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RBI Retail Direct G-Sec Auction: 6 नवंबर को ₹36,000 करोड़ के सरकारी बॉन्ड, ₹10,000 से ऐसे लगाएं बोली

शुक्रवार की ₹36,000 करोड़ की सरकारी बॉन्ड नीलामी में 7.06% GS 2041 और 7.43% GS 2076 बिकेंगे। RBI Retail Direct से ₹10,000 की बोली कैसे लगती है, आम निवेशक को किस भाव पर बॉन्ड मिलता है, अगस्त से अक्टूबर तक यील्ड कैसे बढ़ी और FD से तुलना करते समय क्या ध्यान रखें।

RBI Retail Direct G-Sec auction: भारतीय रिज़र्व बैंक का लोगो, 6 नवंबर को ₹36,000 करोड़ के सरकारी बॉन्ड की नीलामी
6 नवंबर को ₹36,000 करोड़ के दो सरकारी बॉन्ड की नीलामी। लोगो: Reserve Bank of India (Wikimedia Commons, Public domain) / जानकारी: RBI प्रेस रिलीज, 2 नवंबर 2026 / ग्राफिक: TimeTrolls.in

मुख्य बातें

  • 6 नवंबर की नीलामी में कौन-से बॉन्ड बिक रहे हैं
  • RBI Retail Direct G-Sec auction में आम निवेशक को बॉन्ड किस भाव पर मिलता है

शुक्रवार, 6 नवंबर को केंद्र सरकार बाजार से ₹36,000 करोड़ उधार लेने जा रही है, और इस कर्ज का एक हिस्सा बैंकों या बड़े फंड्स के लिए नहीं, बल्कि आम बचत करने वालों के लिए अलग रखा गया है। RBI Retail Direct G-Sec auction के रास्ते कोई भी व्यक्ति सिर्फ ₹10,000 से इस नीलामी में शामिल हो सकता है, बिना यह तय किए कि उसे कौन-सा भाव लगाना है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 2 नवंबर 2026 की प्रेस रिलीज में इस नीलामी की पूरी जानकारी दी है।

इस बार दो पुराने बॉन्ड दोबारा जारी (re-issue) हो रहे हैं: 7.06% GS 2041 और 7.43% GS 2076। सेटलमेंट सोमवार 9 नवंबर को होगा, यानी बॉन्ड उसी दिन खाते में आएंगे। नीचे हम RBI और BSE के आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर समझा रहे हैं कि इसमें हिस्सा कैसे लिया जाता है, पिछली नीलामियों में क्या हुआ था और किन जोखिमों को समझकर ही आगे बढ़ना चाहिए।

6 नवंबर की नीलामी में कौन-से बॉन्ड बिक रहे हैं

बॉन्डचुकाने की तारीखनोटिफाइड रकमआम निवेशकों का हिस्सा (5%)*
7.06% GS 204127 जुलाई 2041₹23,000 करोड़₹1,150 करोड़ तक
7.43% GS 207619 जनवरी 2076₹13,000 करोड़₹650 करोड़ तक
कुल–₹36,000 करोड़₹1,800 करोड़ तक

*RBI के नियम के मुताबिक हर बॉन्ड की नोटिफाइड रकम का अधिकतम 5% गैर-प्रतिस्पर्धी (non-competitive) बोली लगाने वाले योग्य निवेशकों को दिया जाता है। रुपये में यह हिस्सा TimeTrolls.in ने इसी 5% के आधार पर निकाला है। सरकार के पास हर बॉन्ड में ₹2,000 करोड़ तक की अतिरिक्त रकम रखने का विकल्प भी है। RBI के अनुसार दोबारा जारी हो रहे बॉन्ड की नीलामी price-based होती है और multiple price method से होगी।

6 नवंबर G-Sec नीलामी: 7.06% GS 2041 (₹23,000 करोड़) और 7.43% GS 2076 (₹13,000 करोड़), आम निवेशकों के लिए 5% हिस्सा
नीलामी में शामिल दोनों बॉन्ड और गैर-प्रतिस्पर्धी हिस्सा। डेटा: RBI (प्रेस रिलीज 2 नवंबर और 9 अक्टूबर 2026) / 5% का रुपये में हिसाब और ग्राफिक: TimeTrolls.in / लोगो: Reserve Bank of India

RBI Retail Direct G-Sec auction में आम निवेशक को बॉन्ड किस भाव पर मिलता है

बड़े खिलाड़ी, जैसे बैंक और प्राइमरी डीलर, competitive बोली लगाते हैं, यानी वे खुद बताते हैं कि किस भाव पर कितने बॉन्ड चाहिए। आम निवेशक के लिए यह झंझट नहीं है। RBI Retail Direct पोर्टल (rbiretaildirect.org.in) पर आप सिर्फ रकम डालते हैं, भाव नहीं। RBI के FAQ के मुताबिक गैर-प्रतिस्पर्धी हिस्से में बॉन्ड उस weighted average price पर मिलते हैं, जो competitive बोलियों से निकलता है। यानी जो औसत भाव बड़े संस्थानों ने चुकाया, लगभग वही आपको देना होगा।

