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GST कलेक्शन अक्टूबर 2026: 22.9% उछाल के साथ 2.31 लाख करोड़ रुपये, आयात से कमाई 42% बढ़ी; जानें राज्यों का हाल

अक्टूबर 2026 में सकल GST कलेक्शन 22.9% बढ़कर 2,31,290 करोड़ रुपये रहा। नेट GST 25.6% बढ़कर 2,03,356 करोड़ पहुँचा। आयात से GST 42.2% बढ़ा, महाराष्ट्र सबसे आगे और असम में सबसे तेज़ बढ़त।

GST कलेक्शन अक्टूबर 2026: GST परिषद की बैठक और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
फोटो: PIB (कोलाज: TimeTrolls) | आंकड़े: GST पोर्टल (अनंतिम)

मुख्य बातें

  • अक्टूबर 2026 GST: मुख्य आंकड़े एक नज़र में
  • ग्रॉस और नेट GST में क्या फर्क है
  • अप्रैल से अक्टूबर तक की तस्वीर

फीचर्ड इमेज: नई दिल्ली के भारत मंडपम में 8 अक्टूबर 2026 को हुई GST परिषद की 57वीं बैठक और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। फोटो: PIB (कोलाज: TimeTrolls)।

त्योहारी सीज़न का असर सरकार की टैक्स कमाई पर साफ दिख रहा है। अक्टूबर 2026 में सकल (ग्रॉस) GST कलेक्शन 2,31,290 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल अक्टूबर के 1,88,125 करोड़ रुपये से 22.9% ज़्यादा है। रिफंड घटाने के बाद शुद्ध (नेट) GST कलेक्शन 2,03,356 करोड़ रुपये रहा, यानी 25.6% की बढ़त। ये अनंतिम (provisional) आंकड़े सरकार ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को GST पोर्टल पर जारी किए। सबसे बड़ी उछाल आयात से मिलने वाले GST में दिखी, जो 42.2% बढ़कर 72,246 करोड़ रुपये पहुँच गया।

अक्टूबर के आंकड़े असल में सितंबर महीने के कारोबार को दिखाते हैं, क्योंकि कारोबारी पिछले महीने का टैक्स अगले महीने जमा करते हैं। आइए समझते हैं कि ये आंकड़े क्या कहते हैं और आम आदमी, कारोबारी और राज्यों के लिए इनका क्या मतलब है।

GST परिषद की 57वीं बैठक की अध्यक्षता करतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में GST परिषद की 57वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए। फोटो: PIB

अक्टूबर 2026 GST: मुख्य आंकड़े एक नज़र में

मदअक्टूबर 2025अक्टूबर 2026बढ़त
सकल घरेलू GST₹1,37,328 करोड़₹1,59,044 करोड़15.8%
आयात से सकल GST₹50,796 करोड़₹72,246 करोड़42.2%
कुल सकल GST₹1,88,125 करोड़₹2,31,290 करोड़22.9%
कुल रिफंड₹26,225 करोड़₹27,934 करोड़6.5%
शुद्ध घरेलू GST₹1,24,567 करोड़₹1,45,037 करोड़16.4%
शुद्ध कस्टम्स (आयात) GST₹37,333 करोड़₹58,319 करोड़56.2%
कुल शुद्ध GST₹1,61,900 करोड़₹2,03,356 करोड़25.6%

घरेलू कलेक्शन में CGST 42,935 करोड़, SGST 51,340 करोड़ और IGST 64,769 करोड़ रुपये रहा। आयात वाले हिस्से को मिलाकर कुल IGST करीब 1.37 लाख करोड़ रुपये रहा।

अक्टूबर 2025 और अक्टूबर 2026 के GST कलेक्शन की तुलना का ग्राफ
अक्टूबर 2025 बनाम अक्टूबर 2026 GST कलेक्शन। ग्राफिक: TimeTrolls | आंकड़े: GST पोर्टल (अनंतिम)

