अमेरिका में मिडटर्म की करारी हार के 24 घंटे के भीतर रिपब्लिकन पार्टी के अंदर एक नाम पर उंगलियां उठने लगी हैं, और वह नाम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नहीं, उनके रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का है। केंटकी से रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने CNN से कहा है कि अगले हफ्ते कांग्रेस लौटते ही वह प्रतिनिधि सभा (House) में हेगसेथ महाभियोग प्रस्ताव पर वोट करवाएंगे। बुधवार, 4 नवंबर की रात (अमेरिकी समय) उन्होंने X पर साफ शर्त भी रख दी: महाभियोग का प्रस्ताव तभी दोबारा नहीं आएगा, जब हेगसेथ खुद इस्तीफा दे दें।
यह मामला इसलिए बड़ा है क्योंकि CNN के मुताबिक कई रिपब्लिकन सूत्र मान रहे हैं कि यह प्रस्ताव पास भी हो सकता है। यानी जिस पार्टी के पास अभी House में बहुमत है, उसी के कुछ सांसद ट्रंप कैबिनेट के एक बड़े मंत्री के खिलाफ जा सकते हैं। दूसरी तरफ ट्रंप ने हेगसेथ का बचाव किया है और पेंटागन ने कहा है कि हेगसेथ पीछे नहीं हटेंगे।
3 नवंबर के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने House और सीनेट दोनों जीते हैं, जिसका पूरा ब्योरा हमारी US midterm election 2026 नतीजों वाली रिपोर्ट में है। हार पर ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और स्पीकर माइक जॉनसन की प्रतिक्रिया हम मिडटर्म हार पर ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया में बता चुके हैं। यह खबर उसके बाद की कहानी है: हेगसेथ पर दबाव क्यों बढ़ा, मैसी क्या करना चाहते हैं और महाभियोग की प्रक्रिया असल में कैसे चलती है।
हार के बाद निशाने पर हेगसेथ क्यों
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार की हार से घबराए कई रिपब्लिकन सांसद और उनके सहयोगी पर्दे के पीछे यह तर्क दे रहे हैं कि ईरान पर हमले के लिए ट्रंप को मनाने में हेगसेथ की बड़ी भूमिका थी, और इस युद्ध के लिए न कोई “एग्जिट स्ट्रैटेजी” थी, न राजनीतिक नुकसान संभालने की कोई योजना। नाम न छापने की शर्त पर बात करने वाले रिपब्लिकन नेताओं का आरोप है कि हेगसेथ ने युद्ध जल्दी और आसानी से जीतने की अमेरिकी क्षमता को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, और बमबारी से ईरान के झुकने के कोई ठोस संकेत न मिलने के बावजूद वह आगे बढ़ने की वकालत करते रहे।
इन नेताओं के मुताबिक युद्ध अब एक दलदल बन चुका है, जिसने अमेरिका को पश्चिम एशिया में लंबे समय के लिए उलझा दिया, महंगाई की मुश्किल बढ़ाई और मतदाताओं की नाराज़गी को चुनावी हार में बदल दिया। बुधवार को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी खुलकर कहा था, “the reason we lost is the war” (हम युद्ध की वजह से हारे), हालांकि उन्होंने किसी एक व्यक्ति पर जिम्मेदारी नहीं डाली।
दिलचस्प बात यह है कि CNN के अनुसार House और सीनेट के रिपब्लिकन रणनीतिकार निजी बातचीत में मानते हैं कि पार्टी की मुश्किलें सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं थीं और यह हार 2008 जैसी बड़ी है। फिर भी पार्टी के नेता सीधे ट्रंप पर दोष डालने को तैयार नहीं हैं। ट्रंप के कार्यकाल के दो साल अभी बाकी हैं, इसलिए सांसदों की वफादारी राष्ट्रपति के साथ बनी हुई है, पर वही वफादारी हेगसेथ तक नहीं पहुंचती, जिन्होंने पेंटागन संभालने के बाद कैपिटल हिल पर कम ही दोस्त बनाए। पेंटागन के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने CNN से कहा, “The pivot is starting”, यानी युद्ध और हेगसेथ को लेकर रुख बदलना शुरू हो गया है।

