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कांकेर के किसान बोधन कोरेटी का फार्म मशीनरी बैंक: 15 लाख की लागत, 6 लाख अनुदान; हर साल 3 लाख अतिरिक्त आय की उम्मीद

कांकेर के ग्राम किरगापाटी के किसान बोधन कोरेटी ने कृषि अभियांत्रिकी विभाग की योजना से 15 लाख रुपये का फार्म मशीनरी बैंक बनाया है; मंत्री केदार कश्यप ने राज्योत्सव में ट्रैक्टर और अनुदान चेक सौंपा।

कांकेर राज्योत्सव में किसान बोधन कोरेटी को ट्रैक्टर और अनुदान राशि का चेक सौंपते मंत्री केदार कश्यप
फोटो: DPR छत्तीसगढ़ (कांकेर राज्योत्सव 2026)

मुख्य बातें

  • एक नज़र में: बोधन कोरेटी का फार्म मशीनरी बैंक
  • बैंक में कौन-कौन सी मशीनें हैं
  • 15 लाख की लागत का हिसाब

उत्तर बस्तर कांकेर जिले के एक किसान ने सरकारी योजना की मदद से अपना फार्म मशीनरी बैंक शुरू किया है, जिससे अब आसपास के किसान भी किराये पर आधुनिक कृषि यंत्र ले सकेंगे। कांकेर विकासखंड के ग्राम किरगापाटी के किसान बोधन कोरेटी को जिला राज्योत्सव 2026 में मुख्य अतिथि, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने ट्रैक्टर और अनुदान राशि का चेक सौंपा। जनसंपर्क विभाग (DPR) छत्तीसगढ़ ने 4 नवंबर 2026 को यह जानकारी दी।

यह योजना कृषि अभियांत्रिकी विभाग की है। इसका मकसद छोटे और सीमांत किसानों तक महंगी मशीनें किराये पर पहुंचाना है, ताकि उन्हें बड़ी रकम लगाकर ये मशीनें खरीदनी न पड़ें।

एक नज़र में: बोधन कोरेटी का फार्म मशीनरी बैंक

बिंदुजानकारी
किसानबोधन कोरेटी, ग्राम किरगापाटी, विकासखंड कांकेर
कृषि भूमि5 एकड़ 35 डिसमिल
परिवार6 सदस्य
कुल परियोजना लागत15 लाख रुपये
बैंक ऋण12 लाख रुपये
विभागीय अनुदान (प्रावधान)6 लाख रुपये (ऋण के बाद, नियमानुसार)
अनुमानित अतिरिक्त आयलगभग 3 लाख रुपये प्रति वर्ष
फाइल फोटो: कांकेर राज्योत्सव 2026 | फोटो: DPR छत्तीसगढ़

पहले क्या दिक्कत थी

बोधन कोरेटी ने बताया कि पहले उनके पास खेती के लिए ज़रूरी मशीनें नहीं थीं। खेत की तैयारी, बुवाई और दूसरे कामों के लिए उन्हें दूसरे किसानों या किराये के यंत्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे समय और मेहनत ज़्यादा लगती थी और खेती की लागत भी बढ़ जाती थी। कई बार मशीन समय पर न मिलने से बुवाई या कटाई में देर हो जाती थी।

बैंक में कौन-कौन सी मशीनें हैं

DPR के मुताबिक उनके फार्म मशीनरी बैंक में खेती के हर चरण के लिए यंत्र रखे गए हैं:

कामयंत्र
खेत की तैयारीट्रैक्टर, रोटावेटर
धान की सीधी बुवाईDSR सीड ड्रिल
फसल प्रबंधनस्प्रेयर
कटाई और गहाईरीपर, थ्रेशर
अन्यदूसरे सहायक कृषि यंत्र

आसपास के किसान इन यंत्रों को अपनी ज़रूरत के हिसाब से किराये पर ले सकेंगे। इससे खेत की तैयारी से लेकर कटाई-गहाई तक का काम समय पर हो सकेगा और श्रम व लागत दोनों घटेंगे।

फाइल फोटो: कांकेर राज्योत्सव 2026 | फोटो: DPR छत्तीसगढ़

15 लाख की लागत का हिसाब

कोरेटी ने कुल 15 लाख रुपये की परियोजना लागत से बैंक स्थापित किया। इसके लिए उन्होंने 12 लाख रुपये का बैंक ऋण लिया। योजना के नियमों के अनुसार ऋण के बाद उन्हें 6 लाख रुपये का विभागीय अनुदान मिलने का प्रावधान है। यानी कुल लागत का करीब 40% हिस्सा सरकारी अनुदान से पूरा होगा। मशीनें किराये पर देने से उन्हें हर साल लगभग 3 लाख रुपये अतिरिक्त कमाई की उम्मीद है।

धान की सीधी बुवाई (DSR) क्यों अहम

DSR सीड ड्रिल से धान की नर्सरी और रोपाई की ज़रूरत नहीं पड़ती। इससे पानी और मज़दूरी दोनों की बचत होती है। छत्तीसगढ़ जैसे धान प्रधान राज्य में यह मशीन छोटे किसानों के लिए बहुत काम की है, लेकिन अकेले किसान के लिए इसे खरीदना महंगा पड़ता है। गांव में किराये पर उपलब्ध होने से इसका फायदा कई किसानों को मिलेगा।

फाइल फोटो: कांकेर राज्योत्सव 2026 | फोटो: DPR छत्तीसगढ़

कांकेर राज्योत्सव में क्या हुआ

कांकेर का जिला स्तरीय राज्योत्सव पीएमश्री शासकीय नरहरदेव स्कूल मैदान में हुआ। मुख्य अतिथि केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर अब तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य व संचार सुविधाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कांकेर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की कोशिशों का भी ज़िक्र किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक आशाराम नेताम ने की। समारोह में स्कूली बच्चों और कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और अतिथियों ने विभागों की प्रदर्शनियां देखीं।

किसान इस योजना के बारे में कैसे जानें

फार्म मशीनरी बैंक योजना की पात्रता, अनुदान की शर्तें और आवेदन की प्रक्रिया की सही जानकारी के लिए किसान अपने ज़िले के कृषि अभियांत्रिकी विभाग या कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क करें। ऋण के लिए बैंक की शर्तें अलग से लागू होती हैं। इस लेख में दी गई रकम DPR की जानकारी पर आधारित है; हर मामले में अनुदान की राशि नियम और यंत्रों के हिसाब से बदल सकती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

फार्म मशीनरी बैंक योजना किस विभाग की है?

यह छत्तीसगढ़ के कृषि अभियांत्रिकी विभाग की योजना है, जिसमें किसान कृषि यंत्रों का बैंक बनाकर दूसरे किसानों को किराये पर यंत्र दे सकते हैं।

बोधन कोरेटी के बैंक की लागत कितनी है?

कुल लागत 15 लाख रुपये है। 12 लाख रुपये का बैंक ऋण लिया गया और नियमानुसार 6 लाख रुपये के विभागीय अनुदान का प्रावधान है।

इससे कितनी कमाई की उम्मीद है?

DPR के अनुसार यंत्र किराये पर देने से लगभग 3 लाख रुपये प्रति वर्ष अतिरिक्त आय की उम्मीद है।

ट्रैक्टर और अनुदान चेक किसने दिया?

कांकेर जिला राज्योत्सव 2026 में मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने दिया।

स्रोत

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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