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IndiaAI मिशन ने लॉन्च किए स्वदेशी AI मॉडल EKA-1 और Dhīr: 22 भारतीय भाषाएं, मोबाइल पर बिना इंटरनेट भी चलेगा AI

MeitY के IndiaAI मिशन ने नई दिल्ली में Soket Labs का EKA-1 और ZenteiQ के Dhīr 2B व 5B मॉडल जारी किए। EKA-1 सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में काम करता है, Dhīr बिना क्लाउड मोबाइल पर भी चल सकता है।

नई दिल्ली में IndiaAI मिशन के EKA-1 और Dhīr मॉडल लॉन्च कार्यक्रम में MeitY, IndiaAI, Soket और ZenteiQ की टीमें
फोटो: PIB / इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आधिकारिक)

मुख्य बातें

  • एक नज़र में: EKA-1 और Dhīr मॉडल
  • EKA-1: 22 भाषाओं वाला ओपन, स्पार्स हाइब्रिड मॉडल
  • Dhīr 2B और 5B: बिना क्लाउड, मोबाइल पर भी चलने वाले AI असिस्टेंट
  • दोनों मॉडल में फर्क

भारत के अपने AI मॉडल बनाने की कोशिश में एक और कदम जुड़ गया है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के IndiaAI मिशन ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में दो स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल जारी किए: Soket Labs का EKA-1 और ZenteiQ AiTech Innovations के Dhīr 2B व Dhīr 5B। PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक EKA-1 सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं और अंग्रेज़ी में काम करता है, जबकि Dhīr मॉडल बिना इंटरनेट के, दफ्तर के अपने सर्वर या मोबाइल पर भी चल सकते हैं।

एक नज़र में: EKA-1 और Dhīr मॉडल

बिंदुजानकारी
जारी करने वालाIndiaAI मिशन, MeitY (भारत सरकार)
तारीख और जगह3 नवंबर 2026, नई दिल्ली
EKA-1 किसने बनायाSoket Labs Technology and Research Pvt. Ltd.
EKA-1 का आकार26.3 अरब (26.3B) पैरामीटर, करीब 7.5 ट्रिलियन टोकन पर ट्रेनिंग
EKA-1 की भाषाएंसभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाएं + अंग्रेज़ी
Dhīr किसने बनायाZenteiQ AiTech Innovations
Dhīr के वर्ज़नDhīr 2B और Dhīr 5B (ओपन-सोर्स)
Dhīr की भाषाएंअंग्रेज़ी + 10 भारतीय भाषाएं
कहां मिलेंगेAIKosh जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिए (MeitY के अनुसार)
फोटो: PIB / इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आधिकारिक)

EKA-1: 22 भाषाओं वाला ओपन, स्पार्स हाइब्रिड मॉडल

विज्ञप्ति के अनुसार EKA-1 एक “ओपन, स्पार्स हाइब्रिड लैंग्वेज मॉडल” है, जिसे गणित, कोडिंग, रीज़निंग और एजेंटिक काम (यानी AI का खुद कई कदम वाले काम पूरे करना) के लिए बनाया गया है। 26.3 अरब पैरामीटर वाला यह मॉडल करीब 7.5 ट्रिलियन टोकन के डेटा पर ट्रेन किया गया। “स्पार्स” का सीधा मतलब है कि हर सवाल पर मॉडल का पूरा हिस्सा नहीं, बल्कि ज़रूरी हिस्सा ही काम करता है, जिससे चलाने का खर्च कम रहता है।

Soket Labs के CEO अभिषेक उप्परवाल ने लॉन्च पर कहा कि IndiaAI मिशन की मदद से कंपनी ने ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो खास तौर पर भारत के बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और साइबर सुरक्षा की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बना है और देश के बदलते डिजिटल इकोसिस्टम को समझता है।

फोटो: PIB / इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आधिकारिक)

Dhīr 2B और 5B: बिना क्लाउड, मोबाइल पर भी चलने वाले AI असिस्टेंट

ZenteiQ के Dhīr 2B और Dhīr 5B ओपन-सोर्स मॉडल हैं। इन्हें किसी दफ्तर या संस्था के अपने सर्वर (ऑन-प्रिमाइस) पर सुरक्षित बहुभाषी असिस्टेंट की तरह लगाया जा सकता है। ये अंग्रेज़ी और 10 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करते हैं। PIB के मुताबिक इनका इस्तेमाल रक्षा, सरकार, उद्योग और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में दस्तावेज़ों पर आधारित ऑटोमेशन, जानकारी खोजने और नागरिक सेवाओं के लिए हो सकता है, खासकर वहां जहां इंटरनेट कमज़ोर है या डेटा संवेदनशील है।

ZenteiQ के CEO प्रो. शशिकुमार ने कहा कि ये मॉडल GPU और TPU दोनों तरह के कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म पर चल सकते हैं। हल्के आर्किटेक्चर की वजह से इन्हें मोबाइल फोन पर भी, क्लाउड कनेक्टिविटी के बिना, चलाया जा सकता है। इससे डेटा यूज़र के डिवाइस पर ही रहता है, जो प्राइवेसी और सुरक्षा के लिहाज़ से बड़ी बात है।