थॉमस मैसी की शर्त: इस्तीफा या महाभियोग
थॉमस मैसी केंटकी से रिपब्लिकन सांसद हैं और अपनी ही पार्टी के भीतर ट्रंप की नीतियों के मुखर आलोचक माने जाते हैं। USA Today के मुताबिक उन्होंने 15 सितंबर को हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग के आठ आरोप (articles of impeachment) दाखिल किए थे। Hindustan Times ने ABC News के हवाले से बताया है कि मैसी ने 34 पन्नों का यह प्रस्ताव House के फ्लोर पर पढ़ा था। चुनाव की छुट्टी से पहले इस पर वोट नहीं हो पाया।
मैसी के आरोपों में मुख्य बातें ये हैं, और ध्यान रहे कि ये अभी सिर्फ आरोप हैं, किसी जांच में साबित तथ्य नहीं:
- कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ युद्ध चलाना।
- संवैधानिक अधिकार के बिना वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ना।
- कैरिबियन में संदिग्ध ड्रग तस्करों को बिना न्यायिक अनुमति के मारना।
- कांग्रेस के युद्ध-शक्ति प्रस्तावों (war powers resolutions) की अनदेखी और आलोचकों के खिलाफ बदले की कार्रवाई।
USA Today से बातचीत में मैसी ने कहा कि हेगसेथ के संवैधानिक उल्लंघन “ईरान के अवैध युद्ध” से आगे तक जाते हैं और वह युद्ध-शक्ति प्रस्तावों को नज़रअंदाज़ करने, विदेशी नेताओं को उठाने और आलोचकों को डराने के लिए पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। मिडटर्म के बाद CNN से उन्होंने कहा, “You don’t screw up this badly an election with just one issue” (सिर्फ एक मुद्दे से कोई चुनाव इतनी बुरी तरह नहीं बिगड़ता)। उनके मुताबिक अगर पार्टी ट्रंप की “अंधभक्ति” से बाहर निकलती, तो यह हार टाली जा सकती थी।
इसके बाद मैसी ने X पर लिखा, “There is one contingency in which I won’t reintroduce the articles of impeachment: Hegseth resigns.” यानी महाभियोग का प्रस्ताव दोबारा न लाने की सिर्फ एक स्थिति है, कि हेगसेथ इस्तीफा दे दें। Washington Examiner ने इसे 119वीं कांग्रेस के आखिरी दौर में हेगसेथ के लिए “इस्तीफा या महाभियोग” का अल्टीमेटम बताया है।
मैसी के लिए समय भी कम है। USA Today के अनुसार वह इस साल अपनी पार्टी का प्राइमरी चुनाव हार चुके हैं, जिसमें ट्रंप ने उनके प्रतिद्वंद्वी का समर्थन किया था। इसलिए उनके पास सिर्फ मौजूदा “लेम-डक” सत्र बचा है, जो 3 जनवरी 2027 को नई कांग्रेस बैठने से पहले खत्म हो जाएगा। ट्रंप पहले उन्हें “loser” और “lightweight” जैसे शब्दों से निशाना बना चुके हैं।
ट्रंप और पेंटागन का जवाब
राष्ट्रपति ट्रंप अभी हेगसेथ के साथ खड़े हैं। बुधवार को पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने हेगसेथ को हटाने की किसी योजना से इनकार किया और कहा कि रक्षा मंत्री “doing a very good job” यानी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। युद्ध के फैसले पर उन्होंने कहा कि मौका मिले तो वह यही दोबारा करेंगे। CNN के मुताबिक व्हाइट हाउस अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप निजी तौर पर हेगसेथ को पसंद करते हैं और उन्होंने सहयोगियों से कहा है कि हेगसेथ को महाभियोग और जांच के खिलाफ लड़ना चाहिए। एक अधिकारी के अनुसार दो दिन पहले ही ट्रंप ने हेगसेथ से कहा था, “You’re my best guy.”
