फीचर्ड इमेज: संचार साथी पोर्टल पर हिंदी में “ए आई संचार साथी” चैट बॉक्स से पूछा गया सवाल और 24 भाषाओं में संचार साथी के लॉन्च कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया। स्रोत: संचार साथी पोर्टल (दूरसंचार विभाग)।
मोबाइल चोरी हो जाए, किसी अनजान नंबर से ठगी की कॉल आए या शक हो कि आपके आधार पर किसी और ने सिम ले रखी है, तो अब सरकारी पोर्टल के मेन्यू में भटकने की जरूरत कम हो गई है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने अपने नागरिक पोर्टल sancharsaathi.gov.in पर “ए आई संचार साथी” (AI Sanchar Saathi) नाम का AI चैट बॉक्स जोड़ा है, जो सवाल पूछते ही बताता है कि कौन-सी सेवा खोलनी है और उसमें क्या-क्या भरना है। TimeTrolls ने 2 नवंबर 2026 को इस चैटबॉट से हिंदी में तीन सबसे आम सवाल पूछकर इसे खुद परखा। नीचे उन्हीं जवाबों के आधार पर पूरी गाइड है।
DoT ने क्या घोषणा की?
दूरसंचार विभाग ने 1 नवंबर 2026 को अपने आधिकारिक X हैंडल @DoT_India से बताया कि “AI चैट बॉक्स नागरिकों को संचार साथी सेवाओं की जानकारी ढूंढने और किसी भी समय मदद पाने के लिए उपलब्ध है।” पोर्टल पर दाईं ओर नीचे दिखने वाले चैट आइकन पर क्लिक करते ही “ए आई संचार साथी” खुलता है। इसका स्वागत संदेश कहता है कि यह धोखाधड़ी कॉल की रिपोर्ट करने, खोए हुए फोन को ब्लॉक करने और आपके नाम पर चल रहे मोबाइल कनेक्शन की जांच करने में मदद कर सकता है।
संचार साथी दूरसंचार विभाग की पहल है, जिसके मंत्री केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया हैं और संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर हैं। पोर्टल के साथ संचार साथी मोबाइल ऐप भी उपलब्ध है, जिसे जनवरी 2025 में सिंधिया ने लॉन्च किया था।
चैटबॉट कैसे खोलें और इस्तेमाल करें
- ब्राउज़र में sancharsaathi.gov.in खोलें। हिंदी में जवाब चाहिए तो ऊपर भाषा विकल्प से “हिंदी” चुनें, क्योंकि चैटबॉट उसी भाषा में जवाब देता है जो पोर्टल पर चुनी गई है।
- दाईं ओर नीचे चैट आइकन पर क्लिक करें। “ए आई संचार साथी” विंडो खुल जाएगी।
- तैयार सुझावों (जैसे फ्रॉड कॉल की रिपोर्ट, खोया फोन ब्लॉक करना, अपने नाम पर सिम जांचना, IMEI सत्यापन) में से कोई चुनें या “अपना प्रश्न टाइप करें” बॉक्स में अधिकतम 500 अक्षरों में अपना सवाल लिखें।
- जवाब के नीचे संबंधित सेवा का सीधा लिंक बटन मिलता है। लंबा जवाब “और पढ़ें” दबाकर पूरा खुलता है और “प्रतिलिपि” से कॉपी किया जा सकता है।
सवाल 1: खोया या चोरी हुआ मोबाइल कैसे ब्लॉक करें?
चैटबॉट ने बताया कि होम पेज पर नागरिक केंद्रित सेवाओं में “अपने खोए हुए/चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक करें” सेवा खोलें। इसके चरण हैं:
- फोन से जुड़ी जानकारी भरें: मोबाइल नंबर, IMEI नंबर, ब्रांड और मॉडल, और खरीद का बिल (अगर हो)।
- फोन खोने या चोरी होने की जगह, तारीख, जिला, राज्य और पुलिस शिकायत का नंबर दर्ज करें, साथ में शिकायत की कॉपी लगाएं।
- मालिक का नाम, पता और पहचान पत्र जोड़ें, फिर OTP के लिए एक चालू मोबाइल नंबर दें।
- फॉर्म जमा करने पर एक Request ID मिलती है। फोन वापस मिल जाए तो इसी ID से उसे “अनब्लॉक” भी कराया जा सकता है।
सवाल 2: मेरे नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन हैं?
