छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा पर रायपुर में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को एक बड़ी बैठक हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य के खनन क्षेत्र की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ को खनिजों से ₹16,738 करोड़ का राजस्व मिला है। केंद्रीय मंत्री ने राज्य के डिजिटल सिस्टम, खासकर खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल और ड्रोन से निगरानी की तारीफ की। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के आधिकारिक X पोस्ट और PTI की रिपोर्ट पर आधारित है।
बैठक की मुख्य बातें एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| तारीख और जगह | 3 नवंबर 2026, मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, रायपुर |
| अध्यक्षता | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय |
| केंद्र से | जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री |
| खनिज राजस्व | वित्त वर्ष 2025-26 में ₹16,738 करोड़ |
| उत्पादन | कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर और टिन का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है |
| प्रेजेंटेशन | भौमिकी एवं खनिकर्म संचालनालय (Directorate of Geology & Mining) |
| बड़ा फोकस | अन्वेषण, ब्लॉक नीलामी, क्रिटिकल मिनरल्स, DMF का सही इस्तेमाल |

₹16,738 करोड़ का खनिज राजस्व: क्यों अहम है
छत्तीसगढ़ देश के सबसे बड़े खनिज उत्पादक राज्यों में गिना जाता है। कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, बॉक्साइट और टिन जैसे खनिज यहां बड़ी मात्रा में मिलते हैं। CMO के अनुसार मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कहा कि खनिज संसाधन राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनका पारदर्शी, वैज्ञानिक और टिकाऊ इस्तेमाल सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि खनन से होने वाली कमाई का फायदा खनन वाले इलाकों के लोगों तक सीधे पहुंचना चाहिए।
बैठक में बताया गया कि राज्य में कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर और टिन का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। खनिज राजस्व सीधे राज्य के बजट को मज़बूत करता है। इसी पैसे से सड़क, स्कूल, अस्पताल और कल्याण योजनाओं का खर्च चलता है।
खनिज ऑनलाइन 2.0, ड्रोन और स्टार रेटिंग: केंद्र ने की तारीफ
भौमिकी एवं खनिकर्म संचालनालय ने बैठक में राज्य के खनन क्षेत्र पर विस्तार से प्रेजेंटेशन दिया। ETV भारत और PTI की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने इन कदमों की सराहना की:
- खनिज ऑनलाइन 2.0: खनिज परिवहन, रॉयल्टी और परमिट का ऑनलाइन सिस्टम, जिससे काम पारदर्शी बनता है।
- ड्रोन सर्वे और निगरानी: खदानों की सीमा और अवैध खनन पर नज़र रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल।
- खदानों की स्टार रेटिंग: खनन के नियमों, पर्यावरण और सुरक्षा के पालन के आधार पर खदानों को रेटिंग।
- डिजिटल मॉनिटरिंग: उत्पादन और ढुलाई की रियल-टाइम निगरानी।

क्रिटिकल मिनरल्स पर ज़ोर: लिथियम से टिन तक
बैठक का एक बड़ा हिस्सा क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक मिनरल्स पर था। ये वे खनिज हैं जो इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी, सोलर पैनल, मोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उपकरणों में लगते हैं। CMO के अनुसार इन खनिजों के अन्वेषण (exploration) और ब्लॉक नीलामी की स्थिति पर चर्चा हुई:
| खनिज | मुख्य इस्तेमाल |
|---|---|
| लिथियम | EV और मोबाइल बैटरी |
| ग्रेफाइट | बैटरी का एनोड, स्टील उद्योग |
| रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) | मोटर-मैग्नेट, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा |
| वैनेडियम | मज़बूत स्टील, बड़ी बैटरी |
| गैलियम | सेमीकंडक्टर, LED |
| फॉस्फोराइट | खाद (फर्टिलाइज़र) |
| टिन | सोल्डरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स |
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नीलाम हो चुके खनिज ब्लॉकों को जल्दी उत्पादन में लाना ज़रूरी है, ताकि देश को आयात पर कम निर्भर रहना पड़े। कोयला उत्पादन बढ़ाने पर भी बात हुई, क्योंकि देश की बिजली का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ के कोयले पर टिका है।
DMF का पैसा: शिक्षा, स्वास्थ्य और पानी पर खर्च हो
डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) खनन से मिलने वाला वह फंड है जो खनन प्रभावित ज़िलों के विकास के लिए होता है। CMO के अनुसार बैठक में तय हुआ कि DMF की राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आजीविका और बुनियादी ढांचे पर प्राथमिकता से खर्च हो। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहले नक्सल प्रभावित रहे ज़िलों को DMF नियमों में विशेष छूट दी गई है, ताकि वहां विकास के काम तेज़ हो सकें।
यह मुद्दा छत्तीसगढ़ में संवेदनशील भी है, क्योंकि पिछले वर्षों में DMF फंड के दुरुपयोग की जांच हुई है। इस पर हमारी ED की DMF घोटाला जांच वाली रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।

