला वुशु पदक और डकार में तीसरा पदक है।

डकार 2026 यूथ ओलंपिक में वुशु रूटीन के दौरान लाठी के साथ भारत की राजकुमारी लांचेनबी चानू
फोटो: Team India (@WeAreTeamIndia)

मुख्य बातें

  • फाइनल का स्कोरकार्ड: कैसे जीता कांस्य
  • क्वालिफिकेशन में भी दिखाया था दम
  • वुशु क्या है? चांगक्वान और गुनशु आसान भाषा में
  • डकार 2026 में भारत के अब तक के पदक

भारतीय खेलों के लिए सेनेगल की राजधानी डकार से एक ऐतिहासिक खबर आई है। मणिपुर की राजकुमारी लांचेनबी चानू ने डकार 2026 यूथ ओलंपिक गेम्स में महिलाओं की चांगक्वान कंबाइंड वुशु स्पर्धा में कांस्य पदक जीत लिया है। वह यूथ ओलंपिक में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय वुशु खिलाड़ी बन गई हैं। खास बात यह है कि वुशु इन्हीं खेलों से यूथ ओलंपिक में आधिकारिक मेडल खेल के रूप में शामिल हुआ है, यानी डेब्यू के साथ ही भारत का खाता खुल गया।

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI Media) ने 4 नवंबर को इसे “इतिहास” बताते हुए लिखा कि SAI NCOE मणिपुर की खिलाड़ी लांचेनबी चानू ने 18.039 अंकों के साथ कांस्य जीता। टीम इंडिया के आधिकारिक हैंडल ने भी उन्हें बधाई दी।

फाइनल का स्कोरकार्ड: कैसे जीता कांस्य

खिलाड़ी (देश)कुल अंकपदक
सोंडोस सोनबोल (मिस्र)18.660स्वर्ण
वेलेरिया फ्रैनेरीस डुडामेल अल्वाराडो (वेनेज़ुएला)18.199रजत
राजकुमारी लांचेनबी चानू (भारत)18.039कांस्य
ग्वांत्सा कारचावा (जॉर्जिया)17.700चौथा स्थान

चानू को कुल 18.039 अंक मिले। हथियार वाले रूटीन गुनशु (लाठी/स्टाफ) में उन्होंने 8.723 अंक लिए और इस हिस्से में चौथे स्थान पर रहीं। लेकिन खाली हाथ वाले रूटीन चांगक्वान में 9.316 अंक के साथ वह आठ फाइनलिस्ट में दूसरे नंबर पर रहीं और इसी दम पर पोडियम तक पहुंचीं। (इंडिया टुडे और स्पोर्टस्टार की रिपोर्ट, Olympics.com के नतीजों के हवाले से)

फोटो: SAI Media (@Media_SAI)

क्वालिफिकेशन में भी दिखाया था दम

फाइनल से पहले प्रारंभिक दौर में चानू 17.982 अंकों (गुनशु 8.876, चांगक्वान 9.106) के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं। तब मिस्र की सोंडोस सोनबोल 18.386 अंकों के साथ पहले नंबर पर थीं। क्वालिफाई करने के बाद चानू ने कहा था कि वह मेडल लेकर ही घर लौटेंगी, और उनका लक्ष्य गोल्ड था। गोल्ड भले न आया हो, पर उनका कांस्य भारतीय वुशु के लिए मील का पत्थर है।

वुशु क्या है? चांगक्वान और गुनशु आसान भाषा में

वुशु चीन की पारंपरिक मार्शल आर्ट से निकला खेल है। इसके दो रूप होते हैं: ताओलू, जिसमें खिलाड़ी तय क्रम में मूव्स (रूटीन) दिखाते हैं और जज तकनीक, संतुलन, गति और प्रस्तुति पर अंक देते हैं; और सांडा, जो आमने-सामने की फाइट होती है। चानू ने ताओलू वर्ग में हिस्सा लिया।

  • चांगक्वान: लंबी मुक्केबाज़ी शैली, जिसमें तेज़ छलांग, किक और लंबे-फैले मूव्स होते हैं।
  • गुनशु: लाठी (स्टाफ) के साथ किया जाने वाला रूटीन।
  • कंबाइंड स्पर्धा: दोनों रूटीन के अंक जोड़कर अंतिम रैंकिंग तय होती है।
सांकेतिक फोटो (डकार 2026 वुशु स्पर्धा): The Olympic Games (@Olympics)

डकार 2026 में भारत के अब तक के पदक

चानू का कांस्य डकार यूथ ओलंपिक में भारत का तीसरा पदक है। इससे पहले जूडो में खुशबू राजकभाई दरजाडा ने महिलाओं के 63 किलो वर्ग में रजत और तैराकी में धिनिधि देसिंघु ने महिलाओं की 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य जीता था। पहले दो पदकों की पूरी खबर यहां पढ़ें।

खिलाड़ीस्पर्धापदक
खुशबू राजकभाई दरजाडाजूडो, महिला 63 किलोरजत
धिनिधि देसिंघुतैराकी, महिला 100 मी. फ्रीस्टाइलकांस्य
राजकुमारी लांचेनबी चानूवुशु, महिला चांगक्वान कंबाइंडकांस्य

मणिपुर और SAI सेंटर की बड़ी भूमिका

चानू SAI के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), मणिपुर की खिलाड़ी हैं। मणिपुर लंबे समय से भारत में मार्शल आर्ट और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों की नर्सरी रहा है। यूथ ओलंपिक का मेडल जूनियर खिलाड़ियों के लिए आगे एशियन गेम्स और सीनियर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का रास्ता खोलता है। वुशु एशियन गेम्स का हिस्सा है और भारत वहां पहले भी पदक जीत चुका है।

सांकेतिक फोटो (डकार 2026 वुशु स्पर्धा): The Olympic Games (@Olympics)

देश में ज़मीनी स्तर पर खेल प्रतिभा तलाशने की पहल पर हमारी रिपोर्ट भी पढ़ें: बस्तर ओलंपिक 2026 की तैयारियां और सरगुजा ओलंपिक 2026।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

राजकुमारी लांचेनबी चानू ने कौन सा पदक जीता?

उन्होंने डकार 2026 यूथ ओलंपिक में महिलाओं की चांगक्वान कंबाइंड वुशु स्पर्धा में 18.039 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।

क्या यह यूथ ओलंपिक में भारत का पहला वुशु पदक है?

हां। वुशु ने डकार 2026 में ही यूथ ओलंपिक में आधिकारिक मेडल खेल के रूप में डेब्यू किया और चानू यह पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।

इस स्पर्धा में स्वर्ण और रजत किसे मिला?

मिस्र की सोंडोस सोनबोल (18.660) ने स्वर्ण और वेनेज़ुएला की वेलेरिया फ्रैनेरीस डुडामेल अल्वाराडो (18.199) ने रजत जीता।

डकार 2026 में भारत के कितने पदक हो गए?

तीन: खुशबू दरजाडा का रजत (जूडो), धिनिधि देसिंघु का कांस्य (तैराकी) और लांचेनबी चानू का कांस्य (वुशु)।

स्रोत

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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