अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव की गिनती जैसे-जैसे आगे बढ़ी, उसका असर सबसे पहले जिस चीज पर दिखा, वह था सोना। बुधवार, 4 नवंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 3.4% उछलकर 4,059.95 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। Reuters के मुताबिक यह अगस्त के बीच के बाद सोने की सबसे बड़ी एक दिन की बढ़त की ओर था। भारत में भी असर उसी दिन दिखा: इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) का 24 कैरेट (999) सोना 4 नवंबर की शाम के रेट में ₹1,41,622 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो एक दिन पहले शाम को ₹1,37,576 था।
सवाल यह है कि वॉशिंगटन की राजनीति का असर भारत में शादी-ब्याह और निवेश के लिए सोना खरीदने वालों की जेब तक कैसे पहुंचता है। इस रिपोर्ट में हम आंकड़ों के साथ यही समझाते हैं: चुनाव में असल में क्या हुआ, डॉलर क्यों गिरा, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व से बाजार क्या उम्मीद कर रहा है और MCX व IBJA पर सोने का भाव किस तरह बदला।

पहले तथ्य: मिडटर्म में ट्रंप की ताकत पर कितनी लगाम लगी
न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के दोनों सदन, House of Representatives और सीनेट, जीत लिए हैं। AP ने House में डेमोक्रेट के बहुमत के लिए जरूरी 218 सीटों का आंकड़ा पार करने के बाद नतीजा घोषित किया। 4 नवंबर तक की गिनती के आधार पर सीनेट में डेमोक्रेट के पास कम से कम 54 सीटें थीं और रिपब्लिकन के पास 44, जबकि अलास्का और मिसिसिपी की सीटों पर फैसला बाकी था। Reuters ने इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए “सख्त फटकार” बताया और लिखा कि रिपब्लिकन ने चुनाव से पहले कड़े मुकाबले वाली मानी गई एक भी House या सीनेट सीट नहीं जीती।
तो क्या ट्रंप की ताकत घटी है? तथ्य इतना कहते हैं: अब तक कांग्रेस के दोनों सदनों में ट्रंप की अपनी पार्टी का बहुमत था, जो नई कांग्रेस (जनवरी 2027 से) में नहीं रहेगा। इसका मतलब है कि टैक्स कटौती, खर्च या नए कानून जैसे एजेंडे के लिए अब उन्हें विपक्ष से समझौता करना होगा और कांग्रेस की जांच व निगरानी भी बढ़ सकती है। लेकिन ट्रंप राष्ट्रपति बने रहेंगे और उनके पास वीटो का अधिकार है। किसी वीटो को पलटने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए (House में 290 और सीनेट में 67), जो डेमोक्रेट के पास नहीं है। Reuters से बात करते हुए Edmond de Rothschild AM के पोर्टफोलियो मैनेजर नबील मिलाली ने भी यही कहा कि राष्ट्रपति के पास वीटो है, जिससे वह अपनी असहमति वाले कानून रोक सकते हैं। यानी तस्वीर “ताकत खत्म” की नहीं, बल्कि “कांग्रेस पर पकड़ छूटने” और “बंटी हुई सरकार” की है। चुनाव के पूरे नतीजे हमने US midterm election 2026 के नतीजों वाली रिपोर्ट में विस्तार से दिए हैं।
सोने में उछाल क्यों आया: डॉलर और बॉन्ड यील्ड का खेल
सोना डॉलर में बिकता है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना सस्ता पड़ता है और मांग बढ़ती है। 4 नवंबर को यही हुआ। Reuters के मुताबिक डॉलर इंडेक्स, जो छह बड़ी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत मापता है, एक महीने के निचले स्तर पर आकर 101.39 पर ट्रेड कर रहा था। CNBC के अनुसार दिन में डॉलर इंडेक्स करीब 0.3% फिसला। अमेरिका की 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड भी घटी और Kitco के मुताबिक दिन के अंत में करीब 4.88% के आसपास रही।