इससे पहले 28 अक्टूबर को भी ट्रंप ने महाभियोग की बातों को “terrible” बताया था और हेगसेथ को “great warrior” कहा था (USA Today)। CNN के एक सूत्र के मुताबिक अगर ट्रंप ईरान पर और हमलों का फैसला करते हैं, तो उन्हें हेगसेथ को बनाए रखने की और ज़रूरत महसूस हो सकती है, खासकर इसलिए कि जनवरी से सीनेट में डेमोक्रेट बहुमत की वजह से नए कैबिनेट मंत्री की पुष्टि करवाना मुश्किल होगा।
पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने बयान में कहा कि हेगसेथ “पॉइंट स्कोर करने वाले नेताओं” या “फर्जी जांच” से डरकर पीछे नहीं हटेंगे और वह ट्रंप के कार्यकाल के अंत तक विभाग का नेतृत्व करने के लिए “100% प्रतिबद्ध” हैं। हेगसेथ के करीबी एक व्यक्ति ने CNN को बताया कि वह पद पर बने रहने और महाभियोग से लड़ने की तैयारी में हैं, और पेंटागन के हर फैसले की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। पेंटागन की प्रेस सचिव किंग्सले विल्सन ने मैसी के प्रस्ताव पर USA Today से कहा कि हेगसेथ एक “transformative leader” हैं।
हालांकि ट्रंप के खेमे में ही कुछ लोग हेगसेथ को हार का “फॉल गाय” बनाने के पक्ष में हैं। व्हाइट हाउस के करीबी एक रिपब्लिकन ने CNN से कहा कि अगर राष्ट्रपति सच में किसी की जिम्मेदारी तय करना चाहते हैं, तो वह हेगसेथ हैं। ये सभी बयान बिना नाम के हैं, इसलिए इन्हें पार्टी के अंदर चल रही बहस के संकेत की तरह ही देखा जाना चाहिए, किसी आधिकारिक फैसले की तरह नहीं।
महाभियोग कैसे होता है: आसान भाषा में
भारतीय पाठकों के लिए समझना ज़रूरी है कि अमेरिका में “महाभियोग” (impeachment) का मतलब पद से हटाना नहीं, बल्कि औपचारिक आरोप तय करना है। अमेरिकी संविधान के तहत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, केंद्र के अधिकारियों और जजों पर “राजद्रोह, रिश्वत या अन्य गंभीर अपराधों और दुराचार” के आरोप में महाभियोग चलाया जा सकता है। USA Today के अनुसार House का कोई भी सदस्य यह प्रस्ताव ला सकता है।
- पहला चरण, House: प्रतिनिधि सभा में साधारण बहुमत से महाभियोग पास होता है। इसे भारत में संसद के निचले सदन में आरोप पत्र मंज़ूर होने जैसा समझा जा सकता है।
- दूसरा चरण, सीनेट: इसके बाद सीनेट में मुकदमे की तरह सुनवाई होती है। दोषी ठहराकर पद से हटाने के लिए मौजूद सीनेटरों का दो-तिहाई बहुमत चाहिए।
- टेबल करने का रास्ता: USA Today के मुताबिक House में बहुमत वाली पार्टी चाहे तो प्रस्ताव को “टेबल” करके, यानी टालकर, सीधे खत्म भी कर सकती है।
इतिहास देखें तो इस प्रक्रिया से अब तक आठ संघीय जज हटाए गए हैं, लेकिन कार्यपालिका का कोई अधिकारी नहीं। बिल क्लिंटन (1998) और एंड्रयू जॉनसन (1868) समेत तीन राष्ट्रपतियों पर महाभियोग चला, पर कोई दोषी नहीं ठहराया गया। ट्रंप पर भी अपने पहले कार्यकाल में दो बार महाभियोग चला था और सीनेट ने दोनों बार उन्हें बरी कर दिया था। हाल का उदाहरण फरवरी 2024 का है, जब House ने तत्कालीन होमलैंड सिक्योरिटी मंत्री एलेजांद्रो मयोरकास पर महाभियोग पास किया था, लेकिन सीनेट ने आरोप खारिज कर दिए थे।

