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मुक्त विश्वविद्यालय का 7वां दीक्षांत: 24,800 विद्यार्थियों को उपाधियां, राज्यपाल रमेन डेका बोले- नकल नहीं, अपनी पहचान बनाएं

बिलासपुर में पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह में पिछले 5 वर्षों के 24,800 विद्यार्थियों को उपाधियां मिलीं। राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं को असफलता से सीखने और अपनी अलग पहचान बनाने की सलाह दी।

पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर के सप्तम दीक्षांत समारोह के मंच पर राज्यपाल रमेन डेका और अतिथि
फोटो: DPR छत्तीसगढ़ (आधिकारिक)

मुख्य बातें

  • एक नज़र में: मुक्त विश्वविद्यालय का 7वां दीक्षांत समारोह
  • राज्यपाल रमेन डेका का संदेश: नकल नहीं, अपनी पहचान बनाएं
  • राज्यपाल की 5 बड़ी सलाह
  • मुक्त विश्वविद्यालय क्यों अहम हैं

बिलासपुर में मंगलवार को एक ऐसा दीक्षांत समारोह हुआ, जिसमें नौकरी, खेती या घर की ज़िम्मेदारियों के साथ पढ़ाई करने वाले हज़ारों लोगों की मेहनत को डिग्री के रूप में सम्मान मिला। पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के सप्तम (7वें) दीक्षांत समारोह में पिछले पांच वर्षों के 24 हजार 800 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा की उपाधियां दी गईं।

Contents
एक नज़र में: मुक्त विश्वविद्यालय का 7वां दीक्षांत समारोहराज्यपाल रमेन डेका का संदेश: नकल नहीं, अपनी पहचान बनाएंराज्यपाल की 5 बड़ी सलाहमुक्त विश्वविद्यालय क्यों अहम हैंउप मुख्यमंत्री अरुण साव: ज्ञान का उपयोग समाज के उत्थान में करेंमंच पर कौन-कौन रहे मौजूदनई वेबसाइट, स्मारिका ‘अभ्युदय’ और एकलव्य विद्यालय के बच्चों को उपहारविद्यार्थियों के लिए इसका मतलबअक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय का 7वां दीक्षांत समारोह कब हुआ?कितने विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं?समारोह की अध्यक्षता किसने की और दीक्षांत भाषण किसने दिया?विश्वविद्यालय को NAAC से कौन सा ग्रेड मिला है?स्रोत (Sources)

समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने युवाओं से कहा कि वे आत्मविश्वास, लगातार प्रयास और अपनी अलग प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ें, असफलता से घबराने के बजाय उसके कारण समझें और गलतियों से सीखकर फिर कोशिश करें। यह जानकारी छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR) की 3 नवंबर 2026 की आधिकारिक रिलीज़ पर आधारित है।

मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के मंच पर विद्यार्थी को उपाधि प्रदान करते अतिथि
फोटो: DPR छत्तीसगढ़ (आधिकारिक)

एक नज़र में: मुक्त विश्वविद्यालय का 7वां दीक्षांत समारोह

बिंदुजानकारी
विश्वविद्यालयपंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़, बिलासपुर
समारोहसप्तम दीक्षांत समारोह
तारीख3 नवंबर 2026, मंगलवार
अध्यक्षताराज्यपाल श्री रमेन डेका
दीक्षांत भाषणश्री कैलाश चंद्र शर्मा, अध्यक्ष, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद
उपाधियांपिछले 5 वर्षों के 24,800 विद्यार्थी (स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा)
अन्य घोषणाएंनई आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण, स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन
सामाजिक पहलएकलव्य विद्यालय देवपहरी के 311 विद्यार्थियों को बैग, स्वेटर, टिफिन और पानी की बोतल

राज्यपाल रमेन डेका का संदेश: नकल नहीं, अपनी पहचान बनाएं

राज्यपाल श्री डेका ने उपाधि और पदक पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि उनकी सफलता में माता-पिता, गुरुजनों और शिक्षण संस्थानों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन में नई ऊर्जा और नई ज़िम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है, और शिक्षा का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी होना चाहिए।

राज्यपाल की 5 बड़ी सलाह

  • असफलता से सीखें: घबराने के बजाय कारण समझें, गलती सुधारें और फिर प्रयास करें।
  • अपनी विशिष्टता पर भरोसा: जीवन में अपना स्थान स्वयं बनाना पड़ता है; दूसरों की नकल या तुलना न करें।
  • डिजिटल साधनों का समझदारी से उपयोग: इंटरनेट ने ज्ञान तक पहुंच आसान बनाई है, पर डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचें और समय सार्थक कामों में लगाएं।
  • नए रोज़गार क्षेत्र पहचानें: आज रोज़गार और आजीविका के कई नए क्षेत्र हैं; अपनी रुचि और क्षमता पहचानकर पूरी मेहनत से आगे बढ़ें।
  • छोटे काम, बड़ा बदलाव: स्वच्छता रखना, पौधे लगाना और उनकी देखभाल जैसे काम भी समाज बदलते हैं; ऐसा काम करें जिसका मकसद सिर्फ लेन-देन न हो।