Reuters ने डॉलर की गिरावट की दो वजहें बताईं। पहली, डेमोक्रेट की बड़ी जीत से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटरों पर सख्त नियमों की आशंका बढ़ी, जिससे अमेरिकी विकास दर पर असर का डर पैदा हुआ। दूसरी, बंटी हुई कांग्रेस में बड़े खर्च वाले कानून पास होना मुश्किल माना जा रहा है। American Gold Exchange के विश्लेषक जिम वाइकॉफ ने Reuters से कहा कि कई कानूनों पर अटकी रहने वाली कांग्रेस अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए कुछ हद तक नकारात्मक हो सकती है, जिससे फेड को नरम नीति की ओर झुकने की गुंजाइश मिल सकती है।

अंतरराष्ट्रीय भाव: 3,869 डॉलर से 4,059 डॉलर तक
पिछले कुछ हफ्ते सोने के लिए अच्छे नहीं रहे थे। Reuters के मुताबिक 30 अक्टूबर को स्पॉट गोल्ड 3,869.85 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया था, जो अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर था। मिडटर्म के बाद यह फिर 4,000 डॉलर के ऊपर लौट आया। 4 नवंबर को भारतीय समय के हिसाब से शाम करीब 6 बजे (12:34 GMT) स्पॉट गोल्ड 4,046.74 डॉलर पर था और 5 नवंबर की रात करीब 12:34 बजे (19:04 GMT) 3.4% की बढ़त के साथ 4,059.95 डॉलर पर। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स (दिसंबर डिलीवरी) 3.4% ऊपर 4,073 डॉलर पर सेटल हुए। चांदी ने सोने से भी तेज दौड़ लगाई: CNBC के मुताबिक स्पॉट सिल्वर करीब 5.1% चढ़कर लगभग 52.29 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची।
भारत में भाव: IBJA और MCX पर क्या हुआ
भारत में सोने का बेंचमार्क रेट IBJA दिन में दो बार (सुबह और शाम) जारी करता है। ये रेट 3% GST और मेकिंग चार्ज के बिना होते हैं। IBJA की वेबसाइट पर दर्ज आंकड़े इस तरह हैं:
- 3 नवंबर 2026: 24 कैरेट (999) सुबह ₹1,38,118 और शाम ₹1,37,576 प्रति 10 ग्राम।
- 4 नवंबर 2026: 24 कैरेट (999) सुबह ₹1,41,062 और शाम ₹1,41,622 प्रति 10 ग्राम।
- 4 नवंबर, 22 कैरेट (916): सुबह ₹1,29,213 और शाम ₹1,29,726 प्रति 10 ग्राम।
- चांदी (999), 4 नवंबर: सुबह ₹1,84,200 और शाम ₹1,86,133 प्रति किलो।
यानी शाम से शाम की तुलना में 24 कैरेट सोना एक दिन में करीब ₹4,046 प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ। तुलना के लिए, 29 अक्टूबर को IBJA का शाम का रेट ₹1,42,255 था, इसलिए मौजूदा भाव अभी भी अक्टूबर के आखिरी हफ्ते के स्तर के आसपास ही है।
वायदा बाजार MCX पर भी तेजी दिखी। 3 नवंबर को MCX पर दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स ₹1,39,452 प्रति 10 ग्राम पर सेटल हुआ था (0.52% नीचे)। 4 नवंबर को सुबह करीब 11:52 बजे यह ₹1,42,196 पर था, यानी ₹2,744 या 1.97% ऊपर, और दिन में ₹1,42,200 का ऊपरी स्तर छुआ। ध्यान रहे, आपके शहर के ज्वैलर का भाव इन बेंचमार्क से ज्यादा होता है, क्योंकि उसमें GST, मेकिंग चार्ज और दुकान का मार्जिन जुड़ता है।

फेडरल रिजर्व: सोने के लिए सबसे बड़ा सवाल
डॉलर की कमजोरी सोने के पक्ष में है, लेकिन ब्याज दरें उसके खिलाफ जा सकती हैं। फेडरल रिजर्व ने 28 अक्टूबर 2026 की बैठक में अपनी नीतिगत दर 3.75% से 4.00% के दायरे में बिना बदलाव के रखी थी। फेड के बयान के मुताबिक यह फैसला 10-2 से हुआ और दो सदस्य, लिसा कुक और बेथ हैमैक, दर 0.25% बढ़ाने के पक्ष में थे। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि महंगाई ऊंची बनी हुई है और अगले कदम से पहले फेड और आंकड़ों का इंतजार करेगा।