चूंकि यह औसत भाव नीलामी खत्म होने के बाद ही पता चलता है, इसलिए बोली लगाते समय पोर्टल एक अनुमानित भाव, पिछली ब्याज तारीख से अब तक का ब्याज (accrued interest) और थोड़ा “markup” जोड़कर पैसे लेता है। RBI साफ कहता है कि markup कोई फीस नहीं है; असली भाव तय होने के बाद जो रकम ज्यादा कटी है, वह दो कामकाजी दिनों के भीतर आपके लिंक किए गए बैंक खाते में लौट आती है। एक निवेशक एक नीलामी में एक बॉन्ड के लिए सिर्फ एक बोली लगा सकता है, और डेटेड G-Sec में ऊपरी सीमा ₹2 करोड़ (फेस वैल्यू) प्रति बॉन्ड प्रति नीलामी है।

ऐसी ही आसान भाषा में पैसे और बाजार की खबरें वीडियो में समझने के लिए हमारा YouTube चैनल Tech With Bharat Hirwani देखें, और रोज़ के अपडेट के लिए TimeTrolls का WhatsApp चैनल फॉलो करें।

पिछली तीन नीलामियां: भाव गिरा, यील्ड चढ़ी

ये दोनों बॉन्ड पिछले कुछ महीनों में कई बार बिक चुके हैं, इसलिए RBI के नतीजे एक साफ तस्वीर देते हैं। 21 अगस्त को 7.06% GS 2041 का cut-off भाव ₹99.93 था (यील्ड 7.0668%)। 18 सितंबर को यह ₹98.45 (7.2305%) पर आया और 9 अक्टूबर को ₹96.18 (7.4898%) पर। 7.43% GS 2076 में भी यही रुझान रहा: ₹98.22 से ₹96.73 और फिर ₹95.33, यानी यील्ड 7.5674% से बढ़कर 7.8015% हो गई।

7.06% GS 2041 और 7.43% GS 2076 की पिछली तीन नीलामियों में cut-off भाव और यील्ड: 21 अगस्त, 18 सितंबर, 9 अक्टूबर 2026
अगस्त से अक्टूबर के बीच दोनों बॉन्ड का cut-off भाव गिरा और यील्ड बढ़ी। डेटा: RBI नीलामी नतीजे / ग्राफिक: TimeTrolls.in / लोगो (सील): Reserve Bank of India

इसका सीधा मतलब समझिए। जिसने 21 अगस्त की cut-off कीमत पर 2041 वाला ₹10,000 फेस वैल्यू का बॉन्ड लिया था, उसके बॉन्ड का नीलामी-भाव 9 अक्टूबर तक करीब ₹375 कम हो चुका था (TimeTrolls.in का हिसाब, ब्याज को छोड़कर)। 2076 वाले में यह फर्क लगभग ₹289 रहा। मैच्योरिटी तक रखने वाले को पूरा फेस वैल्यू वापस मिलता है, लेकिन बीच में बेचने वाले को यही बदला हुआ भाव मिलेगा।

एक और दिलचस्प बात: 9 अक्टूबर को 2041 वाले बॉन्ड पर ₹64,287.95 करोड़ की competitive बोलियां आईं, यानी नोटिफाइड रकम का करीब 2.80 गुना। उसी दिन गैर-प्रतिस्पर्धी हिस्से में सिर्फ ₹84.62 करोड़ की बोलियां आईं (5 बोलियां; रिटेल डायरेक्ट और बैंकों जैसे एग्रीगेटर अपने ग्राहकों की बोली जोड़कर एक साथ भेजते हैं), और सब पूरी स्वीकार हुईं। ₹1,150 करोड़ के 5% हिस्से के मुकाबले यह लगभग 7.4% है। 2076 वाले बॉन्ड में यह आंकड़ा ₹8.75 करोड़ रहा, यानी ₹650 करोड़ के हिस्से का करीब 1.3%। अगस्त में भी तस्वीर ऐसी ही थी (करीब 7.0% और 2.8%)। मतलब आम निवेशकों का कोटा अब तक ज्यादातर खाली ही रहा है। हालांकि यह आगे की नीलामी में पूरा अलॉटमेंट मिलने की गारंटी नहीं है।

