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US midterm election 2026: डेमोक्रेट ने House और सीनेट दोनों जीते, ट्रंप के सामने विरोधी कांग्रेस

US midterm election 2026 में डेमोक्रेटिक पार्टी ने House और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल किया। AP के मुताबिक House में 237 और सीनेट में कम से कम 54 सीटें। मिसिसिपी और अलास्का में अभी गिनती जारी। जानें बड़े नतीजे और भारत पर असर।

US midterm election 2026: अमेरिकी संसद भवन यूएस कैपिटल
वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी संसद भवन (US Capitol)। फोटो: Architect of the Capitol / Wikimedia Commons (Public Domain)

मुख्य बातें

  • मिडटर्म चुनाव होता क्या है, और इस बार दांव पर क्या था
  • सीटों का हिसाब: House और Senate में कौन कहां
  • सीनेट की अहम लड़ाइयां: सात सीटें पलटीं
  • अभी गिनती जारी: ये सीटें तय नहीं

अपडेट (5 नवंबर, सुबह 07:01 IST)

  • House: NBC News के नतीजा पेज (AP डेटा, NBC Decision Desk) पर 4 नवंबर रात 8:31 बजे ET (5 नवंबर सुबह 7:01 बजे IST) तक डेमोक्रेट 242, रिपब्लिकन 151 सीटें घोषित, 42 सीटें अघोषित। NBC का अनुमान डेमोक्रेट के करीब 259 सीटों तक पहुंचने का है, जबकि हकीम जेफ्रीज़ ने कम से कम 255 सीटों का दावा किया है (CBS News)। ये दोनों अनुमान हैं, अंतिम नतीजे नहीं।
  • सीनेट: डेमोक्रेट 54, रिपब्लिकन 44 (NBC News / AP)। दो सीटें अब भी अघोषित: मिसिसिपी (स्कॉट कोलम 49.0%, सिंडी हाइड-स्मिथ 48.9%, करीब 95.6% वोट गिने गए) और अलास्का (मैरी पेल्टोला 48.2%, डैन सलिवन 47.9%, करीब 75.5% वोट गिने गए)।
  • रिपब्लिकन नेतृत्व: स्पीकर माइक जॉनसन ने स्टाफ को बताया कि वह नई कांग्रेस में अल्पमत नेता (minority leader) का चुनाव नहीं लड़ेंगे (CBS News, AP)। स्टीव स्कैलिस और जिम जॉर्डन ने दावेदारी पेश की है, और CBS News के अनुसार रिपब्लिकन नेतृत्व का चुनाव 10 नवंबर को होगा।

मिडटर्म हार पर ट्रंप, वेंस और डेमोक्रेट नेताओं की प्रतिक्रिया यहां पढ़ें

दो साल पहले जिस अमेरिका ने डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा व्हाइट हाउस भेजा था, उसी अमेरिका के मतदाताओं ने 3 नवंबर 2026 को संसद की चाबी विपक्ष के हाथ में थमा दी। US midterm election 2026 के नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा (House) और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। समाचार एजेंसी AP और Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक टेक्सास, कंसास और साउथ कैरोलाइना जैसे दशकों से रिपब्लिकन गढ़ माने जाने वाले राज्यों में भी डेमोक्रेट जीते। जनवरी 2027 से ट्रंप को अपने कार्यकाल के आखिरी दो साल एक विरोधी कांग्रेस के साथ बिताने होंगे।

डेटा कब का है: इस खबर में दिए गए सीटों के आंकड़े 4 नवंबर की शाम (अमेरिकी समय) तक AP की घोषणाओं पर आधारित हैं, यानी भारतीय समय के हिसाब से 5 नवंबर सुबह करीब 4:30 से 5:00 बजे तक की स्थिति। कई सीटों पर अभी गिनती जारी है, इसलिए अंतिम संख्या बदल सकती है।