1876 का बेल्कनैप केस: जब “युद्ध मंत्री” पर चला था महाभियोग
हेगसेथ का मामला इतिहास के एक पुराने पन्ने की याद दिलाता है। अमेरिकी सीनेट के इतिहास कार्यालय के मुताबिक राष्ट्रपति यूलिसिस ग्रांट के युद्ध मंत्री (Secretary of War) विलियम बेल्कनैप पर आरोप था कि उन्होंने इंडियन टेरिटरी के फोर्ट सिल में सैन्य ट्रेडिंग पोस्ट का ठेका दिलवाने के बदले नियमित रिश्वत ली, जो कुल 20,000 डॉलर से ज़्यादा थी। 2 मार्च 1876 को House में वोट से कुछ मिनट पहले बेल्कनैप ने व्हाइट हाउस जाकर इस्तीफा दे दिया।
इसके बावजूद House ने उसी दिन सर्वसम्मति से पांच आरोप सीनेट भेज दिए। सीनेट ने माना कि पूर्व अधिकारी पर भी उसका अधिकार बनता है और मुकदमा चलाया। 1 अगस्त 1876 को पांचों आरोपों पर बहुमत बेल्कनैप के खिलाफ गया, लेकिन हर वोट दो-तिहाई से कम रहा, इसलिए वह बरी हो गए। यही वजह है कि मैसी का “इस्तीफा दो” वाला प्रस्ताव भी पूरी तरह साफ रास्ता नहीं है। इतिहास बताता है कि इस्तीफे के बाद भी महाभियोग चल सकता है, हालांकि मैसी ने खुद कहा है कि इस्तीफे की स्थिति में वह प्रस्ताव दोबारा नहीं लाएंगे।
रिपब्लिकन वोट इतने अहम क्यों हैं
डेमोक्रेट भले चुनाव जीत चुके हों, लेकिन नई (120वीं) कांग्रेस 3 जनवरी 2027 को बैठेगी। तब तक मौजूदा 119वीं कांग्रेस ही काम करेगी, जिसमें House में रिपब्लिकन बहुमत है। इसका मतलब है कि अगले हफ्ते वोट हुआ, तो प्रस्ताव पास होने के लिए डेमोक्रेट के साथ कुछ रिपब्लिकन सांसदों का साथ भी चाहिए होगा। CNN का दावा है कि कई रिपब्लिकन सूत्र इसके पास होने की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि USA Today ने ध्यान दिलाया है कि बहुमत चाहे तो इसे टेबल कर सकता है।
House के रिपब्लिकन नेतृत्व में भी बदलाव चल रहा है। स्पीकर माइक जॉनसन ने नई कांग्रेस में पार्टी नेतृत्व से हटने का फैसला किया है, जबकि डेमोक्रेट नेता हकीम जेफ्रीज़ को अगला स्पीकर माना जा रहा है। ऐसे में मौजूदा नेतृत्व इस वोट को कैसे संभालेगा, यह अभी साफ नहीं है।
अगर House महाभियोग पास भी कर दे, तो हेगसेथ को हटाने के लिए सीनेट में दो-तिहाई यानी पूरे 100 में से 67 वोट (अगर सभी सीनेटर मौजूद हों) चाहिए होंगे। मौजूदा सीनेट में रिपब्लिकन बहुमत है और जनवरी के बाद भी डेमोक्रेट के पास अकेले इतने वोट नहीं होंगे। इसलिए फिलहाल इस वोट का असली मतलब राजनीतिक संदेश है: क्या ट्रंप की अपनी पार्टी उनके रक्षा मंत्री को औपचारिक रूप से फटकार लगाएगी।

सिर्फ हेगसेथ नहीं, और भी प्रस्ताव कतार में