₹10,000 लगाने वाले के लिए मोटा हिसाब

बॉन्ड पर ब्याज (कूपन) हमेशा फेस वैल्यू पर मिलता है, आपके चुकाए भाव पर नहीं। ₹10,000 फेस वैल्यू वाले 7.06% GS 2041 पर साल का ब्याज ₹706 बनता है, जो सरकारी बॉन्ड में आम तौर पर छह-छह महीने में दो किस्तों (करीब ₹353 हर बार) में आता है। 7.43% GS 2076 में यह ₹743 सालाना है। ब्याज और मैच्योरिटी की रकम सीधे उसी बैंक खाते में आती है जो RDG खाते से जुड़ा है।

अगर 6 नवंबर का औसत भाव 9 अक्टूबर जैसा (₹96.19) रहा, तो ₹10,000 फेस वैल्यू के लिए करीब ₹9,619 और accrued interest देना होगा। यह सिर्फ समझाने के लिए उदाहरण है; असली भाव शुक्रवार की नीलामी से ही तय होगा। ब्याज आपकी आय में जुड़ता है, इसलिए टैक्स के बारे में अपने टैक्स सलाहकार से जरूर पूछें।

RDG खाता: कागज, KYC और खर्च

Retail Direct Gilt (RDG) खाता सीधे RBI के पास खुलता है और RBI के मुताबिक इसे खोलना और चलाना पूरी तरह मुफ्त है। सिर्फ भुगतान करते समय पेमेंट गेटवे का चार्ज आपको देना पड़ सकता है। खाता खोलने के लिए ये चीजें चाहिए:

  • भारत में रुपये वाला सेविंग्स बैंक खाता (कैंसल चेक या खाते की डिटेल)
  • PAN और Aadhaar, जिसके साथ मोबाइल नंबर लिंक हो
  • वैध ईमेल और मोबाइल नंबर (सारी सेवाएं OTP से चलती हैं)
  • हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी और कम से कम एक नॉमिनी (नॉमिनेशन जरूरी है, अधिकतम दो)

KYC दो तरह से होती है: CKYC रिकॉर्ड पहले से है तो PAN और जन्मतिथि से, वरना वीडियो KYC से। बैंक खाता जोड़ने के लिए पोर्टल एक छोटी टोकन रकम भेजकर उसकी पुष्टि करवाता है। एक व्यक्ति सिर्फ एक RDG खाता खोल सकता है, जो अकेले या किसी दूसरे योग्य व्यक्ति के साथ जॉइंट हो सकता है। NSDL/CDSL डीमैट में रखे सरकारी बॉन्ड इस खाते में अपने-आप नहीं दिखते; दोनों खाते अलग रहते हैं।

ध्यान रहे, खाता खुलने में KYC की वजह से समय लग सकता है। जिनका RDG खाता अभी नहीं है, उनके लिए 6 नवंबर से पहले खाता चालू होना पक्का नहीं है। ऐसे लोग अगली नीलामी के लिए तैयारी रख सकते हैं, क्योंकि RBI के FAQ के मुताबिक केंद्र सरकार के डेटेड बॉन्ड की नीलामी आम तौर पर शुक्रवार को होती है।

बोली से बॉन्ड खाते में आने तक की टाइमलाइन

RBI Retail Direct पर बोली से सेटलमेंट तक: 5 नवंबर BSE समय-सीमा, 6 नवंबर नीलामी, 9 नवंबर सेटलमेंट
बोली लगाने से बॉन्ड खाते में आने तक की तारीखें। स्रोत: RBI प्रेस रिलीज 2026-2027/1424, RBI Retail Direct FAQ, BSE नोटिस 20261103-1 / ग्राफिक: TimeTrolls.in / लोगो: Reserve Bank of India
  • RBI Retail Direct पोर्टल: लॉगिन करके ‘Primary Market’ में ‘Auction Watch’ से बॉन्ड चुनें, ‘Bid Entry’ में रकम डालें और UPI या नेट बैंकिंग से भुगतान करें। जिस बोली का पैसा RBI को बोलियां भेजे जाने तक नहीं आया, वह रद्द हो जाती है, इसलिए आखिरी घंटे का इंतजार न करें।
  • RBI की e-Kuber विंडो: 6 नवंबर को गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियां सुबह 10:30 से 11:00 बजे और competitive बोलियां 10:30 से 11:30 बजे तक जमा होंगी। नतीजा उसी दिन आएगा।
  • BSE का रास्ता: BSE के 3 नवंबर के नोटिस (20261103-1) के मुताबिक उसके iBBS प्लेटफॉर्म के NCB-GSec मॉड्यूल पर सीधे निवेशकों के लिए बोली 5 नवंबर शाम 5 बजे तक और ब्रोकर मेंबर्स के लिए 6 नवंबर सुबह 8 बजे तक खुली है।
  • 9 नवंबर: सेटलमेंट और बॉन्ड खाते में। markup की ज्यादा कटी रकम दो कामकाजी दिनों में वापस।