मिडटर्म चुनाव होता क्या है, और इस बार दांव पर क्या था

अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव चार साल में एक बार होता है, लेकिन संसद यानी कांग्रेस का चुनाव हर दो साल में। राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच में होने वाले चुनाव को “मिडटर्म” कहा जाता है। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर वोट पड़ता है, जबकि 100 सदस्यों वाली सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटें दांव पर होती हैं। इस बार AP के अनुसार सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव हुआ, साथ ही कई राज्यों में गवर्नर, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय जनमत-संग्रह (ballot measures) के लिए भी मतदान हुआ।

चुनाव से पहले दोनों सदनों पर रिपब्लिकन पार्टी का कब्ज़ा था। Ballotpedia के मुताबिक House में रिपब्लिकन के पास मामूली बहुमत था, और सीनेट में 53-47 की बढ़त। डेमोक्रेट को सीनेट जीतने के लिए कुल चार सीटों का शुद्ध फायदा चाहिए था, क्योंकि 50-50 की स्थिति में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) का वोट निर्णायक होता।

Reuters और AP की रिपोर्टों के अनुसार इस चुनाव में मतदाताओं के सामने सबसे बड़े मुद्दे महंगाई, ईरान युद्ध के बाद बढ़ी ईंधन कीमतें और सरकार में भ्रष्टाचार के आरोप रहे। CBS News के मुताबिक चुनाव के समय ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 38% थी, जो किसी राष्ट्रपति के लिए मिडटर्म के वक्त ऐतिहासिक रूप से कम मानी जाती है।

सीटों का हिसाब: House और Senate में कौन कहां

House में बहुमत के लिए 218 सीटें चाहिए और सीनेट में 51। दोनों सदनों में डेमोक्रेट यह आंकड़ा पार कर चुके हैं। नीचे दी गई तालिका में घोषित सीटें और बाकी बची सीटें हैं।

सदनडेमोक्रेटिकरिपब्लिकनअघोषितबहुमत का आंकड़ास्रोत / समय
प्रतिनिधि सभा (House, 435)24215142 (अभी गिनती जारी)218NBC News (AP डेटा), 4 नवंबर रात 8:31 बजे ET / 5 नवंबर सुबह 7:01 बजे IST
सीनेट (100)कम से कम 54442 (अलास्का, मिसिसिपी)51AP / Reuters, 4 नवंबर
गवर्नरकम से कम 28–अलास्का, कंसास–AP के हवाले से CNBC, 4 नवंबर

ध्यान दें: House की अंतिम संख्या अभी तय नहीं है। CNBC Election Desk ने डेमोक्रेट के कम से कम 250 सीटें जीतने का अनुमान दिया है और डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज़ ने 255 सीटों तक पहुंचने की उम्मीद जताई है, लेकिन ये अनुमान हैं, आधिकारिक नतीजे नहीं। New York Times के विश्लेषण के हवाले से DW ने बताया कि House के कुल लोकप्रिय वोट में डेमोक्रेट करीब 13 अंक आगे रहे, जो 1976 के बाद सबसे बड़ा अंतर बताया गया है।

सीनेट की अहम लड़ाइयां: सात सीटें पलटीं

Reuters के अनुसार डेमोक्रेट ने सीनेट में सात रिपब्लिकन सीटें छीन लीं। सबसे चर्चित नतीजे ये रहे:

