भिलाई में बिना पंजीयन वाली कॉलोनियों में प्लॉट बेचने के मामले में छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजी रेरा) ने सख्त रुख दिखाया है। प्राधिकरण ने भिलाई की फर्म मेसर्स बालाजी बिल्डर्स पर 20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है, क्योंकि फर्म ने प्रियंका नगर और आदर्श नगर की दो भू-संपदा परियोजनाओं में रेरा पंजीयन कराए बिना भूखंड बेच दिए। साथ ही प्रमोटर को दोनों परियोजनाओं का नियम के मुताबिक पंजीयन कराने का निर्देश दिया गया है। यह जानकारी जनसंपर्क विभाग (DPR छत्तीसगढ़) ने 3 नवंबर 2026 को रायपुर से जारी की।
बालाजी बिल्डर्स रेरा मामला: एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| प्राधिकरण | छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजी रेरा), रायपुर |
| फर्म | मेसर्स बालाजी बिल्डर्स, भिलाई (जिला दुर्ग) |
| प्रोपराइटर | जुगल किशोर तिवारी, निवासी शिव अर्पण बिल्डिंग, दक्षिण गंगोत्री, सुपेला, भिलाई |
| परियोजनाएं | प्रियंका नगर (खसरा क्रमांक 617/17) और आदर्श नगर (खसरा क्रमांक 95/43) |
| उल्लंघन | रेरा अधिनियम 2016 की धारा 3: बिना पंजीयन भूखंडों का विक्रय |
| कार्रवाई | धारा 59 के तहत 20 लाख रुपये अर्थदंड, धारा 3 और 4 के तहत पंजीयन का निर्देश |

जांच में क्या सामने आया
प्राधिकरण के आदेश के मुताबिक, प्रमोटर ने दोनों परियोजनाओं की ज़मीन को टुकड़ों में बांटकर भूखंड बेचे और खरीदारों से बिक्री की रकम भी ले ली। इसके बावजूद इन परियोजनाओं को छत्तीसगढ़ रेरा में पंजीकृत नहीं कराया गया था। जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद प्राधिकरण ने इसे भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन माना।
रेरा ने अपने आदेश में साफ किया है कि जो भी भू-संपदा परियोजना धारा 3 के तहत पंजीयन के दायरे में आती है, उसके भूखंडों या आवासीय इकाइयों का विज्ञापन, मार्केटिंग, बुकिंग या बिक्री पंजीयन से पहले नहीं की जा सकती। इसी आधार पर धारा 59 के तहत प्रमोटर पर 20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
प्रमोटरों को रेरा की चेतावनी
सीजी रेरा ने राज्य के सभी प्रमोटरों और विकासकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे किसी भी परियोजना के विकास और बिक्री से पहले रेरा अधिनियम के पंजीयन संबंधी प्रावधानों का पालन करें। प्राधिकरण ने कहा है कि बिना पंजीयन भूखंड या मकान बेचने वाले प्रमोटरों के खिलाफ अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण के अनुसार पंजीयन की अनिवार्यता का मकसद यह है कि प्लॉट और मकान खरीदने वाले नागरिकों को परियोजना की ज़रूरी जानकारी मिले और उनके अधिकार सुरक्षित रहें।
रेरा कानून की धारा 3, 4 और 59 क्या कहती हैं
यह मामला समझने के लिए रेरा अधिनियम की तीन धाराएं अहम हैं। इनका सार नीचे दिया गया है (विस्तृत प्रावधान अधिनियम के आधिकारिक पाठ में देखें):
- धारा 3: रेरा में पंजीयन के बिना कोई प्रमोटर किसी रियल एस्टेट परियोजना के प्लॉट, अपार्टमेंट या भवन का विज्ञापन, मार्केटिंग, बुकिंग, बिक्री या बिक्री का प्रस्ताव नहीं कर सकता। केंद्रीय अधिनियम में छोटी परियोजनाओं (500 वर्ग मीटर तक ज़मीन या 8 तक अपार्टमेंट) को छूट है, जिसे राज्य और कम कर सकते हैं।
- धारा 4: पंजीयन के लिए प्रमोटर को परियोजना की मंज़ूरियां, ले-आउट, ज़मीन के कागज़ात, विकास की समय-सीमा जैसी जानकारी प्राधिकरण को देनी होती है।
- धारा 59: धारा 3 का उल्लंघन करने पर प्रमोटर पर परियोजना की अनुमानित लागत के 10 प्रतिशत तक जुर्माना लग सकता है। आदेश न मानने पर आगे और सख्त सज़ा का प्रावधान है।