RBI ने यह भी बताया है कि 3 से 6 नवंबर तक इन बॉन्ड्स में “When Issued” ट्रेडिंग की अनुमति है, जो मुख्य रूप से बड़े बाजार खिलाड़ियों के काम की चीज है। मौजूदा ब्याज दरों का माहौल समझने के लिए आप हमारी RBI MPC मिनट्स रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं।

FD से तुलना करने से पहले ये तीन बातें समझें

RBI के 30 अक्टूबर के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2026 में बैंकों की नई टर्म डिपॉजिट पर भारित औसत ब्याज दर 5.61% रही, जबकि सभी बकाया डिपॉजिट पर यह 6.55% थी। दूसरी तरफ 9 अक्टूबर की नीलामी में इन बॉन्ड्स की औसत यील्ड 7.49% और 7.79% रही। कागज पर फर्क बड़ा दिखता है, लेकिन दोनों को सीधे बराबर रखना ठीक नहीं। किस बैंक की FD पर अभी क्या मिल रहा है, यह हमारी FD ब्याज दरों की रिपोर्ट में देखें।

  • अवधि बहुत लंबी है: एक बॉन्ड करीब 15 साल बाद (2041 में) और दूसरा करीब 49 साल बाद (2076 में) मैच्योर होगा। FD की तरह बीच में तोड़कर तय रकम वापस लेने की सुविधा नहीं है।
  • भाव बदलता रहता है: RBI खुद कहता है कि G-Sec में डिफॉल्ट (क्रेडिट) का जोखिम नहीं है, पर मैच्योरिटी से पहले बेचने पर बाजार का जोखिम है। ऊपर दिखा अगस्त से अक्टूबर का उतार इसी का उदाहरण है।
  • बेचना आसान, पर भाव की गारंटी नहीं: RDG खाते से NDS-OM के सेकेंडरी बाजार में बेचा जा सकता है, लेकिन उस दिन जो भाव मिलेगा, वही मिलेगा।

यानी यह विकल्प उन लोगों के लिए समझने लायक है जिनका लक्ष्य लंबी अवधि का है और जो बीच के उतार-चढ़ाव से घबराते नहीं। जिन्हें दो-तीन साल में पैसा चाहिए, उनके लिए इतने लंबे बॉन्ड का गणित अलग बैठता है। बाजार के रोज़ के हाल के लिए हमारी 3 नवंबर की सेंसेक्स-निफ्टी रिपोर्ट देखें।

शुक्रवार को किस पर नज़र रखें

नीलामी वाले दिन RBI पहले cut-off भाव और फिर पूरा नतीजा जारी करता है। उसमें ‘Weighted Average Price’ वाली लाइन ही आम निवेशक के लिए सबसे अहम है, क्योंकि गैर-प्रतिस्पर्धी बोली उसी भाव पर पूरी होती है। ‘Non-Competitive Bids Received/Accepted’ वाली लाइन से पता चलेगा कि इस बार आम निवेशकों ने कितनी रकम लगाई। किसी परेशानी पर Retail Direct का टोल-फ्री नंबर 1800 267 7955 (कामकाजी दिनों में सुबह 9 से शाम 7 बजे) और ईमेल support@rbiretaildirect.org.in है।

RDG खाता खोलने के लिए जरूरी चीजें और नई FD की औसत दर 5.61% बनाम G-Sec औसत यील्ड
RDG खाते की जरूरी चीजें और ब्याज दरों की तुलना (अलग-अलग जोखिम वाले विकल्प)। स्रोत: RBI Retail Direct FAQ, RBI बैंक ब्याज दर रिलीज (30 अक्टूबर 2026), RBI नीलामी नतीजे / ग्राफिक: TimeTrolls.in / लोगो: Reserve Bank of India

जानकारी का आधार: RBI प्रेस रिलीज 2026-2027/1424 (2 नवंबर 2026), RBI नीलामी नतीजे (21 अगस्त, 18 सितंबर, 9 अक्टूबर 2026), RBI की बैंक ब्याज दर रिलीज (30 अक्टूबर 2026), RBI Retail Direct FAQ और BSE नोटिस 20261103-1। आंकड़े 4 नवंबर 2026, दोपहर 2 बजे तक के।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है, यह निवेश सलाह नहीं है। सरकारी बॉन्ड में भी मैच्योरिटी से पहले बेचने पर बाजार का जोखिम होता है। निवेश से पहले RBI की आधिकारिक प्रेस रिलीज और Retail Direct पोर्टल की शर्तें खुद पढ़ें और जरूरत हो तो किसी पंजीकृत सलाहकार से बात करें।

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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