तीन दिन की जोरदार बोली के बाद अब लाखों निवेशकों की नजर एक ही सवाल पर है कि शेयर मिले या नहीं। BLS Polymers IPO allotment status आज यानी 30 अक्टूबर 2026 से चेक करने की तैयारी है, क्योंकि कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में अलॉटमेंट फाइनल होने की संभावित तारीख शुक्रवार, 30 अक्टूबर लिखी है। NSE के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक यह इश्यू कुल 155.48 गुना भरा, इसलिए ज्यादातर लोगों को लॉटरी के भरोसे ही रहना होगा। नीचे हम बता रहे हैं कि स्टेटस कहां और कैसे देखें, किस कैटेगरी में मुकाबला कितना कड़ा रहा और आगे की तारीखें क्या हैं।
बोली बंद होने के बाद की तस्वीर: 155 गुना की मांग
NSE की IPO डिटेल वाली आधिकारिक लिस्ट (30 अक्टूबर 2026 को देखे गए अंतिम आंकड़े) के हिसाब से एंकर हिस्से को छोड़कर 1.19 करोड़ शेयर बोली के लिए रखे गए थे, जबकि बोली करीब 185.02 करोड़ शेयरों की आई। ₹150 के ऊपरी दाम से जोड़ें तो यह मांग लगभग ₹27,750 करोड़ की बैठती है, जबकि पूरा इश्यू (एंकर समेत 1.70 करोड़ शेयर) ऊपरी दाम पर करीब ₹255 करोड़ का है। यानी हर एक रुपये के शेयर के लिए सौ रुपये से ज्यादा की बोली लगी।
| निवेशक वर्ग | रखे गए शेयर | बोली वाले शेयर | कितने गुना |
|---|---|---|---|
| QIB (संस्थागत) | 34,00,000 | 43,31,09,700 | 127.39 |
| NII कुल (HNI) | 25,50,000 | 94,76,93,800 | 371.64 |
| bNII (₹10 लाख से ऊपर) | 17,00,000 | 67,32,28,100 | 396.02 |
| sNII (₹2 से 10 लाख) | 8,50,000 | 27,44,65,700 | 322.90 |
| रिटेल (RII) | 59,50,000 | 46,93,87,400 | 78.89 |
| कुल | 1,19,00,000 | 1,85,01,90,900 | 155.48 |
सबसे बड़ी भीड़ बड़े व्यक्तिगत निवेशकों (NII) के हिस्से में दिखी। ₹10 लाख से ज्यादा की बोली वाले bNII हिस्से में करीब 396 गुना मांग आई। संस्थागत खरीदारों की बोली में घरेलू वित्तीय संस्थाओं, बैंकों और बीमा कंपनियों का हिस्सा सबसे बड़ा रहा, करीब 22.99 करोड़ शेयर, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगभग 4.76 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई। कल आखिरी दिन दोपहर तक के आंकड़े हमने BLS Polymers IPO के आखिरी दिन वाली रिपोर्ट में दिए थे, और शाम 5 बजे तक की बोली ने आंकड़ा 133 गुना से बढ़ाकर 155 गुना पहुंचा दिया।
BLS Polymers IPO allotment status चेक करने के तीन आधिकारिक रास्ते
इस इश्यू की रजिस्ट्रार KFin Technologies Limited है (NSE लिस्टिंग और RHP दोनों में यही नाम दर्ज है)। शेयर BSE और NSE दोनों पर लिस्ट होने हैं, इसलिए स्टेटस तीन जगह देखा जा सकता है। ध्यान रखें कि अलॉटमेंट का आधार (Basis of Allotment) स्टॉक एक्सचेंज के साथ फाइनल होने के बाद ही नतीजा दिखता है, इसलिए दोपहर में पेज खाली दिखे तो शाम या अगली सुबह फिर कोशिश करें।
- KFintech (रजिस्ट्रार): ipostatus.kfintech.com खोलें, कंपनी की सूची में BLS Polymers Limited चुनें, फिर PAN, एप्लिकेशन नंबर या डीमैट/क्लाइंट ID में से कोई एक डालें, कैप्चा भरकर सबमिट करें।
- BSE: bseindia.com का आवेदन स्टेटस पेज खोलें, Issue Type में Equity चुनें, Issue Name में BLS Polymers चुनें, एप्लिकेशन नंबर या PAN डालकर सर्च करें।
- NSE: NSE का Verify IPO Bids पेज खोलें, symbol में BLSPOLY चुनें और PAN व एप्लिकेशन नंबर से स्टेटस देखें।
स्टेटस में “Allotted” के साथ शेयरों की संख्या दिखे तो शेयर मिल गए हैं। “Non-Allotted” या शून्य शेयर दिखें तो ब्लॉक किया गया पैसा वापस खुल जाएगा। इसके लिए अलग से कोई आवेदन नहीं करना होता। अगर आपने UPI से बोली लगाई थी तो बैंक ऐप में मैंडेट “revoked” या “unblocked” दिखने लगेगा।
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रिटेल में शेयर मिलने की संभावना का मोटा गणित
SEBI के नियमों के तहत जब रिटेल हिस्सा ओवरसब्सक्राइब होता है, तो रजिस्ट्रार लॉटरी से तय करता है कि किसे कम से कम एक लॉट (100 शेयर, ऊपरी दाम पर ₹15,000) मिलेगा। RHP के मुताबिक रिटेल के लिए 59.50 लाख शेयर रखे गए थे, यानी ज्यादा से ज्यादा 59,500 रिटेल निवेशकों को एक-एक लॉट मिल सकता है।
