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श्रमिकों की ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ बड़े राज्यों में नंबर-1: वीबी-जी राम जी के 73 लाख मज़दूरों का डिजिटल सत्यापन पूरा, कुशल श्रेणी में सभी राज्यों से आगे

केंद्र की 3 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ ने वीबी-जी राम जी के 91.28% पंजीकृत श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली है। अकुशल श्रेणी में राज्य बड़े राज्यों में पहले स्थान पर है।

पंचायत कार्यालय में बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर ई-केवाईसी कराती ग्रामीण महिला श्रमिक की सांकेतिक तस्वीर
AI से बनी सांकेतिक तस्वीर

मुख्य बातें

  • छत्तीसगढ़ ई-केवाईसी उपलब्धि: मुख्य आंकड़े
  • अकुशल श्रमिकों में बड़े राज्यों को पीछे छोड़ा
  • दूसरे बड़े राज्यों की स्थिति
  • कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिकों में सभी राज्यों में अव्वल

ग्रामीण रोजगार योजना वीबी-जी राम जी में पंजीकृत मज़दूरों के डिजिटल सत्यापन के मामले में छत्तीसगढ़ देश के बड़े राज्यों में सबसे आगे निकल गया है। केंद्र सरकार की 3 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के आधार पर राज्य के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि प्रदेश के कुल 80 लाख 1 हजार 394 पंजीकृत श्रमिकों में से 73 लाख 3 हजार 451 की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, यानी 91.28 प्रतिशत काम पूरा। कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिकों की श्रेणी में तो छत्तीसगढ़ सभी राज्यों में पहले नंबर पर है।

छत्तीसगढ़ ई-केवाईसी उपलब्धि: मुख्य आंकड़े

पैमानाआंकड़ा
कुल पंजीकृत श्रमिक (दोनों श्रेणी)80,01,394
आधार सीडिंग पूरी76,94,575
ई-केवाईसी पूरी73,03,451 (91.28%)
अकुशल श्रमिक: ई-केवाईसी72,39,364 में से 79,23,503 पंजीकृत (91.37%)
अकुशल श्रेणी में रैंकदेश में चौथा, बड़े राज्यों में पहला
कुशल/अर्द्धकुशल श्रमिक: ई-केवाईसी64,087 में से 77,891 पंजीकृत (82.28%)
कुशल/अर्द्धकुशल श्रेणी में रैंकसभी राज्यों में पहला (UT मिलाकर दूसरा)

ये सभी आंकड़े DPR छत्तीसगढ़ की आधिकारिक विज्ञप्ति से लिए गए हैं, जो केंद्र सरकार की 3 नवंबर की प्रगति रिपोर्ट पर आधारित है। 4 नवंबर को जनसंपर्क विभाग के X हैंडल ने भी इस उपलब्धि को साझा किया।

गांव के तालाब गहरीकरण कार्य में मिट्टी ढोते ग्रामीण मज़दूरों की सांकेतिक तस्वीर
AI से बनी सांकेतिक तस्वीर

अकुशल श्रमिकों में बड़े राज्यों को पीछे छोड़ा

अकुशल श्रमिकों की श्रेणी में राज्य के 79 लाख 23 हजार 503 पंजीकृत मज़दूरों में से 76 लाख 20 हजार 979 का आधार सीडिंग हो चुका है और 72 लाख 39 हजार 364 की ई-केवाईसी पूरी है। इस तरह छत्तीसगढ़ ने 91.37 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है।

राष्ट्रीय स्तर पर इस श्रेणी में लद्दाख (97.59%), मिज़ोरम (97.42%) और त्रिपुरा (92.79%) पहले तीन स्थान पर हैं, जबकि छत्तीसगढ़ चौथे नंबर पर है। लेकिन ये तीनों छोटे राज्य या केंद्रशासित प्रदेश हैं, इसलिए बड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ पहले स्थान पर है। इस श्रेणी का राष्ट्रीय औसत केवल 61.01 प्रतिशत है, यानी छत्तीसगढ़ इससे 30.36 प्रतिशत अंक आगे है।

बड़े राज्यों में अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रतिशत का चार्ट, छत्तीसगढ़ 91.37 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर
चार्ट: TimeTrolls | आंकड़े: DPR छत्तीसगढ़ (केंद्र की 3 नवंबर 2026 रिपोर्ट)