  • टेक्सास: डेमोक्रेट जेम्स तालारिको (James Talarico) ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन (Ken Paxton) को हराया। DW के मुताबिक 1988 के बाद पहली बार टेक्सास से कोई डेमोक्रेट सीनेटर चुना गया। CNBC के अनुसार एलन मस्क ने अकेले टेक्सास में पैक्सटन के समर्थन में करीब 224 मिलियन डॉलर खर्च किए थे।
  • कंसास: एडम हैमिल्टन (Adam Hamilton) ने मौजूदा सीनेटर रॉजर मार्शल को हराया। DW के अनुसार कंसास 90 से ज़्यादा साल बाद किसी डेमोक्रेट को सीनेट भेजेगा।
  • ओहायो (विशेष चुनाव): पूर्व सीनेटर शेरॉड ब्राउन (Sherrod Brown) ने रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड को हराकर वापसी की (CBS News)।
  • मेन, आयोवा, नॉर्थ कैरोलाइना, साउथ कैरोलाइना: CBS News के अनुसार इन राज्यों में भी डेमोक्रेट ने रिपब्लिकन सीटें जीतीं। आयोवा में जोश ट्यूरेक (Josh Turek) विजेता रहे (Ballotpedia)।
  • मिशिगन: डेमोक्रेट अब्दुल अल-सैयद (Abdul El-Sayed) ने रिपब्लिकन माइक रॉजर्स को हराकर सीट बचाई। AP के आंकड़ों के मुताबिक उन्हें करीब 52% वोट मिले और वह अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर होंगे।
  • नेब्रास्का: रिपब्लिकन पीट रिकेट्स ने निर्दलीय डैन ऑस्बॉर्न को हराकर सीट बरकरार रखी।

अभी गिनती जारी: ये सीटें तय नहीं

  • मिसिसिपी सीनेट (अभी गिनती जारी): डेमोक्रेट स्कॉट कोलम (Scott Colom) और रिपब्लिकन सीनेटर सिंडी हाइड-स्मिथ के बीच बेहद करीबी मुकाबला। AP के आंकड़ों के हवाले से CNBC ने बताया कि करीब 95-96% वोट गिने जाने पर कोलम लगभग 65 से 100 वोट से आगे थे। चुनाव के बाद पहुंचने वाले डाक मतपत्र (postmark 3 नवंबर तक) भी गिने जाएंगे, इसलिए नतीजा कुछ दिन में आ सकता है।
  • अलास्का सीनेट (अभी गिनती जारी): डेमोक्रेट मैरी पेल्टोला और रिपब्लिकन सीनेटर डैन सलिवन में कांटे की टक्कर। अलास्का में रैंक्ड-चॉइस वोटिंग है, इसलिए किसी को 50% न मिलने पर दूसरे दौर की गिनती होगी।
  • अलास्का और कंसास गवर्नर (अभी गिनती जारी): AP ने अभी विजेता घोषित नहीं किया। कंसास में डेमोक्रेट सिंडी होल्शर करीब 5,557 वोट से आगे बताई गईं।
  • House की करीब 42 सीटें (अभी गिनती जारी), जिनमें नॉर्थ कैरोलाइना का 9वां ज़िला भी है, जहां रिपब्लिकन नेता रिचर्ड हडसन हार मान चुके हैं, लेकिन AP ने औपचारिक घोषणा नहीं की।

गवर्नर चुनाव: 16 साल बाद डेमोक्रेट को बहुमत

CNBC की रिपोर्ट के अनुसार डेमोक्रेट ने पांच रिपब्लिकन गवर्नर पद छीने और 2010 के बाद पहली बार ज़्यादातर राज्यों में उनके गवर्नर होंगे। मुख्य नतीजे:

  • टेक्सास: जीना हिनोजोसा (Gina Hinojosa) ने तीन बार के गवर्नर ग्रेग एबट को हराया। वह राज्य की पहली लैटिना गवर्नर होंगी।
  • जॉर्जिया: अटलांटा की पूर्व मेयर कीशा लांस बॉटम्स जीतीं, जो अमेरिकी इतिहास में चुनी गई पहली अश्वेत महिला गवर्नर होंगी।
  • ओहायो: एमी एक्टन (Amy Acton) ने भारतीय मूल के रिपब्लिकन विवेक रामास्वामी को हराया।
  • नेवादा: एरॉन फोर्ड ने मौजूदा गवर्नर जो लोम्बार्डो को हराया।
  • आयोवा: यहां भी गवर्नर पद डेमोक्रेट के खाते में गया।
  • एरिज़ोना और ओरेगन: केटी हॉब्स और टीना कोटेक दोबारा जीतीं।
  • फ्लोरिडा: रिपब्लिकन बायरन डोनाल्ड्स जीते, जबकि टेनेसी में रिपब्लिकन मार्शा ब्लैकबर्न गवर्नर चुनी गईं।