बाजार इस समय दिसंबर में दर बढ़ने की संभावना को काफी ऊंचा मान रहा है। Reuters के मुताबिक CME के FedWatch टूल पर 4 नवंबर को दिसंबर में दर बढ़ोतरी की संभावना करीब 82-83% आंकी जा रही थी। ऊंची ब्याज दर सोने के लिए नकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता और बॉन्ड या जमा पर ज्यादा रिटर्न मिलने लगे तो सोना रखने की “कीमत” बढ़ जाती है। Reuters से बात करते हुए एक विश्लेषक ने कहा कि महंगाई के माहौल में फेड के सख्त बने रहने की संभावना सोने की आगे की बढ़त को सीमित कर सकती है।
महंगाई की एक बड़ी वजह कच्चा तेल है। Reuters के मुताबिक ईरान से जुड़े युद्ध के चलते ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। ट्रंप ने खुद माना है कि पेट्रोल की ऊंची कीमतों ने मिडटर्म पर असर डाला। अब निवेशकों की नजर शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (रोजगार) रिपोर्ट पर है, जिससे फेड के अगले कदम का अंदाजा लगेगा।
विश्लेषण: भारत के आम खरीदार के लिए इसका क्या मतलब
(यह हिस्सा TimeTrolls का विश्लेषण है, निवेश की सलाह नहीं।) भारत में सोने का भाव तीन चीजों से तय होता है: अंतरराष्ट्रीय भाव, डॉलर के मुकाबले रुपया और आयात शुल्क। मिडटर्म के बाद पहले दो कारक एक साथ हिले। अंतरराष्ट्रीय भाव चढ़ा, जबकि रुपया कुछ मजबूत हुआ (NDTV Profit के मुताबिक 4 नवंबर को रुपया सुबह 94.61 प्रति डॉलर तक मजबूत हुआ)। मजबूत रुपया आयात सस्ता करता है, इसलिए भारत में सोने की बढ़त अंतरराष्ट्रीय बढ़त से कुछ कम रही: IBJA पर सुबह से सुबह की बढ़त करीब 2.13% थी, जबकि अंतरराष्ट्रीय भाव 3% से ज्यादा चढ़ा।
आगे के लिए दो उलटी ताकतें काम करेंगी। एक तरफ बंटी हुई अमेरिकी सरकार, कमजोर डॉलर और नीतिगत अनिश्चितता, जो आम तौर पर सोने को सहारा देती हैं। दूसरी तरफ फेड की संभावित दर बढ़ोतरी और ऊंची महंगाई, जो सोने पर दबाव डाल सकती हैं। StoneX की रोना ओ’कॉनेल ने CNBC से कहा था कि डेमोक्रेट की दोहरी जीत से राजकोषीय खींचतान और संस्थागत टकराव बढ़ सकता है, जबकि ईरान युद्ध और कमजोर डॉलर का असर सख्त फेड के असर से टकराएगा। इसलिए एक दिन की तेजी को लंबे रुझान की गारंटी मानना ठीक नहीं होगा। शादी या त्योहार के लिए सोना खरीदने वाले हॉलमार्क (BIS HUID) जरूर जांचें और बिल में GST व मेकिंग चार्ज अलग से देखें।
पृष्ठभूमि: मिडटर्म चुनाव क्या है
अमेरिका में राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल का होता है, लेकिन हर दो साल पर कांग्रेस के चुनाव होते हैं। राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच में होने वाले चुनाव को मिडटर्म कहा जाता है। इसमें House की सभी 435 सीटों और सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों पर वोट पड़ते हैं (इस बार 35)। ट्रंप जनवरी 2025 में दूसरी बार राष्ट्रपति बने थे और तब से कांग्रेस के दोनों सदनों में रिपब्लिकन बहुमत था। नई कांग्रेस जनवरी 2027 में कामकाज संभालेगी। इतिहास में अक्सर राष्ट्रपति की पार्टी को मिडटर्म में नुकसान होता रहा है, लेकिन इस बार नुकसान का दायरा बड़ा रहा।
शेयर बाजार, FII निवेश और SIP पर इन्हीं नतीजों के असर को हमने अलग रिपोर्ट में समझाया है: US मिडटर्म के बाद Sensex-Nifty, FII और आपकी SIP।
सोर्स: AP (मिडटर्म नतीजे, 4 नवंबर 2026); Reuters (गोल्ड, डॉलर और मिडटर्म रिपोर्ट, 4 नवंबर 2026); IBJA (ibjarates.com, 3-4 नवंबर 2026 के रेट); MCX दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स (Zee Business के जरिए, 4 नवंबर 2026); Federal Reserve FOMC बयान, 28 अक्टूबर 2026; CNBC; Kitco।








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