दूसरे बड़े राज्यों की स्थिति

राज्यअकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी
छत्तीसगढ़91.37%
पश्चिम बंगाल89.10%
तमिलनाडु83.17%
आंध्रप्रदेश81.27%
कर्नाटक69.93%
मध्यप्रदेश63.78%
उत्तर प्रदेश56.58%
महाराष्ट्र32.27%

कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिकों में सभी राज्यों में अव्वल

कुशल और अर्द्धकुशल मज़दूरों (जैसे राजमिस्त्री, मेट और तकनीकी काम करने वाले श्रमिक) की श्रेणी में प्रदेश के 77 हजार 891 पंजीकृत श्रमिकों में से 73 हजार 596 का आधार सीडिंग और 64 हजार 87 की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। यह 82.28 प्रतिशत है।

इस श्रेणी में केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव 98.33 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है और छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर। यानी देश के सभी राज्यों में छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर है। यहां राष्ट्रीय औसत मात्र 13.53 प्रतिशत है। तुलना के लिए, महाराष्ट्र में 56.70%, कर्नाटक में 36.95%, गुजरात में 27.04%, तमिलनाडु में 25.03%, मध्यप्रदेश में 16.47% और उत्तर प्रदेश में सिर्फ 4.36% श्रमिकों की ई-केवाईसी हुई है।

मोबाइल पर चेहरा सत्यापन से जॉब कार्डधारी श्रमिक की पहचान जांच की सांकेतिक तस्वीर
AI से बनी सांकेतिक तस्वीर

श्रमिकों की ई-केवाईसी क्यों ज़रूरी है

ई-केवाईसी में आधार के ज़रिए हर पंजीकृत मज़दूर की पहचान का डिजिटल सत्यापन किया जाता है। सरकार के अनुसार इससे ये फायदे होंगे:

  • पंजीकृत श्रमिकों की पहचान पक्की होगी और फर्जी या दोहरे नाम हटेंगे।
  • जॉब कार्ड और मस्टर रोल जैसे रिकॉर्ड ज़्यादा सही रहेंगे।
  • काम और मज़दूरी भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे पैसा सीधे सही व्यक्ति तक पहुंचेगा।
  • पात्र श्रमिकों तक योजना का लाभ पहुंचाने और डिजिटल व्यवस्था को मज़बूत करने में मदद मिलेगी।

जिन मज़दूरों की ई-केवाईसी बाकी है, वे क्या करें

राज्य में अब भी करीब 7 लाख पंजीकृत श्रमिकों की ई-केवाईसी बाकी है। ऐसे श्रमिक अपनी ग्राम पंचायत या रोजगार सहायक से संपर्क कर सकते हैं। साथ में आधार कार्ड और जॉब कार्ड रखें और ध्यान रखें कि आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर चालू हो। प्रक्रिया की स्थानीय जानकारी के लिए अपनी जनपद पंचायत से भी पूछा जा सकता है। (यह सामान्य मार्गदर्शन है; सटीक प्रक्रिया के लिए पंचायत कार्यालय की सलाह मानें।)

मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की भूमिका

विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर काम कर रही है। उप मुख्यमंत्री और पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में योजना के क्रियान्वयन, श्रमिकों के सत्यापन और विभागीय कामों की नियमित निगरानी की जा रही है।

राज्य सरकार की दूसरी बड़ी योजनाओं पर हमारी रिपोर्ट भी पढ़ें: महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त, खनिजों से ₹16,738 करोड़ के राजस्व पर CM साय और केंद्रीय मंत्री की समीक्षा और धमतरी के किसान को देशी धान बचाने पर राष्ट्रीय सम्मान।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

छत्तीसगढ़ में कितने श्रमिकों की ई-केवाईसी हो चुकी है?

वीबी-जी राम जी के कुल 80,01,394 पंजीकृत श्रमिकों में से 73,03,451 की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जो 91.28 प्रतिशत है।

अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ की रैंक क्या है?

91.37 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ़ देश में चौथे और बड़े राज्यों में पहले स्थान पर है। राष्ट्रीय औसत 61.01 प्रतिशत है।

कुशल और अर्द्धकुशल श्रेणी में छत्तीसगढ़ कहां है?

82.28 प्रतिशत के साथ छत्तीसगढ़ सभी राज्यों में पहले और केंद्रशासित प्रदेशों को मिलाकर दूसरे स्थान पर है।

ये आंकड़े किस तारीख के हैं?

ये आंकड़े केंद्र सरकार की 3 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के हैं, जिन्हें DPR छत्तीसगढ़ ने जारी किया।

स्रोत

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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