बस्तर के टिन संग्राहकों के लिए TIN पोर्टल
बैठक में बस्तर के आदिवासी टिन संग्राहकों के लिए बने TIN पोर्टल की भी जानकारी दी गई। बस्तर इलाके में स्थानीय आदिवासी परिवार टिन अयस्क इकट्ठा करते हैं। पोर्टल का मकसद है कि उन्हें उनके काम का सही दाम और पारदर्शी भुगतान मिले।
रायपुर में खदान संचालकों से भी मिले केंद्रीय मंत्री
समीक्षा बैठक के अलावा जी. किशन रेड्डी ने रायपुर में खदान संचालकों और उद्योग से जुड़े लोगों के साथ अलग से बातचीत की। उनके आधिकारिक X पोस्ट के अनुसार इसमें खनन क्षेत्र की चुनौतियों और सुधारों पर चर्चा हुई। इसी दौरे में रेड्डी NIT रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि भी रहे।

आगे क्या: 5 नवंबर को गोवा में खान मंत्रियों का सम्मेलन
केंद्रीय खान मंत्रालय के आधिकारिक X हैंडल के मुताबिक राज्यों के खान मंत्रियों का चौथा सम्मेलन (4th Conference of Mining Ministers) गोवा में होना है। इसमें खनन और कोयला क्षेत्र के सुधारों पर राज्यों के साथ चर्चा होगी। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ अपने डिजिटल मॉडल और क्रिटिकल मिनरल्स की योजना वहां भी रखेगा। राज्य की दूसरी बड़ी खबरें: राज्योत्सव समापन और राज्य अलंकरण सम्मान।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
छत्तीसगढ़ को 2025-26 में खनिजों से कितना राजस्व मिला?
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य को खनिजों से ₹16,738 करोड़ का राजस्व मिला।
यह समीक्षा बैठक कब और कहां हुई?
3 नवंबर 2026 को रायपुर में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी की मौजूदगी में।
खनिज ऑनलाइन 2.0 क्या है?
यह छत्तीसगढ़ सरकार का ऑनलाइन पोर्टल है, जिससे खनिज परिवहन, परमिट और रॉयल्टी जैसे काम डिजिटल और पारदर्शी तरीके से होते हैं। केंद्रीय मंत्री ने इसकी तारीफ की।
DMF फंड किन कामों पर खर्च होगा?
बैठक के अनुसार DMF का पैसा प्राथमिकता से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आजीविका और बुनियादी ढांचे पर खर्च होगा।
स्रोत
- CMO छत्तीसगढ़: समीक्षा बैठक पर आधिकारिक X पोस्ट (3 नवंबर 2026)
- CMO छत्तीसगढ़: केंद्रीय मंत्री से मुलाकात पर X पोस्ट
- जी. किशन रेड्डी: रायपुर में खदान संचालकों से बातचीत (X)
- PTI: Union minister reviews Chhattisgarh’s mining sector
- ETV भारत: खनिज संसाधन देश के विकास का ग्रोथ इंजन
- Ministry of Mines: 4th Conference of Mining Ministers (X)








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