फीचर्ड इमेज: छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा करते CM विष्णु देव साय (फोटो: CMO छत्तीसगढ़, आधिकारिक X), साथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: DPR छत्तीसगढ़)।
छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस (1 नवंबर 2026) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक लंबा और आत्मीय पत्र लिखकर प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। पत्र में प्रधानमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी के समय राज्य निर्माण, बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता, रेल-सड़क-हवाई कनेक्टिविटी, किसानों और महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं और राज्य सरकार के विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर विजन’ का खास जिक्र किया है। मुख्यमंत्री साय ने इसके जवाब में प्रदेश के तीन करोड़ लोगों की ओर से आभार पत्र भेजा है। दोनों पत्रों की जानकारी जनसंपर्क विभाग (DPR छत्तीसगढ़) ने रविवार को जारी की और मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर पत्र की प्रतियां भी साझा कीं।
नीचे पढ़िए, प्रधानमंत्री ने पत्र में छत्तीसगढ़ के बारे में क्या-क्या कहा, कौन से आंकड़े गिनाए और मुख्यमंत्री ने जवाब में क्या लिखा।

पत्र की मुख्य बातें एक नजर में
- राज्य निर्माण: 26 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बना, जिससे लाखों लोगों की दशकों पुरानी आकांक्षा पूरी हुई।
- नक्सलवाद: जो इलाके कभी “रेड कॉरिडोर” कहे जाते थे, वे अब शांति, विश्वास और विकास के नए केंद्र बन रहे हैं।
- कनेक्टिविटी: 25 साल पहले दिल्ली-रायपुर के बीच दिन में एक उड़ान थी, अब राज्य में चार हवाई अड्डों का नेटवर्क है। 51 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
- जनकल्याण: 73 लाख परिवारों को मुफ्त अनाज, 22 लाख से ज्यादा पक्के घर, 41 लाख से ज्यादा ग्रामीण घरों में नल से जल, करीब 40 लाख गैस कनेक्शन और लगभग ढाई करोड़ आयुष्मान कार्ड।
- किसान और महिलाएं: धान खरीदी से 25 लाख से ज्यादा किसानों को उपज का बेहतर दाम; महतारी वंदन योजना में 68 लाख से ज्यादा महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये।
- भविष्य: ‘अंजोर विजन’ विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा दे रहा है।
अटल जी से रजत जयंती तक: प्रधानमंत्री ने याद किए पुराने रिश्ते
DPR की विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री ने पत्र की शुरुआत भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए की। उन्होंने लिखा कि 26 वर्ष पहले उनके दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था और इसी फैसले से प्रदेश की विकास यात्रा शुरू हुई।
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ से अपने निजी जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि संगठन के दिनों से और अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से उन्हें कई बार यहां आने का मौका मिला। सरगुजा के वनांचलों से लेकर बस्तर तक की यात्राओं में उन्होंने छत्तीसगढ़िया संस्कृति और जनजीवन को करीब से देखा। उन्होंने पिछले साल राज्य की रजत जयंती पर अपने दौरे और नए विधानसभा भवन के लोकार्पण को भी याद किया।
बस्तर और नक्सलवाद पर क्या कहा
पत्र का सबसे अहम हिस्सा बस्तर से जुड़ा है। प्रधानमंत्री ने लिखा कि लंबे समय तक नक्सलवाद प्रदेश के विकास की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रहा, लेकिन अब इसे निर्णायक रूप से खत्म करने में सफलता मिली है। उन्होंने इसका श्रेय सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के सहयोग को दिया।
प्रधानमंत्री ने नियद नेल्ला नार, आजीविका उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर जैसी पहलों का नाम लेकर कहा कि इनसे दूर-दराज के गांव बुनियादी सुविधाओं से जुड़ रहे हैं। बस्तर ओलंपिक को उन्होंने इस बदलाव का प्रतीक बताया। दंतेवाड़ा जैसे आकांक्षी इलाकों में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से खेती को मजबूती मिलने की बात भी पत्र में है।

रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री ने लिखा कि सड़कों के विस्तार से रायपुर और बिलासपुर के बीच सफर का समय लगभग आधा हो गया है। विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे आने वाले समय में उद्योग और रोजगार को गति देंगे। राज्य में वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें भी शुरू हुई हैं।
युवा, तकनीक और संस्कृति
पत्र में एम्स, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम और निफ्ट जैसे संस्थानों का जिक्र है, साथ ही पीएम-सेतु और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से कौशल विकास की बात कही गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ी के साथ गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा में प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था का भी उल्लेख है।
तकनीक के मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर में इंडिया AI मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन से जुड़ी परियोजनाओं, और ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 व ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट का नाम लिया। संस्कृति के बारे में उन्होंने छत्तीसगढ़ को प्रभु श्रीराम का ननिहाल, संत गुरु घासीदास की जन्मभूमि बताया और पद्म विभूषण तीजन बाई की पंडवानी को राज्य की अमूल्य धरोहर कहा। गुरु घासीदास के संदेश “मनखे-मनखे एक समान” को उन्होंने सरकार की नीतियों का मूल आधार बताया।
मुख्यमंत्री साय का जवाब: “तीन करोड़ लोगों के लिए प्रेरणा”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री को भेजे आभार पत्र में लिखा कि प्रधानमंत्री का पत्र छत्तीसगढ़ की माटी, मेहनतकश लोगों और सांस्कृतिक विरासत से उनके गहरे जुड़ाव को दिखाता है। उन्होंने कहा कि अटल जी के समृद्ध छत्तीसगढ़ के सपने को प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पूरा करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में ‘नियद नेल्लानार’, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का जिक्र किया और कहा कि सरकार बस्तर को पर्यटन, खेल और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। उन्होंने धान खरीदी में 25 लाख से ज्यादा किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के दाम और महतारी वंदन योजना के आंकड़े दोहराए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।

राज्योत्सव 2026 के बीच आया पत्र
यह पत्र ऐसे समय आया है जब नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक राज्योत्सव 2026 चल रहा है। इस बार की थीम “सशक्त नारी, युवा उड़ान” है। 3 नवंबर को समापन पर 36 विभूतियों को राज्य अलंकरण दिए जाने हैं। स्थापना दिवस की सुबह मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा कर प्रदेश की समृद्धि की कामना की।

FAQ
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र किसे लिखा?
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को, राज्य स्थापना दिवस (1 नवंबर 2026) के मौके पर। पत्र में प्रदेश के सभी लोगों को शुभकामनाएं दी गई हैं।
‘अंजोर विजन’ क्या है?
यह छत्तीसगढ़ सरकार का विजन डॉक्यूमेंट है, जिसे प्रधानमंत्री ने “विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत” के संकल्प को दिशा देने वाला बताया है।
पत्र में कौन से बड़े आंकड़े हैं?
73 लाख परिवारों को मुफ्त अनाज, 22 लाख से ज्यादा पक्के घर, 41 लाख से ज्यादा घरों में नल से जल, 68 लाख से ज्यादा महिलाओं को महतारी वंदन और 51 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रेल परियोजनाएं।
मुख्यमंत्री ने क्या जवाब दिया?
मुख्यमंत्री साय ने तीन करोड़ प्रदेशवासियों की ओर से आभार जताया और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप काम करने का भरोसा दिलाया।
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स्रोत: DPR छत्तीसगढ़, 1 नवंबर 2026 (क्र. 10527): प्रधानमंत्री का पत्र; DPR छत्तीसगढ़, 1 नवंबर 2026 (क्र. 10530): मुख्यमंत्री का आभार; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, X; मुख्यमंत्री का आभार पत्र, X; CMO छत्तीसगढ़, X। Last updated: 1 Nov 2026








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