मतदान कितना हुआ

कुल मतदान का आधिकारिक आंकड़ा अभी नहीं आया है, क्योंकि राज्य अपने नतीजे कई हफ्तों में प्रमाणित (certify) करते हैं। University of Florida Election Lab के प्रारंभिक आंकड़ों के हवाले से Hearst Television की डेटा टीम ने बताया कि करीब 12.4 करोड़ लोगों ने वोट डाला, जो 2022 के 11.2 करोड़ से ज़्यादा है। इस विश्लेषण में प्रारंभिक मतदान दर करीब 63% बताई गई। यह संख्या अंतिम नहीं है और बदल सकती है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आधिकारिक पोर्ट्रेट
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आधिकारिक पोर्ट्रेट (2025)। फोटो: White House / Daniel Torok, Wikimedia Commons (Public Domain)

बड़े चेहरे और उनकी भूमिका

  • डोनाल्ड ट्रंप (राष्ट्रपति, रिपब्लिकन): CNBC के अनुसार ट्रंप ने माना कि ईरान युद्ध से बढ़ी तेल कीमतों का असर चुनाव पर पड़ा। उन्होंने कहा कि वह डेमोक्रेट के साथ काम कर सकते हैं, लेकिन साथ ही याद दिलाया, “We have the veto” (हमारे पास वीटो है)। टैरिफ हटाने की संभावना भी उन्होंने खारिज की।
  • जेडी वेंस (उपराष्ट्रपति): सोशल मीडिया पोस्ट में हार की मुख्य वजह युद्ध को बताया (CNBC)।
  • हकीम जेफ्रीज़ (House में डेमोक्रेटिक नेता): स्पीकर पद के लिए औपचारिक दावेदारी पेश की। चुने गए तो वह पहले अश्वेत स्पीकर होंगे। नई कांग्रेस 3 जनवरी को बैठेगी।
  • चक शूमर (सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता): बहुमत नेता बनने की उम्मीद जताई। CBS News के अनुसार उन्होंने कहा कि ट्रंप कानून की अनदेखी करेंगे तो डेमोक्रेट जांच करेंगे और अदालत जाएंगे।
  • माइक जॉनसन (मौजूदा स्पीकर, रिपब्लिकन): अगली कांग्रेस में अल्पमत नेता पद की दौड़ से हट गए। जिम जॉर्डन और स्टीव स्कैलिस इस पद के लिए आमने-सामने हैं।
House डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज़
House में डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज़। फोटो: United States Congress (Public Domain)

अब ट्रंप की ताकत पर क्या असर

अमेरिकी व्यवस्था में कानून बनाने, बजट पास करने और जांच बैठाने की ताकत कांग्रेस के पास है। दोनों सदन विपक्ष के पास होने का मतलब है कि ट्रंप के बड़े विधायी एजेंडे पर रोक लग सकती है, और House की समितियां समन (subpoena) जारी करके प्रशासन की जांच कर सकेंगी। Reuters के मुताबिक सीनेट हाथ से जाने से ट्रंप के लिए जजों की नियुक्ति की पुष्टि करवाना भी मुश्किल होगा।

हालांकि DW ने ध्यान दिलाया कि डेमोक्रेट के पास सीनेट में दो-तिहाई बहुमत नहीं है, इसलिए वे अकेले राष्ट्रपति का वीटो नहीं पलट सकते। विदेश नीति और कार्यकारी आदेशों पर राष्ट्रपति के पास अब भी काफी अधिकार रहेंगे।