प्लॉट खरीदने से पहले खरीदार क्या जांचें
भिलाई-दुर्ग जैसे तेज़ी से बढ़ते शहरों में खेतों को काटकर नई कॉलोनियां बन रही हैं। ऐसे में आम खरीदार के लिए सावधानी सबसे बड़ा बचाव है। प्लॉट या मकान की बुकिंग से पहले ये कदम ज़रूर उठाएं:
- छत्तीसगढ़ रेरा की आधिकारिक वेबसाइट rera.cgstate.gov.in पर परियोजना का नाम या प्रमोटर खोजें और पंजीयन नंबर मिलाएं।
- विज्ञापन, ब्रोशर और बुकिंग फॉर्म पर रेरा पंजीयन नंबर लिखा है या नहीं, यह देखें। बिना नंबर वाले विज्ञापन पर भरोसा न करें।
- ज़मीन का खसरा, डायवर्सन और ले-आउट मंज़ूरी की कॉपी मांगें और रेरा पोर्टल पर अपलोड दस्तावेज़ों से मिलाएं।
- बड़ी रकम नकद न दें, हर भुगतान की रसीद लें और बिक्री अनुबंध की शर्तें ध्यान से पढ़ें।
- किसी गड़बड़ी पर रेरा में शिकायत दर्ज की जा सकती है।

भिलाई के खरीदारों के लिए क्यों अहम है यह फैसला
यह कार्रवाई सीधे भिलाई के प्रियंका नगर और आदर्श नगर इलाके से जुड़ी है। जिन लोगों ने इन परियोजनाओं में भूखंड खरीदे हैं, उनके लिए यह जानना ज़रूरी है कि प्राधिकरण ने प्रमोटर को पंजीयन कराने का आदेश दिया है। पंजीयन होने पर परियोजना की जानकारी सार्वजनिक पोर्टल पर आ जाती है, जिससे खरीदारों को अपनी शिकायत रखने का कानूनी रास्ता भी मिलता है। भिलाई से जुड़ी दूसरी बड़ी खबर, BSP टाउनशिप के किराए में कटौती, और प्लास्टिक कचरे से बनी सड़कों की रिपोर्ट भी पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
बालाजी बिल्डर्स पर रेरा ने कितना जुर्माना लगाया?
छत्तीसगढ़ रेरा ने भिलाई की मेसर्स बालाजी बिल्डर्स पर रेरा अधिनियम की धारा 59 के तहत 20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
किन परियोजनाओं में नियम टूटे?
भिलाई के प्रियंका नगर (खसरा 617/17) और आदर्श नगर (खसरा 95/43) की भू-संपदा परियोजनाओं में बिना रेरा पंजीयन भूखंड बेचे गए।
क्या बिना रेरा पंजीयन प्लॉट बेचना गैरकानूनी है?
हां, अगर परियोजना धारा 3 के दायरे में आती है तो पंजीयन से पहले उसका विज्ञापन, बुकिंग या बिक्री नहीं की जा सकती।
रेरा पंजीयन कैसे जांचें?
छत्तीसगढ़ रेरा की वेबसाइट rera.cgstate.gov.in पर परियोजना या प्रमोटर का नाम खोजकर पंजीयन की स्थिति देखी जा सकती है।
स्रोत
- DPR छत्तीसगढ़: बिना रेरा पंजीयन भूखंडों की बिक्री पर बालाजी बिल्डर्स पर 20 लाख रुपये का अर्थदंड (3 नवंबर 2026)
- छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजी रेरा), आधिकारिक वेबसाइट
- भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016: धारा 3, 4 और 59
- तस्वीरें: इस खबर के लिए कोई आधिकारिक फोटो जारी नहीं हुई, इसलिए सभी तस्वीरें AI से बनी सांकेतिक तस्वीरें हैं








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