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अमेरिकी राष्ट्रपति का वीटो क्या है: मिडटर्म नतीजों के बाद ट्रंप की ताकत और ओवरराइड का गणित

अमेरिकी संविधान का अनुच्छेद 1, धारा 7 राष्ट्रपति को वीटो का हक देता है. ओवरराइड के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई चाहिए. मिडटर्म 2026 में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद ट्रंप की वीटो ताकत और ओवरराइड की संभावना पर पूरी जानकारी.

अमेरिकी संविधान का पहला पन्ना, अनुच्छेद 1 जिसमें कांग्रेस और वीटो की व्यवस्था है
अमेरिकी संविधान का पहला पन्ना. Image: U.S. National Archives (Public Domain), via Wikimedia Commons

मुख्य बातें

  • संविधान का अनुच्छेद 1, धारा 7: राष्ट्रपति के "ना" कहने का हक
  • वीटो पलटने का गणित: दोनों सदनों में दो-तिहाई
  • पॉकेट वीटो: जब बिल जेब में ही रह जाता है
  • ट्रंप का पहला कार्यकाल: 10 वीटो, एक बार हार

अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को हुए मिडटर्म चुनाव के बाद वॉशिंगटन की तस्वीर बदल गई है। AP के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। ऐसे में अब एक सवाल बार-बार उठ रहा है: अगर नई कांग्रेस ऐसे बिल पास करे जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पसंद न हों, तो क्या होगा? इसका जवाब एक छोटे-से शब्द में छिपा है, जिसे अमेरिकी राजनीति में “वीटो” कहते हैं। इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे कि वीटो क्या है, कांग्रेस उसे कैसे पलट सकती है और चुनाव के नए आंकड़े ट्रंप की इस ताकत पर क्या असर डालते हैं।

चुनाव के पूरे नतीजे और सीट-दर-सीट हाल आप हमारी रिपोर्ट अमेरिकी मिडटर्म चुनाव 2026 के नतीजे में पढ़ सकते हैं।

संविधान का अनुच्छेद 1, धारा 7: राष्ट्रपति के “ना” कहने का हक

अमेरिका में कोई भी बिल कानून बनने से पहले तीन पड़ाव पार करता है। पहले उसे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स पास करता है, फिर सीनेट, और आखिर में वह राष्ट्रपति की मेज़ पर पहुंचता है। अमेरिकी संविधान का अनुच्छेद 1 (Article I), धारा 7 (Section 7) कहता है कि राष्ट्रपति बिल पर दस्तखत कर दें तो वह कानून बन जाता है। अगर वे सहमत नहीं हैं तो अपनी आपत्तियों के साथ बिल उसी सदन को लौटा सकते हैं जहां से वह शुरू हुआ था। इसी लौटाने को वीटो कहा जाता है। लैटिन भाषा में “वीटो” का मतलब होता है “मैं मना करता हूं”।

राष्ट्रपति के पास फैसला लेने के लिए 10 दिन (रविवार छोड़कर) होते हैं। अगर इस दौरान वे न दस्तखत करें, न बिल लौटाएं और कांग्रेस का सत्र चल रहा हो, तो बिल अपने-आप कानून बन जाता है। यानी चुप्पी का मतलब हमेशा “ना” नहीं होता।

व्हाइट हाउस. Photo: Wikimedia Commons / Nishkid64 (Public Domain)

वीटो पलटने का गणित: दोनों सदनों में दो-तिहाई

वीटो आखिरी शब्द नहीं है। संविधान कांग्रेस को इसे पलटने यानी “ओवरराइड” करने का रास्ता भी देता है, लेकिन यह रास्ता बहुत कठिन है। ओवरराइड के लिए हाउस और सीनेट, दोनों में मौजूद और वोट करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई का समर्थन चाहिए। अगर सभी सदस्य मौजूद हों, तो 435 सदस्यों वाले हाउस में 290 वोट और 100 सदस्यों वाली सीनेट में 67 वोट चाहिए।

एक बात और अहम है। अगर पहला सदन ही दो-तिहाई तक नहीं पहुंच पाता, तो मामला वहीं खत्म हो जाता है और दूसरे सदन को वोट करने की जरूरत नहीं पड़ती। यही वजह है कि इतिहास में ओवरराइड बहुत कम हुए हैं। सीनेट के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 1789 से अब तक कुल 2,599 वीटो हुए हैं और इनमें से सिर्फ 112 को कांग्रेस पलट पाई है।

अमेरिकी कैपिटल (वेस्ट फ्रंट). Photo: Architect of the Capitol (Public Domain), via Wikimedia Commons