भारत के लिए इसका क्या मतलब

व्यापार और टैरिफ: Hindustan Times और Indian Express के विश्लेषण के अनुसार टैरिफ पर तुरंत बड़ा बदलाव होने की उम्मीद कम है। फरवरी 2026 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इमरजेंसी-पावर वाले टैरिफ रद्द करने के बाद ट्रंप प्रशासन दूसरे व्यापार कानूनों का सहारा ले रहा है। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है। कांग्रेस जांच और सुनवाई के ज़रिए दबाव बना सकती है, लेकिन कई टैरिफ फैसले राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में ही रहेंगे। CNBC से बातचीत में ट्रंप ने भी टैरिफ हटाने से इनकार किया।

H-1B और ग्रीन कार्ड: भारतीय IT पेशेवरों के लिए सबसे अहम सवाल H-1B है। Hindustan Times के अनुसार हाल के वर्षों में मंज़ूर H-1B वीज़ा में करीब 71% भारतीयों को मिले। सितंबर 2025 में घोषित 100,000 डॉलर की H-1B फीस पर बोस्टन की एक संघीय अदालत ने जून में रोक लगाई थी, जिसके खिलाफ प्रशासन ने अपील की है। विशेषज्ञों के मुताबिक नई कांग्रेस आने से वीज़ा नियमों में तुरंत राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि ज़्यादातर बदलाव कार्यकारी आदेश और एजेंसी नियमों से हुए हैं। ग्रीन कार्ड बैकलॉग घटाने के लिए कानून बदलना पड़ेगा, जिस पर अभी कोई ठोस प्रस्ताव सामने नहीं है।

शेयर बाज़ार और तेल: CNBC के अनुसार नतीजों के बाद 4 नवंबर को डाउ जोन्स करीब 1,500 अंक (लगभग 3%) चढ़ा और कच्चे तेल के दाम गिरे। तेल सस्ता होना भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए राहत की बात हो सकती है, हालांकि यह असर कितना टिकेगा, यह ईरान के हालात पर निर्भर करेगा।

सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर
सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर। फोटो: U.S. Senate Photographic Studio / Jeff McEvoy (Public Domain)

दुनिया की नज़र

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने चुनाव को अमेरिका का “आंतरिक मामला” बताया और कहा कि बीजिंग ट्रंप के साथ स्थिर रिश्ते बनाए रखने को तैयार है (CNBC)। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध और रूस-यूक्रेन जैसे मुद्दों पर फैसले मुख्य रूप से व्हाइट हाउस से ही होंगे, लेकिन युद्ध के खर्च और फंडिंग पर कांग्रेस अब ज़्यादा सवाल पूछ सकेगी।

आगे क्या

नई कांग्रेस 3 जनवरी 2027 को शपथ लेगी। तब तक मिसिसिपी और अलास्का की सीनेट सीटों, दो गवर्नर पदों और House की बाकी सीटों के नतीजे आ जाएंगे। अगर दोनों अघोषित सीनेट सीटें भी डेमोक्रेट जीतते हैं तो Reuters के अनुसार उनका बहुमत 56-44 तक पहुंच सकता है। TimeTrolls इन नतीजों पर नज़र रखेगा और अंतिम आंकड़े आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।

स्रोत: AP (race calls और uncalled races सूची), Reuters (4 नवंबर 2026), CBS News, CNBC लाइव कवरेज (4 नवंबर, 5:58 PM ET तक), DW, Ballotpedia, Hindustan Times, Indian Express। आंकड़े 5 नवंबर 2026, सुबह करीब 5:00 बजे (IST) तक के।

यह भी पढ़ें: अमेरिकी राष्ट्रपति का वीटो क्या है: मिडटर्म नतीजों के बाद ट्रंप की ताकत और ओवरराइड का गणित

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Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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