बीजापुर की जिन कर्रेगुट्टा पहाड़ियों को कभी नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता था, वहां अब सुरक्षा बलों का फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) है और मंत्री खुद पहुंचकर जवानों से मिल रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बीजापुर प्रवास के दौरान कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थित FOB ताड़पाला पहुंचकर जवानों का उत्साह बढ़ाया और उसी दिन जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR) की 3 नवंबर 2026 की रिलीज़ (क्रमांक-10604) के मुताबिक यह कार्यक्रम राज्य स्थापना दिवस के मौके पर 2 नवंबर को हुआ। मंत्री ने कहा, “अब बस्तर में गोलियों की गूंज नहीं, विकास और खुशहाली की गूंज सुनाई दे रही है।”
एक नज़र में: बीजापुर दौरे की मुख्य बातें
| बिंदु | जानकारी |
| तारीख | 2 नवंबर 2026 (DPR रिलीज़ 3 नवंबर) |
| मुख्य अतिथि | कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब |
| सुरक्षा कैंप | FOB ताड़पाला, कर्रेगुट्टा पहाड़ियां (बीजापुर) |
| राज्योत्सव स्थल | मिनी स्टेडियम, जिला मुख्यालय बीजापुर |
| सम्मान | कर्रेगुट्टा में काम करने वाले श्रमिक और प्रतिभावान विद्यार्थी |
| अन्य | ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण |
| मौजूद अधिकारी | कलेक्टर विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि |

FOB ताड़पाला में जवानों से मुलाकात
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर बने FOB ताड़पाला पहुंचे और वहां तैनात सुरक्षा बलों के जवानों से बात की। उन्होंने जवानों के साहस, शौर्य और समर्पण की तारीफ की और कहा कि दुर्गम इलाकों में तैनात जवानों की लगातार मेहनत और स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाके में शांति और विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
मंत्री ने कहा कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगे का फहराना सुरक्षा बलों के साहस और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में तेज़ी का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री (गृह) विजय शर्मा के प्रयासों को दिया।
कर्रेगुट्टा क्यों खास है?
कर्रेगुट्टा पहाड़ियां छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले में फैली घनी जंगल वाली पहाड़ी श्रृंखला हैं। रिपोर्टों के मुताबिक 2025 में यहां सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े अभियानों में से एक चलाया था, जिसके बाद पहाड़ियों पर तिरंगा फहराया गया और सुरक्षा कैंप बनाए गए। अब उसी इलाके में मंत्री का पहुंचना और श्रमिकों का सम्मान होना इस बदलाव को दिखाता है। (पृष्ठभूमि की यह जानकारी पुरानी समाचार रिपोर्टों पर आधारित है; इस दौरे के तथ्य DPR रिलीज़ से हैं।)
सड़क, स्कूल, बिजली: सरकार का अगला लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ दूरस्थ गांवों तक ये सुविधाएं पहुंचाना है:
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं
- बिजली और पेयजल
- संचार (मोबाइल नेटवर्क)
- रोज़गार और स्वरोज़गार के मौके
उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी डर और हिंसा का माहौल था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के नए अवसर बन रहे हैं, और बस्तर की पहचान अब गोलियों से नहीं, बल्कि विकास, खुशहाली और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से होनी चाहिए।
श्रमिकों का सम्मान और पौधरोपण
कर्रेगुट्टा इलाके में निर्माण और विकास कार्यों में लगे श्रमिकों को मंत्री ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विकसित बस्तर बनाने में श्रमिकों की अहम भूमिका है और उन्हीं की मेहनत से अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) के काम को गति मिल रही है। इस दौरान उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा लगाकर पर्यावरण बचाने का संदेश भी दिया।
बीजापुर का जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026
बीजापुर जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में हुए राज्योत्सव में मंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया और प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि साल 2000 में राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, तकनीकी शिक्षा और अधोसंरचना में बड़ी प्रगति की है।

युवाओं के लिए संदेश: कौशल, तकनीक और रोज़गार
मंत्री ने कहा कि बस्तर के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। उन्हें बेहतर शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोज़गार के मौके देना सरकार की प्राथमिकता है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोज़गार से जुड़े प्रशिक्षण से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम चल रहा है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा और उद्योग आधारित ट्रेनिंग से जुड़कर अपना हुनर बढ़ाने की अपील की। बस्तर के युवाओं के लिए चल रही पुलिस भर्ती की जानकारी: बीजापुर बस्तर फाइटर भर्ती 2026।
प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान
राज्योत्सव में अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मंत्री ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं और दूरस्थ इलाकों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के बराबर मौके मिलने चाहिए।

लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां
स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकगीत और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियां दीं। मंत्री ने कलाकारों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि बस्तर की जनजातीय संस्कृति और लोकपरंपराएं प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें बचाना और आगे बढ़ाना सबकी ज़िम्मेदारी है। उनके मुताबिक विकसित बस्तर का सपना तभी पूरा होगा जब हर गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़े, हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले और युवाओं को रोज़गार मिले।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक और अन्य अतिथि मौजूद रहे। बस्तर से जुड़ी और खबरें: अबूझमाड़ में 10.95 किमी की 3 PMGSY सड़कें · इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली जंगल सफारी · राज्योत्सव 2026 का दूसरा दिन।
FAQ
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब बीजापुर में कहां गए?
वे कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थित सुरक्षा बलों के FOB ताड़पाला पहुंचे और फिर बीजापुर जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 में मुख्य अतिथि रहे।
यह कार्यक्रम कब हुआ?
DPR छत्तीसगढ़ के मुताबिक कार्यक्रम 2 नवंबर 2026 को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ। रिलीज़ 3 नवंबर को जारी हुई।
FOB क्या होता है?
FOB यानी फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस — दुर्गम और संवेदनशील इलाकों में आगे की तरफ बनाया गया सुरक्षा बलों का कैंप, जहां से गश्त और अभियान चलाए जाते हैं।
मंत्री ने किसे सम्मानित किया?
कर्रेगुट्टा इलाके में निर्माण और विकास कार्यों में योगदान देने वाले श्रमिकों और राज्योत्सव में प्रतिभावान विद्यार्थियों को।
मंत्री का मुख्य संदेश क्या था?
बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की ओर बढ़ रहा है; सुरक्षा के साथ दूरस्थ गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, संचार और रोज़गार पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
स्रोत
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR) की प्रेस रिलीज़, 3 नवंबर 2026 (क्रमांक-10604)। सभी तस्वीरें DPR छत्तीसगढ़ की इसी आधिकारिक रिलीज़ से ली गई हैं।








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