दूसरे सवाल पर चैटबॉट ने “अपने नाम पर मोबाइल कनेक्शन जानें” सेवा सुझाई। इसमें अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर और कैप्चा डालें, OTP से लॉगिन करें। आपके पहचान पत्र पर जारी सभी नंबरों की सूची दिखेगी। जो नंबर आपका नहीं है, उस पर “यह मेरा नंबर नहीं है” और जो अब इस्तेमाल में नहीं है, उस पर “आवश्यक नहीं” चुनकर “रिपोर्ट” बटन दबाएं। इसके बाद टेलीकॉम कंपनी उस कनेक्शन की जांच करती है।
सवाल 3: फ्रॉड कॉल या मैसेज की शिकायत (चक्षु)
तीसरे सवाल पर चैटबॉट ने “चक्षु – संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संचार की रिपोर्ट करें” सेवा बताई। इसमें माध्यम चुनें (कॉल, SMS या WhatsApp), धोखाधड़ी की श्रेणी चुनें, भेजने वाले का नंबर और कॉल/मैसेज की तारीख-समय भरें। SMS और WhatsApp की शिकायत में स्क्रीनशॉट लगाना अनिवार्य है। आखिर में अपना नंबर OTP से सत्यापित करें, प्रीव्यू देखें और सबमिट करें। ध्यान रहे, अगर पैसे कट चुके हैं तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। चक्षु संदिग्ध नंबरों पर कार्रवाई के लिए है।
पोर्टल के आंकड़े: अब तक कितना काम हुआ
2 नवंबर 2026 को पोर्टल के होम पेज पर दिखे आंकड़ों के अनुसार:
- 62.99 लाख खोए/चोरी मोबाइल ब्लॉक किए गए और 38.97 लाख मोबाइल ट्रेस हुए।
- “अपने नाम पर मोबाइल कनेक्शन जानें” के तहत 446.79 लाख अनुरोध आए, जिनमें से 410.03 लाख का समाधान हुआ।
- चक्षु पर 13.50 लाख शिकायतें मिलीं और 60.93 लाख मामलों में कार्रवाई दर्ज है।
इसके अलावा पोर्टल पर मोबाइल का IMEI असली है या नहीं, यह जांचने, भारतीय नंबर दिखाकर आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल की रिपोर्ट करने, वायरलाइन इंटरनेट प्रदाता (बीटा) और भरोसेमंद संपर्क विवरण (बीटा) जैसी सेवाएं भी हैं। चैटबॉट इन सबके बारे में बता सकता है।
छत्तीसगढ़ में भी लौट रहे खोए फोन
संचार साथी के जरिए ब्लॉक और ट्रेस हुए फोन राज्य पुलिस की मदद से मालिकों तक लौटाए जाते हैं। पोर्टल की आधिकारिक गैलरी में छत्तीसगढ़ पुलिस की वह तस्वीर भी है, जिसमें एक अधिकारी बरामद मोबाइल उसके मालिक को सौंप रहे हैं और पीछे बरामद फोनों की कतारें दिखती हैं। रायपुर, बिलासपुर या किसी भी जिले में फोन खोने पर पहले नजदीकी थाने या ऑनलाइन पुलिस शिकायत करें, फिर उसी शिकायत नंबर से संचार साथी पर फोन ब्लॉक करें।
इस्तेमाल से पहले ये सावधानियां
- चैटबॉट पर साफ लिखा है कि जवाब अपने आप (ऑटो-जनरेटेड) बनते हैं, इसलिए अंतिम जानकारी संबंधित सेवा के पेज पर ही जांचें।
- चैट में OTP, आधार नंबर, पासवर्ड या बैंक विवरण कभी न लिखें। चैटबॉट को इनकी जरूरत नहीं है।
- हमेशा असली पता sancharsaathi.gov.in ही खोलें। संचार साथी के नाम पर आए किसी लिंक या कॉल पर भरोसा न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या ए आई संचार साथी मुफ्त है?
हां, यह सरकारी पोर्टल sancharsaathi.gov.in पर मुफ्त उपलब्ध है और चैट शुरू करने के लिए लॉगिन की जरूरत नहीं पड़ती।
क्या चैटबॉट हिंदी में जवाब देता है?
हां। पोर्टल की भाषा हिंदी चुनने पर जवाब हिंदी में आते हैं। TimeTrolls के परीक्षण में तीनों जवाब हिंदी में मिले।
क्या चैटबॉट खुद फोन ब्लॉक कर देगा?
नहीं। यह केवल रास्ता और जरूरी कागजात बताता है और सेवा का लिंक देता है। ब्लॉक करने का फॉर्म आपको खुद भरना होगा।
पैसे की ठगी हो जाए तो कहां शिकायत करें?
तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। संदिग्ध नंबर की जानकारी चक्षु पर भी दें।
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स्रोत: दूरसंचार विभाग का आधिकारिक X पोस्ट (@DoT_India, 1 नवंबर 2026); संचार साथी पोर्टल sancharsaathi.gov.in (होम पेज आंकड़े, सेवाएं और आधिकारिक गैलरी, 2 नवंबर 2026 को देखे गए); “ए आई संचार साथी” चैट बॉक्स से TimeTrolls द्वारा 2 नवंबर 2026 को हिंदी में पूछे गए सवाल और मिले जवाब।

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