USA Today के अनुसार मौजूदा कांग्रेस में ट्रंप, स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर और शिक्षा मंत्री लिंडा मैकमहोन के खिलाफ भी महाभियोग प्रस्ताव दाखिल हो चुके हैं। रिपब्लिकन नियंत्रण में इनमें से कोई आगे नहीं बढ़ा। ट्रंप के खिलाफ कम से कम चार प्रस्ताव डेमोक्रेट सांसदों ने दाखिल किए हैं, जिनमें बिना मंज़ूरी युद्ध से लेकर पद का दुरुपयोग तक के आरोप हैं। हेगसेथ वाला मामला इसलिए अलग है क्योंकि इसे एक रिपब्लिकन सांसद ला रहे हैं और वह इस पर वोट करवाने की बात कह रहे हैं।
जनवरी में डेमोक्रेट के हाथ में दोनों सदन आने के बाद जांच का दायरा बढ़ सकता है। House ज्यूडिशियरी कमेटी के शीर्ष डेमोक्रेट जेमी रस्किन ने NBC से कहा कि महाभियोग उनके लिए “टैबू नहीं है”, पर कोई रामबाण भी नहीं है, और ज़रूरत पड़ने पर वे इसका इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेंगे। व्हाइट हाउस प्रवक्ता लॉरेन बिस ने डेमोक्रेट की संभावित जांचों को “sham investigations” यानी दिखावटी जांच कहा है।
पीट हेगसेथ कौन हैं
पीट हेगसेथ जनवरी 2025 से अमेरिका के रक्षा मंत्री हैं। ट्रंप प्रशासन अब उनके विभाग को “डिपार्टमेंट ऑफ वॉर” भी कहता है, इसलिए कई अमेरिकी मीडिया संस्थान उन्हें “War Secretary” लिखते हैं। CNN के अनुसार वह ईरान पर सैन्य कार्रवाई के सबसे बड़े समर्थकों में गिने जाते हैं। रिपोर्ट यह भी कहती है कि उन्होंने सहयोगियों से टेनेसी से चुनाव लड़ने जैसी भविष्य की संभावनाओं पर बात की है, हालांकि ट्रंप के करीबी इसे तात्कालिक लक्ष्य नहीं मानते।
भारत के लिए इसका क्या मतलब
सीधे तौर पर यह अमेरिका का आंतरिक राजनीतिक मामला है। भारत के लिए अहम बात यह है कि ईरान युद्ध की दिशा का असर कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया की स्थिरता पर पड़ता है। अगर पेंटागन नेतृत्व या युद्ध नीति में बदलाव होता है, तो उस पर नज़र रखनी होगी। मिडटर्म नतीजों के रुपया, H-1B और निर्यात पर असर का विश्लेषण हमारी भारत पर असर वाली रिपोर्ट में है, और ट्रंप के पास बचे अधिकारों को वीटो पावर एक्सप्लेनर में समझाया गया है।
आगे क्या देखना है
- अगला हफ्ता: कांग्रेस की वापसी पर मैसी का प्रस्ताव House में आता है या नहीं, और रिपब्लिकन नेतृत्व इसे टेबल करने की कोशिश करता है या नहीं।
- हेगसेथ का रुख: फिलहाल पेंटागन का कहना है कि वह पद पर बने रहेंगे। इस्तीफे की कोई आधिकारिक खबर नहीं है।
- ट्रंप का फैसला: CNN के मुताबिक ट्रंप सहयोगियों से हेगसेथ के कामकाज पर राय ले रहे हैं, पर अभी तक उन्होंने किसी बदलाव का संकेत नहीं दिया।
- 3 जनवरी 2027: नई कांग्रेस, जिसमें डेमोक्रेट के पास दोनों सदनों में बहुमत होगा।
स्रोत: CNN (ABC17 News पर), USA Today, Washington Examiner, Anadolu Agency, Hindustan Times और U.S. Senate Historical Office (बेल्कनैप केस)। जानकारी 5 नवंबर 2026, सुबह 11 बजे (IST) तक की।








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