दोनों मॉडल में फर्क

मॉडलआकारभाषाएंकिस काम के लिए
EKA-126.3B पैरामीटर22 भाषाएं + अंग्रेज़ीगणित, कोड, रीज़निंग, एजेंटिक काम; BFSI और साइबर सुरक्षा पर फोकस
Dhīr 2B / 5B2B और 5B (नाम के अनुसार)10 भारतीय भाषाएं + अंग्रेज़ीऑफलाइन, ऑन-प्रिमाइस और मोबाइल पर चलने वाले असिस्टेंट
फोटो: PIB / इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आधिकारिक)

MeitY सचिव एस. कृष्णन: “रणनीतिक स्वायत्तता मज़बूत होगी”

लॉन्च कार्यक्रम में MeitY के सचिव एस. कृष्णन मौजूद थे। उन्होंने कहा कि ऐसे स्वदेशी मॉडल AI में भारत की तकनीकी और रणनीतिक स्वायत्तता को मज़बूत करते हैं और सरकार, उद्योग, रिसर्च और शिक्षा में उत्पादकता बढ़ाने के मौके खोलते हैं। उनके मुताबिक AIKosh जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिए ये मॉडल शोधकर्ताओं, छात्रों, इनोवेटर्स और आम लोगों तक पहुंचाए जा सकते हैं।

IndiaAI के COO सुदीप श्रीवास्तव ने कहा कि Dhīr और EKA-1 दिखाते हैं कि भारत रोज़मर्रा के डिवाइस के लिए हल्के मॉडल से लेकर बड़े एंटरप्राइज़ कामों के लिए ताकतवर मॉडल तक, कई स्तरों पर आगे बढ़ रहा है।

सब्सिडी वाले सरकारी कंप्यूट से बने मॉडल

Soket AI और ZenteiQ उन टीमों में हैं, जिन्हें IndiaAI मिशन के IndiaAI Innovation Centre (Foundation Models) पिलर के तहत स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल और लार्ज लैंग्वेज मॉडल बनाने के लिए चुना गया था। विज्ञप्ति के अनुसार इन्हें राष्ट्रीय AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर का सब्सिडी वाला एक्सेस और रिसर्च खर्च में मदद मिली। यानी सरकार का साझा GPU ढांचा स्टार्टअप्स को अपने मॉडल बनाने में सीधे काम आ रहा है।

केंद्रीय कैबिनेट ने IndiaAI मिशन को 7 मार्च 2024 को मंज़ूरी दी थी। इसके सात पिलर हैं: IndiaAI Compute Capacity, IndiaAI Innovation Centre, IndiaAI Datasets Platform (AIKosh), IndiaAI Application Development Initiative, IndiaAI FutureSkills, IndiaAI Startup Financing और Safe & Trusted AI। छत्तीसगढ़ में IndiaAI से जुड़े AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की खबर हमने NIT रायपुर दीक्षांत समारोह की रिपोर्ट में दी थी।

फोटो: PIB / इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आधिकारिक)

आम यूज़र के लिए इसका क्या मतलब

अभी ये मॉडल मुख्य रूप से डेवलपर्स, कंपनियों और सरकारी संस्थाओं के लिए हैं, यानी आम लोग इन्हें सीधे ChatGPT जैसे ऐप की तरह इस्तेमाल नहीं करेंगे। लेकिन जब बैंक, सरकारी पोर्टल या ऐप इन्हें अपनाएंगे, तो हिंदी समेत अलग-अलग भारतीय भाषाएं बोलने वाले लोग अपनी भाषा में AI सेवाएं पा सकेंगे। ऑफलाइन चलने वाले Dhīr जैसे मॉडल गांवों और कमज़ोर नेटवर्क वाले इलाकों के लिए खास काम के हो सकते हैं। इन मॉडलों की तुलना बड़े विदेशी मॉडलों से कैसी रहेगी, इस पर अभी कोई स्वतंत्र बेंचमार्क सामने नहीं आया है। दुनिया के बड़े AI मॉडलों की ताज़ा दौड़ के लिए OpenAI GPT-6 Astra की रिपोर्ट और Google Project Suncatcher भी पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

EKA-1 क्या है?

EKA-1 Soket Labs का बनाया 26.3 अरब पैरामीटर वाला स्वदेशी फाउंडेशन AI मॉडल है, जो 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं और अंग्रेज़ी में काम करता है। इसे IndiaAI मिशन ने 3 नवंबर 2026 को जारी किया।

Dhīr 2B और Dhīr 5B क्या हैं?

ये ZenteiQ AiTech Innovations के ओपन-सोर्स मॉडल हैं, जो अंग्रेज़ी और 10 भारतीय भाषाओं में ऑफलाइन और ऑन-प्रिमाइस असिस्टेंट की तरह चल सकते हैं, मोबाइल पर भी।

ये मॉडल कहां मिलेंगे?

MeitY सचिव के मुताबिक AIKosh जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिए इन्हें शोधकर्ताओं, छात्रों और इनोवेटर्स तक पहुंचाया जा सकता है। डाउनलोड या एक्सेस की विस्तृत जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर आने का इंतज़ार है।

IndiaAI मिशन कब शुरू हुआ?

केंद्रीय कैबिनेट ने IndiaAI मिशन को 7 मार्च 2024 को मंज़ूरी दी थी। इसके सात पिलर हैं, जिनमें कंप्यूट, इनोवेशन सेंटर और AIKosh डेटासेट प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

स्रोत

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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