गांवों से निकलने वाला प्लास्टिक कचरा अब छत्तीसगढ़ में सड़क बनाने के काम आ रहा है। नवा रायपुर में हुए छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इसी तरह के नवाचारों की प्रदर्शनी लगाई, जिसे द्वितीय पुरस्कार मिला है। जनसंपर्क विभाग (DPR छत्तीसगढ़) की 3 नवंबर की विज्ञप्ति के मुताबिक प्रदेश के चार जिलों में 7,900 किलोग्राम (7.9 टन) अपशिष्ट प्लास्टिक का इस्तेमाल करके 12 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनाई गई हैं।

प्रदर्शनी को दूसरा पुरस्कार: एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| आयोजन | छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026, नवा रायपुर |
| विभाग | पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग |
| सम्मान | विभागीय प्रदर्शनी में द्वितीय पुरस्कार |
| मुख्य आकर्षण | प्लास्टिक कचरे से सड़क, पीएम जनमन आवास कॉलोनी मॉडल, ‘छत्तीसकला’ ब्रांड, ‘दीदी के गोठ’ |
| प्लास्टिक से बनी सड़क | 4 जिलों में 7.9 टन प्लास्टिक से 12 किमी |
| स्रोत | DPR छत्तीसगढ़, 3 नवंबर 2026 |
प्लास्टिक कचरे से 12 किमी सड़क: किस जिले में कितनी
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत ग्रामीण सड़कों में प्लास्टिक कचरा मिलाने का प्रयोग इस प्रदर्शनी की सबसे चर्चित उपलब्धि रहा। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिलेवार काम इस तरह हुआ:
| जिला | प्लास्टिक कचरा | सड़क की लंबाई |
|---|---|---|
| बस्तर | 400 किलोग्राम | 1.5 किमी |
| महासमुंद | 3,700 किलोग्राम | 5 किमी |
| सरगुजा | 550 किलोग्राम | 1.5 किमी |
| मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) | 3,250 किलोग्राम | 4 किमी |
| कुल | 7,900 किलोग्राम (7.9 टन) | 12 किमी |
इसका सीधा फायदा दो तरफ से है। एक, जो प्लास्टिक कचरा गांवों में नालियों और खेतों में फैलता, वह सड़क की परत में खप गया। दूसरा, ग्रामीण इलाकों को पक्की सड़क मिली। सबसे ज़्यादा प्लास्टिक महासमुंद जिले में इस्तेमाल हुआ, जहां 3.7 टन कचरे से 5 किमी सड़क बनी। अबूझमाड़ में चल रहे PMGSY सड़क कामों की जानकारी आप हमारी इस रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।
प्लास्टिक वाली सड़क क्यों अहम है
प्लास्टिक कचरे को छोटे टुकड़ों में काटकर गर्म डामर (बिटुमेन) के साथ मिलाया जाता है। देश के कई राज्यों में यह तरीका अपनाया जा रहा है, क्योंकि इससे कचरा प्रबंधन में मदद मिलती है। छत्तीसगढ़ में अभी यह प्रयोग चार जिलों तक है; विभाग ने इसे पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अधोसंरचना के विकास का उदाहरण बताया है। आगे और जिलों में इसे बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा विज्ञप्ति में नहीं है।
पीएम जनमन आवास कॉलोनी का मॉडल
प्रदर्शनी का दूसरा बड़ा आकर्षण धमतरी जिले के मसान डबरा में बनी पीएम जनमन आवास कॉलोनी का मॉडल रहा। मॉडल और असली तस्वीरों के ज़रिए दिखाया गया कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के परिवारों को पक्के घर के साथ साफ-सुथरा, हरा-भरा परिसर और बुनियादी सुविधाएं कैसे दी जा रही हैं। यह काम प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत हो रहा है।

‘छत्तीसकला’ में बिहान की दीदियों का हुनर
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के ब्रांड ‘छत्तीसकला’ के स्टॉल पर स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने उत्पाद खुद बेचे। यहां जीराफूल (जेराफूल) चावल, मिलेट से बने खाद्य पदार्थ, तिखुर पाउडर, सत्तू के लड्डू, हस्तशिल्प और सजावटी सामान आधुनिक पैकेजिंग के साथ रखे गए। दीदियों ने आने वाले लोगों को अपने उद्यम के बारे में भी बताया। महिलाओं से जुड़ी दूसरी बड़ी योजना की ताज़ा जानकारी के लिए महतारी वंदन की 33वीं किस्त वाली खबर देखें।
‘दीदी के गोठ’ की नायिकाओं से सीधी बात
बिहान के रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ के अब तक प्रसारित सभी 15 एपिसोड प्रदर्शनी में दिखाए गए। जिन महिलाओं की सफलता की कहानियां इस कार्यक्रम में सुनाई गई हैं, वे खुद भी स्टॉल पर मौजूद रहीं और लोगों से अपने संघर्ष, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की बातें साझा कीं।
वीबी-जी राम जी से गांवों की बदलती तस्वीर
प्रदर्शनी में विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण), यानी वीबी-जी राम जी के तहत होने वाले कामों के मॉडल भी रखे गए। विभाग के मुताबिक इस मिशन में जल सुरक्षा, बुनियादी ग्रामीण ढांचा, आजीविका से जुड़े ढांचे और आपदा प्रबंधन समेत कुल 375 तरह के काम कराए जा सकते हैं। इनमें जल संरक्षण, स्कूलों में बालिका शौचालय, बकरी पालन और सोलर दीदी जैसे नवाचार शामिल थे, जो बताते हैं कि गांवों में रोज़गार के साथ स्थायी संपत्तियां भी बन रही हैं।

राज्योत्सव के मेले, शिल्पग्राम और खान-पान की रौनक पर हमारी आखिरी दिन की रिपोर्ट और समापन समारोह व राज्य अलंकरण की पूरी खबर भी पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
राज्योत्सव 2026 में पंचायत विभाग की प्रदर्शनी को कौन-सा पुरस्कार मिला?
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रदर्शनी को राज्योत्सव 2026 में द्वितीय पुरस्कार मिला है।
छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक कचरे से कितनी सड़क बनी है?
DPR के मुताबिक चार जिलों (बस्तर, महासमुंद, सरगुजा, एमसीबी) में 7,900 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे से 12 किमी ग्रामीण सड़कें बनी हैं।
सबसे ज़्यादा प्लास्टिक वाली सड़क किस जिले में बनी?
महासमुंद में, जहां 3,700 किलोग्राम प्लास्टिक से 5 किमी सड़क बनाई गई।
छत्तीसकला क्या है?
छत्तीसकला बिहान (राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) का ब्रांड है, जिसके तहत स्व-सहायता समूहों के उत्पाद आधुनिक पैकेजिंग में बेचे जाते हैं।
पीएम जनमन आवास कॉलोनी का मॉडल किस जगह का था?
यह धमतरी जिले के मसान डबरा में बनी पीएम जनमन आवास कॉलोनी का मॉडल था।
स्रोत
- DPR छत्तीसगढ़: राज्योत्सव में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रदर्शनी को द्वितीय पुरस्कार (3 नवंबर 2026)
- सभी तस्वीरें: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ (DPR CG) की इसी विज्ञप्ति से







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