ग्रॉस और नेट GST में क्या फर्क है

ग्रॉस GST वह पूरी रकम है जो महीने में टैक्स के रूप में जमा हुई। इसमें से निर्यातकों और कारोबारियों को लौटाया गया पैसा (रिफंड) घटा दें तो जो बचता है वह नेट GST है, यानी सरकार की असली कमाई। अक्टूबर में रिफंड सिर्फ 6.5% बढ़े (घरेलू रिफंड 9.8% बढ़कर 14,007 करोड़ और निर्यात से जुड़े रिफंड 3.4% बढ़कर 13,927 करोड़ रुपये), जबकि कलेक्शन 22.9% बढ़ा। इसी वजह से नेट GST की रफ्तार ग्रॉस से भी तेज़ रही।

आयात से कमाई 42% क्यों बढ़ी

बाहर से आने वाले सामान पर लगने वाला IGST इस महीने 50,796 करोड़ से बढ़कर 72,246 करोड़ रुपये हो गया। सरकारी रिपोर्ट यह नहीं बताती कि यह बढ़त आयात की मात्रा बढ़ने से आई, कीमतें बढ़ने से या किसी और कारण से। त्योहारों से पहले इलेक्ट्रॉनिक्स, सोना और दूसरे सामान का आयात आम तौर पर बढ़ता है। PwC के पार्टनर नितिन विजयवर्गीय ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि आयात से बढ़ती कमाई पर घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के नज़रिये से ध्यान देने की ज़रूरत है।

अप्रैल से अक्टूबर तक की तस्वीर

चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों (अप्रैल-अक्टूबर) में सकल GST कलेक्शन 14,77,569 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी अवधि के करीब 13.05 लाख करोड़ रुपये से 13.2% ज़्यादा है। नेट कलेक्शन 12.6% बढ़कर करीब 12.69 लाख करोड़ रुपये रहा। सितंबर 2026 में सकल GST 2,03,521 करोड़ रुपये (14.7% बढ़त) था, यानी अक्टूबर में रफ्तार और तेज़ हुई।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक फरवरी 2026 में खत्म हुए कंपनसेशन सेस को हटाकर बराबरी से तुलना करें तो अक्टूबर 2026 का कलेक्शन अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक कलेक्शन है। पहले नंबर पर अप्रैल 2026 (2,42,702 करोड़ रुपये) है। पिछले साल अक्टूबर का आंकड़ा सेस समेत 1,95,936 करोड़ रुपये था।

अक्टूबर 2026 में प्रमुख राज्यों के घरेलू GST कलेक्शन का ग्राफ
प्रमुख राज्यों का घरेलू GST कलेक्शन, अक्टूबर 2026। ग्राफिक: TimeTrolls | आंकड़े: GST पोर्टल (अनंतिम)

राज्यों का हाल: महाराष्ट्र सबसे आगे, असम में सबसे तेज़ बढ़त

घरेलू GST कलेक्शन में महाराष्ट्र 35,150 करोड़ रुपये (13% बढ़त) के साथ सबसे आगे रहा। कर्नाटक 15,922 करोड़ (18%), गुजरात 13,516 करोड़ (16%), तमिलनाडु 11,661 करोड़ (3%), हरियाणा 11,529 करोड़ (17%) और उत्तर प्रदेश 10,235 करोड़ रुपये (24%) पर रहे। बढ़त के मामले में असम (47%), झारखंड (31%) और मध्य प्रदेश (29%) आगे रहे। हिमाचल प्रदेश (-2%), सिक्किम (-28%) और पुडुचेरी (-7%) में कलेक्शन घटा।

राज्यों को मिलने वाला SGST (IGST में से उनके हिस्से समेत) अक्टूबर में 13% बढ़कर 1,03,341 करोड़ रुपये रहा। अप्रैल-अक्टूबर में यह 15% बढ़कर 6,82,142 करोड़ रुपये पहुँचा।

छत्तीसगढ़ का क्या हाल है

अक्टूबर के राज्यवार आंकड़ों में छत्तीसगढ़ का अलग आंकड़ा अभी तक प्रमुख रिपोर्टों में सामने नहीं आया है। GST पोर्टल की सितंबर 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में छत्तीसगढ़ का घरेलू GST कलेक्शन 2,366 करोड़ रुपये रहा, जो सितंबर 2025 के 2,347 करोड़ से सिर्फ 1% ज़्यादा था। उस महीने राज्य का पोस्ट-सेटलमेंट SGST 1,090 करोड़ से घटकर 922 करोड़ रुपये रहा था। GST परिषद में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी करते हैं। अक्टूबर का राज्यवार आंकड़ा पोर्टल पर आते ही हम इस खबर को अपडेट करेंगे।