रिटेल में कुल बोली 46.94 करोड़ शेयरों की आई। अगर मान लें कि हर व्यक्ति ने सिर्फ एक लॉट लगाया होता, तब भी करीब 4.69 लाख आवेदन बनते, और उनमें से लगभग हर 8 में से 1 को शेयर मिलता। असल में कई लोग एक से ज्यादा लॉट (₹2 लाख की सीमा तक, यानी अधिकतम 13 लॉट) लगाते हैं, इसलिए आवेदनों की संख्या इससे कम होगी और हर आवेदक की संभावना थोड़ी बेहतर। फिर भी यह सिर्फ अंदाजा है, अंतिम संख्या रजिस्ट्रार की Basis of Allotment रिपोर्ट से ही साफ होगी। एक बात और: रिटेल की 46.94 करोड़ शेयरों की बोली में से करीब 40.76 करोड़ शेयर “कट-ऑफ” पर थे, यानी ज्यादातर छोटे निवेशकों ने जो भी अंतिम दाम तय हो, उसी पर बोली लगाई।
HNI हिस्से में भी अब लॉटरी चलती है। sNII में न्यूनतम आवेदन ₹2 लाख से ऊपर का होता है, यानी 14 लॉट (1,400 शेयर)। इस हिसाब से 8.50 लाख शेयरों में अधिकतम लगभग 607 लोगों को न्यूनतम आवेदन जितने शेयर मिल सकते हैं। bNII में ₹10 लाख से ऊपर का न्यूनतम आवेदन 67 लॉट का बनता है, तो 17 लाख शेयरों में करीब 253 आवेदकों को ही यह हिस्सा मिल पाएगा। 300 से 400 गुना मांग में यह बहुत छोटी संख्या है।
अगले चार दिन का कैलेंडर
| काम | RHP में संभावित तारीख |
|---|---|
| अलॉटमेंट का आधार फाइनल | शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 |
| पैसा अनब्लॉक / रिफंड शुरू | सोमवार, 2 नवंबर 2026 |
| डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट | सोमवार, 2 नवंबर 2026 |
| BSE और NSE पर ट्रेडिंग शुरू | मंगलवार, 3 नवंबर 2026 |
शनिवार और रविवार बीच में आने से पैसा अनब्लॉक होने और शेयर क्रेडिट होने का काम सोमवार को होने की संभावना है। RHP के मुताबिक कैंसल या नॉन-अलॉटेड आवेदन का पैसा तय समय से ज्यादा देर तक ब्लॉक रहे, तो निवेशक को ₹100 प्रतिदिन या बोली रकम पर 15% सालाना, जो भी ज्यादा हो, की दर से मुआवजा देने का प्रावधान है। अगर 2 नवंबर के बाद भी पैसा ब्लॉक दिखे तो पहले अपने बैंक से बात करें, फिर KFintech की निवेशक शिकायत ईमेल einward.ris@kfintech.com पर एप्लिकेशन नंबर के साथ लिखें।
स्टेटस देखते समय होने वाली आम गलतियां
- PAN की जगह आधार नंबर डाल देना। स्टेटस सिर्फ PAN, एप्लिकेशन नंबर या डीमैट ID से दिखता है।
- परिवार के एक व्यक्ति के PAN से दूसरे सदस्य का आवेदन खोजना। हर आवेदन उसी PAN से जुड़ा होता है जिससे बोली लगी थी।
- सोशल मीडिया या अनजान लिंक पर PAN और डीमैट डिटेल डालना। ऊपर दिए तीनों आधिकारिक पेज ही इस्तेमाल करें।
- ब्रोकर ऐप में “Bid placed” देखकर मान लेना कि शेयर मिल गए। यह सिर्फ बोली लगने का संकेत है, अलॉटमेंट का नहीं।
पिछले हफ्ते Jio IPO allotment status वाली गाइड में भी हमने यही तरीका बताया था। बड़े इश्यू हों या छोटे, रजिस्ट्रार और एक्सचेंज के पेज ही सबसे भरोसेमंद रहते हैं। BLS Polymers के पहले दो दिन की बोली कैसे बढ़ी, यह दूसरे दिन की सब्सक्रिप्शन रिपोर्ट में देखा जा सकता है।
इतनी बड़ी मांग का असल मतलब क्या है
155 गुना सब्सक्रिप्शन यह बताता है कि इस इश्यू में दिलचस्पी बहुत ज्यादा रही, लेकिन इससे लिस्टिंग के दिन के दाम या कंपनी के लंबे समय के प्रदर्शन की कोई गारंटी नहीं मिलती। ज्यादा मांग वाले इश्यू में ज्यादातर आवेदकों को शेयर नहीं मिलते, और जिन्हें मिलते हैं उनके लिए भी आगे का फैसला कंपनी की कमाई, कर्ज, सेक्टर की हालत और बाजार के माहौल पर टिका होता है। RHP में दिए जोखिम वाले हिस्से (Risk Factors) को पढ़ना हर निवेशक के लिए जरूरी है। शेयर मिलें या न मिलें, दोनों हालात में जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें।
डिस्क्लेमर: यह निवेश सलाह नहीं है। यह लेख केवल जानकारी के लिए है। इसमें दिए सभी आंकड़े NSE, BSE, रजिस्ट्रार और कंपनी के RHP से 30 अक्टूबर 2026 तक के हैं। कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार से बात करें।
आंकड़े: NSE IPO डेटा (30 अक्टूबर 2026 तक), तारीखें और रजिस्ट्रार: BLS Polymers RHP, अलॉटमेंट पेज: KFintech, BSE, NSE।







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