पॉकेट वीटो: जब बिल जेब में ही रह जाता है

वीटो का एक दूसरा रूप भी है, जिसे “पॉकेट वीटो” कहते हैं। मान लीजिए कांग्रेस ने बिल भेजा और 10 दिन पूरे होने से पहले ही वह स्थगित (adjourn) हो गई, जिससे राष्ट्रपति बिल वापस लौटा ही नहीं सकते। ऐसे में अगर राष्ट्रपति दस्तखत नहीं करते, तो बिल कानून नहीं बनता। इसे पॉकेट वीटो इसलिए कहते हैं, मानो राष्ट्रपति ने बिल अपनी जेब में रख लिया हो।

पॉकेट वीटो की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पलटा नहीं जा सकता, क्योंकि बिल कांग्रेस तक लौटता ही नहीं। कांग्रेस को चाहिए तो वह नए सत्र में बिल फिर से पास कराए। सीनेट के आंकड़ों में इतिहास के 1,066 वीटो पॉकेट वीटो हैं। हालांकि हाल के दशकों में इसका इस्तेमाल लगभग बंद हो गया है। ट्रंप, बाइडन, ओबामा और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश, चारों का पॉकेट वीटो आंकड़ा सीनेट की तालिका में शून्य है।

ट्रंप का पहला कार्यकाल: 10 वीटो, एक बार हार

सीनेट की “Vetoes by President” सूची के मुताबिक 2017 से 2021 के पहले कार्यकाल में ट्रंप ने 10 बिल वीटो किए। ये सभी सामान्य वीटो थे और इनमें कोई पॉकेट वीटो नहीं था। इनमें से 9 वीटो कायम रहे और सिर्फ एक पलटा गया।

उनका पहला वीटो मार्च 2019 में आया था। तब कांग्रेस ने मेक्सिको सीमा पर दीवार के लिए घोषित राष्ट्रीय आपातकाल को खत्म करने वाला प्रस्ताव (H.J.Res.46) पास किया था और ट्रंप ने उसे रोक दिया। इसके बाद यमन युद्ध में अमेरिकी भूमिका सीमित करने और ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर लगाम लगाने वाले “वॉर पावर्स” प्रस्ताव भी उनके वीटो का शिकार हुए। इन सभी मामलों में कांग्रेस दो-तिहाई का आंकड़ा नहीं जुटा पाई।

सबसे बड़ा अपवाद रक्षा बजट से जुड़ा बिल था। वित्त वर्ष 2021 का नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (NDAA, H.R.6395) ट्रंप ने 23 दिसंबर 2020 को वीटो किया। congress.gov के रिकॉर्ड के अनुसार हाउस ने 28 दिसंबर 2020 को 322-87 से और सीनेट ने 1 जनवरी 2021 को 81-13 से यह वीटो पलट दिया। बिल Public Law 116-283 के रूप में कानून बना। यह ट्रंप के कार्यकाल का इकलौता ओवरराइड था, और सीनेट के रिकॉर्ड के अनुसार अब तक का आखिरी सफल ओवरराइड भी यही है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आधिकारिक तस्वीर (2025). Photo: The White House / Daniel Torok (Public Domain), via Wikimedia Commons

दूसरा कार्यकाल: अब तक दो वीटो, दोनों कायम

जनवरी 2025 में दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने लंबे समय तक कोई वीटो नहीं किया, क्योंकि दोनों सदनों पर उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी का कब्ज़ा था। सीनेट की सूची के मुताबिक दूसरे कार्यकाल में अब तक 2 वीटो दर्ज हैं, और दोनों 29 दिसंबर 2025 को हुए:

  • H.R.131, Finish the Arkansas Valley Conduit Act: कोलोराडो के ग्रामीण इलाकों तक पीने का पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन के भुगतान की शर्तें आसान करने वाला बिल। हाउस ने 8 जनवरी 2026 को ओवरराइड पर वोट किया, जो 248-177 पर रुक गया और वीटो कायम रहा।
  • H.R.504, Miccosukee Reserved Area Amendments Act: फ्लोरिडा के एवरग्लेड्स में मिकोसुकी जनजाति के आरक्षित क्षेत्र को बढ़ाने वाला बिल। इस पर ओवरराइड वोट 236-188 रहा, यानी दो-तिहाई से कम।

दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों बिल पहले हाउस और सीनेट में बिना विरोध, ध्वनि मत से पास हुए थे। फिर भी वीटो के बाद कई रिपब्लिकन सांसदों ने राष्ट्रपति का साथ दिया। यह दिखाता है कि ओवरराइड सिर्फ बिल के समर्थन का नहीं, बल्कि राष्ट्रपति से सीधे टकराने की राजनीतिक हिम्मत का भी सवाल होता है।