GST परिषद बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
57वीं GST परिषद बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (8 अक्टूबर 2026)। फोटो: PIB

GST परिषद और वित्त मंत्री की भूमिका

GST से जुड़े बड़े फैसले GST परिषद लेती है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण करती हैं और सभी राज्यों के वित्त मंत्री इसके सदस्य होते हैं। परिषद की 57वीं बैठक 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुई थी (PIB)। सितंबर 2025 में GST दरों में बड़े बदलाव और कटौती के बाद कई लोगों को डर था कि कलेक्शन घटेगा। Deloitte India के पार्टनर महेश जैसिंग ने कहा कि दरों में कटौती के बावजूद राजस्व की यह मज़बूती परिषद को सुधार आगे बढ़ाने का भरोसा देती है। KPMG इंडिया के अभिषेक जैन ने इसे त्योहारी खुशी बढ़ाने वाला आंकड़ा बताया और कहा कि यह बेहतर टैक्स अनुपालन और खपत की मज़बूती दिखाता है।

आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है

  • खपत मज़बूत: घरेलू GST में 15.8% की बढ़त बताती है कि त्योहारों से पहले लोगों ने खूब खरीदारी की।
  • सरकार के पास ज़्यादा पैसा: ज़्यादा टैक्स से केंद्र और राज्यों को सड़क, योजनाओं और सब्सिडी पर खर्च के लिए गुंजाइश मिलती है।
  • राज्यों को फायदा: SGST में 13% बढ़त से राज्यों का बजट संतुलित रखने में मदद मिलती है।
  • दरें घटने की उम्मीद: विशेषज्ञ मानते हैं कि मज़बूत कलेक्शन से परिषद आगे भी दरों को आसान बनाने पर विचार कर सकती है। हालांकि अभी ऐसा कोई फैसला घोषित नहीं हुआ है।

1 नवंबर से हुए दूसरे बदलावों, जैसे LPG सिलेंडर के नए दाम, के बारे में पढ़ें: LPG की कीमत 1 नवंबर 2026। किसानों से जुड़ी खबर: PM-किसान 24वीं किस्त: छत्तीसगढ़ के किसानों को कितना मिला।

भारत मंडपम में GST परिषद की 57वीं बैठक का दृश्य
भारत मंडपम, नई दिल्ली में GST परिषद की 57वीं बैठक (8 अक्टूबर 2026)। फोटो: PIB

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

अक्टूबर 2026 में कुल GST कलेक्शन कितना रहा?

सकल GST 2,31,290 करोड़ रुपये (22.9% बढ़त) और नेट GST 2,03,356 करोड़ रुपये (25.6% बढ़त) रहा।

सबसे ज़्यादा बढ़त किस हिस्से में हुई?

आयात से मिलने वाले GST में, जो 42.2% बढ़कर 72,246 करोड़ रुपये रहा।

अप्रैल-अक्टूबर 2026 में कुल कलेक्शन कितना है?

सकल 14,77,569 करोड़ रुपये, जो पिछले साल से 13.2% ज़्यादा है।

क्या ये आंकड़े अंतिम हैं?

नहीं, ये अनंतिम आंकड़े हैं और अंतिम मिलान के बाद इनमें थोड़ा बदलाव हो सकता है।

स्रोत

स्रोत: GST पोर्टल की अक्टूबर 2026 की अनंतिम राजस्व रिपोर्ट (31 अक्टूबर 2026 तक), जैसा The Hindu, Times of India, Economic Times और Hindustan Times ने रिपोर्ट किया; GST पोर्टल, सितंबर 2026 रिपोर्ट; PIB फोटो एल्बम (57वीं GST परिषद बैठक, 8 अक्टूबर 2026)। फोटो: PIB; ग्राफिक: TimeTrolls। Last updated: 1 Nov 2026

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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