राज्यपाल ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं थोपने के बजाय उनकी रुचि और प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ने में साथ दें। उन्होंने जीवन में आंतरिक संतुष्टि, संतुलन और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने को भी ज़रूरी बताया।

दीक्षांत परिधान और पगड़ी में बैठे पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के उपाधि प्राप्त विद्यार्थी
फोटो: DPR छत्तीसगढ़ (आधिकारिक)

मुक्त विश्वविद्यालय क्यों अहम हैं

राज्यपाल ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय दूरस्थ इलाकों तक ज्ञान पहुंचाने और शिक्षा के अवसर बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां बड़ी आबादी गांवों और वनांचलों में रहती है, दूरस्थ शिक्षा (Distance Learning) उन लोगों के लिए रास्ता खोलती है जो नियमित कॉलेज नहीं जा पाते। इस बार एक साथ पांच वर्षों के 24,800 विद्यार्थियों को उपाधि मिलना इसी पहुंच का संकेत है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव: ज्ञान का उपयोग समाज के उत्थान में करें

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के उत्थान में करें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक पंडित सुंदरलाल शर्मा के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय उन लोगों के सपने पूरे कर रहा है, जो काम-काज या अन्य परिस्थितियों के कारण नियमित पढ़ाई नहीं कर पाते।

श्री साव ने विश्वविद्यालय को NAAC (नैक) से ‘A+’ ग्रेड मिलने पर बधाई दी और कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को आगे बढ़ाने और शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण काम कर रहा है।

बिलासपुर में मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मौजूद विद्यार्थी, अभिभावक और अतिथि
फोटो: DPR छत्तीसगढ़ (आधिकारिक)

मंच पर कौन-कौन रहे मौजूद

नामभूमिका
श्री रमेन डेकाराज्यपाल, छत्तीसगढ़ (समारोह के अध्यक्ष)
श्री अरुण सावउप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
श्री धरमलाल कौशिकविधायक
श्री सुशांत शुक्लाविधायक
श्रीमती पूजा विधानीमहापौर, बिलासपुर
श्री कैलाश चंद्र शर्माअध्यक्ष, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद (दीक्षांत भाषण)
श्री नागेश्वर रावनैक (NAAC) अध्यक्ष (DPR रिलीज़ के अनुसार)
श्री वीरेंद्र कुमार सारस्वतकुलपति, पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय

कुलपति श्री वीरेंद्र कुमार सारस्वत ने स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष श्री कैलाश चंद्र शर्मा ने दीक्षांत भाषण दिया और नैक अध्यक्ष श्री नागेश्वर राव ने भी समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, कार्य परिषद के सदस्य, प्राध्यापक, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

नई वेबसाइट, स्मारिका ‘अभ्युदय’ और एकलव्य विद्यालय के बच्चों को उपहार

समारोह में विश्वविद्यालय की उन्नत आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण किया गया और स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन हुआ। विश्वविद्यालय की ओर से एकलव्य विद्यालय, देवपहरी के 311 विद्यार्थियों को बैग, स्वेटर, टिफिन और पानी की बोतलें बांटी गईं। ठंड के मौसम से पहले वनांचल के बच्चों के लिए यह मदद उपयोगी मानी जा रही है।

दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में दीक्षांत परिधान में अतिथि और अधिकारी
फोटो: DPR छत्तीसगढ़ (आधिकारिक)

विद्यार्थियों के लिए इसका मतलब

  • जिन विद्यार्थियों ने पिछले पांच वर्षों में कोर्स पूरा किया, उनकी उपाधियां इस समारोह के ज़रिए औपचारिक रूप से प्रदान की गईं।
  • डिग्री/प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी और नोटिस के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट pssou.ac.in देखें।
  • NAAC A+ ग्रेड से विश्वविद्यालय की डिग्रियों की साख बढ़ती है, जो आगे की पढ़ाई और नौकरी के आवेदन में मददगार हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में इस हफ्ते दीक्षांत और शिक्षा से जुड़ी और खबरें: NIT रायपुर का 17वां दीक्षांत समारोह और IndiaAI CoE, रायगढ़ के किरोड़ीमल कॉलेज को ₹10.78 करोड़ की सौगात और राज्योत्सव में राज्यपाल रमेन डेका।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय का 7वां दीक्षांत समारोह कब हुआ?

DPR छत्तीसगढ़ के अनुसार यह समारोह 3 नवंबर 2026 (मंगलवार) को बिलासपुर में हुआ।

कितने विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं?

पिछले पांच वर्षों के कुल 24,800 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा की उपाधियां दी गईं।

समारोह की अध्यक्षता किसने की और दीक्षांत भाषण किसने दिया?

अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। दीक्षांत भाषण हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष श्री कैलाश चंद्र शर्मा ने दिया।

विश्वविद्यालय को NAAC से कौन सा ग्रेड मिला है?

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विश्वविद्यालय को NAAC की ‘A+’ ग्रेडिंग मिलने पर बधाई दी; मंच के बैनर पर भी ‘नैक द्वारा A+ ग्रेड प्राप्त’ लिखा था।

स्रोत (Sources)

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR) की प्रेस रिलीज़, 3 नवंबर 2026; विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट pssou.ac.in। सभी तस्वीरें DPR छत्तीसगढ़ की इसी आधिकारिक रिलीज़ से ली गई हैं।

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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