मिडटर्म के बाद नए आंकड़े क्या कहते हैं

AP के अनुसार 4 नवंबर (अमेरिकी समय) की दोपहर तक हाउस में डेमोक्रेट्स 237 और रिपब्लिकन 139 सीटें जीत चुके थे, जबकि 59 सीटों पर गिनती अभी जारी है। बहुमत के लिए 218 सीटें चाहिए, जो डेमोक्रेट्स पार कर चुके हैं। सीनेट में डेमोक्रेटिक खेमे के पास 54 सीटें हैं (इनमें उनके साथ रहने वाले 2 निर्दलीय शामिल हैं) और रिपब्लिकन के पास 44। अलास्का और मिसिसिपी की सीटों पर अभी गिनती चल रही है और AP ने इन्हें घोषित नहीं किया है। ये आंकड़े अंतिम नहीं हैं और गिनती पूरी होने पर बदल सकते हैं।

ध्यान रहे, नई कांग्रेस जनवरी 2027 में शपथ लेगी। तब तक मौजूदा 119वीं कांग्रेस ही काम करती रहेगी, जिसमें बहुमत रिपब्लिकन का है।

ट्रंप की वीटो ताकत पर असर: वीटो ज्यादा, ओवरराइड फिर भी मुश्किल

अब तक ट्रंप को वीटो की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि रिपब्लिकन नेतृत्व ऐसे बिल उनकी मेज़ तक पहुंचने ही नहीं देता था जो उन्हें नापसंद हों। जनवरी 2027 से यह समीकरण बदल जाएगा। डेमोक्रेटिक बहुमत अपने एजेंडे वाले बिल पास कराकर सीधे व्हाइट हाउस भेज सकेगा। ऐसे में वीटो ट्रंप का मुख्य हथियार बन सकता है। इतिहास भी यही बताता है: जब राष्ट्रपति और कांग्रेस अलग-अलग पार्टियों के होते हैं, तब वीटो का इस्तेमाल अक्सर बढ़ जाता है।

लेकिन ओवरराइड का रास्ता डेमोक्रेट्स के लिए अब भी आसान नहीं है। सीनेट में 67 वोट चाहिए। अगर अलास्का और मिसिसिपी दोनों भी डेमोक्रेट्स के खाते में चले जाएं, तो उनका आंकड़ा ज्यादा से ज्यादा 56 होगा। यानी किसी भी वीटो को पलटने के लिए कम से कम 11 रिपब्लिकन सीनेटरों का साथ चाहिए होगा। हाउस में पूरी उपस्थिति पर 290 वोट चाहिए। अभी तक घोषित 237 सीटों के हिसाब से डेमोक्रेट्स को 53 और वोट चाहिए। बाकी 59 सीटों के नतीजे यह तय करेंगे कि हाउस में उन्हें कितने रिपब्लिकन सांसदों की जरूरत पड़ेगी।

सीधी भाषा में, मिडटर्म के बाद ट्रंप के पास कांग्रेस से अपने मन के कानून पास कराने की ताकत कम हो गई है, लेकिन कानूनों को रोकने की ताकत लगभग बरकरार है। ओवरराइड तभी मुमकिन होगा जब किसी मुद्दे पर दोनों पार्टियों के सांसद बड़ी संख्या में एक साथ आएं, जैसा 2020 में रक्षा बिल के मामले में हुआ था। आने वाले महीनों में बजट, सरकारी फंडिंग और रक्षा बिल जैसे “ज़रूरी” कानून इस खींचतान की असली परीक्षा होंगे।

एक नज़र में

संवैधानिक आधारअनुच्छेद 1, धारा 7
फैसले की समय-सीमा10 दिन (रविवार छोड़कर)
ओवरराइड के लिएदोनों सदनों में दो-तिहाई (पूरी उपस्थिति पर हाउस 290/435, सीनेट 67/100)
1789 से कुल वीटो / ओवरराइड2,599 / 112
ट्रंप, पहला कार्यकाल10 वीटो, 1 ओवरराइड (FY2021 NDAA)
ट्रंप, दूसरा कार्यकाल (अब तक)2 वीटो, 0 ओवरराइड
नई सीनेट (AP, गिनती जारी)डेमोक्रेट 54, रिपब्लिकन 44, 2 सीटों पर गिनती जारी
नया हाउस (AP, गिनती जारी)डेमोक्रेट 237, रिपब्लिकन 139, 59 सीटों पर गिनती जारी

स्रोत: U.S. Senate (Vetoes, 1789 to Present, Vetoes by President Trump, 2017-2021, 2025 से), Congress.gov H.R.6395, H.R.131, H.R.504, Constitution Annotated: Article I, Section 7, और चुनाव नतीजों के लिए AP। सीटों के आंकड़े 4 नवंबर 2026 (अमेरिकी समय) तक के हैं; गिनती जारी है।

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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