छत्तीसगढ़ में काम करने वाले पत्रकारों, कैमरामैन और दूसरे मीडिया कर्मियों को स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा देने के लिए राज्य सरकार ने एक योजना का प्रारूप तैयार किया है। इसका नाम “छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना–2026” है। जनसंपर्क विभाग ने राज्य स्थापना दिवस, 1 नवंबर को इसकी जानकारी दी।
अभी योजना किस स्टेज पर है
यह योजना अभी लागू नहीं हुई है, सिर्फ़ प्रारूप (ड्राफ्ट) जारी हुआ है। सरकार 1 से 30 नवंबर 2026 तक योजना और उसे लागू करने के तरीके पर सुझाव ले रही है। सुझाव आने के बाद अंतिम योजना और उसकी शर्तें तय होंगी।
सुझाव कैसे भेजें
- प्रारूप जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट dprcg.gov.in पर पढ़ें।
- अपने सुझाव ईमेल chhattisgarhmediakarmi@gmail.com पर भेजें। यह पता विभाग की आधिकारिक विज्ञप्ति में दिया गया है।
- आखिरी तारीख 30 नवंबर 2026 है।
मीडिया कर्मी किन बातों पर सुझाव दें
समूह बीमा योजना में आम तौर पर ये बातें सबसे अहम होती हैं, इसलिए प्रारूप पढ़ते समय इन पर ध्यान दें:
- पात्रता: सिर्फ़ अधिमान्य (accredited) पत्रकार शामिल हैं या फ्रीलांसर, डिजिटल और ज़िला स्तर के संवाददाता भी।
- बीमा राशि और प्रीमियम: कितना कवर मिलेगा, और प्रीमियम सरकार देगी या कर्मी को भी हिस्सा देना होगा।
- परिवार: पति/पत्नी और बच्चे स्वास्थ्य बीमा में शामिल हैं या नहीं।
- क्लेम का तरीका: कैशलेस अस्पताल कौन से हैं, और दुर्घटना होने पर दावा कितने दिन में निपटेगा।
यह क्यों मायने रखता है
ज़िलों और कस्बों में काम करने वाले बहुत से मीडिया कर्मी बिना किसी संस्थागत बीमा के फील्ड रिपोर्टिंग करते हैं, चाहे बस्तर के दूर के इलाके हों या सड़क हादसे और आपदा की कवरेज। अगर योजना बड़े दायरे में लागू होती है तो ऐसे हज़ारों लोगों को इलाज और दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है। ड्राफ्ट पर सुझाव देने का यह मौका इसलिए अहम है कि बाद में शर्तें बदलवाना मुश्किल होता है।
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स्रोत: DPR छत्तीसगढ़, विज्ञप्ति क्र. 10523, 1 नवंबर 2026। Last updated: 1 Nov 2026








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